प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें।

adjust with Nature


50 वर्षों से ज्योतिष के क्षेत्र में हमारे पिताजी श्री विद्यासागर महथा जी के द्वारा, 30 वर्षों से हमारे तथा 10-15 वर्षों से हमारे परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा किये जा रहे अध्ययन-मनन और रिसर्च से पहले हमने जन्मकालीन ग्रहों की गत्यात्मक और स्थैतिक शक्ति को समझते हुए उस आधार पर किसी भी व्यक्ति के जीवन के उतार-चढ़ाव का ग्राफ, उसके जीवन के सभी मामलों के सुख-दुःख का चार्ट बनाकर उसके पूरे जीवन की यात्रा को समझाने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया था। उस सॉफ्टवेयर द्वारा निकले गए जीवनग्राफ की प्रमाणिकता पर बहुतों ने मुहर लगायी थी, पर उस वक्त उपलब्ध तकनीक की सीमा के कारन इस एप्प की तरह एक-एक हाथ में आने में समर्थ नहीं हो पाया। 

हमारा रिसर्च आगे बढ़कर एंड्राइड गत्यात्मक एप्प तैयार कर प्लेस्टोर में पहुँचा चुका है। इसे इनस्टॉल करके आप SIGNUP करेंगे तो अन्य जानकारियों के साथ साथ आपको अपना जन्म-दिन, जन्म-समय और जन्म-स्थान भी सबमिट करना पड़ेगा। इसके बाद ईमेल वेरिफिकेशन करके लॉगिन कर आप अपना दैनिक और वार्षिक समययुक्त भविष्यफल प्राप्त कर सकते हैं। दिसंबर 2020 तक के भविष्यफल को निःशुल्क प्राप्त करने के लिए आपको मेनू के सब्सक्रिप्शन में दोनों सर्विस सेलेक्ट करके पेमेंट में जाना होगा। UPI के अंदर PAYTM में कोई भी 10 अंक का उपयोग करके भविष्यफल को अनलॉक किया जा सकता है, कोई पैसे नहीं देने पड़ते हैं। 

चंद्र राशि, सूर्य राशि या लग्न राशिफल से इतर गत्यात्मक ज्योतिष की सहायता से आपके जन्मकालीन सभी ग्रहों का वर्तमान में चल रहे सभी ग्रहों से तालमेल बिठाकर यह एप्प आपके लिए भविष्यफल खुद तैयार करता है। भविष्यफल सामान्य हो या एक लाइन में परिणाम हो तो ग्रहों की तीव्रता कम होती है, पर यदि भविष्यफल सकारात्मक या ऋणात्मक हो, भविष्यफल में लिखी लाइन अधिक हों तो ग्रहों की तीव्रता अधिक रहती है। इसलिए उस वक्त अधिक सकारात्मक या अधिक ऋणात्मक फल की उम्मीद होती है। इस समय क्या करना चाहिए, एप्प में यह भी स्पष्ट लिखा होगा। बिना पैसे खर्च किये ग्रहों के प्रभाव को समझने के लिए आजतक ऐसा एप्प नहीं बना है। इसे अवश्य इनस्टॉल करें और प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें। 


प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें। प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें। Reviewed by संगीता पुरी on February 10, 2020 Rating: 5

2 comments:

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

बिलकुल ठीक ! प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें नहीं तो प्रकृति अपने हिसाब से काम कर देगी, जैसा कि आजकल देखने में आ रहा है !

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

बिलकुल ठीक ! प्रकृति के नियमों के हिसाब से काम करें नहीं तो प्रकृति अपने हिसाब से काम कर देगी, जैसा कि आजकल देखने में आ रहा है !

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