समाज से ज्योतिषीय एवं धार्मिक भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से पेटरवार के वन एवं पर्यावरण विभाग के सभागार में अविभाजित बिहार के वित्त राज्य मंत्री रह चुके श्री छत्रु राम महतो की अध्यक्षता में ‘गत्यात्मक ज्योतिषी…
कुणाल की आंखों पर उसकी सौतेली मां की नजर थी , कारण यह था कि उसकी आंखें बहुत ही खूबसूरत थी और उसकी तथाकथित मां उन आंखों पर मोहित थी। लाख कोशिश के बाद भी जब वह उन आंखों को हासिल न कर सकी तो अपने पति से उसकी शिकायत कर , उसपर छेड़खा…
महाकालेश्वर के उद्भव के बारे में मान्यता है कि भगवान शिव के परम भक्त उज्जयिनी के राजा चंद्रसेन को एक बार उनके शिवगणों में प्रमुख मणिभद्र ने तेजोमय 'चिंतामणि' प्रदान की, जिसे गले में धारण देखकर दूसरे राजाओं ने उसे पान…
बौद्ध धर्म की शिक्षा और सिद्धांत बौद्ध धर्म एक अनीश्वरवादी धर्म है, इसके अनुसार कर्म ही जीवन में सुख और दुख लाता है। भारत ही एक ऐसा अद्भूत देश है जहां ईश्वर के बिना भी धर्म चल जाता है। ईश्वर के बिना भी बौद्ध धर्म को सद्धर्म…
खगोलीय घटनाओं और दृश्यों में रूचि रखने वाले लोगों के लिए 5 और 6 मई की रात कुछ खास है , क्योंकि इस वक्त चांद पूरे वर्ष के हिसाब से सबसे चमकीला और बड़ा नजर आएगा। ऐसे संयोग पूर्णिमा के दिन ही बनते हैं और चूंकि चांद धरती के सबसे …
‘ज्योतिष : सच या झूठ’ नामक अपने ब्लॉग में जहां एक ओर ज्योतिष की समस्त कमजोरियों को स्वीकार किया है , वहीं दूसरी ओर इसके उज्जवल पक्ष की मैने वकालत भी की है। मैं इस विद्या का अंध भक्त नहीं हूं , फिर भी मैने पाया कि इस व…
हमारे पास व्यक्तिगत उत्सुकता से भरे ज्योतिष प्रेमी पाठकों के पत्र नियमित तौर पर आते रहते हैं , शोध कार्यों में व्यस्तता के कारण बहुत कोशिश के बाद भी सबको जबाब दे पाना संभव नहीं होता है, हालांकि बहुतों की जिज्ञासा का मैने स…
हमारे देश में तरह तरह के अंधविश्वास फैले हुए हैं , ताज्जुब है कि अंधविश्वासों के चक्कर में सिर्फ अनपढ , गरीब निम्न स्तरीय जीवन जीनेवाले ही नहीं हैं , बल्कि पढे लिखे और अमीर लोगों का तबका भी अंधविश्वासों से बाहर नहीं है। …
हमारे देश में प्राचीन काल से जो दर्शन मौजूद है इसकी सबसे बडी शक्ति इसका लचीलापन है। कुछ भी विचार , जो ईश्वर, समाज या राजनीति से सम्बन्धित है, इसके दर्शन का अंग बन सकता है। सभी महापुरूषों के विचारों को सुनना , अमल करना यहां के …
रंग हमारे मन और मस्तिष्क को काफी प्रभावित करते हैं। कोई खास रंग हमारी खुशी को बढा देता है तो कोई हमें कष्ट देने वाला भी होता है। जिस तरह यदि हम प्रकृति के निकट हों , तो खुद को फायदा पहुंचाने वाले वस्तुओं की ओर हमारा ध्यानाकर्…