राशियाँ क्या है ?

राशियाँ क्या है  ?

हमने सौरमंडल का अध्‍ययन किया ही है,

पूरे सौरमंडल का केन्‍द्र सूर्य नाम का एक ताराहै, जिसके चारो ओर पृथ्‍वी सहित सारे ग्रह परिक्रमा करते हैं,

सूर्य से सबसे निकट बुध का परिभ्रमण पथ है, उसके बाद शुक्र, उसके बाद पृथ्‍वी, उसके बाद मंगल, पुन: बृहस्‍पति, इसके बाद शनि, फिर यूरेनस, नेप्‍च्‍यून और प्‍लूटों का परिभ्रमण पथ है .. अपने अपने पथ पर सभी ग्रह समान गति से गतिशील होकर सूर्य का चक्‍कर लगातार लगा रहे हैं। 

इसी प्रकार पृथ्‍वी का उपग्रह चंद्रमा पृथ्‍वी का और अन्‍य ग्रहों के उपग्रह भी नियमित तौर पर चक्‍कर लगा रहे हैं। 

आसमान में सौरमंडल में सूर्य मध्‍य और अन्‍य ग्रह उसकी परिक्रमा कर रहे हों , पर खगोल शास्‍त्र में पृथ्‍वी को केन्‍द्र में रखकर इसे 12 भागों में बांटकर सारे ग्रहों , उपग्रहों और तारों की गति और स्थिति का अध्‍ययन किया जाता है। 

चाहे पृथ्‍वी की स्थिति अपने पथ पर कहीं भी हो। 

पृथ्‍वी से ही अनंत तक फैले आसमान के गोल घेरे यानि 360 डिग्री को 12 भागों में बांटकर 30-30 डिग्री की एक राशि ज्‍योतिष शास्‍त्र में निकाली जाती है। 

ये राशियां ही क्रमश: मेष , वृष , मिथुन , कर्क , सिंह , कन्‍या , तुला , वृश्चिक , धनु , मकर , कुंभ और मीन कहलाती है। 

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आओ ज्योतिष सीखे

आओ ज्योतिष सीखे 

aao jyotish sikhe,


क्‍या आप जानते हैं कि हमारे जीवन में सबसे अधिक अनिश्चित क्‍या है ?

सबसे अनिश्चित है हमारा आपका सबका भविष्‍य .. एक क्षण बाद क्‍या होगा ?
किसी को पता नहीं
अमावस्‍या की रात की तरह बिल्‍कुल अंधेरा
सन्‍नाटा और भयावह 
बहुत कुछ अनिश्चित था कल तक
पर आज काफी कुछ साफ साफ सा दिखता है 
क्‍या हमारा भविष्‍य दृश्‍य नहीं हो सकता ?
पूर्णता मनुष्‍य के भाग्‍य में नहीं
पर आप सबों को जानकारी हो न हो .. अब भविष्‍य का काफी कुछ संकेत मिल रहा है .. भविष्‍य को जानने समझने का रहस्‍य आसमान में छुपा है
अब भविष्‍य अमावस्‍या की रात की तरह अंधेरा सन्‍नाटा  भयावह नहीं पूर्णिमा की रात की तरह रोशनी से भरा संकेत देता सुखद है
मनुष्‍य का मस्तिष्‍क ही उसे अन्‍य जीव जंतुओं से अलग करता है
इसी के कारण मनुष्‍य निरंतर चिंतन करते हुए अपनी जीवनशैली में क्रमिक विकास करता जा रहा है। पर कुछ खुद के लिए , कुछ परिवार के लिए , कुछ इससे बढकर समाज और राष्‍ट्र के लिए ही चिंतन कर पाते हैं, विरलों का चितन ही संपूर्ण विश्‍व में मौजूद जड चेतन के लिए होता है , ऐसे मनुष्‍यों के हिस्‍से प्रकृति के कुछ रहस्‍य खुलकर सामने आते हैं , जिनकी जानकारी के बाद पूरे जगत के कल्‍याण के लिए कोई कार्यक्रम बनाया जा सके , योजना बनायी जा सके 
ये हैं श्री विद्या सागर महथा जी
इन्‍होने खगोल शास्‍त्र के सिद्धांतों को समझने के बाद उसपर आधारित ज्‍योतिष शास्‍त्र के क्षेत्र में अपना कदम ऐसे वक्‍त पर रखा , जब सफल लोगों द्वारा इसे पूर्ण तौर पर अवैज्ञानिक समझा जाने लगा था और असफल लोग समाज से छुप छुपकर ज्‍योतिषियों से मिलने लगे थे। प्रकृति के नियमों पर विश्‍वास करना आनेवाली पीढी के लिए आवश्‍यक है , इसलिए ज्‍योतिष को वैज्ञानिक स्‍वरूप में स्‍थापित करने हेतु इन्‍होने जीवनभर ग्रहों के प्रभाव का गंभीर अध्‍ययन किया , इनके सम्‍मुख प्रकृति का जो रहस्‍य खुलकर आया , उससे खगोल शास्‍त्र में एक नया अध्‍याय जोडा जा सकता है
इस नए अध्‍याय में खगोलीय पिंडों की गति और स्थिति का समस्‍त जड चेतन पर पडने वाले प्रभाव को दर्शाया जा सकता है
हमारी पृथ्‍वी सौरमंडल की सदस्‍य है , इसलिए एकमात्र सूर्य और इसकी परिक्रमा करने वाले सभी ग्रहों और अपने उपग्रह चंद्रमा से हम प्रभावित होते हैं
इसे देखकर ही हमारे ऋषि मुनियों ने ज्‍योतिष का विकास किया था , पर वैदिक कालीन ज्‍योतिष के सूत्र इतने जटिल हैं कि ज्‍योतिषी आम जन के समक्ष इसकी वैज्ञानिकता को प्रमाणित नहीं कर पाते हैं, इसे आम जन के लिए उपयोगी और लोकप्रिय नहीं बनाया जा सकता है
आप सबों को बताते हुए खुशी हो रही है कि श्री महथा जी के द्वारा किए गए खोज के बाद आम जीवन पर ग्रहों के प्रभाव को प्रमाणित किया जा सकता है, इसे आम जन के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है .

जयोतिष में हुए नए रिसर्च, गत्यात्मक ज्योतिष के बारे में अधिक जानने के लिए ये लेख अवश्य पढ़ें  ------


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आकाश में 'परेड' करते दिखाई देंगे सौरमंडल के 6 ग्रह

आकाश में 'परेड' करते दिखाई देंगे सौरमंडल के 6 ग्रह

Information of planets in Hindi

Information of planets in Hindi


गणित ज्योतिष की दुनिया में एक दुर्लभ खगोलीय घटना दिखाई देने वाली है. सौरमंडल के 9 में से 6 ग्रह एक साथ पृथ्वी के बिलकुल निकट आने वाले हैं. इन सभी ग्रहों को नंगी आंखों और टेलिस्कोप केद्वारा धरती से देखा जा सकता है। सूर्यास्त होने के आधे घंटे बाद इन ग्रहों को देखा जा सकेगा। 

मकर राशि में शनि (SATURN ) और शुक्र (VENUS) , कुम्भ राशि में बृहस्पति (JUPITER)  दिसंबर की शुरुआत से ही हमारे काफी करीब बने हुए हैं. 28 दिसंबर को बुध (Mercury), नेपच्यून (Neptune) और यूरेनस (Uranus) ग्रह भी इनके नजदीक आ जाएंगे. यह बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना होगी, जब सौर मंडल के 9 में से 6 ग्रहों को धरती से साफ-साफ देखा जा सकेगा। 

Information of planets in Hindi

अगर आपको ग्रह खोजने में कोई दिक्कत हो तो आप अपने समार्टफोन स्टार ट्रेकर ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप गूगल स्टोर में जाकर स्काईव्यू लाइट, स्टार ट्रैकर और स्टार वॉक 2 ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इन ऐप के इस्तेमाल से पता चल जाता है कि कौन सा ग्रह कहां है और उसका नाम क्या है। 

'गत्यात्मक ज्योतिष' की दृष्टि से देखा जाये तो अधिकांश ग्रह गत्यात्मक शक्ति से संपन्न है , इसलिए चिंता की अधिक बात नहीं है।  शुक्र की वक्रता यत्र तत्र कुछ समस्याएं पैदा करेंगी , सभी लग्न वलों को शुक्र से सम्बंधित मामले कुछ तनाव देंगे। अधिक परेशानी  मिथुन लग्न , मिथुन चंद्र राशि और मिथुन सूर्य राशिवालों को महसूस होगी, वे थोड़ी सावधानी बरतें।  अन्य लोग अपने ग्राफ के हिसाब से अच्छा बुरा प्रभाव में रहेंगे , उनमे गोचर का अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। 


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