क्या कुंडली मिलाना आवश्यक है ?

 

Kundali milan in Marriage

आए दिन हमारी भेंट ऐसे अभिभावकों से होती है, जो अपने बेटे या बेटी के विवाह न हो पाने से बहुत परेशान हैं। उनकी विवाह योग्य संतानें पढ़ी-लिखी है ,पर पॉच-सात वर्ष से उपयुक्त वर या वधू की तलाश कर रहें हैं ,कहीं भी सफलता हाथ नहीं आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण किसी संतान का मंगली होना है और मंगली पार्टनर न होने से वे कई जगह बात बढ़ा भी नहीं पाते। 

अगर पार्टनर मंगली मिल भी जाए तो कई जगहों पर लड़के-लड़कियों के गुण न मिल पाने से भी समस्या बनी ही रह जाती है। ये समस्या समाज में बहुतायत में है और सिर्फ कन्या के ही अभिभावक नहीं , वर के अभिभावक भी ऐसी समस्याओं से समान रुप से जूझ रहे हैं । लड़का-लड़की या परिवार के पूर्ण रुप से जंचने के बावजूद भी मंगला-मंगली और गुण-मिलान टेबल pdf  के चक्कर में संबंध जोड़ना संभव नहीं हो पाता है। 

Kundali milan in hindi by birth date

पुराने युग में शादी-विवाह एक गुड्डे या गुड़िया की खेल की तरह था। सिर्फ पारिवारिक पृश्ठभूमि का ध्यान रखते हुए किसी भी लड़की का हाथ किसी भी लड़के को सौंप दिया जाता था । कम उम्र में शादी होने के कारण लड़के-लड़कियों कें व्यक्तित्व ,आचरण या व्यवहार का कोई महत्व नहीं था। इस कारण बड़े होने के बाद कभी-कभी लड़के-लड़कियों के विचारों में टकराव होने की संभावना बनी रहती थी । इसी कारण अभिभावक शादी करने से पूर्व ज्योतिषियों से सलाह लेना आवश्यक समझने लगें और इस तरह कुंडली मिलाने की प्रथा की शुरुआत हुई।

 कुंडली machinके अवैज्ञानिक तरीके के कारण समाज में वैवाहिक मतभेदों में कोई कमी नहीं आई ,साथ ही दुर्घटनाओं के कारण भी जातक के वैवाहिक सुख में बाधाएं उपस्थित होती ही रहीं , लेकिन फिर भी ( गुण मिलान टेबल pdf  ) के अनुसार कुंडली मिलाना वर्तमान युग में भी एक आवश्यक कार्य समझा जाता है यद्यपि कुंडली मिलाना आज किसी समस्या का समाधान न होकर स्वयं एक समस्या बन गया है।

Kundali milan in Marriage

Kundali milan in hindi by mangal

ज्योतिष की पुस्तकों के अनुसार किसी भी लड़के या लड़की की जन्मकुंडली में लग्न भाव , व्यय भाव , चतुर्थ भाव , सप्तम भाव या अश्टम भाव में मंगल स्थित हो तो उन्हें मांगलीक कहा जाता है। परंपरागत ज्योतिष में ऐसे मंगल का प्रभाव बहुत ही खराब माना जाता है। यदि पति मंगला हो तो पत्नी का नाश तथा पत्नी मंगल हो तो पति का नाश होता है । 

संभावनावाद की दृष्टि से इस बात में कोई वैज्ञानिकता नहीं है। किसी कुंडली में बारह भाव होते हैं और पॉच भाव में मंगल की स्थिति को अनिष्‍टकर बताया गया है। इस तरह समूह का 5/12 भाग यानि लगभग 41 प्रतिशत लोग मांगलिक होते है ,लेकिन अगर समाज में ऐसे लोगों पर ध्यान दिया जाए जिनके पति या पत्नियां मर गयी हों ,तो हम पाएंगे कि उनकी संख्या हजारों में भी एक नहीं है।

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Janm Kundali milan in marriage

मंगला-मंगली के अतिरिक्त ज्योतिष की पुस्तकों में कुंडली मिलाने के लिए एक गुण मिलान टेबल पीडीऍफ़  का उपयोग किया जाता है। इस सारणी से केवल चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के आधार पर लड़के और लड़कियों के मिलनेवाले गुण को निकाला जाता है। यह विधि भी पूर्णतया अवैज्ञानिक है। किसी भी लड़के या लड़की के स्वभाव , व्यक्तित्व और भविष्‍य का निर्धारण सिर्फ चंद्रमा ही नहीं ,वरन् अन्य सभी ग्रह भी करतें हैं । इसलिए दो जन्मकुंडलियों के कुंडली-मेलापक द्वारा गुण निकालने की प्रथा बिल्‍कुल गलत है। 

Kundali milan in Marriage

इस संबंध में एक उदाहरण का उल्लेख किया जा सकता है। मेरे पिताजी के एक ब्राह्मण मित्र ने , जो स्वयं ज्योतिषी हैं और जिनका जन्म पुनर्वसु नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ था , पुष्‍य नक्षत्र में स्थित चंद्रमावाली लड़की को ही अपनी जीवनसंगिनी बनाया , क्योंकि ऐसा करने से कुंडली मेलापक तालिका के अनुसार उन्हें सर्वाधिक 35 अंक प्राप्त हो रहे थें । इतना करने के बावजूद उन्हें अपनी पत्नी से एक दिन भी नहीं बनी । 

वैवाहिक मामले 

किसी कारणवश वे तलाक तो नहीं ले पाए परंतु उनका मतभेद इतना गहरा बना रहा कि एक ही घर में रहते हुए भी आपस में बातचीत भीं बंद रहा। इसका अर्थ यह नहीं कि ज्‍योतिष विज्ञान ही झूठा है , ग्रहों का प्रभाव मनुष्‍य पर नहीं पड़ता है।दरअसल मेरे पिताजी के उस मित्र की कुंडली में स्‍त्री पक्ष या घर-गृहस्थी के सुख में कुछ कमी थी ,इसलिए विवाह के बावजूद उन्हें सुख नहीं प्राप्त हो सका।

Janam kundli match for marriage in Hindi

एक सज्जन अपनी पुत्री की तुला लग्‍न की कुंडली लेकर मेरे पास आएं। सप्तम भावाधिपति मंगल अतिवक्र होकर अष्‍टमभाव में स्थित था , ऐसी स्थिति में लड़की पूरी युवावस्था यानि 24 वर्ष से 48 वर्ष तक पति के सुख में कमी और घर-गृहस्‍थी में बाधा महसूस कर सकती थी , यह सोंचकर मैने उस लड़की को नौकरी कर अपने पैरों पर खड़े होने की सलाह दी ,लेकिन अभिभावक तो लड़की की शादी करके ही निश्चिंत होना चाहते हैं ,उन्होनें दूसरे ज्योतिषी से संपर्क किया , जिसने अच्छी तरह कुंडली मिलवाकर अच्‍छे मुहूर्त में उसका विवाह करवा दिया। 

मात्र दो वर्ष के बाद ही एक एक्सीडेंट में उसके पति की मृत्यु हो गयी और वह लड़की अभी विधवा का जीवन व्यतीत कर रही हैं। मेरे पिताजी एक ज्योतिषी हैं पर उन्होने अपने सारे बच्चों की शादी में कुंडली मेलापक की कोई चर्चार सकता है , यदि नही तो वह किसी जोड़े को बनने से भी नहीं रोक सकता। 

 Kundli matching in hindi online

आज घर-धर में कम्प्यूटर और इंटरनेट के होने से मंगला-मंगली और कुंडली मेलापक की सुविधा घर-बैठे मिल जाने से यह और बड़ी समस्या बन गयी है। किन्ही भी दो बायोडाटा को डालकर उनका मैच देखना का नहीं की । क्या कोई पंडित 10 पुरुष और 10 स्त्रियो की कुंडली में से वर और कन्या की कुंडली को अलग कफी आसान हो गया है , पर इसके चक्कर में अच्छे-अच्छे रिश्ते हाथ से निकलते देखे जाते हैं ।

 इसी तरह love marriage hone ke sanket ko भी जन्मकुंडली के ग्रहों में ढूंढा जाता है , जो वैज्ञानिक दृष्टि से सही नहीं है। उन दो बायोडाटा को डालकर देखने से ,जिनकी बिना कुंडली मिलाए शादी हुई है और जिनकी काफी अच्छी निभ रही है या जिनकी कुंडली मिलाकर शादी हुई है और जिनकी नहीं निभ रही है , कम्प्यूटर और उसमें डाले गए इस प्रोग्राम की पोल खोली जा सकती है। एक ज्योतिषी होने के नाते मेरा कर्तब्य है कि मै अभिभावकों को उचित राय दूं। परिचित परिवार और परिचित लड़के , खासकर प्रेम विवाह करने जा रहे जोड़ों को कुंडली मिलाने की जरूरत नहीं है।

'गत्यात्मक ज्योतिष' आधारित सूत्रों पर सिर्फ चन्द्रमा और मंगल ही नहीं, वर-वधू के जन्मकालीन सभी ग्रहों के आधार पर किये जानेवाले कुंडली मिलान के लिए संपर्क करें -8292466723 ,  gatyatmakjyotishapp@gmail.com 

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संगीता पुरी

Specialist in Gatyatmak Jyotish, I write blogs on various topics particularly Astrology. My several books published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ organized by the newspaper ‘Prabhat Khabar’. गत्यात्मक ज्योतिष विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

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