प्रतिदिन के भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति --- कैसे समझे एप्प से ??

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आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। भाई-बहन के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि भाई-बहन के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।

1. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो उनसे वाद-विवाद या उनके सहयोग की कमी के कारण थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

2. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में  ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन की गड़बड़ी होते हुए भी मन की मजबूती बनी रहती है।

3. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

4. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम, कुछ प्रयोग शुरू किये जा सकते हैं।

5. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

6. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

7. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

8. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति थोड़ी गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

9. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

10. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

11. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके साथ सुखदायक माहौल के बनाने की संभावना होती है ।

12.'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

13. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

14. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

15. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन भाई-बंधू को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

16. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी से सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

17. 'भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर भाई-बंधु की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए भाई-बहन, सहपाठी-सहकर्मी को लेकर थोड़े सावधान रहें।



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1 comments:

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2/18/2020 12:02:00 pm ×

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (19-02-2020) को    "नीम की छाँव"  (चर्चा अंक-3616)    पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  

Congrats bro डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' you got PERTAMAX...! hehehehe...
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