इस वर्ष किसानों को अवश्‍य राहत मिलनी चाहिए !!

दो चार दिन पूर्व अंतर सोहिल जी की टिपपणी मिली थी , उन्‍होने पूछा था कि इस गर्मी से कब निजात मिलेगी। ज्‍योतिष सीखलाने का क्रम शुरू कर दिया था , इस कारण कोई नया पोस्‍ट नहीं लिख पा रही थी , इसलिए जबाब न दे सकी। इस वर्ष के मौसम का आकलन करते हुए मैने 29 मार्च को ही जो लेख लिखा था , उसमें बरसात तक की चर्चा थी। 6 और 7 अप्रैल के ग्रहीय योग के काम न करने से उस सप्‍ताह मात्र के मौसम में ठंडक आने की भविष्‍यवाणी के गलत होने को जितना हाईलाइट किया गया , उतना बाद में सही हो रही भविष्‍यवाणी को हाईलाइट किया जाता , तो मैं वैसे निंदक को नियरे रखना अवश्‍य पसंद करती। प्राकृतिक असंतुलन के कारण बारिश कम हो रही है , या असंतुलित ढंग से हो रही है , यह हकीकत है। पंद्रह वर्ष पूर्व बोकारो मे गर्मी के दिनों में शाम में लगभग प्रतिदिन बारिश होती थी , और आज चार महीने की गर्मी बीतने को है , अबतक दो चार दिन पानी के छींटे ही पडे होंगे। उस लेख में मैने उस सप्‍ताह के बाद के बारे में ये भविष्‍यवाणियां की थी .....

29 अप्रैल के आसपास उत्‍तर भारत के अधिकांश भागों में गर्मी अपनी चरम सीमा पर रहेगी। उसके बाद क्रमश: कुछ सुधार होते हुए 12 मई के बाद स्थिति थोडे नियंत्रण में आ सकती है, क्‍यूंकि 18 मई के आसपास का समय पुन: हल्‍की फुल्‍की बारिश लानेवाला होगा , जो आमजनों को थोडी राहत दे सकता है। उसके बाद मई का बाकी समय भी सामान्‍य गर्मी का ही होगा। 24 जून तक लगातार बढते हुए क्रम में नहीं , वरन् कमोबेश होती हुई गर्मी बनी रहनी चाहिए , पर उसके तुरंत बाद शुभ ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , जिसके कारण बादल बनने और बारिश होने की शुरूआत हो सकती है , यदि नहीं तो कम से कम मौसम खुशनुमा बना रह सकता है। 

23 अप्रैल को पोस्‍ट किए गए अपने आलेख की टिप्‍पणी में डॉ मनोज मिश्र जी की टिप्‍पणी का जबाब देते हुए मैने फिर से इस बात को दुहराया ....


डॉ मनोज मिश्र जी,

मैने तो मौसम की चर्चा करते हुए पुराने आलेख में लिखा है ही कि लगभग 18 अप्रैल तक मौसम कुछ सामान्‍य बना रह सकता है , पर उसके बाद पुन: तेज गर्मी से लोगों का जीना दूभर हो सकता है। 29 अप्रैल के आसपास उत्‍तर भारत के अधिकांश भागों में गर्मी अपनी चरम सीमा पर रहेगी। उसके बाद क्रमश: कुछ सुधार होते हुए 12 मई के बाद स्थिति थोडे नियंत्रण में आ सकती है, क्‍यूंकि 18 मई के आसपास का समय पुन: हल्‍की फुल्‍की बारिश लानेवाला होगा , जो आमजनों को थोडी राहत दे सकता है। उसके बाद मई का बाकी समय भी सामान्‍य गर्मी का ही होगा। 24 जून तक लगातार बढते हुए क्रम में नहीं , वरन् कमोबेश होती हुई गर्मी बनी रहनी चाहिए , पर उसके तुरंत बाद शुभ ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , जिसके कारण बादल बनने और बारिश होने की शुरूआत हो सकती है , यदि नहीं तो कम से कम मौसम खुशनुमा बना रह सकता है। इस वर्ष यानि 2010 में मौसम की सबसे अधिक बारिश 4 अगस्‍त के आसपास से शुरू होकर 19 सितम्‍बर के आसपास तक होगी। यह समय पूर्ण तौर पर खेती का है , इसलिए इस वर्ष किसानों को अवश्‍य राहत मिलनी चाहिए।



आप पाठकों ने भी गौर किया होगा कि फरवरी और मार्च के महीने में लगातार जितना प्रचंड गर्मी पडी , एक दिन भी बादल और बरसात देखने को नहीं मिला , उसकी तुलना में ठीक 29 अप्रैल से ही परिवर्तन दिखाई दिया , 29 अप्रैल को बहुत स्‍थानों में बारिश हुई थी। अप्रैल और मई में कभी कभी यत्र तत्र बादल और बारिश के बनते रहने से अवश्‍य राहत रही। अब 24 जून के बाद गर्मी कम होगी , बादल बनेंगे , बारिश की शुरूआत होगी , ये सब मैने 29 मार्च को ही लिख दिया था , और तीन चार दिनों से आप मौसम का रूख देख ही रहे होंगे। हां , ग्रहों के प्रभाव को पूर्ण तौर पर प्राप्‍त करने के लिए प्राकृतिक असंतुलन को तो कम करना ही होगा। आशा है , कम कहे को अधिक समझेंगे !!

هناك 13 تعليقًا:

Udan Tashtari يقول...

काश! ऐसा ही हो!

मनोज कुमार يقول...

अच्छी खबर!

विवेक रस्तोगी يقول...

हम तो यहाँ मुंबई में लगभग पिछले २० दिनों से बारिश के आनंद ले रहे हैं :)

और भगवान से प्रार्थना है कि पूरे भारत में जमकर बरसात हो जिससे सबकी परेशानी दूर हो।

ब्लॉगिंग में ५ वर्ष पूरे अब आगे… कुछ यादें…कुछ बातें... विवेक रस्तोगी

डॉ टी एस दराल يقول...

इस बरस तो गर्मी ने हद ही कर दी । लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि मोनसून सामान्य रहेगी । इस बारे में आपका क्या कहना है ?

अन्तर सोहिल يقول...

24 जून के बाद से थोडी राहत तो है, मगर मौसम ठंडा या सुहावना प्रतीत नहीं हो रहा।

प्रणाम

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' يقول...

आशा के स्वप्न दिखाती सुन्दर रचना!

hem pandey يقول...

२४जून के बाद से मौसम में थोड़ा बदलाव है, जो आपकी भाविष्यवाणी से मेल खाता है.मौसम विभाग की भविष्यवाणी तो बिलकुल गलत निकली, जिसमें उसने पहले १५ जून और बाद में २५ जून तक मानसून आने की भविष्यवाणी की थी. अब यदि ४ अगस्त और १४ सितम्बर के बीच अच्छी बारिश होती है तो मौसम विभाग के ज्ञान की अपेक्षा आपका ज्ञान अधिक प्रामाणिक होगा.

राज भाटिय़ा يقول...

बहुत सुंदर, भगवान से यही प्राथ्ना है कि ऎसा ही हो, धन्यवाद

Unknown يقول...

bahut achha laga

shubh samachar !

कुमार राधारमण يقول...

Agar aisa hua to global mandi ke daur se hum thoda aur pehle baahar nikal aayenge.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' يقول...

ब्लॉगिरी क्या है और इसे कैसे ज्वाइन करें?
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इस पर भी एर तकनीकी पोस्ट लिख दीजिए ना..
प्लीज..!!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen يقول...

आपकी बात सत्य होने जा रही है..

Darshan Lal Baweja يقول...

मे ना मानू चाहे लाठ बजा ल्यो जी