आज आपलोग मेरी कहानी 'थम गया तूफान' पढिए !!

hamari kahani

आज साहित्‍य शिल्‍पी में मेरी एक कहानी 'थम गया तूफान' प्रकाशित की गयी है , कृपया उसे पढकर अपनी प्रतिक्रिया देने का कष्‍ट करें !



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9 comments

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Unknown
admin
11/11/2009 06:15:00 pm ×

संगीता जी बहुत प्रयत्न किया आपकी कहानी तो खुल नहीं पा रही,पर बधाई ।

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11/11/2009 06:27:00 pm ×

संगीता जी ,कहानी सुबह ही पढ़ ली थी, बहुत अच्छे ढंग से उतार कर एक पोजेटिव अंत आपने कहानी को दिया ,

परन्तु उसे ब्लॉग पर ,मेरा मतलब साहित्य शिल्पी पर फौंट इतने छोटे है कि आँखे दर्द करने लगी !

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L.Goswami
admin
11/11/2009 07:00:00 pm ×

अच्छा लगा सुखद अंत...बधाई आपको.

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Unknown
admin
11/11/2009 07:26:00 pm ×

कहानी पड़ ली संगीता जी,बहुत ही मार्मिक और सत्य के निकट वाली कहानी,आपका यह आयाम तो बहुत अच्छा लगा,आप निशचित ही कला की धनी हैं।

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11/11/2009 09:47:00 pm ×

bahut gahri chhap chhodati aap ki kahaani kyunki isme sachchaai chhupi hai ! west bengaal me mahila sudhar grahon ki yahi dasha hai!!!

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11/11/2009 11:53:00 pm ×

आप की यह कहानी बहुत सुंदर लगी. धन्यवाद

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11/12/2009 10:32:00 am ×

संगीता जी,
बेहतरीन कहानी के लिए साधु साधु...नारी अगर चंडी का रूप धर ले तो मिसेज माथुर जैसियों की क्या मजाल...नारी ही नारी की दुश्मन कैसे बन जाती है...वैसे अपनी संतान को बचाने के लिए कोई भी किसी भी हद तक जा सकता है...

जय हिंद...

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