मेरी पुरानी डायरी में ये चंद लाइने लिखी मिली .. पता नहीं मैं सही हूं या गलत ??

छह वर्ष पूर्व की मेरी पुरानी डायरी में ये चंद पंक्तियां मिली , जो अपनी बिना किसी गल्‍ती के , दूसरों के षडयंत्र के कारण अपने जीवन में चार महीनें तक उपस्थित हुए बुरी परिस्थिति से घिरी शायद खुद को संतोष देते हुए लिखी थी , आप भी पढें ..........

  1. किसी निर्दोष की एक बूंद आंसू का भी समय आने पर बडा फल चुकाना पडता है , यदि वह फूटफूटकर रो दे , तो आप अपनी पूरी जिंदगी ही तबाह समझो।
  2. यदि लक्ष्‍य अच्‍छा हो तो उसे प्राप्‍त करने हेतु खडे लोगों में प्रतिस्‍पर्धा होती हैं , पर लक्ष्‍य बुरा हो तो उसे प्राप्‍त करने हेतु खडे लोगों में कुछ दिनों तक अचानक बडी मित्रता देखने को मिलेगी। 
  3. झूठ बोलना तो पाप है , पर किसी को सुख पहुंचाने के लिए बोले गए पाप में पुण्‍य भी शामिल होता है , किसी को कष्‍ट पहुंचाने के लिए बोला गया झूठ तो पाप को दुगुणा कर देता है , जिससे मुक्ति पाना शायद किसी के लिए संभव नहीं।
  4. यदि आप दुश्‍मनी के चश्‍में को पहने हों, तो दुश्‍मन का दुश्‍मन आपको बहुत बडा मित्र दिखाई देता है , पर यदि आप इस चश्‍में को उतार दो तो ऐसा महसूस हो सकता है कि वह मित्र बनने के लायक भी नहीं ।
  5. यदि कोई व्‍यक्ति आपको दूसरों की कमजोरी सुना रहा हो , तो आप समझ जाएं कि वह आपकी कमजोरी भी दूसरों को सुनाएगा। इसके विपरीत यदि वह दूसरों की कमजोरी को आपके सामने ढंक रहा हो , तो समझ लें कि वह दूसरों के समक्ष आपकी कमियों को भी उजागर नहीं करेगा। 
  6. आप बडे बुजुर्गों से ढंग से बात भी न कर सकें , तो आपके समान कुसंस्‍कारी कोई नहीं , आप अपने धन , पद या डिग्री की शान न बधारें , ये औरों के लिए किसी काम का नहीं होता।
  7. अधिकांश समय यह अवश्‍य होता है कि जिसका साथ समाज दे रहा हो ,वो सही है , पर कभी कभी ये भी होता है कि जिसका साथ समाज नहीं दे रहा हो , वो सही है , क्‍यूंकि अंधेरे को छंटने में थोडी देर हो जाती है।

-----------------------------------------------------
चंद्र-राशि, सूर्य-राशि या लग्न-राशि से नहीं, 
जन्मकालीन सभी ग्रहों और आसमान में अभी चल रहे ग्रहों के तालमेल से 
खास आपके लिए तैयार किये गए दैनिक और वार्षिक भविष्यफल के लिए 
Search Gatyatmak Jyotish in playstore, Download our app, SignUp & Login
------------------------------------------------------
अपने मोबाइल पर गत्यात्मक ज्योतिष को इनस्टॉल करने के लिए आप इस लिंक पर भी जा सकते हैं ---------
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.gatyatmakjyotish

नोट - जल्दी करें, दिसंबर 2020 तक के लिए निःशुल्क सदस्यता की अवधि लगभग समाप्त होनेवाली है।

Previous
Next Post »

23 comments

Click here for comments
12/15/2009 12:30:00 am ×

बहुत अच्छी लगीं बातें..... कई बातें अनदर तक उतर गयीं....और आँखें भी खुल गयीं...... बहुत अच्छी लगी यह रचना.....

आभार....

Reply
avatar
12/15/2009 01:12:00 am ×

दैनिक जीवन में उपयोग में लेने वाली उपयोगी सलाहें। मैं ध्‍यान रखने की कोशिश करूंगा।

आभार इनके लिए...

Reply
avatar
12/15/2009 05:07:00 am ×

बहुत आभार इन सदविचारों के लिए.

Reply
avatar
12/15/2009 08:21:00 am ×

bahut bahut ucch vichaar...

prerna ke srot !

Reply
avatar
12/15/2009 08:51:00 am ×

शुभ बातें । सुन्दर विचार । आभार ।

Reply
avatar
12/15/2009 08:58:00 am ×

पुरानी डायरी से अनमोल रतन निकले हैं... कुछ और खंगालिए ...कुछ और लिखिए..

Reply
avatar
12/15/2009 10:33:00 am ×

अनुगमनीय बातें!

Reply
avatar
12/15/2009 11:08:00 am ×

इस शिक्षाप्रद पोस्ट के लिये आपका हार्दिक धन्यवाद
जिन्दगी में बहुत काम आयेंगी आपकी ये बातें, अन्तर्तम तक उतार ली हैं जी

प्रणाम

Reply
avatar
mehek
admin
12/15/2009 11:10:00 am ×

bahut hi achhi achhi baatein keh di aaj.sach bhagte jeeven mein kabhi kabhi aise sunder vichar padhne chahiye aur amal karne bhi chahiye.atleast koshish tho ki hi jaa sakti hai.bahut achha laga padhke.

Reply
avatar
12/15/2009 11:10:00 am ×

आपकी 14-15 दिसम्बर 2009 को मौसम के बारे में की गई भविष्यवाणी सही साबित हो गई है जी
रात को 12 बजे जैसे ही बारिश शुरू हुई मुझे केवल आपकी पोस्ट की याद आयी

प्रणाम

Reply
avatar
12/15/2009 11:50:00 am ×

bahut hi anmol vichar saheje huye hain...........shukriya padhwane ka.

Reply
avatar
12/15/2009 12:17:00 pm ×

बहुत सुन्दर विचारनीय बातें हैं धन्यवाद

Reply
avatar
12/15/2009 12:39:00 pm ×

संगीता जी,
आपकी ये सारी बातें घर में फ्रेम करा के स्टडी रूम में टांगनी चाहिए...जीवन का सार छिपा है इनमें...

जय हिंद...

Reply
avatar
12/15/2009 12:57:00 pm ×

बहुत ही अच्छी बाते जीवन के करीब हैं यह इसको संजो के रख लिया है शुक्रिया ..१४ को बारिश आ गयी :)

Reply
avatar
12/15/2009 01:00:00 pm ×

chhatha bindu bahut hee jada prabhavi laga... apnane ka prayas karoonga

Reply
avatar
12/15/2009 02:13:00 pm ×

विचार बहुत अच्छे लगे.

Reply
avatar
12/15/2009 05:59:00 pm ×

Aabhar, mujhe to lagata hai ki aaj ke pariveshth me choti kaksha se hi syllabus me moral science ki seekh me in sab baato ko include karna chahiye taaki acche insan/nagrik ban sake.
ek baar fir aapko aabhar aur abhinandan in सदविचारों के लिए.

Reply
avatar
12/15/2009 06:02:00 pm ×

आभार इनके लिए.

Reply
avatar
12/15/2009 10:27:00 pm ×

आपके अनुभव और उससे उत्पन्न ये सद्विचार जीवन में गाँठ बाँधने योग्य है.

ऐसे ही पोस्टों पर पसंद के चटके लगने चाहिये.

Reply
avatar
12/17/2009 06:32:00 pm ×

aapki in anmol baaton ko jivan me jaroor utarungi aapka bhut bahut dhanyavaad

Reply
avatar
avinaash
admin
12/26/2009 04:58:00 pm ×

विचार बहुत अच्छे लगे.

Reply
avatar