2021 में रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव ?

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में छठे नंबर पर रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. प्रभाव की स्थिति मजबूत बनी रहनी चाहिए। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की प्रचुरता होनी चाहिए। ऋण-ग्रस्तता जैसी मुसीबतों से छुटकारा मिलना चाहिए। किसी से शत्रुता नहीं बढ़नी चाहिए। किसी झंझट से जूझने में हिम्मत की प्रचुरता बनी रहनी चाहिए। उलझनों या चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाने में सफलता मिलनी चाहिए।
  2. प्रभाव कमजोर रह सकता है। किसी झ़ंझ़ट को लेकर मन में भय बना रह सकता है। हिम्मत की कमी हो सकती है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता की कमी बन सकती है। ऋणग्रस्तता का संकट आ सकता है। शत्रुता बढ़ सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। रोग-प्रतिरोधक-क्षमता बढ़ी रहनी चाहिए। ऋणग्रस्तता की समाप्ति की संभावना बनी होनी चाहिए। प्रभाव को मजबूत बनाने के उपाय पर ध्यान बना होना चाहिए। प्रभावशाली लोगों से आपके संबंध की मजबूती बननी चाहिए। शत्रु पर विजय प्राप्त होनी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। रोग, ऋण या शत्रु से सम्बंधित कोई झंझट उपस्थित हो सकता है। झंझटों को सुलझाने में माथापच्ची बनी रह सकती है। प्रभावशाली लोगों की मदद प्राप्त करने के लिए कोशिश बनी रहेगी।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।



कल के प्रेम-सम्बन्ध, दांपत्य-जीवन, घर-गृहस्थी  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।

2021 में पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी ?

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में पांचवें नंबर पर पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी, आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी, आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. बुद्धि को सहज ढंग से काम करना चाहिए। पढ़ने-लिखने का अच्छा वातावरण बनना चाहिए। संतान पक्ष का माहौल भी अच्छा होना चाहिए। संतान पक्ष के अन्य कार्यों में भी सफलता मिलते रहनी चाहिए।
  2. बुद्धि की तीक्ष्णता में कुछ कमी रहती है। संतान के कष्ट भी मौजूद हो सकते हैं। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का माहौल कमजोर रह सकता है । बच्चों से सम्बंधित किसी अन्य मामलों की कठिनाई भी उपस्थित हो सकती है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी, का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। पढाई-लिखाई के मामलों के लिए महत्वपूर्ण समय होना चाहिए। बुद्धि-ज्ञान के स्तर को बढ़ाने की कोशिश जारी रहनी चाहिए। संतान पक्ष के मामलों में भी महत्वपूर्ण और याद रखने लायक कार्यक्रम बनने चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। पढाई-लिखाई के मामलों की कुछ समस्या उपस्थित हो सकती है। इन मामलों में अधिक मेहनत की जरूरत पड़ सकती है। संतान पक्ष की किसी समस्या को सुधार न पाने का तनाव बन सकता है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी, के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----

कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।

कल के रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।

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कोई दिन किसी बात के लिए खास होता है, पिछले दो दिनों में  किसी को व्हाट्सप्प या मेसेंजर पर अपने एप्प की जानकारी देते हुए मेसेज भेजा, तो जवाब में कई मामले ऐसे आये, जहाँ सामनेवाले ने बोला कि उन्होंने अपनी कुंडली दिखने के लिए मुझसे संपर्क किया था और मैं उन्हें जवाब नहीं दे सकी थी। मैंने तो उन्हें पिछले साढ़े तीन साल के जीवन का हिसाब किताब दे दिया कि पिछले एक साल मैं इस एप्प के प्रोजेक्ट को लेकर व्यस्त रही, उसके पहले के साल दोनों पक्ष की माताजी को खोया।  उसके पहले के डेढ़ साल सासु माँ बिस्तर पर रहीं मेरे ही साथ। उससे पहले भी कई साल कुछ न कुछ पारिवारिक समस्या में ही व्यतीत हुए । 

आज fb खोलते ही उसके द्वारा याद करने वाले कई साल पूर्व के मेरे स्टेटस में कई स्टेटस ऐसे ही दिखाई पड़े। 

24-01-2014 --. कभी कभी मेरी इच्‍छा लोगों को ग्रहों के प्रभाव से संबंधित ऐसी ट्रेनिंग देने की होती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ज्‍योतिषी के पास जाने की लोगों की निर्भरता ही खत्‍म हो जाए , क्‍योंकि मैं अकेली कितने लोगों को गाइड कर सकूंगी ?
24-01-2012----. जन्‍म विवरण के साथ प्रतिदिन दो चार मेल आते हैं, हमारा भविष्‍य बताइए। लोग यह नहीं जानते कि उनका भविष्‍य उनके परिवेश , कर्म और उनकी संगति पर आधारित होते हैं।  'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' का जानकार 'समय विशेषज्ञ' होता है। आपके कर्म के मार्ग में कबतक बाधाएं आएंगी और उनका का यथोचित फल कब मिलेंगा, बस इतनी ही जानकारी दे सकते हैं हमलोग !!
24-01-2014 ---. ज्‍योतिष के महत्‍व के बारे में लिखूंगी तो लोग कहीं न कहीं तो जाकर फंसेंगे ही। गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष के प्रचार के साथ साथ समाज में ज्ञान के प्रसार के लिए मेरा कार्यक्रम बहुत बढिया है। यह श्रद्धा और आस्‍था पर नहीं विज्ञान पर विश्‍वास करता हे। मैं लोगों को सारे प्रमाण देकर समझाऊंगी , पर लोग तन , मन और धन से थोडा बहुत सहयोग करें तभी संभव है।

कई सालों में मैं तन, मन, धन सब खुद ही लगाकर इस एप्प को आपके सहयोग के लिए प्रस्तुत कर रही हूँ।  अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर इस एप्प को समझने की आवश्यकता है, यह एप्प आपके भविष्य के लिए मददगार साबित होगा।  मुझसे शिकायत हो सकती है, इस एप्प  से कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए आपको, हमारा भरोसा है।

2021 में माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु ?

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में चौथे नंबर पर माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।


  1. वाहन और छोटी-बडी संपत्ति का सुख मिलना चाहिए। माता पक्ष से सुख और सहयोग बना रहना चाहिए। माता से विचारों का तालमेल भी होना चाहिए। सुख-सुविधा, आराम प्रदान करने वाली वस्तुओं का लाभ होना चाहिए।
  2. माता से सुख में कमी मिल सकती है। माता से विचारों का तालमेल नहीं हो सकता है। हर प्रकार की संपत्ति कष्ट देनेवाली सिद्ध हो सकती है। वाहन या सुख-सुविधा का अभाव बना रह सकता है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। माता महत्वपूर्ण होनी चाहिए। स्तरीय संपत्ति प्राप्त होनी चाहिए। स्थायित्व मजबूत होना चाहिए। वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति के लिए कार्य होते रहना चाहिए। कोई सुख-सुविधा प्राप्त करने के लिए मेहनत बनी रहनी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। माता पक्ष की कमजोर स्थिति को सुधारने का कोई विकल्प दिखाई नहीं दे सकता है । किसी संपत्ति से सम्बंधित भी कोई समस्या आ सकती है। वाहन या सुख देने वाली किसी छोटे-बड़े सामान की हानि से उबरने का प्रयास बन सकता है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----

कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।


कल के पढ़ाई-लिखाई, निर्णय-शक्ति, संतान, उत्तराधिकारी,  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।


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2021 में भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी ??

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जब आप हमारे एप्प के वार्षिक पूर्वानुमान लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको DROPDOWN में तीसरे नंबर पर भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी आदि से सम्बंधित भविष्यवाणियाँ दिखाई देंगी। निःशुल्क सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप यहाँ आपके भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी आदि मामलों में  कई तरह की बातें पूरे दो साल तक के लिए कई समय-अंतराल देकर लिखी हुई होंगी।

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  1. भाई बहनों का सुख प्राप्त होता रहना चाहिए। उनसे विचारों का तालमेल बना होना चाहिए। बंधु -बांधवों से भी सहयोग मिलता रहना चाहिए। पडोसी, सहपाठी, सहकर्मी से भी अच्छा तालमेल बना होना चाहिए।
  2. भाई-बहन के सुख में कमी हो सकती है। उनकी जवाबदेही बनी रह सकती है। बंधु-बांधवों से भी संबंधों में गड़बड़ी आ सकती है। सहकर्मियों से भी सुख नहीं मिल सकता है। उनसे विचारों का तालमेल भी नहीं हो सकता है।
ऊपर लिखे गए दोनों तरह  पूर्वानुमान सामान्य से कुछ अच्छी और सामान्य से कुछ बुरी स्थिति की जानकारी देता है , इसमें बहुत बड़ी बात नहीं होती, जबतक भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी का प्रतिनिधित्व करनेवाले आपके जन्मकालीन ग्रह कमजोर न हों और आपके ये मामले सेंसिटिव न चल रहे हों। लेकिन जब ऐसे पूर्वानुमान लिखे गए हों ---------


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित सफलता, ख़ुशी या आनंददायक वातावरण मिलना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए इन मामलों में पूरा ध्यान बना रहना चाहिए। इस दिशा में किया जानेवाला मेहनत भी फलदायी होना चाहिए। भाई.बहन महत्वपूर्ण बने होने चाहिए। उनके साथ आपके महत्वपूर्ण और याद रखने लायक कार्यक्रम बने होने चाहिए। बंधु-बांधव बड़े स्तर के होने चाहिए। फॉलोवर्स की प्रचुरता बनी रहनी चाहिए।
  2. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से सम्बंधित असफलता , कष्ट या दवाबभरा वातावरण उपस्थित हो सकता है , जिसको सुधारने के लिए इन मामलों पर पूरा ध्यान बना रह सकता है। यह किनके लिए कितना प्रभावी होगा , इसे स्पष्टतः समझने और सटीक निर्णय लेने के लिए कभी-कभी हमारा कंसल्टेशन लेना जरूरी महसूस हो सकता है। भाई-बहनों की किसी समस्या को सुधारने के लिए नाकाम प्रयास जारी रह सकता है। बंधु-बांधवों की कमजोर स्थिति के साथ समझौता करने की नौबत आ सकती है।

ऐसे दोनों पूर्वानुमान बहुत ही अच्छी और बहुत ही बुरी स्थिति के संकेतक हैं। हम सामान्य बोलचाल में भी इसे किसी का फॉर्म में होना और किसी का फॉर्म में न होना कहते हैं। इसलिए ऐसी भविष्यवाणियों के पहले अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है।

कभी कभी सामान्य पूर्वानुमान में ऐसी बातें लिखी मिलेंगी -----


  1. कुछ क्रियाशील ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों से संबंधित जिम्मेदारी बढ़नी चाहिए। इन मामलों में या तो स्वयं बदलाव होना चाहिए या परिस्थितियाँ कुछ ऐसी बननी चाहिए कि इनमे मजबूती या बदलाव लाए जाएँ।
देखने में यह पूर्वानुमान बिलकुल सामान्य लग रहा, पर यह समय-अंतराल भी बड़े परिवर्तन देता है। पर यह पॉजिटिव होगा या नेगेटिव, इसे बतलाना अभी के समय में एप्प के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इसे यूँ ही छोड़ दिया गया है।

कहीं-कहीं भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के ऋणात्मक के साथ भी 1 वाक्य जोड़ा गया है , जो ऋणात्मकता के तीव्रता को बढ़ाता है ------


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में मनोनुकूल माहौल के नहीं बनने से या असफलता प्राप्त होने से कुछ निराशा सी बन सकती हैं। इन मामलों के माहौल को बदलने की कोशिशें भी बेकार हो सकती हैं।
लेकिन  इस तरह के  वाक्यों के रहने से बाधाएं बहुत मामूली रहेंगी -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों में सम्बन्ध की गड़बड़ी या इससे सम्बंधित किसी कार्य के आगे न बढ़ने जैसी थोड़ी बाधा आ सकती हैं। पर उसके बाद माहौल अनुकूल होना चाहिए।
किसी समय में ऐसे वाक्य हों तो -----


  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों की कुछ कमजोरी बनी रह सकती हैं । ऐसे समय में कोई बड़ा कदम उठाने से झंझट बढ़ सकते हैं।
इन मामलों में जबतक जरूरी न हो, कोई काम न शुरू करें।

किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----

  1. कुछ अशुभ ग्रहों के प्रभाव से ये सारे मामले कठिनाई या असफलता उपस्थित कर किसी मामले से सम्बंधित वातावरण को ऋणात्मक बना सकते हैं , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव बुरा पड सकता है।

इसके अतिरिक्त भविष्यवाणियों में किसी समय में ऐसे वाक्य हो सकते हैं  -----


  1. कुछ शुभ-ग्रहों के प्रभाव से इन मामलों के द्वारा सुख या सफलता मिलने से किसी मामले से सम्बंधित वातावरण सकारात्मक दिखाई देना चाहिए , जिसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव अच्छा पड़ना चाहिए।


कल के माता , संपत्ति, वाहन, सुख प्रदान करने वाली वस्तु  मामलों में ऐसी ही चर्चा  होगी।

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