एप्प : भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति

Click here to install and see sibling Horoscope in Hindi for tomorrow

Read More about our app

आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। भाई-बहन के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि भाई-बहन के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।

horoscope in hindi for tomorrow


1. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो उनसे वाद-विवाद या उनके सहयोग की कमी के कारण थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

2. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में  ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन की गड़बड़ी होते हुए भी मन की मजबूती बनी रहती है।

3. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

4. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम, कुछ प्रयोग शुरू किये जा सकते हैं।

5. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

6. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

7. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

8. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति थोड़ी गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

9. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

10. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

11. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके साथ सुखदायक माहौल के बनाने की संभावना होती है ।

12.'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

13. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

14. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

15. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन भाई-बंधू को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

16. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

17. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर भाई-बंधु की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी को लेकर थोड़े सावधान रहें।



एप्प : धन-कोष , साख , परिवार की स्थिति

Click here to install and see Money Horoscope in Hindi

Read More about our app


आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन धन-कोष , साख , परिवार की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। धन के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि आर्थिक मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।

Money Horoscope in Hindi


1. 'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो धन की कमी के कारण थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

2. 'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में  ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो धन की गड़बड़ी होते हुए भी मन की मजबूती बनी रहती है।

3. 'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो आर्थिक कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

4. 'धन-कोष , साख , परिवार - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, धन-कोष के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय आर्थिक मामलों के कुछ रुके काम, कुछ प्रयोग शुरू किये जा सकते हैं।

5. 'धन-कोष , साख , परिवार - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

भावार्थ -  जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर धन की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

6. 'धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'
7. धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।
8. धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

भावार्थ -  जिस दिन भी धन के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो आर्थिक स्थिति थोड़ी गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए आर्थिक मामलों को लेकर सावधानी बरतें।

9. 'धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'
10. 'धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'
11. 'धन-कोष , साख , परिवार - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

भावार्थ -  जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो धन की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन कोष की बढ़ोत्तरी की संभावना होती है ।

12.'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'
13. 'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'
14. 'धन-कोष , साख , परिवार - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग इन मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

15. 'धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके धन-कोष के लिए अधिक बुरा होता है, हर स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन धन से सम्बंधित कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

16. 'धन-कोष , साख , परिवार - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलो  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर धन की कमजोरी उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

17. धन-कोष , साख , परिवार - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।

भावार्थ - जिस दिन भी आर्थिक मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर धन की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए धन को लेकर सावधानी बरतें।


एप्प : स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास की स्थिति

Click here to install and see daily Health Horoscope in Hindi

Read More about our app

आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन स्वास्थ्य, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। स्वास्थ्य के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि आप स्वास्थ्य पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।

health horoscope in hindi
1. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो स्वास्थ्य की गड़बड़ी के कारण थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

2. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो स्वास्थ्य की गड़बड़ी होते हुए भी मन की मजबूती बनी रहती है।

3. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो स्वास्थ्य की किसी गड़बड़ी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

4. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय स्वास्थ्य के मामलों के कुछ रुके काम, कुछ प्रयोग शुरू किये जा सकते हैं।

5. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

भावार्थ -  जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

6. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'
7. स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।
8. स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

भावार्थ -  जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर स्वास्थ्य की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतें।

9. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'
10. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'
11. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

भावार्थ -  जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

12.'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'
13. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'
14. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग इन मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

15. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके स्वास्थ्य के लिए अधिक बुरा होता है, हर स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

16. 'स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर हलकी बाधा उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

17. स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।

भावार्थ - जिस दिन भी स्वास्थ्य के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर स्वास्थ्य की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतें।

गत्यात्मक ज्योतिष, Changing World में Kundli को देखने का नया Scientific दृष्टिकोण

 

गत्यात्मक ज्योतिष, Changing World में Kundli को देखने का नया Scientific दृष्टिकोण 

भूमिका 

 गत्यात्मक ज्योतिष की मूल अवधारणा यह मानती है कि पृथ्वी और इस पर स्थित सभी जड़, चेतन और जीव निरंतर विकासशील हैं। दिन-प्रतिदिन पृथ्वी का स्वरूप, वायुमंडल, तापमान, पर्वत, नदियाँ, वन और यहाँ तक कि चट्टानें भी बदल रही हैं। जब प्रकृति परिवर्तनशील है, तो फिर मनुष्य और उसके भाग्य का विश्लेषण स्थिर नियमों से कैसे किया जा सकता है? इसी प्रश्न को गत्यात्मक ज्योतिष ने चुनौती के रूप में लिया है।

🌱 प्रकृति, परिवर्तन और अस्तित्व का नियम 

पर्यावरण के हजारों-लाखों वर्षों के इतिहास का अध्ययन स्पष्ट करता है कि जो जड़-चेतन अपने वातावरण के अनुरूप स्वयं को बदल लेता है, वही टिक पाता है। जो ऐसा नहीं कर पाता, उसका विनाश निश्चित होता है। यही नियम - 

  • वनस्पति

  • जीव-जंतु

  • मनुष्य

  • और यहाँ तक कि सभ्यताओं

पर समान रूप से लागू होता है।

डायनासोर का विनाश: एक चेतावनी 

करोड़ों वर्ष पूर्व डायनासोर जैसे विशाल जीवों का विनाश इस बात का प्रमाण है कि वे पृथ्वी के बदलते तापमान

और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढाल नहीं सके। आकार, शक्ति और संख्या, सब कुछ होते हुए भी अनुकूलन की कमी ने उनका अस्तित्व समाप्त कर दिया।

भेड़ का उदाहरण: जीवंत गत्यात्मकता 

भेड़ ठंडे प्रदेश का प्राणी है। ठंड से बचने के लिए उसके शरीर में -

  • मोटे

  • घने

  • गर्म

 रोएँ होते हैं। यदि उसी भेड़ को गर्म प्रदेश में रखा जाए, तो रोएँ बनने की मात्रा कम हो जाती है ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे, यही गत्यात्मक अनुकूलन है।

 शास्त्र, समाज और युग परिवर्तन 

  • परिवर्तन का प्रभाव केवल जीवों तक सीमित नहीं है। 

  • भाषाओं का साहित्य युग के साथ बदलता है

  • नीतिशास्त्र समयानुसार नीतियाँ बदलता है

  • राजनीतिशास्त्र विभिन्न युगों में अलग सरकारों को महत्व देता है

  • औषधि-शास्त्र निरंतर नई चिकित्सा पद्धतियाँ अपनाता है

आज हर - 

  • आर्थिक

  • सामाजिक

  • मानसिक

स्तर के लिए अलग उपचार प्रणाली उपलब्ध है।

❓ तो फिर ज्योतिष क्यों स्थिर? 

हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी ज्योतिष के अधिकांश नियम आज भी प्राचीन ग्रंथों के अनुवादों तक सीमित हैं जबकि 

  • समाज बदल चुका है

  • मानसिकता बदल चुकी है

  • जीवन-शैली पूरी तरह बदल चुकी है

तो क्या ज्योतिष को भी समय के अनुरूप नहीं बदलना चाहिए? यही प्रश्न गत्यात्मक ज्योतिष का आधार है।

गत्यात्मक ज्योतिष: कुंडली देखने का नया तरीका 

गत्यात्मक ज्योतिष कहता है कि कुंडली को  Static नहीं, Dynamic रूप में देखना चाहिए।

  • कुंडली को स्थैतिक ढंग से नहीं देखना चाहिए

  • ग्रहों का प्रभाव समय के साथ बदलता है

  • भावों का अर्थ युग के अनुसार परिवर्तित होता है

छठा भाव (6th House Astrology): पुरातन

प्राचीन काल में - 

  • रोग

  • ऋण

  • शत्रु

तीनों ही जीवन को लगभग नष्ट कर देते थे। बीमारी = लगभग निश्चित मृत्यु, ऋण = पीढ़ियों तक गुलामी,  शत्रुता = जीवनभर मुकदमे और संघर्ष।  इसलिए ज्योतिष में छठे भाव को अशुभ माना गया।

आधुनिक युग में छठे भाव का नया अर्थ 

आज

  • चिकित्सा विज्ञान अत्यंत उन्नत है

  • ऋण विकास का साधन बन चुका है

  • प्रतियोगिता सफलता का मार्ग है

 गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार यदि छठे भाव में ग्रह गत्यात्मक और स्थैतिक रूप से मजबूत हों, तो जातक - 

  • सफल डॉक्टर

  • न्यायाधीश

  • प्रशासक

  • प्रभावशाली व्यवसायी

बन सकता है।

आठवाँ भाव (8th House Astrology): पुरातन

प्राचीन काल में आठवाँ भाव - 

  • मृत्यु

  • अपंगता

  • जीवन का अंत

माना जाता था। 

आधुनिक युग में आठवें भाव का नया अर्थ 

आज - 

  • कृत्रिम अंग

  • उन्नत सर्जरी

  • आधुनिक उपचार

ने मृत्युतुल्य कष्टों को भी जीवन योग्य बना दिया है।

 गत्यात्मक दृष्टि से आठवाँ भाव 

यदि आठवें भाव में ग्रह मजबूत हों, तो जातक - 

  • नवाचार कर सकता है। 

  • शोधकर्ता बन सकता है। 

  • समाज सुधारक हो सकता है। 

  • जीवन की समस्याओं का समाधान खोज सकता है। 

यदि ग्रह कमजोर हों, तो कष्ट संभव है, पर वह केवल उस ग्रह के दशा-काल में ही प्रभावी होता है।

बारहवाँ भाव (12th House Astrology): खर्च या क्षमता? 

प्राचीन काल में

  • खर्च = संकट

  • बचत = सुरक्षा

  • विदेश भेजना = दंड 

इसलिए 12वें भाव को कष्टकारी माना गया था।

आधुनिक युग में 12वें भाव का अर्थ आज

  • खर्च व्यक्ति की क्रय-शक्ति दिखाता है

  • बड़ा खर्च = बड़ा स्तर

  • निवेश = विकास

  • विदेश जाना = सफलता 

गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार, यदि 12वें भाव में ग्रह मजबूत हों - 

  • बाहरी संबंध सशक्त होते हैं। 

  • अंतरराष्ट्रीय अवसर मिलते हैं। 

  • जीवन स्तर ऊँचा होता है। 

कमजोर ग्रह होने पर - 

  • खर्च को लेकर तनाव

  • असुरक्षा की भावना

देखी जाती है।

निष्कर्ष

समयानुकूल ज्योतिष ही भविष्य है, यदि डायनासोर अनुकूलन न कर पाने से समाप्त हो सकता है। शास्त्र समयानुसार बदल सकते हैं तो ज्योतिष को भी युग के अनुसार विकसित होना ही होगा। गत्यात्मक ज्योतिष यही सिखाता है, कुंडली को समय, समाज और परिस्थिति के साथ जोड़कर देखना। जो बदलता है, वही टिकता है और जो समय के साथ स्वयं को ढाल ले, वही शास्त्र बनता है। गत्यात्मक ज्योतिष उसी परिवर्तनशील सत्य की अभिव्यक्ति है।

❓ FAQs – Google People Also Ask 

🔹 गत्यात्मक ज्योतिष क्या है? 

यह ग्रहों की गति तथा सूर्य और पृथ्वी के सापेक्ष ग्रहों की कोणिक दूरी के आधार पर देखी  जानेवाली गत्यात्मक शक्ति के आधार पर कुंडली देखने की आधुनिक प्रणाली है।

🔹 क्या 6th, 8th और 12th भाव हमेशा अशुभ होते हैं? 

नहीं, गत्यात्मक दृष्टि से मजबूत ग्रह इन भावों में भी सफलता देते हैं।

🔹 क्या यह ज्योतिष प्राचीन ग्रंथों के विरुद्ध है? 

नहीं, यह उनके सिद्धांतों को आधुनिक युग में लागू करने का प्रयास है।

🔹 क्या आम व्यक्ति इसे समझ सकता है?

 हाँ, यह प्रणाली व्यावहारिक और जीवन से जुड़ी हुई है।


'गत्यात्मक ज्योतिष' आधारित धारणा पर संगीता पुरी की ई-पुस्तकों को प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें!

कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, ताकि ज्योतिष से सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचे। नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

    प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें।

     


    50 वर्षों से ज्योतिष के क्षेत्र में हमारे पिताजी श्री विद्यासागर महथा जी के द्वारा, 30 वर्षों से हमारे तथा 10-15 वर्षों से हमारे परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा किये जा रहे अध्ययन-मनन और रिसर्च से पहले हमने जन्मकालीन ग्रहों की गत्यात्मक और स्थैतिक शक्ति को समझते हुए उस आधार पर किसी भी व्यक्ति के जीवन के उतार-चढ़ाव का ग्राफ, उसके जीवन के सभी मामलों के सुख-दुःख का चार्ट बनाकर उसके पूरे जीवन की यात्रा को समझाने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया था। उस सॉफ्टवेयर द्वारा निकले गए जीवनग्राफ की प्रमाणिकता पर बहुतों ने मुहर लगायी थी, पर उस वक्त उपलब्ध तकनीक की सीमा के कारन इस एप्प की तरह एक-एक हाथ में आने में समर्थ नहीं हो पाया। 

    हमारा रिसर्च आगे बढ़कर एंड्राइड गत्यात्मक एप्प तैयार कर प्लेस्टोर में पहुँचा चुका है। इसे इनस्टॉल करके आप SIGNUP करेंगे तो अन्य जानकारियों के साथ साथ आपको अपना जन्म-दिन, जन्म-समय और जन्म-स्थान भी सबमिट करना पड़ेगा। इसके बाद ईमेल वेरिफिकेशन करके लॉगिन कर आप अपना दैनिक और वार्षिक समययुक्त भविष्यफल प्राप्त कर सकते हैं। दिसंबर 2020 तक के भविष्यफल को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए आपको मेनू के सब्सक्रिप्शन में दोनों सर्विस सेलेक्ट करके पेमेंट में जाना होगा। UPI के अंदर PAYTM में कोई भी 10 अंक का उपयोग करके भविष्यफल को अनलॉक किया जा सकता है, कोई पैसे नहीं देने पड़ते हैं। 

    चंद्र राशि, सूर्य राशि या लग्न राशिफल से इतर गत्यात्मक ज्योतिष की सहायता से आपके जन्मकालीन सभी ग्रहों का वर्तमान में चल रहे सभी ग्रहों से तालमेल बिठाकर यह एप्प आपके लिए भविष्यफल खुद तैयार करता है। भविष्यफल सामान्य हो या एक लाइन में परिणाम हो तो ग्रहों की तीव्रता कम होती है, पर यदि भविष्यफल सकारात्मक या ऋणात्मक हो, भविष्यफल में लिखी लाइन अधिक हों तो ग्रहों की तीव्रता अधिक रहती है। इसलिए उस वक्त अधिक सकारात्मक या अधिक ऋणात्मक फल की उम्मीद होती है। इस समय क्या करना चाहिए, एप्प में यह भी स्पष्ट लिखा होगा। बिना पैसे खर्च किये ग्रहों के प्रभाव को समझने के लिए आजतक ऐसा एप्प नहीं बना है। इसे अवश्य इनस्टॉल करें और प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें। 

    'गत्यात्मक ज्योतिष' आधारित सूत्रों पर जीवन के लगभग सभी सन्दर्भों की प्रतिदिन, प्रतिवर्ष के सटीक भविष्यफल के लिए प्लेस्टोर से हमारे एप्प को इनस्टॉल करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें !

     मै इस चैनल पर निःशुल्क ज्योतिष सिखला हूँ , चैनल को सब्सक्राइब करें ,  वीडियोज को देखक्रर ज्योतिष का ज्ञान प्राप्त करें , उन्हें लाइक और शेयर करें , ताकि चैनल की रफ़्तार तेज हो और आपको नयी नयी जानकारिया मिलती रहें। 

    कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, ताकि ज्योतिष से सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचे। नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।