कलकत्ता के पार्क स्ट्रीट में 'द गोल्डेन पार्क' होटल में पिछले रविवार यानि 9 मार्च 2014 को 'अ बिलियन आइडियाज' की ओर से आयोजित एक ब्लॉगर्स मीट में भाग लेने का मौका मिला , इसमें विचार विमर्श के लिए निम्न मुद्द…
वैसे तो मनुष्य के पूरे शरीर की बनावट प्रकृति की एक उत्कृष्ट रचना है ही , खासकर इसके मन और मस्तिष्क की बनावट इसे दुनियाभर के जीवों से अलग करती है। जन्म लेने के पश्चात ही मनुष्य सूक्ष्मता से वातावरण का निरीक्षण करता रहत…
पृथ्वी को केन्द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली म…
पृथ्वी की निरंतर गतिशीलता के कारण प्रत्येक दो घंटे में विभिन्न लग्नों का उदय है। इसकी दैनिक गति के कारण दिन और रात का अस्तित्व है, वार्षिक गति के कारण इसके ऋतु परिवर्तन का चक्र। गति के कारण ही चंद्रमा का बढता घटता स्वरूप…
अभी तक एक स्वर से गणित ज्योतिष को विज्ञान स्वीकार किए जाने के बावजूद इसी पर आधारित फलित पक्ष पर हमेशा वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वालों के द्वारा सवालिया निशान लगाया जाता रहा है। 'गत्यात्मक ज्योतिष' ने इसे चुनौतीपूर्…
मेरे ब्लॉग में और फेसबुक में अनेक बार जीवन ग्राफ शब्द की चर्चा हुई है .. शायद ही लोग जानते होंगे कि 'गत्यात्मक ज्योतिष' के सूत्रों के आधार पर किसी के जन्मकालीन ग्रहों को देखकर किसी के पूरे के उतार चढाव का लेखा चित्…
सूर्यादि ग्रहों तथा अश्विन्यादि नक्षत्रों के गणित तथा फलित का वर्णन विवेचन करने वाले शास्त्र की अभिद्दा ज्योतिष है। वेद के छठे अंग ( अनुक्रमत शिक्षा , कल्प , व्याकरण , तिरूक्त , छंद और ज्योतिष ) के रूप में ज्योतिष …
समाज में भांति भांति के अंधविश्वास व्याप्त हैं , जो बुद्धिजीवी वर्ग को स्वीकार्य नहीं हो सकते , पर इन अंधविश्वासों के मध्य भी कुछ वैज्ञानिक सत्य हैं , जिनका खुलासा हमारे पिताजी श्री विद्या सागर महथा इस पुस्तक में कर रहे …