हमारे यहां पाठकों के लिए नि:शुल्‍क जानकारी प्राप्‍त करने की सुविधा चल रही है ....

April 28, 2012
 हमारे पास व्‍यक्तिगत उत्‍सुकता से भरे ज्‍योतिष प्रेमी पाठकों के पत्र नियमित तौर पर आते रहते हैं , शोध कार्यों में व्‍यस्‍तता के कारण बहुत कोशिश के बाद भी सबको जबाब दे पाना संभव नहीं होता है, हालांकि बहुतों की जिज्ञासा का मैने समाधान भी किया है। पिछले लेख में मैने लिखा था कि अर्थप्रधान युग में भविष्‍य के प्रति आशंका से अंधविश्‍वास और बढता जा रहा है। अंधविश्‍वास का मूल कारण अज्ञानता है , आग , वर्षा, बाढ , बिजली, रोग, भूकंप, चंद्रग्रहण , सूर्यग्रहण आदि घटनाओं के बारे में पर्याप्‍त जानकारी न होने से आदिम मानव के मध्‍य इन्‍हें लेकर अंधविश्‍वास था। पर जैसे जैसे रहस्‍यों का पर्दाफाश होता गया , अंधविश्‍वास समाप्‍त होता गया। प्रकृति के रहस्‍यों की जानकारी के बाद बहुत सारे अंधविश्‍वास समाप्‍त होते चले गए , यदि आज समाज में कुछ अंधविश्‍वास प्रचलित हैं , तो इसकी वजह कुछ ऐसे रहस्‍य हैं , जिनका पता विज्ञान नहीं लगा सका है।

1981 से अबतक पच्‍चीस तीस हजार जन्‍मकुंडलियों के विश्‍लेषण के बाद ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ का दावा है कि समय समय पर आनेवाली मनुष्‍य की हर अच्‍छी भली परिस्थिति के पीछे उसके जन्‍मकालीन और गोचर के ग्रहों का हाथ होता है और इसे समझा और समझाया जा सकता है। जन्‍म के ग्रहों से उनके जीवन में आनेवाली विभिन्‍न संदर्भों की परिस्थितियों और उनके जीवन के उतार चढाव की जानकारी देने के लिए मैने नि:शुल्‍क सेवा शुरू की है ,

जो विवरण भेजे जा चुके हैं , उनके बारे में प्रत्‍येक रविवार को हमारे यहां से दिन 11 बजे से 1 बजे के मध्‍य इसी फोन पर जानकारी ली जा सकती है , हम प्रकृति से प्राप्‍त सुख दुख के संदर्भों और उसकी जीवन यात्रा के बारे में उन्‍हें जानकारी देने की कोशिश करेंगे। जबाब देते हुए लिखने की तुलना में मौखिक तौर पर बताना आसान है , इसलिए पिछले सप्‍ताह बहुत सारे पाठकों को उनकी  ही जानकारी देने में कामयाबी मिली , अभी कुछ दिनों तक यह सुविधा चलती रहेगी। अपने विवरण एस एम एस करने से पहले पिछले लेख को अच्‍छी तरह पढ लें।

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12 Komentar
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ब्लॉगिंग में एक अच्छी शुरुआत !
साधुवाद !

Balas
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रत्‍येक रविवार को हमारे यहां से 1 बजे से दो बजे के मध्‍य बस
समय कम पढ़ जाएगा जवाब देने के लिए
अभी भेजता हूँ जी sms

Balas
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दर्शन लाल बवेजा जी .. समय बढा दिया गया है .. एक की जगह दो घंटे 11 बजे से 1 बजे तक कर दिया गया है।

Balas
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वाह...बहुत सुन्दर, सार्थक और सटीक!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Balas
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वाह...बहुत सुन्दर, सार्थक और सटीक!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Balas
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अच्‍छी पहल... ज्‍योतिष के क्षेत्र में इस तरह के प्रयासों की बहुत जरूरत है...

Balas
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बढिया सुविधा दी है आपने, एस एम एस वाला आईडिया बढिया है, किस कम्पनी से टाईअप किया हैं ? :)))

Balas
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एक सार्थक प्रयास

हिंदी इन्टरनेटीय जीवन में निशुल्क सलाह/ विमर्श के लिए क़ानून के क्षेत्र में दिनेशराय द्विवेदी जी हैं अब आप हो गईं ज्योतिष क्षेत्र में

विज्ञान वाला कोई है क्या?

Balas
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नमस्कार .....
मुझे मेरा जन्म समय सही ज्ञात नहीं हे शायद ४० मिनिट का अंतर आ सकता हे मुझे क्या करना चाहिए कृपया मार्गदर्शन दें

Balas