प्रतिदिन प्रतिवर्ष भविष्य की जानकारी : ज्योतिष एप्प

 

Click here to install and see Today's Astrology in hindi


प्रतिदिन प्रतिवर्ष जीवन के हर मामलों की जानकारी देनेवाला : हमारा गत्यात्मक ज्योतिष एप्प ,  इनस्टॉल करने के लिए यह वीडियो देखें ! 

कैसा अंतर्विरोध है कि जिस ज्योतिष को लोग अंधविश्वास मानते हैं , उसी ज्योतिष की एक मामूली राशिफल पढने  के लिए आधी आबादी बेचैन भी रहती है , दुनिया भर के पत्र पत्रिकाओं में राशिफल का प्रकाशन और मेरे चिट्ठे पर सर्च इंजिन से ‘राशिफल’ ढूंढते हुए इतने सारे पाठकों का आना इसकी पुष्टि तो अवश्य करता है।  परंतु बात यहीं पर ही समाप्त नहीं होती , राशिफल पढने के बाद अधिकांश लोग फिर इसकी बातों को हंसी मजाक में ही लेते हैं। 

इतने सर्च के बावजूद दुनिया भर के लोगों की इस मानसिकता का कोई अर्थ लगा पाना तो सचमुच बडा मुश्किल है। राशिफल के  रूप में दुनिया भर के लोगों को 12 भाग में विभाजित कर करोडो लोगों के लिए एक विशेष समयांतराल में एक जैसा भविष्यफल का लिखा जाना तो संदेह उत्पन्न करने के लिए काफी है ही , दूसरी ओर विभिन्न पत्रिकाओं में विभिन्न पंडितों द्वारा एक ही राशिफल के लोगों के लिए अलग अलग गणना से ही लोगों का राशिफल से विश्वास उठ जाता है।

Astrology for today in Hindi


astrology for today in Hindi

Aaj ka rashifal Astrology

चंद्र या सूर्य राशिफल पर अधारित भविष्यवाणियों पर मेरा खुद भी विश्वास नहीं , इसलिए मैने (  जानने के लिए अपने पाठकों के लिए हिंदी में  ‘लग्न  राशिफल’ की शुरूआत की थी , इसे शुरू करने से पहले मैने इसकी वैज्ञानिकता के पक्ष में कुछ तर्क भी इस आलेख दिए थे। लग्न राशिफल द्वारा लिखे इस भविष्यफल पर बिल्कुल संदेह नहीं किया जा सकता , सिर्फ अलग अलग लोगों के लिए इसके पॉजिटिव और नेगेटिव में नहीं, सिर्फ इसके स्त‍र में अंतर होता है। इस लग्न राशिफल  की चर्चा विभिन्न ग्रहों की गत्यात्मक शक्ति के आधार पर की जाती है , वे ग्रह सभी लोगों पर प्रभाव डालते हैं , पर विभिन्न लग्नवालों के लिए संदर्भों में भिन्न्ता होती है। 

Today's astrology in Hindi

अब इससे भी आगे बढ़कर हमारा एप्प किसी व्यक्ति के लग्न,  सूर्य और चंद्र को देखकर नहीं,  बल्कि  जन्मकालीन सभी ग्रहों और गोचर यानि अभी चल रहे ग्रहों में आपस के तालमेल को देखते हुए आपपर उनके पड़ने वाले ऋणात्मक,  धनात्मक या सामान्य प्रभाव की चर्चा करेगा,  उन्हें हर कदम पर गाइड भी करेगा. साल के 365 दिनों में से अधिकांश आपके लिए सामान्य होता है,  पर कभी कभी अधिक धनात्मक या ऋणात्मक होता है,  उनकी सुचना आपको पहले से मिल जाये,  उसके उपाय के बारे में आपको पहले से जानकारी मिल जाये, आपको मिल पाए, इसका हमने इस एप्प को विकसित करने में पूरा प्रयास किया है।

Aaj ka rashifal Astrology

Astrology for today in Hindi

आप अपने  फ़ोन के प्लेस्टोर में जाएँ, सर्च बॉक्स में gatyatmak jyotish टाइप करें।  आपको ऊपर जैसे आइकॉन का एक एप्प मिलेगा।  आप इसे इनस्टॉल करें, SignUp करें, पुरे वर्ष के आपके जीवन के विभिन्न मामलों का और प्रतिदिन का सटीक भविष्यफल आपको मिलेगा। दिसंबर तक के लिए यह सुविधा बिलकुल फ्री है।  जनवरी 2021  में  ही आपको पेमेंट करने की आवश्यकता होगी। 'गत्यात्मक ज्योतिष' ज्योतिष की नवीनतम विधा है, जो आपको सटीक सांकेतिक जानकारी प्रदान करती है।  आप अवश्य डाउनलोड करें और प्रतिदिन का भविष्यफल को देखकर उसका अपने जीवन से मैच करें।  आप इसकी सटीकता पर आश्चर्यित हो जाएंगे।  

हमारे एप्प में प्रतिदिन का भविष्यफल इस तरह का दीखता है , सटीकता की बात हमारे एप्प में आये रिव्युज  बताएँगे। 

गत्यात्मक ज्योतिष एप्प - यह एप्प राशिफल नहीं खास आपके लिए भविष्यफल बताता है - इनस्टॉल करें!

कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, ताकि ज्योतिष से सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचे। नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

    कोरोनावायरस और रोग-प्रतिरोधक क्षमता

    Virus coronavirus in India


    Virus coronavirus in India


    देश-विदेश में फैले कोरोनावायरस के छह-आठ महीने के दौर को देखने के बाद अब लोगों को इतना समझ में आ गया है कि मास्क और सोशल डिस्टैन्सिंग के बाद इससे बचने के लिए सबसे बड़ी बात लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता है ! लॉक डाउन के समय ही सरकार के आयुष मंत्रालय ने यह घोषणा कर दी थी, काढ़ा बनाने का प्रोसेस शेयर किया था ! लगभग सभी भारतीय घरों में लोगों ने कोरोना को भयानक बीमारी मानते हुए उससे लड़ने के लिए काढ़े का उपयोग शुरू कर दिया था !


    सिर्फ मंत्रालय द्वारा सुझाया काढ़ा ही नहीं, काढ़े के अलावा प्रायः घरों में सुबह शाम निम्बू पानी, योगा, कुछ विटामिन्स की गोलिया, ऐलोवेरा, गिलोय के साथ रात्रि में हल्दी-दूध पीने के साथ ही सोते वक्त गरम पानी और नमक का गार्गल भी शुरू किया गया ! डेढ़ महीने के लॉक डाउन में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले इतने उपचार ने वास्तव में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया, इसलिए तो अनलॉक के बाद जितने कोरोना रोगी बढ़ते गए, मृत्यु-दर नहीं बढ़ी ! बहुत सारे लोगों को कब कोरोना हुआ और कब ख़त्म भी हुआ पता भी नहीं चला, क्योंकि हर घर में उपचार तो चल ही रहा था ! हालांकि मुझे लगता है कि मास्क और सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन किया जाता तो केसेज भी नहीं बढ़ते, नुकसान की संभावना और कम होती !




    वैसे भी भारतवर्ष में अभी भी आधे से अधिक लोगों को रोजी-रोटी के लिए शारीरिक तौर पर मेहनत करने की आवश्यकता पड़ती है ! मेहनत करने वाले लोगो की खुराक भी अच्छी होती है और प्राकृतिक तौर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ! अधिकांश समय कुर्सी में बैठकर काम करने वाले लोगो में से अधिकांश पिछले एक दो दशक में थाइरोइड, बीपी, मधुमेह और ह्रदय-रोग जैसी बीमारियों से ग्रस्त हुए ! उनमे से स्वास्थ्य पर ध्यान देनेवाले लोगों ने योग करना और दौड़ना-भागना जारी रखा था ! पर कुछ आलस की वजह से सिर्फ एलोपैथी दवा लेकर निश्चिंत बने रहें ! उनके सामने सबसे बड़ा ख़तरा आया, कोरोना से हुई अधिकाँश मौत में ये ही शामिल हैं ! बहुत सारी मौतें अफरा तफरी भरे माहौल के चलते भी हुई हैं !


    किसी भी विपत्ति को दो तरह से झेला जाता है ! जबतक विपत्ति की प्रकृति नहीं मालूम हो, तबतक सावधान रहते हुए उसे समझने की जरूरत होती है ! जैसे ही हम विपत्ति की प्रकृति को समझने लगते हैं, उससे लड़ने का प्रयास करते हैं ! यदि विपत्ति बड़ी हो तो उसका सर्वनाश उचित समझते हैं ! कोरोना नयी बीमारी है, उस हिसाब से इसे हम समझ जरूर चुके हैं ! ऐलोपैथी की तुलना में कम समय में राजस्थान में आयुर्वेद तथा मुम्बई के धारावी में होम्योपैथी से कोरोना को मात दी जा चुकी है ! इस तरह हम कोरोना का खात्मा भले नहीं कर सकें, पर कुछ सुरक्षात्मक उपायों के साथ आयुर्वेद और होमियोपैथी की सहायता से नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं !

    एलोपैथी के डॉक्टर भी अब लोगों को यही सलाह देने लगे हैं ! दरअसल एलोपैथी में लोगों को विभिन्न रोगों से लड़ने के लिए जो एंटीबायोटिक दिए जाते हैं, वे शारीरिक क्षमता को कम करते हैं, जबकि आयुर्वेद प्राकृतिक शास्त्र है ! कोरोना के बहाने पिछले दो दशकों से दिमाग में चल रहा लोगों का भ्रम कि मानसिक विकास ही दुनिया को आगे बढ़ाएगा, अब समाप्त हो जाना चाहिए और हमें शारीरिक मजबूती के प्रयास भी बनाये रखने चाहिए ! बच्चों को खेल-कूद का भरपूर मौका दिया जाना चाहिए, बैठकर जीविका चलानेवालों को योगा और व्यायाम करना चाहिए ! सामान्य तौर पर दादी-नानी के घरेलु नुस्खे, आयुर्वेद पर अधिक और एलोपैथी पर निर्भरता कम होनी चाहिए ! एलोपैथी को इमरजेंसी हेल्थ सर्विस के तौर पर ही लेने की जरूरत है ! एक स्वस्थ तन और मन ही स्वस्थ दिमाग दे सकता है, इस बात को हमें नहीं भूलना चाहिए !

    कृपया कमेंट बॉक्स में यह बताये कि लेख आपको कैसा लगा ? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों के लिए शेयर अवश्य करे। नीचे दिए गए फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

    मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----




    कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, ताकि ज्योतिष से सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचे। नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

      कोरोना पॉजिटिव न बनें !

      कोरोना पॉजिटिव न बनें, यदि बने तो 90% स्वस्थ लोगों में ही,  टॉप 10% तक न पहुंचें !

      idea to fight against corona


      कोरोना देश के कोने कोने में फ़ैल गया है, और लम्बे समय तक आप जरूरी आवश्यकताओं के बिना नहीं रहा सकते, इसलिए इससे बचने के तरीके ढूंढने ही होंगे ! ऐसा क्या करें कि आप कोरोना पॉजिटिव न बनें, यदि बने तो 90% स्वस्थ लोगों में ही बने रहें ! टॉप 10% तक न पहुंचें? यदि वहाँ तक पहुँच भी जाएँ तो सुरक्षा से बिल्कुल सामान्य हो जाएँ !



      हर व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो सकता है


      सबसे पहले तो आप पौस्टिक खाना, भरपूर नींद के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली दवाओं, निम्बू-पानी, दूध-हल्दी या काढ़े का भी उपयोग करें ! मेरी आयुर्वेद पर तो अधिक जानकारी नहीं, पर काढ़े बनाने में जिन मसालों का उपयोग किया जाता है, वो थोड़े कम-अधिक मात्रा होने पर स्वास्थ्य में कोई गड़बड़ी नहीं करते ! उसी तरह तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा की थोड़ी थोड़ी मात्रा नुकसान नहीं करती ! यदि काढ़े के किसी आइटम से परहेज हो तो उसे हटा दें !


      उसके बाद आप गंभीरता से मान ले कि सामने वाला हर व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो सकता है, कोई पड़ोसी, कोई मित्र, कोई रिश्तेदार या कितना ही सुरक्षित जगह क्यों न हो, हर व्यक्ति की साँसों, हाथों और हर वस्तु पर कोरोना वायरस हो सकता है ! इसलिए खुद को हर व्यक्ति और वस्तु से बचाना आवश्यक है !


      idea to fight against corona

      भीड़-भाड़ से दूर रहने की कोशिश करें


      इसके लिए अधिकांश समय घर के अंदर रहें, कुछ जरूरत से बाहर निकले तो अच्छा मास्क लगाएं, भीड़-भाड़ से दूर रहने की कोशिश करें, भीड़भाड़ में तेजी से रास्ते पार कर आगे बढ़ें, घर से बाहर कोई परिचित मास्क लगाए दिखे तो दो मिनट बात कर सकते हैं, कोई वाल्व वाला मास्क लगाए हो तो जरूर टोकें, वह अपनी सुरक्षा तो कर रहा है पर सामनेवाले असुरक्षित हो रहे हैं ! उनसे या कोई परिचित बिना मास्क के दिखे तो बात करने की भी जरूरत नहीं, उसे डांटते हुए निकल जाएँ ! किसी के नाराज होने की चिंता अभी नहीं करनी है !

      बाहर से घर आने पर व्यवस्था रखें कि दरवाजे पर ही बाल्टी में डिटर्जेंट घुला पानी रखा हो ! आप अपने हाथ-पैर धोयें, चप्पल-जूत्ते धोयें, कपडे उतारकर डिटर्जेंट में डालें, सामान को उसी घर के कोने में जगह बनाकर रख दें ! घर में बच्चे हों तो उनकी पहुँच से दूर जगह पर सामान एक दो दिन छोड़ दें ! फल सब्जी हो तो एक घंटे पानी में डाल दें ! अब तो सब्जियों को धोने के लिए डिटर्जेंट भी बाजार में मौजूद है ! बाल्टी के कपडे वाशिंग मशीन में ड़ालकर स्नान कर लें या कपडे बदल लें !

      idea to fight against corona

      घर के बच्चों, वृद्ध और बीमाऱ से कुछ अलग ही रहना चाहिए !


      इतने के बाद भी आपको कोरोना संक्रमण हो ही सकता है, पर यदि संक्रमण हुआ भी तो हल्का होगा, जिसको आप झेल सकते हैं, पर आपके घर कोई बच्चे, वृद्ध या बीमाऱ रह रहे हों तो उनको संक्रमण बढ़ सकता है ! इसलिए बाहर जानेवाले लोगों को घर के बच्चों, वृद्ध और बीमाऱ से कुछ अलग ही रहना चाहिए ! घर में कुछ छूने से परहेज करें, किसी भी कार्य से पहले और कार्य के बाद अच्छे से हाथ धोयें !

      कोरोना का कोई भी लक्षण - सर्दी, खांसी, बुखार या शारीरिक कमजोरी जैसा कुछ भी महसूस हो तो घर पर आराम करें, खुद को क्वैरेन्टाइन रखें, खांसते-छींकते वक्त टिश्यू पेपर का उपयोग करें ! ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें ! 90 तक ऑक्सीजन रहने पर आपको घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं, जो लक्षण हों, उसकी दवाईयां लेते रहे ! पौष्टिक लिक्विड खाना पीना, विटामिन्स, काढ़ा, योगा करते हुए संतुलित जीवन बनाये रखें ! ईश्वर से स्वस्थ होने की प्रार्थना करते रहें ! 10 दिनों में आप स्वस्थ हो जाएंगे !

      idea to fight against corona

      अस्पताल में जल्द एडमिट करने की आवश्यकता है !


      यदि ऑक्सीजन का स्तर 90 से नीचे हो रहा है, तब भी घबराने की नहीं, थोड़ा गंभीर होने की जरूरत है ! डॉक्टर से परामर्श करें, कुछ विशेष एंटीबायोटिक दवाएं लेनी पड सकती है ! ऑक्सीजन का स्तर 85 से 80 जाने लगे तो आपको अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत है ! यदि अस्पताल में जगह न हो तो कम से कम ऑक्सीजन देने की जरूरत तो ऐसे मरीजों को पड़ ही जाती है ! डॉक्टर से परामर्श लेते रहें, यदि शरीर के सभी अंग स्वस्थ हों तो चार छह दिनों में घर में भी ऐसे पेशेंट ठीक हो जाते हैं ! लेकिन यदि पहले से उनके शरीर के कई अंग कमजोर हों तो अस्पताल में जल्द एडमिट करने की आवश्यकता है !

      नोट - बाकी तो हरि इच्छा ! यह लेख कई डॉक्टरों के लेख और उनसे बातचीत के आधार पर लिखी गयी है ! अधिकांश मरीज अधिक इन्फेक्टेड होने या देर होने की वजह से नहीं बचाये जा पाते ! सरल भाषा में मैंने लिखी है, इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें !

      मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----



      कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

        ईश्वर सबकी रक्षा करें !

        Amitabh bachchan health condition

        अमिताभ बच्चन जी का एक वीडियो

        तीन महीने पहले की यह बात सबको याद ही होगी कि कोरोना की भयावहता को लेकर जनता को जागरूक करने और लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए सरकार ने कुछ प्रभावशाली लोगों की मदद ली थी ! कई क्रिकेटर, फ़िल्मी नायक के वीडियो अक्सर टेलीविज़न पर दिख जाते थे, दो-चार वीडियो काफ़ी अच्छी लगी थी, उसमे अमिताभ बच्चन जी का एक वीडियो था, जिसमे उन्होंने अपने खोये काले चश्मे को लेकर हंगामा खड़ा किया था, अंत में सबने मिलकर इसे ढूंढा था !


        amitabh bachchan health condition,

        पर अंत में अमिताभ बच्चन चश्मे को न पहनकर चश्मे को संभालकर रखते हैं, ताकि लॉक डाउन के बाद पहन निकल सकें ! इस बात पर सारे कलाकार अपना सर पीट लेते हैं कि जब चश्मे का काम ही नहीं था, तो इन्होने इतनी मेहनत करवाई क्यों? इस वीडियो में सिर्फ यही सन्देश नहीं था कि लॉक डाउन में बाहर नहीं निकलना है, सन्देश यह भी था कि अपने अपने घर में रहकर भी आप कोई काम कर सकते हो ! इस वीडियो को बनाने के लिए कोई कलाकार घर से बाहर नहीं निकले थे ! सभी कलाकारों के अपने अपने घर में रहने के बावजूद यह वीडियो बना लिया गया था ! इसका स्क्रिप्ट किसने लिखा था, यह मुझे बिलकुल याद नही !

        फिल्मस्टार अमिताभ बच्चन covid + रिपोर्ट

        कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले समझदार अभिनेता भी आज कोरोना से नहीं बच पाए ! कल शाम देशभर में यह खबर फ़ैल गयी कि फिल्मस्टार अमिताभ बच्चन covid + रिपोर्ट आने के बाद नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं ! उन्होंने खुद शनिवार रात को ट्विटर के माध्यम से अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी फैंस को दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मैं Covid-19 पॉजिटिव पाया गया हूं। ---- जितने भी लोग पिछले 10 दिनों में मुझसे मिले हैं, वे अपना टेस्ट करवा लें !" अमिताभ बच्चन जी का कोरोना से संक्रमित होने का मतलब है कि इससे कोई नहीं बच सकता ! यदि उनसे कुछ लापरवाही हुई हो तो बात अलग है ! कोरोना क्यों बढ़ रहा है, इसपर कल एक चित्र इंटरनेट पर मिला, इस पोस्ट के साथ संलग्न कर रही हूँ !



        अभी महाराष्ट्र और ख़ासकर मुम्बई में पूरे देश में सबसे भयावह स्थिति है ! उनके घर में काफ़ी कर्मचारी होंगे, सबका बाहर आना जाना तो स्वाभाविक है ! हो सकता है, सभी कोरोना से बचने के लिए बने गाइड लाइन्स का पालन नहीं करते हों ! उनके सन्देश से यह भी स्पष्ट है कि वे लोगों से मिलते जुलते रहे ! ऐसी भी काम की क्या हड़बड़ी थी, जो उन्हें सबसे मिलना जुलना जरूरी लगा ! कुछ दिन तो इंतज़ार कर ही सकते थे !

        दूसरी रिपोर्ट में उनकी बहू और पोती भी कोरोना पॉजिटिव

        बाद में मालुम हुआ कि उनके बेटे अभिषेक बच्चन की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी है, उनकी पत्नी, बहू और पोती तक कोरोना में कोरोना नेगेटिव ! कुछ स्टॉफ अवश्य संक्रमित हुए होंगे, जिनकी वजह से अमिताभ बच्चन तक यह वायरस पहुँच पाया ! आज सुबह समाचार मिला कि अमिताभ बच्चन की हालत स्थिर है और उनमें Covid-19 पॉजिटिव संक्रमण के मामूली लक्षण पाए गए हैं। उन्हें हॉस्पिटल के आइसोलेशन वॉर्ड और अभिषेक बच्चन को जनरल वार्ड में रखा गया है ! बाद में दूसरी रिपोर्ट में उनकी बहू और पोती तक कोरोना पॉजिटिव आया !


        मामूली लक्षण वाले मरीज शुरुआत से ही डॉक्टर की देख रेख में रहें तो सुनकर थोड़ी राहत हो जाती है, अभिषेक बच्चन की ओर से तो निश्चिंती है, पर अमिताभ बच्चन की उम्र और उनके स्वास्थ्य के अक्सर कमजोर रहने से थोड़ी चिंता तो हो ही जाती है ! ईश्वर सबकी रक्षा करें, प्रतिदिन ईश्वर से यही प्रार्थना है ! अमिताभ बच्चन सहित सभी कोरोना मरीजों के लिए  देशभर में जगह जगह पूजा पाठ शुरू हो गयी है !

        मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----




        कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

          क्या हमारे गाँव कोरोना से सुरक्षित हैं ?

          क्या हमारे गाँव कोरोना से सुरक्षित हैं ?


          कोरोना पर लिखें गए कल के लेख पर एक पाठक के कमेंट से आज के लेख की शुरुआत करती हूँ, जिन्होंने लिखा कि शहरों में भयावहता फैलाने वाले कोरोना का गाँव में कोई प्रभाव नहीं है ! गावों में कुछ केसेज आये भी तो ख़त्म हो गए, प्रसार नहीं हो पाया ! अपने अनुभव से इस बात को अभी मैं भी स्वीकार कर यही हूँ ! वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का भी मानना है कि विकसित देशों, जैसे अमेरिका, कनाडा यूरोपीय देशों की तुलना में भारत के महानगरों में ही कोरोना से लड़ने की क्षमता अधिक दिख रही है, तो गावों में रहे वालों लोगों पर निश्चित तौर पर यह क्षमता उससे अधिक होगी !


          झारखण्ड में भी कोरोना के बिलकुल शुरुआती तीन केस में हिंदपीढ़ी, राँची के बाद के दो तो हमारे 10-12 किमी के रेंज में थे ! बेरमो में बांग्ला देश से आयी महिला के माध्यम से और गोमिया में लॉक डाउन के दौरान वाराणसी से ट्रक में छुपकर आये मजदूर के माध्यम से कोरोना फैला था ! दोनों छोटे गाँव थे, चार छह लोगों में संक्रमण हुआ था ! बेरमो का केस तो सरकार की निगाह में था ही, पर गोमिया वाले केस में तो वृद्ध के मौत के कितने दिन बाद ही मजदूर की चोरी पकड़ी गयी थी ! लेकिन दोनों ही जगह दिल्ली और मुम्बई वाली हालत नहीं हुई !


          Our villages and corona



          अनलॉक किये जाने के बाद हमारा भ्रम टूटा


          इसका पहला कारण यह हो सकता है कि गाँव में शहरों की तरह जीवन तंग नहीं है ! सबके घर खुले खुले होते हैं, सबका खाना प्राकृतिक होता है ! सभी मेहनती होते हैं, पैदल ही लम्बी यात्रा पर निकल पड़ते हैं ! या सब उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है ! कोरोना काल में गावों में लोग इसकी चेन तोड़ने को प्रतिबद्ध भी दिखे ! वैसे देखा जाये तो लॉक डाउन के दौरान दिल्ली, मुम्बई में भी केस अधिक नहीं बढ़ रहे थे ! लोग घर पर और प्रशासन रोड पर रहकर कोरोना की चेन तोड़ने को प्रतिबद्ध थे ! और हम इसी भ्रम में थे कि यूरोप अमेरिका की तुलना में हमारे देश में संक्रमण की गति बहुत धीमी है !


          पर अनलॉक किये जाने के बाद हमारा भ्रम टूटा ! समस्याएं बढ़ी हैं, सरकार ने भले ही जरूरी कार्यों के लिए ही अनलॉक किया हो, पर अधिकांश लोग अपने पुराने रूटीन में लौट आये हैं ! कुछ लोग कोरोना की भयावहता को कम आँक रहे हैं ! इसी में अनलॉक -1 में महानगरों का हाल बेहाल करने वाले देश को विश्व के तीसरे पायदान पर खड़े कर देने वाले कोरोना ने अनलॉक - 2 में छोटे शहरों की ओर रूख किया है ! छोटे शहरों में लगातार केसेज बढ़ने से प्रशासन जैसे ही लाचार होगा, छोटे शहर भी महानगरों की हालात में आएंगे ! उसके बाद ही गाँव की बारी आएगी ! इसलिए यह कह देना कि हमारे गाँव कोरोना से सुरक्षित हैं, अभी जल्दबाजी होगी !

          हमें सावधान तो रहना ही चाहिए !


          हम प्रतिदिन ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि कोरोना का प्रसार रुके, इससे हो रही मौत रुके, पर हमें चौकन्ना तो रहना ही होगा ! कोरोना काल बनकर निरंतर अपने मुंह को सुरसा की भांति बढ़ाता जा रहा है ! कोरोना गावों तक नहीं पहुंचा तो यह हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी ! पर लोगों के रवैये, गंभीरता की कमी को देखते हुए यह मान लेना कठिन है ! हर महामारी का अपना एक समय होता है, महानगरों और शहरों तक ही इसका समय समाप्त हो जाये, हम ऐसी आशा रख सकते है ! इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं, पर निश्चिंत तो नहीं रहा सकते ! आगे कोरोना के साथ ही जीवन जीना है, इसलिए हमें सावधान तो रहना ही चाहिए !

          कृपया कमेंट बॉक्स में यह बताये कि लेख आपको कैसा लगा ? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों के लिए शेयर अवश्य करे। नीचे दिए गए फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

          मेरी पुस्तक 'मेरी कोरोना डायरी' का एक अंश ! पूरी पुस्तक पढ़ने के लिए नीचे लिंक हैं ! आमेज़न के किंडल पर यह मात्र 100/- रुपये में उपलब्ध हैं :-----




          कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।