हमारे एप्प के बारे में जानकारी

कैसा अंतर्विरोध है कि जिस ज्योतिष को लोग अंधविश्वास मानते हैं , उसी ज्योतिष की एक मामूली राशिफल पढने के लिए आधी आबादी बेचैन भी रहती है , दुनिया भर के पत्र पत्रिकाओं में राशिफल का प्रकाशन और मेरे चिट्ठे पर सर्च इंजिन से ‘राशिफल’ ढूंढते हुए इतने सारे पाठकों का आना इसकी पुष्टि तो अवश्य करता है। परंतु बात यहीं पर ही समाप्त नहीं होती , राशिफल पढने के बाद अधिकांश लोग फिर इसकी बातों को हंसी मजाक में ही लेते हैं। दुनिया भर के लोगों की इस मानसिकता का कोई अर्थ लगा पाना तो सचमुच बडा मुश्किल है। दुनिया भर के लोगों को 12 भाग में विभाजित कर करोडो लोगों के लिए एक विशेष समयांतराल में एक जैसा भविष्यतफल का लिखा जाना तो संदेह उत्पन्न करने के लिए काफी है ही , दूसरी ओर विभिन्नब पत्रिकाओं में विभिन्न  पंडितों द्वारा एक ही राशिफल के लोगों के लिए अलग अलग गणना से ही लोगों का राशिफल से विश्वास उठ जाता है।

चंद्र या सूर्य राशिफल पर अधारित भविष्यवाणियों पर मेरा खुद भी विश्वास नहीं , इसलिए मैने अपने पाठकों के लिए ‘लग्न  राशिफल’ की शुरूआत की थी , इसे शुरू करने से पहले मैने इसकी वैज्ञानिकता के पक्ष में कुछ तर्क भी इस आलेख दिए थे। इस भविष्यफल पर बिल्कुिल संदेह नहीं किया जा सकता , पर अलग अलग लोगों के लिए इसके स्त‍र में अंतर होता है। इस लग्नी राशिफल की चर्चा विभिन्न ग्रहों की गत्यासत्मुक शक्ति के आधार पर की जाती है , वे ग्रह सभी लोगों पर प्रभाव डालते हैं , पर विभिन्न लग्नवालों के लिए संदर्भों में भिन्न्ता होती है।   


         अब इससे भी आगे बढ़कर हमारा एप्प किसी व्यक्ति के लग्न,  सूर्य और चंद्र को देखकर नहीं,  बल्कि  जन्मकालीन सभी ग्रहों और गोचर यानि अभी चल रहे ग्रहों में आपस के तालमेल को देखते हुए आपपर उनके पड़ने वाले ऋणात्मक,  धनात्मक या सामान्य प्रभाव की चर्चा करेगा,  उन्हें हर कदम पर गाइड भी करेगा. साल के 365 दिनों में से अधिकांश आपके लिए सामान्य होता है,  पर कभी कभी अधिक धनात्मक या ऋणात्मक होता है,  उनकी सुचना आपको पहले से मिल जाये,  उसके उपाय के बारे में आपको पहले से जानकारी मिल जाये,  इसका हमने इस एप्प को विकसित करने में पूरा प्रयास किया है.









एप्प अपने अंतिम चरण में है

किसी भी देश को सूर्य की ऊर्जा का 50% ही मिल पाता है। दिनभर उसका उपयोग करके रात्रि में हम चैन की नींद सो जाते हैं , बिजली उत्पादन समर्थ होते हुए भी हमलोग 24 घंटे काम नहीं कर सकते। चन्द्रमा भी सबको अपनी चांदनी का 50% ही लुटाता है। चांदनी की कमी का हमारे जीवन पर उतना तो नहीं , पर अनेकों पशु-पक्षियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। इसी तरह अन्य ग्रह भी सामूहिक तौर पर कहीं भी अपनी शक्ति का 50 प्रतिशत ही आपको प्रदान करते हैं , जो हमें सूर्य-चंद्र की तरह स्पष्ट नहीं दिखाई देता। लगभग सभी देशों में इसी हिसाब से हमने काम और आराम, प्रयास और सफलता का समय निर्धारित किया हुआ है। पर व्यक्तिगत तौर पर हमपर सभी ग्रह ऐसा स्पष्ट या एक समान प्रभाव नहीं डालते। जन्म के समय ये ग्रह किसी पर 100% मेहरबान हो जाते हैं , किसी को 50% तो किसी को 0% भी मिलता है। ग्रहों की इसी स्थिति के काऱण कोई किसी मामले में सुखी, किसी मामलों में सामान्य और किसी मामलों में दुःख की अनुभूति करता है। इतना ही नहीं, अपनी जीवनयात्रा में मनुष्य को कोई समय आरामदायक , कोई समय सामान्य अवस्था का और कोई समय कष्टकर दीखता है .समय अच्छा होता है तो रोज धनतेरस और दीपावली होती है , अन्यथा सब गड़बड़। इन्ही ग्रहों के कारण, जो किसी पर 100% मेहरबान हो जाते हैं , किसी को 50% तो किसी को 0% भी मिलता है। इसी आधार पर गत्यात्मक ज्योतिष में पूरे जीवन के उतार-चढ़ाव का लेखाचित्र और जीवन के सभी मामलों के सुख-दुःख को पाई चार्ट में दिखलाने में सफलता पायी। हमलोग रिसर्च में और आगे बढे तो मालूम हुआ , सिर्फ जन्म के समय में ही नहीं , गोचर में भी यानि आसमान में चलते हुए भी ये ग्रह किसी दिन आपपर 100% मेहरबान हो जाते हैं , किसी को 50% तो किसी को 0% भी मिलता है। ग्रहों की इसी स्थिति के काऱण कभी कभी पुरे वर्ष , कभी किसी महीने, किसी दिन या किसी घंटे भी व्यक्ति किसी मामले में सुखी, किसी मामलों में सामान्य और किसी मामलों में दुःख की अनुभूति करता है। इसी को समझते हुए प्रचलित चंद्र राशिफल, सूर्य राशिफल से एक कदम आगे बढ़ते हुए हमने लग्नराशिफ़ल की शुरुआत की थी । ग्रहों के इस रहस्य को समझने के बाद काफी दिनों से हमारी इच्छा एक ऐसा एंड्राइड ऐप्प बनाने की थी , जो आसमान में चल रहे ग्रहों के आपपर पड़ने वाले धनात्मक , ऋणात्मक और सामान्य प्रभाव को आपके मोबाइल तक पहुंचा सके। ग्रह के इस प्रभाव के हिसाब से ही आपको अपने कार्यक्रम बनाने में मदद कर सके। क्या करें और क्या न करें, इसका सुझाव भी दे सके। आपलोगों को यह जानकर ख़ुशी होगी कि यह एप्प आज हमारे सपने को पूरा करने लगा हैं .यह एप्प आपके जन्मकालीन और गोचर के सारे ग्रहों , दोनों के परस्पर तालमेल से के आधार पर खासकर आपके लिए प्रतिदिन और वर्ष के भिन्न भिन्न समयांतराल में भविष्यफल देने में समर्थ हो गया हैं. यह आपके लिए एंड्राइड प्लेस्टोर में उपलब्ध हैं । आप सभी इस निःशुल्क एप्प का फ़ायदा अवश्य उठायें ! प्लेस्टोर में जाकर jyotish या jyotish app सर्च करें ! आपको यह जानकर भी ख़ुशी होगी कि लगभग हर वक्त हर जगह पर प्लेस्टोर में हज़ारो एप्प्स के बीच इस नए एप्प की रैंकिंग टॉप 10 से 15 के मध्य रहती हैं ! इसकी रेटिंग भी बहुत अच्छी रही हैं ! आप सबों से निवेदन हैं कि इस एप्प का उपयोग करें, इसकी रेटिंग भी करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक गत्यात्मक ज्योतिष का रिसर्च पहुँच सके !



अफसोस है .. नहीं रहा अब हमारे मुहल्‍ले का पीपल का पेड !!

peepal ka ped 

28 अप्रैल को दिल्‍ली के लिए निकलने से पहले अखबार में एक खबर पढते हुए मैं चौंक ही गयी। हमारे मुहल्‍ले का पीपल का विशालकाय पेड हल्‍की सी आंधी पानी में ही जड से उखड चुका था , खैरियत यही थी कि जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई थी , बस एक दो गुमटियां टूट गयी थी। इसकी उम्र के बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है , क्‍यूंकि गांव के सारे बडे बुजुर्ग कहते आ रहे हैं कि उन्‍होने बचपन से ही इस पीपल के पेड को उसी रूप में देखा है। हमारे घर से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित मुहल्‍ले के छोटे से चौक  पर स्थित इस पीपल के पेड से हमारी कितनी यादें जुडी थी। किसी को पता बताना हो तो यही पीपल का पेड , बच्‍चों को कोई खेल खेलना हो , तो यही पीपल का पेड , मुहल्‍ले का कोई कार्यक्रम हो तो यहीं , बडे बुजुर्गों के बैठक से लेकर ताश पतते खेलने की जगह भी यही , मेले लगाने की भी जगह यही। कुछ खाना पीना हो तो बस पीपल के पेड के पास चले जाइए !


peepal ka ped

चित्र में जिस छोटे से चौक में मेन रोड पेटरवार कसमार लिखा है , वहीं तरह तरह की पंक्षियों का बसेरा वह विशालकाय पीपल का पेड हुआ करता था । चारो ओर के लोगों का यहां जुटना आसान था ,  दो दो मंदिर भी आसपास थे , उसके सामने की जमीन खाली पडी थी , जगह काफी हो जाती , इसलिए पर्व त्‍यौहार की भीड भी यहीं जुटती। हमारे गांव की एक नई बहू ने जब इस पीपल के पेड के प्रति पूरे मुहल्‍लेवालों की दीवानगी देखी तो पूछ ही बैठी , 'इस मुहल्‍ले वालों के जन्‍म के बाद उनके  गर्भनाल वहीं गाडे जाते हैं क्‍या ?'
peepal ka ped


कुछ दिन पहले तक गूगल मैप में इस पेड को साफ तौर पर देखा जा सकता था , मै दिल्‍ली जाने की हडबडी में इसे सेव भी न कर सकी। काफी दिनों तक यह पेड गिरा पडा रहा , अभी भी गूगल के चित्र में यह गिरा पडा है। मेरे चाचाजी के घर जानेवाला रास्‍ता बंद हो गया था , 11 मई को मेरी बहन का विवाह होना था , इसलिए सप्‍ताह भर के अंदर रास्‍ता साफ करना पडा। हमलोग विवाह के लिए 11 को वहां पहुंचे तो काफी सूनापन का अहसास हुआ। वहां पीपल के पेड की निर्जीव लकडियां पडी थी , हमने उसकी ही फोटो खींच ली।

peepal ka ped

अफसोस है ... नहीं रहा अब हमारे मुहल्‍ले का पीपल का पेड !!

नए वर्ष की अनंत शुभकामनायें .. जल्द ही हमारा एप्प आने वाला है !!

भारत के विभिन्न हिस्सों में नव वर्ष अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है। गणना की सुविधा को देखते हुए आज अंतर्राष्ट्रीय मानकों में अंग्रेजी केलेन्डर ने मान्यता पायी है ।पर ग्रंथों की मान्यता है कि सृष्टि की शुरुआत चैत्र शुदी १ को हुई थी, इसलिए इस दिन को नवसंवत्सर यानी साल का पहला दिन माना जाता है। नव वर्ष की प्रणाली ब्रह्माण्ड पर आधारित होती है, यह तब शुरु होता है जब सूर्य या चंद्रमा मेष के पहले बिंदु में प्रवेश करते हैं। पर प्रत्येक वर्ष सूर्य और चंद्रमा दोनों का उस विन्दु पर प्रवेश एक साथ नहीं होता, इसलिए भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में इस तरह के कई संवत्सरों को मान्यता प्राप्त है। लगभग सभी प्रदेशों में अलग-अलग नामों से मार्च-अप्रैल के महीने में नया वर्ष मनाया जाता है। बंगाल में १४ या १५ अप्रैल को मनाया जाने वाला त्यौहार के साथ ही नए वर्ष मानाने का सिसिला समाप्त हो जाता है। यदि हम अंग्रेजी के केलिन्डर के नामों को देखें तो सितम्बर-अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर अंक ७-८-९-१० का प्रतिनिधित्व करता दिखता है। ऐसा भी तभी संभव है, जब साल की शुरुआत मार्च से हो। भारतवर्ष में मार्च-अप्रैल में वसंत का मौसम होता है, पेड़-पोधों मे फूल-मंजर-कली की शुरुआत होती है, कोयल की कूक वातावरण को खुशनुमा बनाती है। घर फसलों से भरे होते हैं, शायद इसलिए भी यह त्यौहार मानाने का समय माना जाता है।

हमारे क्लाइंट्स को हमारे अनुभव का लाभ अच्छे से पहुँच पाए, इसके लिए पिछले पांच साल से एक एप्प को लांच करने की आवश्यकता थी। पर परिवार में किसी न किसी की अस्वस्थता और पारिवारिक उलझनों की वजह से बात नहीं बन पा रही थी। पिछले साल से ही कठिन श्रम के बाद 'गत्यात्मक ज्योतिष' के एप्प को नए साल में लांच करने की पूरी तैयारी चल रही थी, पर नए साल से पहले ही २३ दिसम्बर २०१८ को मेरी मम्मी हमारा साथ छोड़कर ब्रह्माण्ड में विलीन हो गयी। आज नए वर्ष पर इसे लांच करने के लिए मैं दिल्ली आयी हूँ, पर 'गत्यात्मक ज्योतिष' के जनक हमारे पापाजी जरूरी कार्य से झारखण्ड में हैं। उनका आशीर्वाद के बिना कोई कार्य नहीं किया जा सकता, अतः पापाजी का इंतज़ार कर रही हूँ। अभी पुरे देश में नए वर्ष मानाने का सिलसिला चल ही रहा है, किसी प्रदेश के नए वर्ष पर हमारा एप्प प्लेस्टोर में आ जायेगा। यह भी हो सकता है कि १५ अप्रैल के बाद हम इसे प्लेस्टोर में डाल पाएं। यदि ऐसा हुआ तो 'गत्यात्मक ज्योतिष' के कारण भारतवर्ष में नया वर्ष मनाने का विस्तार १४ अप्रैल से भी आगे आगे बढ़ सकता है। जल्द ही आ रहा है हमारा एप्प , आप सबों को नए वर्ष की अनंत शुभकामनायें !!

एस्ट्रोलॉजर बनने के लिए क्या करें ?



Q- एस्ट्रोलॉजर बनने के लिए क्या करें ?

Ans- एस्ट्रोलॉजर बनने के लिए एस्ट्रोलॉजी की पढ़ाई करनी होगी , देश के कई विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इसकी पढ़ाई करवाई जाती है।  'गत्यात्मक ज्योतिष' भी शीघ्र ज्योतिषियों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था में है। 

Q- astrology ke liye kya padhai kare

Ans - ग्रहों के जड़ चेतन पर प्रभाव को समझना ज्योतिष का मुख्या विषय है , जिसे राशिचक्र , लग्न , भाव और सभी ग्रहों के माध्यम से आपको सिखाया  जाता है। 

Q - astrologer ka contact no.

Ans - गत्यात्मक ज्योतिष से जुड़े एस्ट्रोलॉजर का नंबर 8292466723  है 

Q - astrologer ka mobile no.

Ans - गत्यात्मक ज्योतिष से जुड़े एस्ट्रोलॉजर का नंबर 8292466723  है 

Q - astrology me kiska adhyayan kiya jata

Ans - ग्रहों के जड़ चेतन पर प्रभाव को समझना ज्योतिष का मुख्य विषय है , जिसे राशिचक्र , लग्न , भाव और सभी ग्रहों के माध्यम से आपको सिखाया  जाता है। 

Q - computer astrology kya hai

Ans - एस्ट्रोलॉजी के नियमों , सिद्धांतों को जब कंप्यूटर में कोडन के माध्यम से डाला जाता है तो इसे कंप्यूटर एस्ट्रोलॉजी।  इसके उपयोग करने से ज्योतिषियों को कम मेहनत करनी होती है।     

Q - astrology kiska adhyan h
 
Ans - एस्ट्रोलॉजी में आसमान , उसमे स्थित गृह नक्षत्र और उसके पृथ्वी पर प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। 

Q - astro match kya hai kise kehte h

Ans - विवाह से पहले वर वधू की की कुंडली को मिलाकर देखा जाता है , ताकि विवाह के बाद उनमे मतभेद न उभरे , इसी प्रक्रिया को ास्त्रो मैच कहते हैं। 

Q - graho ke upay ka scientific reason or astrology kya kaam karta hai

Ans - 'गत्यात्मक ज्योतिष' के द्वारा ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचने के लिए कई प्रकार के अचूक उपाय किये जाते हैं,  जिसमे संगति  कलर-थेरेपी , दान-पुण्य , मुहूर्त की अंगूठी , पेड़-पौधों , । वैज्ञानिक ढंग से इसे प्रूफ कर  पाना बहुत कठिन है। 

 मै शीघ्र ही इस चैनल पर निःशुल्क ज्योतिष सिखलाने का कोर्स शुरू करनेवाली हूँ , चैनल को सब्सक्राइब करें ,  वीडियोज को देखक्रर ज्योतिष का ज्ञान प्राप्त करें , उन्हें लाइक और शेयर करें , ताकि चैनल की रफ़्तार तेज हो और आपको नयी नयी जानकारिया मिलती रहें।