आज आपलोग मेरी कहानिया पढें ...


hamari kahani

आज 01:00 बजे दोपहर मेरी कहानी ‘पहला विरोध’ साहित्‍य शिल्‍पी में प्रकाशित की गयी है। इसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। इसके पहले भी 7 दिसम्‍बर 2008 को साहित्‍य शिल्‍पी मेरी एक कहानी ‘एक झूठ’ को प्रकाशित कर चुका है। उसे पढने के लिए यहांक्लिक करें। आपके सुझावों का स्‍वागत रहेगा।


आज आपलोग मेरी कहानिया पढें ... आज आपलोग मेरी कहानिया पढें ... Reviewed by संगीता पुरी on April 02, 2009 Rating: 5

9 comments:

mehek said...

subh hi padhi thi aur bahut bahut pasand bhi aayi,badhai ho.

Udan Tashtari said...

तुरंत पढ़ते हैं जी..आपका आदेश सर आँखों पर.

Unknown said...

नमस्ते जी ,बिल्कुल अभी पढ़ते हैं ।

P.N. Subramanian said...

बहुत अच्छी कहानियां थीं. यह diversion हमें भा गया. आभार.

Ajit Pal Singh Daia said...

sangita ji namaskar!
mere blog ko visit karne aur meri kavita pasand karne ke liye dhanyawad .
hardik subh kamnao sahit
---ajit pal singh daia

Alpana Verma said...

aap ki kahani padh chuki hun aur apne vichar bhi likh diye hain.

sakaratmak mod lene wali rachna ke liye badhayee.

अभिषेक मिश्र said...

Kahani padhi, acchi lagi. Badhai.

Dr.Bhawna said...

हमने भी सुबह ही पढ़ ली थी और प्रतिक्रिया भी दे दी थी अच्छी थी...

Dr. Chandra Kumar Jain said...

पढ़ ली कहानी और अपने
भाव भी अंकित कर दिए हैं.
=======================
शुभ कामनाओं सहित
डॉ.चन्द्रकुमार जैन

Powered by Blogger.