चार वर्ष पूर्व एक व्यवसायी को कैंसर हो गया , उन्होने व्यवसाय में से एक करोड रूपए निकालकर अलग रखे। इस एक करोड रूपयों को निकाल देने से उनके व्यवसाय में रत्तीभर का भी फर्क न पडनेवाला था , इसलिए पूरी निश्चिंति से इलाज करवाते रहें । तीन वर्ष तक नवीनतम दवाइयों और ऑपरेशन के बल पर वे सामान्य जीवन जी सकने में समर्थ रहें , इन तीन वर्षों में अनुमानत: 35 लाख रूपए खर्च हो चुके थे , पर उसके बाद वे स्वर्ग सिधार गए। लोगों का मानना है कि दूसरा कोई होता तो कब उसके प्राण चले गए होते , इन्होने तो पैसों के बल पर तीन वर्ष काट लिए। पर मुझे ये बात पच नहीं रही , यदि वे पैसों के बल पर जीवित रहे , तो उनके पास तो इलाज के लिए रखे गए 65 लाख रूपए बचे ही थे , उसका उपयोग क्यूं नहीं हुआ ??
क्या ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास? इस ब्लॉग में आप ज्योतिष के आधुनिक सूत्रों से सम्बद्ध नवीन ज्योतिषीय सिद्धांत के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे, जो ज्योतिष की सटीकता पर शोध, ज्योतिष में नए शोध और निष्कर्ष के उपरांत विकसित किया गया है, नए ज्योतिष सूत्रों के माध्यम से कुंडली विश्लेषण, इन ज्योतिष के नए नियमों से भविष्यवाणी कैसे करें, 'ज्योतिष सीखने के लिए नए सूत्र और विधियाँ बताई गयी हैं।
65 लाख रूपए बचे रहे
Specialist in Gatyatmak Jyotish, latest research in Astrology by Mr Vidya Sagar Mahtha, I write blogs on Astrology. My book published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा ज्योतिष मे नवीनतम शोध 'गत्यात्मक ज्योतिष' की विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723
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14 टिप्पणियां:
अच्छी सार्थकता से भरी और जानकारी आधारित रचना के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद /
सवाल जायज है
65 लाख खतम होने तक तो जिन्दा रहना ही चाहिये था.
संगीता जी , जीना तो उसकी किस्मत में सिर्फ तीन वर्ष ही था मगर पैसे के बल पर वह कैंसर जैसी बीमारी में भी आराम से जी गया , वरना तो बड़ी दर्दनाक मौत देता है कैंसर !
विचारणीय प्रश्न है...
bahut hi achchha vichar rakha hai apane ki paise ki utani kimat nahin jitani ham samjhte hain. sabse bada iswar hai.
काश!! पैसे से जिन्दगी खरीदी जा सकती!
मौत और जिन्दगी का धन से क्या सरोकार?
जितनी चाबी भरी राम ने
उतना चले खिलौना।
धन से सांसे ही नहीं खरीदी जा सकती।
लेकिन भुखे को खाना खिलाया जा सकता है।
पैसों के बल पर नहीं, उन पैसों से ख़रीदे जा सकने वाले महंगे से महंगे इलाज के दम पर. पर अच्छे से अच्छे इलाज की भी एक सीमा है. कोई गरीब ग्रामीण होता तो एक साल भी नहीं जी पाता.
पैसों के बल पर नहीं, उन पैसों से ख़रीदे जा सकने वाले महंगे से महंगे इलाज के दम पर. पर अच्छे से अच्छे इलाज की भी एक सीमा है. वह कोई गरीब ग्रामीण होता तो एक साल भी नहीं जी पाता.
जब कैंसर का मरीज 35 लाख में तीन साल तक जिन्दा रह सकता है तो भला चंगा बूढा आदमी तो पांच लाख में एक साल काट ही देगा। यानी पचास लाख में दस साल और पांच करोड में सौ साल।
अभी से पैसे जोडना शुरू करता हूं, फिर देखता हूं कि कैसे दो सौ साल से पहले यमराज बुलाता है।
मौत का दिन तो निश्चित होता है...हाँ ये ज़रूर है कि उसने पैसों के दम पर इलाज कराने कि कोशिश की ....पैसों से साँसे नहीं खरीदी जा सकतीं...
मतलब इलाज का (पैसा का नहीं) जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पडता...
उसने पैसे से इलाज करवाया.. जिंदगी नहीं खरीदी..और इलाज की जीतनी सीमा थी उतना जीया उसके बाद मर्जी रामजी की..
कई जटिल बीमारियों के ईलाज में पैसा लगता है.. जिसके पास होता है.. ठीक हो जाता है.. उम्र बढ़ा लेता है.. नहीं तो मर्जी रामजी की..
जैसे टीबी (सरल उदाहरण के लिए) के इलाज के लिए ५००० रूपए चाहिए.. जिसके पास है वो ठीक हो जाएगा (अमर नहीं) और जिसके पास नहीं वो धीरे धीरे कालग्रस्त हो जाएगा..
गणितीय तर्क से तो उसे करीबन 6 साल और जिन्दा रहना चाहिये था:-)
प्रणाम
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