2021में खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध ??

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में बारहवें नंबर पर खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. खर्च का मनोनुकूल वातावरण बना होना चाहिए। खर्च करने और घूमने से सुख मिलना चाहिए। बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से सम्बन्ध की मजबूती आनी चाहिए। विदेश-यात्रा की भी संभावना बननी चाहिए।
  2. खर्च की स्थिति कमजोर बन सकती है। बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी आ सकती है। बाहरी सन्दर्भों की दिक्कत आ सकती हैं। घूमने फिरने के कार्यक्रमों में भी बाधाएँ आ सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। खर्च-शक्ति की प्रचुरता बनी रहनी चाहिए। बड़े और सकारात्मक खर्च उपस्थित होने चाहिए। बाहरी व्यक्ति या बहरी स्थान से सम्बन्ध का लाभ मिलना चाहिए। विदेश-यात्रा की संभावना भी बननी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। बड़े ऋणात्मक खर्च उपस्थित हो सकते हैं। बाह़य सन्दर्भों की भी कोई परेशानी सामने आ सकती है। इन सभी मामलों से समझौता करने की आवश्यकता पड सकती है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।

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2021 में लाभ, लक्ष्य, मंजिल ??

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  1. आरामपसंद मंजिल के तलाश रहनी चाहिए। अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बानी रहनी चाहिए। नियमित लाभ से संतुष्टि बनी होनी चाहिए। लाभ के मामलों में विशेष की इच्छा नहीं होने से सुख मिलना चाहिए।
  2. लाभ की स्थिति कमजोर बन सकती है। इसके कारण असंतोष बना रह सकता है। मंजिल की और आगे बढ़ने में रुकावटें आ सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक लाभ, लक्ष्य, मंजिल का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। लाभ प्राप्त करने के बड़े नक़्शे बनने चाहिए। मंजिल को प्राप्त करने के लिए मेहनत होनी चाहिए। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहनी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। लाभ में बड़ी कमजोरी दिखाई दे सकती है। इसे सुधारने का प्रयास सफल नहीं होता दिखाई दे सकता है। इसके बावजूद इसे ठीक करने के लिए गंभीरता और माथापच्ची चलती रह सकती है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं लाभ, लक्ष्य, मंजिल के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।


कल के खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।
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2021 में कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति ??

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में दसवें नंबर पर कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. पिता से सुख और सहयोग मिलना चाहिए। अपनी इच्छा और स्तर के अनुरूप नौकरी होनी चाहिए। कर्मक्षेत्र का माहौल भी सुखद होना चाहिए। प्रतिष्ठा बढ़ती रहनी चाहिए। समाज में अपनी पहचान बनी होनी चाहिए। सामाजिक कार्यों को करने में सुखद अहसास होना चाहिए। सामाजिक राजनीतिक अभिरुचि चाहिए।
  2. पिता के सुख में कमी आ सकती है। उनसे विचारों का तालमेल नहीं बन सकता है। कर्मक्षेत्र में भी परेशानी बन सकती है । प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। सामाजिक, राजनीतिक कार्यों में असफलता मिल सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। पिता महत्वपूर्ण बने होने चाहिए। कैरियर में जिम्मेदारी भरी सफलता मिलनी चाहिए। प्रतिष्ठा की बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। सामाजिक और राजनीतिक लाभ भी मिलना चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। कैरियर के मामलों में बड़ा झंझट उपस्थित हो सकता है। पिता पक्ष से भी कुछ कठिंनाइयाँ उपस्थित हो सकती हैं। अपनी प्रतिष्ठा भी थोड़ी कमजोर पड़ सकती है। इसे मजबूत बनाने के लिए माथापच्ची बन सकती है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।

कल के लाभ, लक्ष्य, मंजिल  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।


2021 में भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप ??

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में नवें नंबर पर भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. भाग्य साथ देना चाहिए। संयोग से काम बनने चाहिए। धार्मिक कार्यक्रमों में भी रूचि और सुखदायक उपस्थिति होनी चाहिए। लेकिन दृष्टिकोण वैज्ञानिक बना होना चाहिए।
  2. भाग्य साथ नहीं देता दिखाई पड़ सकता है। दुर्योग से सफलता में बाधा आ सकती हैं । भाग्यवादी दृष्टिकोण बन सकता है । धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा दिखाई पड़ सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। किसी परिणाम में भाग्य का महत्वपूर्ण रोल होना चाहिए। धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्तता बननी चाहिए। आध्यात्म में भी सकारात्मक चिंतन और ध्यान बनना चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। भाग्य की कमजोरी यानि किसी दुर्योग से असफलता मिल सकती है। धार्मिक क्रियाकलापों में अस्त-व्यस्तता बनी रह सकती है। आध्यात्म को लेकर भी ऋणात्मक चिंतन बन सकता है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।

कल के कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।

2021 में रूटीन, जीवन-शैली ??

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में आठवें नंबर पर रूटीन, जीवन-शैली आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके रूटीन, जीवन-शैली आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. रूटीन मनमौजी ढंग का बना होना चाहिए । निश्चिंती से काम करने का वातावरण बनना चाहिए। जीवन शैली मनोनुकूल बनी होनी चाहिए।
  2. रुटीन अव्यवस्थित बना रह सकता है। जीवन शैली कमजोर हो सकती है। छोटी-मोटी दुर्घटना या किसी और घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पड़ सकता है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक रूटीन, जीवन-शैली का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। रूटीन सुव्यवस्थित होना चाहिए। समय पर सारे कार्य होने चाहिए। एक-एक पल का सकारात्मक उपयोग होना चाहिए। जी वन-शैली महत्वपूर्ण बनी होनी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। रुटीन अस्त-व्यस्त हो सकता है। रुटीन को सुधारने के लिए नाकाम प्रयास चलता रह सकता है। जीवन-शैली को आसान बनाने वाली सुविधाएँ भी समाप्तप्राय दिख सकती हैं।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं रूटीन, जीवन-शैली के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।

कल के भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।