बुरे समय का इलाज ... संगीता पुरी

जहां जीवन में अच्‍छे ग्रहों के कारण सुखमय समय जीवन को आनंदमय बनाए रहते हैं , वहीं बुरे ग्रहों के कारण चलने वाले बुरे समय को झेलने को भी मनुष्‍य विवश होता है , परंपरागत ज्‍योतिषियों द्वारा इसके इलाज के लिए बडे बडे दावे किए जाते हैं । 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' इस बारे में एक अलग ही धारणा रखता है , इसपर मै लगभग 10 पोस्‍ट लिख चुकी हूं। कल पिताजी के द्वारा 15 वर्ष पूर्व हस्‍तलिखित कुंडली बनाई जाने वाली एक पुस्तिका मिली। इसमें उन्‍होने संक्षेप में बुरे समय के इलाज के निम्‍न विंदुओं को प्रकाशित करवाया था ....

  • बुरे समय में घबडाहट की बात न हो , समय बहुत तेज गति से बदलता है। 
  • समय से पूर्व अभिष्‍ट की प्राप्ति नहीं होती , समय का इंतजार करें। 
  • समय की वास्‍तविक जानकारी ही हर प्रकार के भ्रमों का उन्‍मूलन करती है। 
  • अच्‍छे बुरे समय की जानकारी सही समय में सही कदम उठाने को प्ररित करती है। 
  • बुरे दिनों में रिस्‍क न ले , गर्दिश के ग्रहों का यह सर्वोत्‍तम इलाज है। 
  • रत्‍न धारण , पूजा पाठ , तंत्र मंत्र या किसी प्रकार के अनुष्‍ठान से अच्‍छा समय के अनुसार सूझ बूझ और धैर्य से किया गया काम होता है। 
  • बुरे समय का अभिप्राय निष्क्रियता नहीं , वरन् परिस्थितियों से समझौता है , अतिरिक्‍त रिस्‍क की अवहेलना करें। 
  • अनुशासित रहे , गुरूजनों की इज्‍जत एवं दलितों की सहायता करें। 
  • नेष्‍ट ग्रह जब गोचर में सबसे अधिक गति‍शीलता को प्राप्‍त करे , तो अपने लग्‍नकाल में सोना , चांदी या ताम्‍बे को पूर्ण तौर पर गलाकर नया रूप देकर उसे धारण करें।

هناك 23 تعليقًا:

समय चक्र يقول...

बुरे ग्रहों के इलाज के लिए काफी उपयोगी जानकारी है और इस बाबत काफी कुछ जानने का मौका मिला . . ... आभार

माधव( Madhav) يقول...

बढ़िया जानकारी दी आपने

पी.सी.गोदियाल "परचेत" يقول...

जीवन शैली के उत्तम विचार है, बस एक जगह अटक गया ; दलित नहीं गरीब कहिये , दलित तो आजकल मोटे-मोटे सेठ हो गए है !

ललित शर्मा يقول...

मतलब बुरे समय में कछुए की भांति खतरा भांप कर चलें। अनुशासन का पालन करें।
बहुत ही सार्थक सलाह दी संगीता जी आपने।
शुभकामनाएं।

निर्मला कपिला يقول...

रत्‍न धारण , पूजा पाठ , तंत्र मंत्र या किसी प्रकार के अनुष्‍ठान से अच्‍छा समय के अनुसार सूझ बूझ और धैर्य से किया गया काम होता है।
संगीता जी इस बात से ही नही पूरी बातों से सहमत हूँ। धन्यवाद। उपयोगी जानकारी है।

एक बेहद साधारण पाठक يقول...

हाँ..... सही लगे ये " लाइफ के फंडे भी " ध्यान रखेंगे सभी :)

संगीता स्वरुप ( गीत ) يقول...

अच्छी जानकारी मिली ...

डॉ टी एस दराल يقول...

बहुत उपयोगी बातें बताई हैं संगीता जी । आभार ।

वाणी गीत يقول...

उपयोगी जानकारी ..!

कुमार राधारमण يقول...

कई लोगों के जीवन का सर्वोत्तम समय जन्म से पूर्व ही बीत चुका होता है। ऐसे लोगों का क्या होगा?

vijai Rajbali Mathur يقول...

Ek tippnikar ka kahna hai kisi ka Achcha samay janam ke purv bite to kya?
Jis prkar Dhoop aur Varsha se bachav men chaata lagate hain usi prakar bure grahon ki Shanti karain-Yadi upai Vaigyanik hoga to labh bhi tatkal hoga.Bhatka hua upai karengey to nishphal rahega.

Urmi يقول...

आपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
बहुत बढ़िया और महत्वपूर्ण जानकारी मिली! आभार!

Akanksha Yadav يقول...

बड़ी उपयोगी जानकारी मिली...आभार. कभी 'शब्द-शिखर' पर भी पधारें.

Dr. Zakir Ali Rajnish يقول...

'नेष्‍ट ग्रह जब गोचर में सबसे अधिक गति‍शीलता को प्राप्‍त करे , तो अपने लग्‍नकाल में सोना , चांदी या ताम्‍बे को पूर्ण तौर पर गलाकर नया रूप देकर उसे धारण करें।'

संगीता जी, क्या आप भी विध्ननाश्क यंत्र का व्यापार शुरू करने जा रही हैं? :)

वीना श्रीवास्तव يقول...

अच्छी जानकारी है...

shikha varshney يقول...

अच्छी और व्यावहारिक जानकारी है ."दलित ..मुझे भी अखरा :)

vandana gupta يقول...

बेहद उपयोगी जानकारी उपलब्ध करवाई है……………आभार्।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' يقول...

सबी सुझाव बहुत उपयोगी हैं!

डॉ महेश सिन्हा يقول...

"रत्‍न धारण , पूजा पाठ , तंत्र मंत्र या किसी प्रकार के अनुष्‍ठान से अच्‍छा समय के अनुसार सूझ बूझ और धैर्य से किया गया काम होता है। "
"नेष्‍ट ग्रह जब गोचर में सबसे अधिक गति‍शीलता को प्राप्‍त करे , तो अपने लग्‍नकाल में सोना , चांदी या ताम्‍बे को पूर्ण तौर पर गलाकर नया रूप देकर उसे धारण करें।"

उपरोक्त दो बिन्दुओं की विवेचना करने का कष्ट करें ॰

डॉ महेश सिन्हा يقول...

आपने अयोध्या के बारे में कुछ भविष्यवाणी की थी । अब बदली हुई तिथि में इस बारे में क्या विचार है आपका ।

Unknown يقول...

aacchhi jankari hai.

दिगम्बर नासवा يقول...

मुद्दा तो है की बुरे ग्रे हैं ये कैसे [पता चले ....

Vinashaay sharma يقول...

बहुत अच्छी बातें कहीं,आपके पिता जी ने ।