बेटी पर कुछ सुंदर लाइनों का संग्रह

बेटी पर कुछ सुंदर लाइनों का संग्रह 

बेटी पर कुछ सुंदर लाइनों


  • “बेटा भाग्य से होता है पर बेटी सौभाग्य से होती हैं।
  • बेटा अंश हैं तो बेटी वंश हैं, बेटा आन हैं तो बेटी शान हैं.
  • बेटी ही असली जीवन की पूँजी है जो कभी धोखा नहीं देग
  • एक सभ्य समाज का निर्माण सिर्फ बेटियां ही कर सकती हैं।
  • बेटे तो एक घर चलाते हैं, बेटियां दो-दो घरों को स्वर्ग बनाती हैं।
  • बेटियां जिस घर भी जाती है, उस घर को हमेशा स्वर्ग बना देती हैं।
  • बेटे पिता की ज़मीन बांटते हैं और बेटियां पिता का दुख बांटती हैं।
  • हर परिवार की बेटी का सम्मान करना, हर नागरिक का दायित्व हैं।
  • हर बेटी की यही कहानी है, शादी के बाद कई नये रिश्तें निभानी है.
  • बेटी जन्म पर रोक न लगाओ, बेटी पैदा होने की खुशिया मनाओ!”
  • बेटियां तो बाबुल की रानियां होती हैं, मीठी-प्यारी कहानियां होती हैं।
  • पूरे घर की “जान” होती हैं बेटियाँ, दो कुलों की “मान” होती है बेटियाँ
  • मत समझो बेटी को भार, क्योंकि बेटी है भगवान का अनोखा उपहार’
  • बेटियों को किसी धन दौलत की नहीं बल्कि इज़्ज़त की जरूरत होती है।
  • जरूरी नहीं रौशनी चिरागों से ही हो, बेटियां भी घर में उजाला करती हैं।
  • यदि समाज को शिक्षित करना है तो सबसे पहले बेटियों को शिक्षित करो।
  • शाख़ है न फूल अगर तितलियां न हो, वो घर भी कोई घर है जहां बच्चियां न हो।
  • वह बेटी ही होती हैं जो नफरत की बजाय हमेशा, प्यार बाटने में ही जुटी रहती है।
  • माँ की जान, पिता की होती है ये लाड़ली, कोई नहीं कर सकता बेटियों की बराबरी
  • मानवता का खून जो कोख में बहाओगे, बेटियां नहीं होंगी तो बहू कहाँ से लाओगे।
  • लक्ष्मी का वरदान हैं बेटियां, सरस्वती का मान हैं बेटियां, धरती पर भगवान हैं बेटियां
  • किसी परिवार को ईश्वर की तरफ से दिया गया सबसे बहुमूल्य उपहार होता हैं “बेटी”।
  • जो व्यक्ति बेटियों को बोझ समझता हैं, वह असल में समाज के लिए खुद बोझ होता है
  • माँ-बाप का हमेशा ख्याल बेटियां रखती है, फिर क्यों परी-सी बेटी कोख में ही मरती है.
  • हर परिवार के कुल को बढ़ाती है बेटियां, फिर भी पैरों तले कुचल दी जाती है बेटियां।
  • बेटियों को जैसे संस्कार मिलते हैं , वैसे ही देश के नागरिक और समाज का निर्माण होता है ।
  • देवी का रूप, देवों का मान हैं बेटियां, परिवार के कुल को जो रोशन करें, वो चिराग हैं बेटियां।
  • जो समाज एक बेटी का सम्मान करना नहीं जनता, वह समाज हमेशा अनपढ़ ही कहलाता है।
  • खुद की बहन-बेटी को इज्जत से देखने वाले, दूसरों के बहन-बेटियों की इज्जत के बनों रखवाले।
  • ”जागरूक बनिए, सोच बदलिये और यही है सही, जो पैसे मांगते है उन्हें भीख दीजिय, बेटी नहीं।
  • दहेज़ जैसे बुरे रस्मों-रिवाज और यह दुनियादारी, वरना किस माँ-बाप को अपनी बेटी नहीं होती है प्यारी।

संगीता पुरी

Specialist in Gatyatmak Jyotish, latest research in Astrology by Mr Vidya Sagar Mahtha, I write blogs on Astrology. My book published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा ज्योतिष मे नवीनतम शोध 'गत्यात्मक ज्योतिष' की विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

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