मेरी कोरोना डायरी : कोरोना से कितना डरें ?

Corona diary


Corona coronavirus,




जनवरी और फरवरी में विदेशो में खौफ भरा माहौल पैदा करने के बाद कोरोना वायरस ने अचानक भारतवर्ष में भी दस्तक दे दी ! मार्च में महानगरों में कोरोना के केसेज आने लगे,  उस समय सबके संपर्क विदेशो या विदेशियों से किसी न किसी प्रकार सिद्ध हो गए ! कोरोना की मारक क्षमता तो खास नहीं मानी जा रही, पर इसकी संक्रामक क्षमता इसे महामारी का नाम दे रही !

 अप्रैल में हमारे बच्चों का यूरोप यात्रा का कार्यक्रम था, पर यूरोप के माहौल को देखते हुए टिकटें रद्द कर दी गयी थी,  वीजा कैंसिल कर दिया था ! मार्च में विदेशों से आनेवाले लोगों में से कुछ सावधानी जरूर बरत रहे थे,  पर काफी लोग लापरवाही भी कर रहे थे ! कुछ लोग तो खुलेआम घोषणा कर रहे थे कि कोरोना वायरस साधारण सर्दी-खांसी हैं, लोगों का भयभीत करने की चाल हैं !


Corona virus in India

इनकी लापरवाही का नतीजा ऐसा हुआ केस गुणात्मक गति से बढ़ने लगे ! इसी दौरान सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की, सब घर बैठ गए ! अचानक आये इस समस्या से पूरा देश अव्यवस्थित हो गया।  फिर देश में अनलॉक की घोषणा हुई, फिर शुरू हुई लोगों की लापरवाही और उससे  बढ़ने लगा कोरोना संक्रमितों और उससे होने वाली मौत का आंकड़ा !

इसी समय तैयार हुई मेरी कोरोना डायरी,  जिसके सभी भाग सोशल मीडिया और ब्लॉग पर प्रकाशित होते रहें ! इस पुस्तक में मैंने अपनी डायरी के सभी लेखों को संग्रहित किया हैं ! इसको पूरा पढ़कर भरतीय समाज की मानसिकता, भारतीयों में कोरोना के प्रभाव और कोरोना से सम्बंधि बहुत सारी चर्चा होगी ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं !



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    हर्ड इम्युनिटी और कोरोना

    Herd immunity meaning in Hindi and Corona

    मार्च से ही दिल्ली-मुम्बई जैसे महानगरों में कोरोना का बड़ा फैलाव हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए प्रत्येक गाँव तक पहुँच गया ! हमने कोरोना के बिल्कुल शुरुआती दौर में जिस प्रकार की सावधानी रखने की सलाह दी थी, सभी पालन करते तो ऐसा बिल्कुल नहीं होता ! लॉक डाउन में ही हम कोरोना की चेन तोड़ने में कामयाब हो जाते ! लेकिन लोगों की जागरूकता की कमी ने ऐसा नहीं होने दिया !


    अभी भी देश के विभिन्न भागों में कोरोना की चेन तोडना मुश्किल नहीं हैं, सोशल डिस्टैन्सिंग और मास्क का पालन करके हम आसानी से कोरोना की चेन तोड़ सकते हैं ! पर लोगों को कौन समझाए ? Herd immunity meaning in Hindi धीरे धीरे कोरोना के फैलाव ने देश को हर्ड इम्युनिटी प्राप्त करनेवाले लक्ष्य की दिशा में धकेल दिया हैं ! यह आसान तो नहीं हैं, पर इसे स्वीकार करना अब हमारी मजबूरी बन गयी हैं ! अब अधिकतम यही कर सकते हैं कि संक्रमण की गति धीमी कर दें !


    Is herd immunity effective

    Is herd immunity effective



    दिल्ली, मुम्बई और अन्य महानगरों या देश के अन्य भागों में किये गए टेस्ट की रिपोर्ट बता रही हैं कि विभिन्न जगहों पर कुल आबादी का 12% से लेकर 60% तक के लोगों में कोरोना के विरुद्ध रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो गयी हैं ! Herd immunity meaning in Hindi )  इसका अर्थ यह हैं कि ये न तो अब कोरोना के कारण बीमाऱ पड़ सकते हैं, और न ही कोरोना के वाहक बन सकते हैं ! इस कारण अब ये संक्रमण की दर को कम करेंगे, कई जगहों पर एक कोरोना पॉजिटिव और एक कोरोना नेगेटिव के मध्य ढाल बनकर उपस्थित हो जाया करेंगे ! तीन महीने में 25% जनसंख्या को प्रभावित करनेवाला कोरोना को 50% तक पहुँचने में छह-सात महीने लग सकते हैं !


    कोरोना जैसी बीमारी के विरुद्ध देश के सभी भागों में हर्ड इम्युनिटी बन जाने के पीछे जहाँ एक ओर स्वास्थ्य से मजबूत लोगों की इम्युनिटी काम करती हैं, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य से कमजोर लोगों की मौत भी होती हैं ! जहाँ जागरूकता हो वहाँ संक्रमण की दर को कम किया जा सकता हैं ! जहाँ बेहतर व्यवस्था हो, वहाँ मौत की दर को कम किया जा सकता हैं !

    Why herd immunity is important

    हम दिल्ली का उदाहरण लेकर चलते हैं ! जहाँ तहाँ किये जा रहे रैंडम टेस्ट के नतीजे बताते हैं कि दिल्ली की दो करोड़ आबादी में से 25% यानि 50 लाख लोग कोरोना के विरुद्ध एंटीबाडी बना चुके हैं ! यह आंकड़ा कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए आंकड़े से बहुत अधिक हैं ! यानि लोग कोरोना से पॉजिटिव भी हुए और नेगेटिव भी, न उन्हें न ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिली ! कोरोना को सामान्य सर्दी खांसी समझते हुए दवा लेते रहें, लोगों को संक्रमित करते रहे और ठीक भी हो गए !

    अब यदि दिल्ली के पचास लाख लोगो के पॉजिटिव होने और 13000 मौतों का अनुपात निकाला जाये, तो यह बहुत कम हैं , इसलिए कोरोना से घबराने की बड़ी वजह नहीं दिखती ! लेकिन इतने लोगों का ठीक होना 'हर्ड इम्युनिटी' नहीं उनकी 'अपनी इम्युनिटी' थी !  Herd immunity meaning in Hindi चूँकि समाज को हर्ड इम्युनिटी हासिल करने के लिए 70-75  प्रतिशत जनता का बीमारी से संक्रमित होना आवश्यक होता है, इसके लिए दिल्ली के और एक करोड़ लोगों को कोरोना से इन्फेक्टेड होना पडेगा और मौत का आंकड़ा लगभग 40, 000 पहुंचेगा ! उसके बाद ही दिल्ली में कोरोना से मरनेवालों की मौत रूक सकती हैं !

    इसी प्रकार देशभर में लगभग सौ करोड़ लोगों के संक्रमण और कई करोड़ की मौत के बाद ही देश में हर्ड इम्युनिटी आ सकती हैं ! उसके लिए कोरोना को बहुत समय चाहिए होगा ! मेडिकल को अपनी व्यवस्था अच्छी रखनी होगी ! तबतक हमें सावधानी से जीना सीखना होगा, छोटे छोटे शहरों में और गाँव में अभी भी समय हैं, हम चाहे तो कोरोना के चेन को तोड़ सकते हैं, पर महानगरों को तो हर्ड इम्युनिटी का ही इंतज़ार करना होगा !

    मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----





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      प्रतिदिन प्रतिवर्ष भविष्य की जानकारी : ज्योतिष एप्प

       

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      प्रतिदिन प्रतिवर्ष जीवन के हर मामलों की जानकारी देनेवाला : हमारा गत्यात्मक ज्योतिष एप्प ,  इनस्टॉल करने के लिए यह वीडियो देखें ! 

      कैसा अंतर्विरोध है कि जिस ज्योतिष को लोग अंधविश्वास मानते हैं , उसी ज्योतिष की एक मामूली राशिफल पढने  के लिए आधी आबादी बेचैन भी रहती है , दुनिया भर के पत्र पत्रिकाओं में राशिफल का प्रकाशन और मेरे चिट्ठे पर सर्च इंजिन से ‘राशिफल’ ढूंढते हुए इतने सारे पाठकों का आना इसकी पुष्टि तो अवश्य करता है।  परंतु बात यहीं पर ही समाप्त नहीं होती , राशिफल पढने के बाद अधिकांश लोग फिर इसकी बातों को हंसी मजाक में ही लेते हैं। 

      इतने सर्च के बावजूद दुनिया भर के लोगों की इस मानसिकता का कोई अर्थ लगा पाना तो सचमुच बडा मुश्किल है। राशिफल के  रूप में दुनिया भर के लोगों को 12 भाग में विभाजित कर करोडो लोगों के लिए एक विशेष समयांतराल में एक जैसा भविष्यफल का लिखा जाना तो संदेह उत्पन्न करने के लिए काफी है ही , दूसरी ओर विभिन्न पत्रिकाओं में विभिन्न पंडितों द्वारा एक ही राशिफल के लोगों के लिए अलग अलग गणना से ही लोगों का राशिफल से विश्वास उठ जाता है।

      Astrology for today in Hindi


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      Aaj ka rashifal Astrology

      चंद्र या सूर्य राशिफल पर अधारित भविष्यवाणियों पर मेरा खुद भी विश्वास नहीं , इसलिए मैने (  जानने के लिए अपने पाठकों के लिए हिंदी में  ‘लग्न  राशिफल’ की शुरूआत की थी , इसे शुरू करने से पहले मैने इसकी वैज्ञानिकता के पक्ष में कुछ तर्क भी इस आलेख दिए थे। लग्न राशिफल द्वारा लिखे इस भविष्यफल पर बिल्कुल संदेह नहीं किया जा सकता , सिर्फ अलग अलग लोगों के लिए इसके पॉजिटिव और नेगेटिव में नहीं, सिर्फ इसके स्त‍र में अंतर होता है। इस लग्न राशिफल  की चर्चा विभिन्न ग्रहों की गत्यात्मक शक्ति के आधार पर की जाती है , वे ग्रह सभी लोगों पर प्रभाव डालते हैं , पर विभिन्न लग्नवालों के लिए संदर्भों में भिन्न्ता होती है। 

      Today's astrology in Hindi

      अब इससे भी आगे बढ़कर हमारा एप्प किसी व्यक्ति के लग्न,  सूर्य और चंद्र को देखकर नहीं,  बल्कि  जन्मकालीन सभी ग्रहों और गोचर यानि अभी चल रहे ग्रहों में आपस के तालमेल को देखते हुए आपपर उनके पड़ने वाले ऋणात्मक,  धनात्मक या सामान्य प्रभाव की चर्चा करेगा,  उन्हें हर कदम पर गाइड भी करेगा. साल के 365 दिनों में से अधिकांश आपके लिए सामान्य होता है,  पर कभी कभी अधिक धनात्मक या ऋणात्मक होता है,  उनकी सुचना आपको पहले से मिल जाये,  उसके उपाय के बारे में आपको पहले से जानकारी मिल जाये, आपको मिल पाए, इसका हमने इस एप्प को विकसित करने में पूरा प्रयास किया है।

      Aaj ka rashifal Astrology

      Astrology for today in Hindi

      आप अपने  फ़ोन के प्लेस्टोर में जाएँ, सर्च बॉक्स में gatyatmak jyotish टाइप करें।  आपको ऊपर जैसे आइकॉन का एक एप्प मिलेगा।  आप इसे इनस्टॉल करें, SignUp करें, पुरे वर्ष के आपके जीवन के विभिन्न मामलों का और प्रतिदिन का सटीक भविष्यफल आपको मिलेगा। दिसंबर तक के लिए यह सुविधा बिलकुल फ्री है।  जनवरी 2021  में  ही आपको पेमेंट करने की आवश्यकता होगी। 'गत्यात्मक ज्योतिष' ज्योतिष की नवीनतम विधा है, जो आपको सटीक सांकेतिक जानकारी प्रदान करती है।  आप अवश्य डाउनलोड करें और प्रतिदिन का भविष्यफल को देखकर उसका अपने जीवन से मैच करें।  आप इसकी सटीकता पर आश्चर्यित हो जाएंगे।  

      हमारे एप्प में प्रतिदिन का भविष्यफल इस तरह का दीखता है , सटीकता की बात हमारे एप्प में आये रिव्युज  बताएँगे। 

      गत्यात्मक ज्योतिष एप्प - यह एप्प राशिफल नहीं खास आपके लिए भविष्यफल बताता है - इनस्टॉल करें!

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        कोरोनावायरस और रोग-प्रतिरोधक क्षमता

        Virus coronavirus in India


        Virus coronavirus in India


        देश-विदेश में फैले कोरोनावायरस के छह-आठ महीने के दौर को देखने के बाद अब लोगों को इतना समझ में आ गया है कि मास्क और सोशल डिस्टैन्सिंग के बाद इससे बचने के लिए सबसे बड़ी बात लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता है ! लॉक डाउन के समय ही सरकार के आयुष मंत्रालय ने यह घोषणा कर दी थी, काढ़ा बनाने का प्रोसेस शेयर किया था ! लगभग सभी भारतीय घरों में लोगों ने कोरोना को भयानक बीमारी मानते हुए उससे लड़ने के लिए काढ़े का उपयोग शुरू कर दिया था !


        सिर्फ मंत्रालय द्वारा सुझाया काढ़ा ही नहीं, काढ़े के अलावा प्रायः घरों में सुबह शाम निम्बू पानी, योगा, कुछ विटामिन्स की गोलिया, ऐलोवेरा, गिलोय के साथ रात्रि में हल्दी-दूध पीने के साथ ही सोते वक्त गरम पानी और नमक का गार्गल भी शुरू किया गया ! डेढ़ महीने के लॉक डाउन में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले इतने उपचार ने वास्तव में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया, इसलिए तो अनलॉक के बाद जितने कोरोना रोगी बढ़ते गए, मृत्यु-दर नहीं बढ़ी ! बहुत सारे लोगों को कब कोरोना हुआ और कब ख़त्म भी हुआ पता भी नहीं चला, क्योंकि हर घर में उपचार तो चल ही रहा था ! हालांकि मुझे लगता है कि मास्क और सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन किया जाता तो केसेज भी नहीं बढ़ते, नुकसान की संभावना और कम होती !




        वैसे भी भारतवर्ष में अभी भी आधे से अधिक लोगों को रोजी-रोटी के लिए शारीरिक तौर पर मेहनत करने की आवश्यकता पड़ती है ! मेहनत करने वाले लोगो की खुराक भी अच्छी होती है और प्राकृतिक तौर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ! अधिकांश समय कुर्सी में बैठकर काम करने वाले लोगो में से अधिकांश पिछले एक दो दशक में थाइरोइड, बीपी, मधुमेह और ह्रदय-रोग जैसी बीमारियों से ग्रस्त हुए ! उनमे से स्वास्थ्य पर ध्यान देनेवाले लोगों ने योग करना और दौड़ना-भागना जारी रखा था ! पर कुछ आलस की वजह से सिर्फ एलोपैथी दवा लेकर निश्चिंत बने रहें ! उनके सामने सबसे बड़ा ख़तरा आया, कोरोना से हुई अधिकाँश मौत में ये ही शामिल हैं ! बहुत सारी मौतें अफरा तफरी भरे माहौल के चलते भी हुई हैं !


        किसी भी विपत्ति को दो तरह से झेला जाता है ! जबतक विपत्ति की प्रकृति नहीं मालूम हो, तबतक सावधान रहते हुए उसे समझने की जरूरत होती है ! जैसे ही हम विपत्ति की प्रकृति को समझने लगते हैं, उससे लड़ने का प्रयास करते हैं ! यदि विपत्ति बड़ी हो तो उसका सर्वनाश उचित समझते हैं ! कोरोना नयी बीमारी है, उस हिसाब से इसे हम समझ जरूर चुके हैं ! ऐलोपैथी की तुलना में कम समय में राजस्थान में आयुर्वेद तथा मुम्बई के धारावी में होम्योपैथी से कोरोना को मात दी जा चुकी है ! इस तरह हम कोरोना का खात्मा भले नहीं कर सकें, पर कुछ सुरक्षात्मक उपायों के साथ आयुर्वेद और होमियोपैथी की सहायता से नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं !

        एलोपैथी के डॉक्टर भी अब लोगों को यही सलाह देने लगे हैं ! दरअसल एलोपैथी में लोगों को विभिन्न रोगों से लड़ने के लिए जो एंटीबायोटिक दिए जाते हैं, वे शारीरिक क्षमता को कम करते हैं, जबकि आयुर्वेद प्राकृतिक शास्त्र है ! कोरोना के बहाने पिछले दो दशकों से दिमाग में चल रहा लोगों का भ्रम कि मानसिक विकास ही दुनिया को आगे बढ़ाएगा, अब समाप्त हो जाना चाहिए और हमें शारीरिक मजबूती के प्रयास भी बनाये रखने चाहिए ! बच्चों को खेल-कूद का भरपूर मौका दिया जाना चाहिए, बैठकर जीविका चलानेवालों को योगा और व्यायाम करना चाहिए ! सामान्य तौर पर दादी-नानी के घरेलु नुस्खे, आयुर्वेद पर अधिक और एलोपैथी पर निर्भरता कम होनी चाहिए ! एलोपैथी को इमरजेंसी हेल्थ सर्विस के तौर पर ही लेने की जरूरत है ! एक स्वस्थ तन और मन ही स्वस्थ दिमाग दे सकता है, इस बात को हमें नहीं भूलना चाहिए !

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          कोरोना पॉजिटिव न बनें !

          कोरोना पॉजिटिव न बनें, यदि बने तो 90% स्वस्थ लोगों में ही,  टॉप 10% तक न पहुंचें !

          idea to fight against corona


          कोरोना देश के कोने कोने में फ़ैल गया है, और लम्बे समय तक आप जरूरी आवश्यकताओं के बिना नहीं रहा सकते, इसलिए इससे बचने के तरीके ढूंढने ही होंगे ! ऐसा क्या करें कि आप कोरोना पॉजिटिव न बनें, यदि बने तो 90% स्वस्थ लोगों में ही बने रहें ! टॉप 10% तक न पहुंचें? यदि वहाँ तक पहुँच भी जाएँ तो सुरक्षा से बिल्कुल सामान्य हो जाएँ !



          हर व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो सकता है


          सबसे पहले तो आप पौस्टिक खाना, भरपूर नींद के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली दवाओं, निम्बू-पानी, दूध-हल्दी या काढ़े का भी उपयोग करें ! मेरी आयुर्वेद पर तो अधिक जानकारी नहीं, पर काढ़े बनाने में जिन मसालों का उपयोग किया जाता है, वो थोड़े कम-अधिक मात्रा होने पर स्वास्थ्य में कोई गड़बड़ी नहीं करते ! उसी तरह तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा की थोड़ी थोड़ी मात्रा नुकसान नहीं करती ! यदि काढ़े के किसी आइटम से परहेज हो तो उसे हटा दें !


          उसके बाद आप गंभीरता से मान ले कि सामने वाला हर व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो सकता है, कोई पड़ोसी, कोई मित्र, कोई रिश्तेदार या कितना ही सुरक्षित जगह क्यों न हो, हर व्यक्ति की साँसों, हाथों और हर वस्तु पर कोरोना वायरस हो सकता है ! इसलिए खुद को हर व्यक्ति और वस्तु से बचाना आवश्यक है !


          idea to fight against corona

          भीड़-भाड़ से दूर रहने की कोशिश करें


          इसके लिए अधिकांश समय घर के अंदर रहें, कुछ जरूरत से बाहर निकले तो अच्छा मास्क लगाएं, भीड़-भाड़ से दूर रहने की कोशिश करें, भीड़भाड़ में तेजी से रास्ते पार कर आगे बढ़ें, घर से बाहर कोई परिचित मास्क लगाए दिखे तो दो मिनट बात कर सकते हैं, कोई वाल्व वाला मास्क लगाए हो तो जरूर टोकें, वह अपनी सुरक्षा तो कर रहा है पर सामनेवाले असुरक्षित हो रहे हैं ! उनसे या कोई परिचित बिना मास्क के दिखे तो बात करने की भी जरूरत नहीं, उसे डांटते हुए निकल जाएँ ! किसी के नाराज होने की चिंता अभी नहीं करनी है !

          बाहर से घर आने पर व्यवस्था रखें कि दरवाजे पर ही बाल्टी में डिटर्जेंट घुला पानी रखा हो ! आप अपने हाथ-पैर धोयें, चप्पल-जूत्ते धोयें, कपडे उतारकर डिटर्जेंट में डालें, सामान को उसी घर के कोने में जगह बनाकर रख दें ! घर में बच्चे हों तो उनकी पहुँच से दूर जगह पर सामान एक दो दिन छोड़ दें ! फल सब्जी हो तो एक घंटे पानी में डाल दें ! अब तो सब्जियों को धोने के लिए डिटर्जेंट भी बाजार में मौजूद है ! बाल्टी के कपडे वाशिंग मशीन में ड़ालकर स्नान कर लें या कपडे बदल लें !

          idea to fight against corona

          घर के बच्चों, वृद्ध और बीमाऱ से कुछ अलग ही रहना चाहिए !


          इतने के बाद भी आपको कोरोना संक्रमण हो ही सकता है, पर यदि संक्रमण हुआ भी तो हल्का होगा, जिसको आप झेल सकते हैं, पर आपके घर कोई बच्चे, वृद्ध या बीमाऱ रह रहे हों तो उनको संक्रमण बढ़ सकता है ! इसलिए बाहर जानेवाले लोगों को घर के बच्चों, वृद्ध और बीमाऱ से कुछ अलग ही रहना चाहिए ! घर में कुछ छूने से परहेज करें, किसी भी कार्य से पहले और कार्य के बाद अच्छे से हाथ धोयें !

          कोरोना का कोई भी लक्षण - सर्दी, खांसी, बुखार या शारीरिक कमजोरी जैसा कुछ भी महसूस हो तो घर पर आराम करें, खुद को क्वैरेन्टाइन रखें, खांसते-छींकते वक्त टिश्यू पेपर का उपयोग करें ! ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें ! 90 तक ऑक्सीजन रहने पर आपको घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं, जो लक्षण हों, उसकी दवाईयां लेते रहे ! पौष्टिक लिक्विड खाना पीना, विटामिन्स, काढ़ा, योगा करते हुए संतुलित जीवन बनाये रखें ! ईश्वर से स्वस्थ होने की प्रार्थना करते रहें ! 10 दिनों में आप स्वस्थ हो जाएंगे !

          idea to fight against corona

          अस्पताल में जल्द एडमिट करने की आवश्यकता है !


          यदि ऑक्सीजन का स्तर 90 से नीचे हो रहा है, तब भी घबराने की नहीं, थोड़ा गंभीर होने की जरूरत है ! डॉक्टर से परामर्श करें, कुछ विशेष एंटीबायोटिक दवाएं लेनी पड सकती है ! ऑक्सीजन का स्तर 85 से 80 जाने लगे तो आपको अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत है ! यदि अस्पताल में जगह न हो तो कम से कम ऑक्सीजन देने की जरूरत तो ऐसे मरीजों को पड़ ही जाती है ! डॉक्टर से परामर्श लेते रहें, यदि शरीर के सभी अंग स्वस्थ हों तो चार छह दिनों में घर में भी ऐसे पेशेंट ठीक हो जाते हैं ! लेकिन यदि पहले से उनके शरीर के कई अंग कमजोर हों तो अस्पताल में जल्द एडमिट करने की आवश्यकता है !

          नोट - बाकी तो हरि इच्छा ! यह लेख कई डॉक्टरों के लेख और उनसे बातचीत के आधार पर लिखी गयी है ! अधिकांश मरीज अधिक इन्फेक्टेड होने या देर होने की वजह से नहीं बचाये जा पाते ! सरल भाषा में मैंने लिखी है, इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें !

          मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----



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