सायन और निरयण क्या है?

 

Zodiac meaning in Hindi in Astrology

पृथ्वी पर रहते हुए हम जब आसमान को निहारते हैं , आसमान में मौजूद तारे, ग्रह-नक्षत्र, सूर्य, चंद्र पूर्व दिशा से उदित होते हुए पश्चिम की ओर अस्त होते दिखाई देते हैं।  पृथ्वी के अपने अक्ष में पश्चिम से पूर्व की ओर की घूर्णन गति के कारण हमें ऐसा प्रतीत होता है। आसमान के पूर्व से पश्चिम की ओर जाती गोल 360 डिग्री की यह  चौड़ी पट्टी  ही भचक्र या राशिचक्र कहलाती है। 

 Zodiac signs hindi and english

इस राशिचक्र को ही अंग्रेजी में Zodiac  कहा जाता है।  Zodiac को 30 -30  डिग्री के 12  भागों बाँटा गया है, जिन्हे 12  राशि कहा जाता है।  इनके नाम क्रमशः मेष (Aries) , वृष (Taurus) , मिथुन(Gemini) , कर्क(Cancer) , सिंह(Leo) , कन्या(Virgo) , तुला(Libra) , वृश्चिक(Scorpio) , धनु(Sagittarius), मकर(Capricorn) , कुम्भ(Aquarius) और मीन(Pisces) हैं। 0 से 30 डिग्री के मेष से शुरू करते हुए 330  से 360  डिग्री के मीन राशि में राशिचक्र का अंत हो जाता है। 

Zodiac meaning in Hindi

Astrology zodiac signs in Hindi

 हालाँकि भचक्र के आरम्भ को लेकर  भारतीय और पाश्चात्य विद्वानों में मतभिन्नता है , भारतीय ज्योतिषी निरयण अंश को मानते हैं और १५ अप्रैल को सूर्य आसमान के जिस विन्दु पर होता है , उसे राशिचक्र का शुरूआती  डिग्री मानते हैं , जबकि पाश्चात्य विद्वानों के हिसाब से २२ मार्च  को सूर्य जिस विन्दु पर होता है , वह राशिचक्र का शुरूआती विन्दु है। 

Zodiac signs in Hindi by date of birth

यही  कारण है कि सूर्य के आधार पर अपना Zodiac Sign निश्चित करने में लोगों को असुविधा होती है।  भारतीय पंडितों के हिसाब से १५ अप्रैल  से १५ मई  तक जन्म लेने वाले लोग मेष राशि में , १५ मई से १५ जून  तक जन्म लेने वाले लोग वृषभ राशि में , उसके बाद के एक-एक महीने में क्रमशः मिथुन , कर्क , सिंह , कन्या , तुला , वृश्चिक , धनु, मकर , कुम्भ और मीन राशि में आ जाते हैं। जबकि पाश्चात्य ज्योतिषियों के हिसाब से  22 मार्च से 22 अप्रैल तक जन्मलेने वाले मेष राशि में  आ जाते हैं, पुनः 22 अप्रैल के बाद जन्म लेनेवाले वृष, उसके बाद के महीने में क्रमशः मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और कुम्भ सूर्य राशि में। 

Zodiac sign by name

जोडिएक की जिस राशि में चन्द्रमा मौजूद होता है , उसके नक्षत्रों के आधार पर हमारे नाम रखे जाते हैं। यदि उस आधार पर हमारा नाम रखा गया हो तो नाम के आधार पर हम अपना जोडिएक sign निश्चित कर सकते हैं।  पर बिना किसी ग्रहीय स्थिति को देखे यूँ ही नाम रख दिया गया हो तो आप नाम के आधार पर अपना जोडिएक sign निश्चित नहीं कर सकते हैं। 


Zodiac sign Lagna

ज़ोडियक में और जो राशि सबसे महत्वपूर्ण है, वह किसी व्यक्ति का लग्न है। इस लेख में  लग्न के बारे में जानकारी दी गयी है। 

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