कोशिश करनी चाहिए .. हम कुछ अच्‍छा काम करें !!

June 01, 2011

कुछ दिन पूर्व एक दंपत्ति से मिलना हुआ , अपनी पुत्री के विवाह के प्रयास में काफी दिनों से जहां तहां चक्‍कर लगा रहे हैं , पर कहीं भी सफलता नहीं मिल रही है। उनको शक है कि वो जहां भी बातचीत करते हैं और बात आगे बढने को होती है , उनके एक रिश्‍तेदार कोई न कोई जुगत लगाकर बात को आगे बढने से रोक देते हैं। इसी तरह ऊपर से निचले स्‍तर तक कार्यालय के फाइलों को आगे बढाने में भी वहां के बाबुओं पर निर्भर रहना पडता है। अपने अधिकार और प्रभाव का वे पूरा फायदा उठाते हैं और मनमानी करते हुए किसी का काम पहले कर और किसी का काम अंटकाकर लोगों को परेशान करते है। इस तरह की घटनाओं को हम प्रभावित भी होते हैं और लाचार हालत में अपने भाग्‍य से अधिक सामनेवालों को कोसा करते हैं।

इस तरह अन्‍य स्‍थानों पर भी हमारे जीवन में अक्‍सर कुछ घटनाएं ऐसी देखने को मिलती हैं , जहां हमें महसूस होता है कि किसी ने हमारा काम बना और किसी ने हमारा काम बिगाड दिया है । इतने दिनों तक ग्रहों के प्रभाव का अध्‍ययन करने के पश्‍चात् हमलोग इस निष्‍कर्ष पर पहुंच चुके हैं कि प्रकृति के किसी नियम के तहत प्रतिदिन बहुत सारे कार्य बनते और  बिगडते हैं , जिसमें हमारा कोई वश नहीं होता। इतनी बडी सृष्टि का चलते रहना कोई हंसी मजाक नहीं , जहां इतने बडे बडे पिंड किसी नियम से काम कर रहे हों , वहां छोटी छोटी घटना को संयोग या दुर्योग मान लेना या किसी के किए का फल मान लेना हमारी बेवकूफी ही है।किसी का काम बनाना था , इसलिए बना , उसे हमने बनाया , ऐसा नहीं सोंचना चाहिए , हमें अपनी अच्‍छी करनी का फल खुद मिलेगा। इसी प्रकार किसी का काम बिगडना था , इसलिए बिगडा , पर जिसने बिगाडा , उसने ही किया ऐसा नहीं सोचना चाहिए। उसे अपने गलत किए का फल खुद ही मिलेगा। कहा भी जाता है कि भगवान के घर देर है , अंधेर नहीं है।

जिस काम को बनना है , उसे बनने से कोई रोक नहीं सकता। इसी तरह जिस काम को बिगडना है , उसे बिगडने से कोई नहीं रोक सकता।  हां , इन कार्यों को अंजाम देने के लिए प्रकृति किसी न किसी का सहारा अवश्‍य लेती है। यदि हम न करें , तो प्रकृति किसी न किसी प्रकार उस कार्य को संपन्‍न कर ही देगी। पर यदि किसी कार्य को बनाने में या कुछ लोगों को संतुष्‍ट करने में हम माध्‍यम बनते हैं , तो हमारे हिस्‍से कुछ सकारात्‍मक चीजें जरूर जुड जाती हैं। यदि किसी कार्य को बिगाडने में हम माध्‍यम बनते हैं , तो हमारे हिस्‍से कुछ ऋणात्‍मक चीजें जुड जाती है। इसलिए हमें सदैव कोशिश करनी चाहिए कि हम कुछ अच्‍छा काम करें , सामनेवालों के चेहरे पर मुस्‍कान ला सकें। इसका फल हमें कभी न कभी अवश्‍य मिलता है।

Share this :

Previous
Next Post »
17 Komentar
avatar

आपने सही कहा जी, देर है पर अंधेर नहीं,

Balas
avatar

.

यदि किसी कार्य को बिगाडने में हम माध्‍यम बनते हैं , तो हमारे हिस्‍से कुछ ऋणात्‍मक चीजें जुड जाती है।....

behad saateek baat sangeeta ji.

.

Balas
avatar

kahin padha tha........

“Success seems to be connected with action, successful people keep moving. They make mistakes, but never quit.”

Balas
avatar

आपकी रचना यहां भ्रमण पर है आप भी घूमते हुए आइये स्‍वागत है
http://tetalaa.blogspot.com/

Balas
avatar

यदि किसी कार्य को बिगाडने में हम माध्‍यम बनते हैं , तो हमारे हिस्‍से कुछ ऋणात्‍मक चीजें जुड जाती है। इसलिए हमें सदैव कोशिश करनी चाहिए कि हम कुछ अच्‍छा काम करें , सामनेवालों के चेहरे पर मुस्‍कान ला सकें। इसका फल हमें कभी न कभी अवश्‍य मिलता है।


सौ टके की बात कही है .... अच्छी प्रस्तुति

Balas
avatar

bahut achche vichaar liye achchi rachanaa.badhai aapko.

Balas
avatar

तरह जिस काम को बिगडना है , उसे बिगडने से कोई नहीं रोक सकता। हां , इन कार्यों को अंजाम देने के लिए प्रकृति किसी न किसी का सहारा अवश्‍य लेती है।


एकदम सही कहा आपने ....हम सब इस प्रकृति के हाथों की कठपुतलियां हैं ..जो कुछ भी होता है इसकी मर्जी से होता है ..इसलिए जो कुछ भी है इसका है इसे अर्पित कर जीवन शांति से जिया जाये ...आपका आभार

Balas
avatar

karma ka siddhant yahi hai.......aapney sahi likha hai..............

Balas
avatar

यदि किसी कार्य को बिगाडने में हम माध्‍यम बनते हैं , तो हमारे हिस्‍से कुछ ऋणात्‍मक चीजें जुड जाती है। इसलिए हमें सदैव कोशिश करनी चाहिए कि हम कुछ अच्‍छा काम करें.

सदविचार एकदम सही

Balas
avatar

सहमत हे जी आप के लेख से, धन्यवाद

Balas
avatar

बिल्कुल, अच्छे काम की ही कोशिश करनी चाहिये..

Balas
avatar

संगीता जी आज सब से पहले तो आपको धन्यवाद देना चाहूँगी कि आपके आश्वासन ने बीमारी मे मेरा साहस और आशा बनाये रखी जिसके फलस्व्रूप आज फिर से लिखने के काबिल हो सकी। बहुत बहुत धन्यवाद आपने तो अच्छा काम कर दिया मेरे चेहरे पर मुस्कान लौट आयी है। शुभकामनायें\

Balas
avatar

बिल्कुल ठीक, संगीता जी। हम केवल निमित्त मात्र हैं। अच्छे कामों में निमित्त बनें तो अच्छा। आपकी बात से सहमत हूं।

Balas