आज आपलोग मेरी कहानिया पढें ...


hamari kahani

आज 01:00 बजे दोपहर मेरी कहानी ‘पहला विरोध’ साहित्‍य शिल्‍पी में प्रकाशित की गयी है। इसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। इसके पहले भी 7 दिसम्‍बर 2008 को साहित्‍य शिल्‍पी मेरी एक कहानी ‘एक झूठ’ को प्रकाशित कर चुका है। उसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। आपके सुझावों का स्‍वागत रहेगा।


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9 comments

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mehek
admin
4/02/2009 08:04:00 pm ×

subh hi padhi thi aur bahut bahut pasand bhi aayi,badhai ho.

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4/02/2009 09:28:00 pm ×

तुरंत पढ़ते हैं जी..आपका आदेश सर आँखों पर.

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Unknown
admin
4/02/2009 10:10:00 pm ×

नमस्ते जी ,बिल्कुल अभी पढ़ते हैं ।

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4/02/2009 10:18:00 pm ×

बहुत अच्छी कहानियां थीं. यह diversion हमें भा गया. आभार.

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4/02/2009 11:50:00 pm ×

sangita ji namaskar!
mere blog ko visit karne aur meri kavita pasand karne ke liye dhanyawad .
hardik subh kamnao sahit
---ajit pal singh daia

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Alpana Verma
admin
4/03/2009 12:53:00 am ×

aap ki kahani padh chuki hun aur apne vichar bhi likh diye hain.

sakaratmak mod lene wali rachna ke liye badhayee.

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4/03/2009 01:23:00 pm ×

Kahani padhi, acchi lagi. Badhai.

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Dr.Bhawna
admin
4/03/2009 04:36:00 pm ×

हमने भी सुबह ही पढ़ ली थी और प्रतिक्रिया भी दे दी थी अच्छी थी...

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4/03/2009 06:05:00 pm ×

पढ़ ली कहानी और अपने
भाव भी अंकित कर दिए हैं.
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शुभ कामनाओं सहित
डॉ.चन्द्रकुमार जैन

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