पिछले माह यानि 3 जनवरी को पोस्ट किए गए लेख में मैने लिखा था कि 17 जनवरी के दोपहर बाद से पूरे विश्व के बाजार में कुछ तब्दीलियां दिखाई देंगी , जिनके कारण 31 जनवरी तक बाजार में बढत यानि छोटी घटत और बडी बढोत्तरी की संभावना बनेगी। पिछले माह ठीक 17 जनवरी तक बाजार में अनिश्चितता का माहौल रहने के बाद बाजार में बढत आनी शुरू हुई और मात्र पंद्रह बीस दिनों में शेयर धारकों के चहरे पे चमक वापस आ गयी है।
2011 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स में करीब एक-तिहाई गिरावट देखी गई लेकिन इस साल सेंसेक्स में करीब 14 फीसदी की तेजी आई है। सेंसेक्स और निफ्टी के अन्य वैश्विक सूचकांकों के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन दिखाई देने से इस क्षेत्र के जानकार भी चकित हैं। इस कारण दलाल स्ट्रीट में लंबे समय के बाद एक बार फिर से तेजडिय़ों की वापसी की चर्चा होने लगी है।
पिछले साल के मुकाबले आज हालात काफी बदल गए हैं। सेबी के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक इस साल अभी तक देसी शेयर बाजारों में 15,317 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। जबकि ऊंची ब्याज दरों, सरकारी घाटे और भ्रष्टाचार के मामलों से उकताकर उन्होंने पिछले साल 3,417.60 करोड़ रुपये निकाल लिए थे।
बीएसई सेंसेक्स 18000 और एनएसई का निफ्टी 5400 को छूने ही वाला है। आज की सुधरी हुई हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती और विकास में तेजी के बाद बाजार को इस साल नई ऊंचाई मिल सकती है। रुपये में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेश बढऩे का भी बाजार को फायदा मिल सकता है।
‘गत्यात्मक ज्योतिष’ की मानें , तो आने वाले समय में भी ग्रहों की स्थिति शेयर बाजार के पक्ष में दिखती है। वैसे ग्रहों के हिसाब से 8 फरवरी 2012 तक शेयर बाजार में थोडी अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है , 9 फरवरी से पूरे विश्व के शेयर बाजार में अच्छे संकेत दिखेंगे , जिससे बाजार में और अधिक तेजी आएगी। दो चार दिनों तक की तेजी के बाद बाजार कुछ सामान्य हो सकता है , यानि एक दो जगहों पर कभी गिरावट दिख सकती है , पर सामान्य तौर पर 2 मार्च तक बाजार के कमजोर होने के संकेत नहीं दिखते हैं।
2011 में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स में करीब एक-तिहाई गिरावट देखी गई लेकिन इस साल सेंसेक्स में करीब 14 फीसदी की तेजी आई है। सेंसेक्स और निफ्टी के अन्य वैश्विक सूचकांकों के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन दिखाई देने से इस क्षेत्र के जानकार भी चकित हैं। इस कारण दलाल स्ट्रीट में लंबे समय के बाद एक बार फिर से तेजडिय़ों की वापसी की चर्चा होने लगी है।
पिछले साल के मुकाबले आज हालात काफी बदल गए हैं। सेबी के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक इस साल अभी तक देसी शेयर बाजारों में 15,317 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। जबकि ऊंची ब्याज दरों, सरकारी घाटे और भ्रष्टाचार के मामलों से उकताकर उन्होंने पिछले साल 3,417.60 करोड़ रुपये निकाल लिए थे।
बीएसई सेंसेक्स 18000 और एनएसई का निफ्टी 5400 को छूने ही वाला है। आज की सुधरी हुई हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती और विकास में तेजी के बाद बाजार को इस साल नई ऊंचाई मिल सकती है। रुपये में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेश बढऩे का भी बाजार को फायदा मिल सकता है।
‘गत्यात्मक ज्योतिष’ की मानें , तो आने वाले समय में भी ग्रहों की स्थिति शेयर बाजार के पक्ष में दिखती है। वैसे ग्रहों के हिसाब से 8 फरवरी 2012 तक शेयर बाजार में थोडी अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है , 9 फरवरी से पूरे विश्व के शेयर बाजार में अच्छे संकेत दिखेंगे , जिससे बाजार में और अधिक तेजी आएगी। दो चार दिनों तक की तेजी के बाद बाजार कुछ सामान्य हो सकता है , यानि एक दो जगहों पर कभी गिरावट दिख सकती है , पर सामान्य तौर पर 2 मार्च तक बाजार के कमजोर होने के संकेत नहीं दिखते हैं।
5 टिप्पणियाँ:
थोडा बहुत इंटेरेस्ट है बाजार में, उस लिहाज से अच्छी खबर है। धन्यवाद।
इस बार तेजी होते ही सारा पैसा निकल लूँगा.
teji ka hi intzaar hai
अच्छी सूचना दे रही हैं आप। वैसे, जनवरी के पहले सप्ताह से ही, बाजार प्रति सप्ताह बढत पर चल रहा है।
@विष्णु बैरागी जी .. 17 जनवरी तक के शेयर बाजार और उसके बाद के शेयर बाजार में काफी अंतर है .. साप्ताहिक बढत हो सकती है .. पर 16 जनवरी तक यहां थोडी अनिश्चितता बनी हुई थी !!
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