बुद्ध पूर्णिमा पर सूपरमून


खगोलीय घटनाओं और दृश्‍यों में रूचि रखने वाले लोगों के लिए 5 और 6 मई की रात कुछ खास है , क्योंकि इस वक्‍त चांद पूरे वर्ष के हिसाब से सबसे चमकीला और बड़ा नजर आएगा। ऐसे संयोग पूर्णिमा के दिन ही बनते हैं और चूंकि चांद धरती के सबसे निकट होगा , इसलिए अपनी कक्षा में घूमते हुए चांद पहले की अपेक्षा पृथ्वी से अधिक निकट वाले बिंदु पर पहुंचेगा। इस घटनाक्रम को 'सुपरमून' कहा जाता है और इस साल ऐसा बुद्घ पुर्णिमा के अवसर पर हो रहा. छह मई को सूर्योदय से कुछ मिनट पहले चंद्रमा पश्चिमी क्षितिज पर डूबेगा और उसी शाम सूर्यास्त के एक घंटे के बाद पूर्वी क्षितिज पर उसका उदय होगा।

इस वर्ष नवंबर की 28 तारीख को पूर्णिमा के दिन चांद धरती से सबसे दूर रहेगा और दोनों की बीच की दूरी 4,06,349 रहेगी, जबकि अभी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी घटकर 3,56,955 किलोमीटर होगी विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूर्णिमा को चांद औसत से 14 फीसदी अधिक चमकीला नजर आएगा। चांद के ज्यादा चमकीला होने के कारण गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ेगा और इसका समुद्र के ज्वार भाटे पर अधिक असर पड़ेगा। अब तक के सबसे बड़े और बेहद चमकीले चांद का किसी भी रूप में प्राकृतिक आपदा से कोई सम्बंध नहीं है। लेकिन गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ने से समुद्र में ज्वार-भाटा की ऊंची लहरें उठ सकती हैं और उस पर चमकीले चांद की रोशनी अद्भुत दृश्य बना सकती है।

कल से ही इस मनोहारी दृश्य को निहारने को लोगों में उत्सुकता रही। तमाम लोग चांद के दर्शन के लिए आंगन , बाहर या छतों पर निकल गये। देर रात तक उसका लुत्फ उठाया। शनिवार दोपहर 12.52 बजे से पूर्णिमा लग गयी, जो रविवार को दोपहर प्रात: 9.05 बजे तक रहेगी। चंद्रमा तुला राशि में होने और दिन में भी पूर्णिमा लगने की वजह से चंद्रमा का आकार बढ़ता गया । दिन में पूर्णिमा शुरू होने के बाद रात नौ बजे तक चांद पूर्ण आकार में पहुंच गया। धीरे-धीरे उसका प्रभाव कम होता गया। तांत्रिकों के हिसाब से इस रात को मंत्र साधना लाभदायक रहती

अन्‍य खगोलीय स्थिति की तरह इस चंद्र का प्रभाव पृथ्‍वी के जड चेतन पर पडेगा , इस संभावना से तो हम इंकार नहीं कर सकते , पर सामान्‍य तौर पर यह सुखद स्थिति के ही होने का संकेत दे रहा है। पर इससे वृष और मिथुन राशि वाले अधिक अच्‍छे ढंग से प्रभावित होंगे। अक्‍तूबर नवंबर में जन्‍म लेनेवालों पर भी इसका अच्‍छा प्रभाव देखा जा सकती है। इसलिए प्रकृति की इस गतिविधि से  चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है , लुत्‍फ उठाइए इसका।

هناك 10 تعليقات:

संध्या शर्मा يقول...

बहुत जानकारी दी है आपने संगीताजी. वर्ना प्रकृति की इतनी सुन्दर घटनाएं घटित हो जाती हैं और जानकारी के आभाव में लोग इसका आनंद लेने से वंचित रह जाते हैं... आभार

संगीता स्वरुप ( गीत ) يقول...

अच्छी जानकारी देती पोस्ट ....आभार

मनोज कुमार يقول...

इस जानकारी से अवगत हुआ।

vandana gupta يقول...

बहुत बढिया जानकारी दी

समय चक्र يقول...

बहुत बढ़िया जानकारी दी है ... आभार

शिवम् मिश्रा يقول...

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - लीजिये पेश है एक फटफटिया ब्लॉग बुलेटिन

विष्णु बैरागी يقول...

मुझे तो यह पोस्‍ट ई-मेल से आज मिली तब तक वह सब हो चुका था जिसका इतना सुन्‍दर और विस्‍तृत विवरण आपने दिया है।

nayee dunia يقول...

अच्छी जानकारी के लिए शुक्रिया

travel ufo يقول...

बहुत अच्छी जानकारी दी आपने इसके लिये धन्यवाद

Bishnoi - Encyclopedia of Bishnoi Caste and Bishnoi Movement يقول...

बहुत अच्छी जानकारी.हमेशा की तरह अच्छी पोस्ट की है आपने.