शुक्रिया ... जी छत्‍तीसगढ 24 घंटे


पता नहीं , कल शाम का चंद्र-शुक्र के मिलन का खूबसूरत और अद्भुत नजारा आपलोगों ने देखा या नहीं , यहां बोकारो में तो पश्चिमी क्षितिज पर बहुत ही सुंदर दृश्‍य दिखाई पड रहा था , बिल्‍कुल वैसा ही जैसा मैने अपने लेखमे बताया था। भारत मे सूर्यास्‍त के बाद जब यह दिखाई पडा तो चंद्र और शुक्र की दूरी 6 डिग्री थी , प्रति दो घंटे में यह दूरी कम होती गयी होगी , अन्‍य देशों में यह और ही खूबसूरत ढंग से दिखाई पडा और जब अमेरिका के आस पास सूर्यास्‍त हो रहा होगा , चंद्र शुक्र को पार करते हुए आगे बढ गया होगा। इस तरह आज जब शाम को ये आसमान में दिखाई पडेंगे , तो चंद्र शुक्र के उतना ही उपर होगा , जितना कल नीचे था । 

चंद्र शुक्र का इस मिलन का भारत पर अच्‍छा खासा प्रभाव देखा जा रहा है। यह एक ओर सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्‍ता जैसी खुशी लेकर आया है , वहीं दूसरी ओर झारखंड में एम सी सी का 48 घंटो का बंद चल रहा है। एक रेलवे स्‍टेशन को उडा दिए जाने से रेलवे अधिकारियों को सारे रेलयात्रियों को परेशानी को दूर कर पाने में खासी मशक्‍कत करनी पड रही है , वहीं इन दो दिनों में शादी विवाह या उसी तरह के अन्‍य कार्यक्रम भी बहुतायत में होते देखने को मिल रहे हैं। 

पूरी दुनिया पर इसका जो भी प्रभाव पडा हो , चंद्र शुक्र का यह मिलन मेरे लिए बहुत ही अच्‍छा रहा। कल शाम इस खूबसूरत नजारे के दर्शन कर ही रही थी कि फोन की घंटी बजी। उठाने पर मालूम हुआ कि यह फोन जी , छत्‍तीसगढ 24 घंटे से किया जा रहा है। फोन पर मुझे कहा गया कि शुक्र-चंद्र के इस मिलन को देखते हुए वे अभी एक कार्यक्रम आरंभ करने जा रहे हैं , इसलिए थोडी देर में ही विभिन्‍न राशियों के उपर इसका प्रभाव जानने के लिए स्‍टूडियो से मुझे फोन किया जाएगा। 

ठीक 8 बजे कार्यक्रम आरंभ हुआ , फोन द्वारा मुझे स्‍टूडियो से लाइव ही जोडा गया। बीस मिनट के इस कार्यक्रम में मेरे अलावे एक अन्‍य ज्‍योतिषी भी थे। मैने इस खास युति के अधिक प्रभावशाली होने का कारण और विभिन्‍न राशियों पर पडनेवाले इसके प्रभाव के बारे में जानकारी दी। जी , छत्‍तीसगढ 24 घंटे ने मुझे अपने कार्यक्रम के लायक समझा , इसके लिए उसका तहेदिल से शुक्रिया।

15 टिप्‍पणियां:

Kavita Vachaknavee ने कहा…

आपको बधाई।
आपके यश में निरन्तर श्रीवृद्धि हो।
शुभकामनाएँ।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत बहुत बधाई आपको......
हमने भी दुबई में इस मनमोहक, अद्वितीय दृश्य को देखा पर आज आपकी पोस्ट द्वारा मालूम हुवा की हमने कल क्या देखा, ये बहुत सुन्दर नज़ारा था और काफी देर तक इसको देखते रहे. आज फिर देखूंगा और अगर साफ़ नज़र आया तो बताउंगा. वैसे आज दुबई में मौसम साफ़ नहीं है, धुल मिटटी और हवाएं चल रही हैं

रंजीत/ Ranjit ने कहा…

main to iska aanand nahin le saka lekin aapke post se laga kee maine kuch miss kar diya. aapko badhee.
ranjit

चलते चलते ने कहा…

बधाई।

Manoshi Chatterjee मानोशी चटर्जी ने कहा…

सोच रही हूँ, कल क्या ख़ास हुआ। कुछ ख़ास तो नहीं. पर कुछ बुरा भी नहीं। थोड़ी confusion से रहे काम पर...

आपके अन्य लेख ब्राउस करती हूँ। फिर आपको ईमेल करूँगी।

बेनामी ने कहा…

bahut bahut badhai ho aapko

L.Goswami ने कहा…

आप के यश में उतरोतर वृद्धि हो यही कामना है

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी हमारे यहा तो बादलो ने कबजा कर रखा था, कई दिनो से बर्फ़ ओर कभी बरसात हो रही है , अगर आज मोसम ठीक रहा तो आज देखे गे.
धन्यवाद

Arvind Mishra ने कहा…

बस एक खबर दे दूं आपको मुझे आज अप्रत्याशित रूप से पिछले चुनावों में की गयी ड्यूटी का दस हजार मानदेय मिलने की election विभाग ने दी हैं -मगर यह आपके भविष्यवाणी के चलते है यह दावा पूरी विनम्रता और दृढ़ता के साथ मं खारिज करता हूँ -क्या अद्भुत संयोग है !

ss ने कहा…

बहुत ख़ुशी हुई जानकार| धन्यवाद|

ss ने कहा…

बहुत ख़ुशी हुई जानकार| धन्यवाद|

Shamikh Faraz ने कहा…

bahut bahut mubarak ho aapko. agr kabhi waqt mile to mere blog par bhi aayen

विष्णु बैरागी ने कहा…

अतिथियों के आकस्मिक आगमन के कारण दोनों ही दिन मैं यह युति नहीं देख पाया।
जी न्‍यूज छत्‍तीयगढ में कोई रुचि होने का प्रश्‍न ही पैदा नहीं होता। सो, जो कुछ आपने लिखा है, वह भी आपकी इस पोस्‍ट के कारण ही जान पाया।
आपको मिले इस सम्‍मान पर हार्दिक अभिनन्‍दन। आपके साथ ही साथ समूची विटठा विधा को भी स्‍वत: ही सम्‍मान मिला है। इस हेतु आपको विशेष साधुवाद।

अभिषेक मिश्र ने कहा…

Haan yeh khagoliya najara maine bhi dekha. Iski purvsuchna ka dhanyavad, aur aapko badhai.

Unknown ने कहा…

आभार जताने का शुक्रिया!!!
पंकज शुक्ल
प्रबंध संपादक
ज़ी 24 घंटे
छत्तीसगढ़