धर्म के नाम पर उलूल-जुलूल को न स्वीकारें------

Dharm ke prakar


गेट पर ठक-ठक की आवाज से मेरी तन्मयता दूर हुई। जिस लेख को लिख रही थी, उसे छोड़कर यह लेख प्रस्तुत है। नजदीकी लोग तो गेट से अंदर आकर दवाजे पर घंटी बजाते हैं, कूरियर वाले तक भी। जरूर कोई बिना जान पहचानवाला है, कुर्सी से उठकर मैंने गेट की और झाँका। अच्छे कपडे और श्रृंगार में बनी-ठनी एक महिला संतोषी माता की पूजा के लिए पैसे मांग रही थी। संतोषी माता गरीबों की देवी है, ऐसा मैं मानती हूँ, क्योंकि उन्हें सिर्फ चने-गुड़ का चढ़ावा चाहिए। माता लक्ष्मी ठाट-बात की पूजा चाहती हैं, इसलिए धनाढ्य के मध्य अधिक लोकप्रिय हैं। माध्यम वर्ग भी अब उनकी देखा-देखी करके अपने सालभर का बजट बिगाड़ लेते हैं। निम्न वर्ग वाले अभी तक दीपावली को साफ़-सफाई और दिए जलाने का ही त्यौहार मानते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है माता लक्ष्मी को खुश करना हमारे वश में ही नहीं।

Hamara dharm kya hai

तो आती हूँ, मुख्य मुद्दे पर। मैंने उस महिला को बोला, संतोषी माता की पूजा इतनी महंगी तो नहीं होती, तुम या तुम्हारे पति कोई काम करते ही होंगे। पूजा के लिए भीख मांग रही हो ? उसपर उसने जवाब दिया कि क्या आप नहीं जानती कि हिन्दू धर्म में मन्नत भी मानी जाती है, भिक्षा मांगकर पूजा करूंगी। मैंने बोला, मुझे मालूम है कि ऐसा होता है, हमारे घर में खुद छठ में भिक्षा मांगी जाती है। इसका कारन कुछ भी हो सकता है, धर्म में अमीरों का अंधानुकरण गरीब करते हैं तो शायद गरीबों का अंधानुकरण अमीर भी करने लगे हों या फिर अहम् को त्यागकर पूजा करने की भावना ने इस मन्नत को जन्म दिया हो। लेकिन जब पूजा के लिए साधन की कमी न हो, तो पूजा से पहले मात्र ऐसी प्रक्रिया से गुजरना होता है। आप अपने अड़ोस पड़ोस में मांगकर उसमें अपने पैसे मिलाकर भी पूजा कर सकती हैं।

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उस महिला ने बोला कि 5 -10 रुपये दे देने से आपका क्या नुक्सान हो जायेगा ? मैंने बोला, यह सच है कि 5-10 रुपये से मेरा भी कुछ नहीं जायेगा और आपका भी कुछ नहीं बनेगा, पर आप दिनभर मांगती रहीं, महीने भर मांगती रहीं तो या ५०००-१०००० भी हो सकता है। उस पैसे का दुरूपयोग तो हो ही सकता है। मैं आपको जानती ही नहीं, इस पैसे का दुरूपयोग हुआ तो आप ही नहीं, मैं भी पाप की भागी बनूंगी। उस महिला के सब्र का बाँध टूट गया, उसने कहा, पैसे देने हो तो दीजिए, इतना भाषण मत दीजिए। मैंने बोला, भाषण कैसे नहीं दूँगी, धर्म की आपकी गलत परिभाषा को मैं नहीं स्वीकार कर सकती। और पैसे तो मैं आपको किसी हालत में दूँगी ही नहीं। महिला जल्दी- जल्दी भागी। वैज्ञानिक दृष्टि वाले लोगों को तो कुछ कहना ही नहीं, धार्मिक दृष्टिकोण वाले लोगों से विनती है, धर्म भयभीत होने के लिए नहीं, हिम्मत बनाये रखने के लिए बनाया गया है। इसलिए धर्म के नाम पर उलूल-जुलूल को न स्वीकारें।

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    एप्प : खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध की स्थिति

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    आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा . खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।


    1. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित किसी मामले की तकलीफ से थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

    2. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध की तकलीफ के बावजूद भी मन की मजबूती बनी रहती है।

    3. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कई दिनों से इन मामलों में चल रही किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

    4. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम करवाए जा सकते हैं।

    5. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

    6. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

    7. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

    8. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें। बाहरी स्थान में जाने और बेवजह के खर्चों से परहेज करें।

    9. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

    10. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

    11. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके सुखदायक माहौल के बनने की संभावना होती है । इसलिए बहार घूमने फिरने या शॉपिंग का कार्यक्रम बना सकते हैं।

    12.'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

    13. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

    14. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना एप्प के लिए कुछ मुश्किल हो सकता है।

    15. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

    16. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन बिलकुल सामान्य तौर पर खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

    17. 'खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलापकी स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए खर्च-शक्ति, बाह्य-सम्बन्ध से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर थोड़े सावधान रहें।

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    एप्प : लाभ, लक्ष्य, मंजिल की स्थिति

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    आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन लाभ, लक्ष्य, मंजिल की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा . लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।


    1. ' लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित किसी मामले की तकलीफ से थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

    2. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में  ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो इनकी तकलीफ के बावजूद भी  मन की मजबूती बनी रहती है।

    3. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल  - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कई दिनों से इन मामलों में चल रही किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

    4. ' लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, लाभ, लक्ष्य, मंजिल के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम करवाए जा सकते हैं।

    5. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

    भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

    6. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल  - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

    7. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

    8. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।'

    भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो लाभ, लक्ष्य, मंजिल की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

    9. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

    10. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

    11. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

    भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके सुखदायक माहौल के बनने की संभावना होती है ।

    12.'लाभ, लक्ष्य, मंजिल  - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

    13. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

    14. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग लाभ, लक्ष्य, मंजिल के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना एप्प के लिए कुछ मुश्किल हो सकता है।

    15. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें। 

    16. 'लाभ, लक्ष्य, मंजिल  - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

    17. ' लाभ, लक्ष्य, मंजिल  - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलापकी स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए लाभ, लक्ष्य, मंजिल से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर थोड़े सावधान रहें।



    एप्प : कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति की स्थिति

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    आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।


    1. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित किसी मामले की तकलीफ से थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

    2. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो इनकी तकलीफ के बावजूद भी मन की मजबूती बनी रहती है।

    3. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कई दिनों से इन मामलों में चल रही किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

    4. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति- इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके कामकरवाए जा सकते हैं।

    5. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

    6. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

    7. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

    8. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

    9. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

    10. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

    11. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके सुखदायक माहौल के बनने की संभावना होती है ।

    12.'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

    13. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

    14. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना एप्प के लिए कुछ मुश्किल हो सकता है।

    15. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिनकैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें। 

    16. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

    17. 'कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीतिकी स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए कैरियर, पिता , सामाजिक स्थिति, राजनीति को लेकर थोड़े सावधान रहें।

    एप्प : भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति

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    आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।


    1. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कोई बुरा परिणाम आकर खुद के भाग्य को कोसने जैसा वातावरण जैसा थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

    2. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो इनकी गड़बड़ी के बावजूद भी भाग्य के प्रति आस्था से मन की मजबूती बनी रहती है।

    3. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो कई दिनों से इन मामलों में चल रही किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

    4. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम।

    5. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर परभाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

    6. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

    7. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

    8. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाग्य साथ नहीं देता , आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

    9. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

    10. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

    11. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके सुखदायक माहौल के बनने की संभावना होती है ।

    12.'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

    13. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

    14. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

    15. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें। 

    16. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

    17. 'भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

    भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलापकी स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए भाग्य, आध्यात्म, धर्म से सम्बंधित क्रियाकलाप को लेकर थोड़े सावधान रहें।