सभी विज्ञानो के साथ ज्योतिष का सहसम्बन्ध

सभी विज्ञानो के साथ ज्योतिष का सहसम्बन्ध 

प्राचीन काल के आदि मानव से आज के विकसित मनुष्‍य बनने तक की इस यात्रा में मनुष्‍य के पास अनुभवों के रूप में क्रमश: जो ज्ञान का भंडार जमा हुआ , वो इतनी पुस्‍तकों , इतने पुस्‍तकालयों और वेबसाइट के इतने पन्‍नों में भी नहीं सिमट पा रहा है। एकमात्र प्रकृति में इतने सारे रहस्‍य भरे पडे हैं कि प्रतिदिन हजारों की संख्‍या में अभी तक करोडों शोध पत्र दाखिल किए जा रहे हैं , फिर भी उसका अंत नहीं दिखाई देता। प्रकृति के एक एक व्‍यक्ति , एक एक जीव और एक एक कण में खासियत ही खासियत .. जितना अभी तक पता चल पाया है , उसका हजारगुणा या लाखगुणा ढूंढा जाना बाकी है , वो भी नहीं कहा जा सकता।  

Jyotish aur vigyan


विज्ञान शब्‍द विशेष और ज्ञान से बना है , यह विशेष ज्ञान हमें अनुभव के आधार पर प्राप्‍त होता है। मानव मस्तिष्‍क बहुत ही जिज्ञासु होता है , जब हम बारबार एक जैसी घटना को होते देखते हैं , तो उसका कारण ढूंढने के लिए प्रयत्‍नशील होते हैं । उस वक्‍त हमें कई कारण दिखाई पडते हैं , पर सारा सत्‍य नहीं होता। निरीक्षण , परीक्षण और प्रयोग के बाद हम कार्य और कारण में संबंध ढूंढने में सफल हो जाते हैं , तो हमें विशेष ज्ञान की प्राप्ति हो जाती है। पर प्रकृति के नियम इतने सरल भी नहीं कि कोई एक नियम अवश्‍यंभावी तौर पर कार्य करे , दस बीस प्रतिशत जगहों पर अपवाद मिल ही जाते हैं, जिसके कारण पुन: नए नए नियमों की स्‍थापना होती चली जाती है। इस प्रकार विज्ञान का कभी अंत नहीं होता , विज्ञान कभी विकसित नहीं हो सकता , यह हमेशा विकासशील बना रहता है।

जिस तरह प्रकृति में विज्ञान के सारे नियम चलते रहते हैं , पर उसका ज्ञान हमें बाद में होता है , उसी प्रकार मनुष्‍य ने विज्ञान का उपयोग तो पहले शुरू कर दिया था , पर उसके नियम उसे धीरे से मालूम हुए। पर प्रकृति अपने आप में संपूर्ण है , वह हर प्रकार का संतुलन स्‍वयमेव करती है। प्रकृति की घटनाओं को देख देखकर परख परखकर मनुष्‍य नियमों की स्‍थापना करता रहा है। विश्‍व के हर युग में और अलग अलग क्षेत्र में प्रकृति के नियमों को देखते और समझते हुए ही विभिन्‍न प्रकार की परंपरागत पद्धतियां विकसित की जा सकी। पुन: आवश्‍यकता ही आविष्‍कार की जननी है , प्रकृति के ही नियम की सहायता लेते हुए अपनी सुविधा के लिए विभिन्‍न प्रकार के उपकरण भी विभिन्‍न युगों मे मानव ने बनाए हैं।

कला का अधिक संबंध अभ्‍यास से होता है , वैसे तो विभिन्‍न प्रकार की कलाओं में भी विज्ञान छुपा होता है , पर बहुत थोडी मात्रा में। प्राचीन काल से ही प्रकृति में होनेवाली किसी घटना के नियम के जानकार उसे लोगों से छुपाने का अभ्‍यास करते हुए या कभी कभी उसकी जानकारी देते हुए भी हाथ की सफाई से किसी कला को दिखाया करते थे। पर उसमें मुख्‍य तत्‍व मन की तल्‍लीनता होती है , जिसके कारण किसी कला को अधिक विकसित किया जा सकता है। 

अपने ज्ञान को सही ढंग से किसी के सामने रख पाना , किसी को सिखला पाना भी एक कला है। इसलिए कला का भी महत्‍व कम नहीं। विज्ञान की एक खासियत है कि इसका ज्ञान आराम से दूसरों को दिया जा सकता है, जबकि कला में प्रशिक्षण मुख्‍य होता है। इसके बावजूद विज्ञान की जानकारी ही सबको महान बनाने के लिए आवश्‍यक नहीं , कला के माध्‍यम से ही उनका बेहतर उपयोग किया जा सकता है। यही कारण है कि विज्ञान की पढाई को संपूर्ण बनाने के लिए प्रायोगिक शिक्षा भी दी जाती है।

विज्ञान के नियमों को विकसित करने के लिए या उसके क्रम में हमें हमेशा बहुत बडे आंकडे को लेकर काम करना पडता है, उस आंकडे के विश्‍लेषण के बाद ही हमें सारे रहस्‍यों का पता चल पाता है। इसी कारण किसी भी क्षेत्र के इतिहास का महत्‍व भी कम नहीं। किसी घटना के सभी कारकों को निकालने के लिए उन कारकों के प्रतिक्षण की स्थिति और घटना की स्थिति में संबंध को जानने के लिए सांख्यिकी का उपयोग किया जाता है। 

कोई भी विधा विज्ञान , कला और सांख्यिकी तीनो की मदद से बेहतर बनायी जा सकती है। परंपरागत विधाओं को विकसित करने के लिए भी इन तीनों का सहारा लिया जाता रहा है और आज की विधाएं भी इन तीनों के संयोग से काम करती हैं। पुन: हर विज्ञान एक दूसरे के साथ सह संबंध बनाते हुए ही मानव के लिए अधिक उपयोगी हो सकती है।

यदि आधुनिक उपकरणों को छोड भी दें , तो हमारे रसोईघर में कई परंपरागत वस्‍तुएं मिलेंगी। उनकी बनावट पर तनिक ध्‍यान दें। बनावट के आधार पर कुछ बरतन देखने में छोटे लगेंगे , पर उनमें सामान रखने की क्षमता बहुत होगी, सामानों को धोए जानेवाली कठौती की बनावट की वजह से उसका सारा पानी आप निथार पाएंगे, चावल दाल बनानेवाले बरतन उन्‍हें जल्‍दी गलाने के उपयुक्‍त , सब्‍जी बनाने वाली कडाही भूनने के उपयुक्‍त , यहां तक कि खाना परोसे जानेवाले सभी बरतन और कलछी तक नियम के अनुसार सही है। 

कभी हमारे यहां तेल निकाला जाने वाले परंपरागत चम्‍मच या दूसरे बरतन में डाले जाने वाले कीप को आपने देखा होगा। इसी प्रकार गहने , जेवर , खेती में उपयोग में आनेवाले सामान या घर गृहस्‍थी के अन्‍य सामानों को विकसित करने में प्रकृति के नियमों का ख्‍याल रखने के साथ ही साथ , सुविधा असुविधा के आंकडों और नियमों के बेहतर उपयोग करने की कला .. सबकुछ की आवश्‍यकता पडी होगी। ये भी उस युग का विज्ञान ही था।

आधुनिक युग में भी हर विधा विज्ञान के नियमों के साथ ही साथ कई प्रकार के आंकडों की जांच करते हुए उसके बेहतर उपयोग की कला के दम पर ही विकसित किया जा सकता है। हरेक डाक्‍टर शरीर विज्ञान और स्‍वास्‍थ्‍य के नियमों की पढाई करता है , इसके बावजूद जर्नलों में प्रकाशित होनेवाले  विभिन्‍न प्रकार के रोगों के आंकडों पर ध्‍यान देना उसके सफल होने के लिए आवश्‍यक है , इसके बावजूद सारे एक जैसी सफलता नहीं प्राप्‍त कर पाते। 

बिखरे हुए ज्ञान को ढंग से समायोजित करते हुए बेहतर 'डायग्‍नोसिस' कर पाना एक कला है और इस हिसाब से ही कोई डॉक्‍टर विशेष सफलता प्राप्‍त कर पाता है। जीवन में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्‍त करने के लिए हर व्‍यक्ति को विज्ञान के नियमों के साथ साथ हर प्रकार के आंकडों के विश्‍लेषण की क्षमता और निष्‍कर्ष निकालने की कला का ज्ञान आवश्‍यक है।

इस हिसाब से ज्‍योतिष को देखा जाए , तो भले ही आजतक इसे उपेक्षित ही छोड दिया गया हो , पर गणित ज्‍योतिष के रूप में हमारे पास एक बहुत ही मजबूत आधार है , जो पूर्ण तौर पर वैज्ञानिक है। पुन: इसी के आधार पर भविष्‍य के बारे में आकलन करने के लिए इसमें जो सूत्र हैं , वे पूर्ण तौर पर वैज्ञानिक या प्रामाणिक तो नहीं माने जा सकते , पर बहुत हद तक संकेत देने में तो अवश्‍य समर्थ हैं।  इन दोनो मजबूत आधारों के साथ ही साथ 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के द्वारा विकसित किए गए ग्रहों की ऊर्जा को निकालनेवाले सूत्र के रूप में हमें एक बडा वैज्ञानिक आधार मिल गया है। 

अपने जीवन और पूरे विश्‍व में घटनेवाली घटनाओं के साथ इनका तालमेल बनाने के लिए सांख्यिकी के आंकडों का उपयोग किया जाना चाहिए। किसी भी विज्ञान के विकास के लिए हर विज्ञान का एक दूसरे के साथ सहसंबंध होना आवश्‍यक है , उनसे तालमेल बिठाकर प्रतिदिन इस विधा को बेहतर बनाया जाना चाहिए , पुन: इतने नियमों के मध्‍य तालमेल बिठाते हुए किसी निष्‍कर्ष पर पहुंचने की कला को विकसित करते हुए इसे अधिक से अधिक प्रामाणिक और उपयोगी बनाया जा सके, ऐसी कोशिश होनी चाहिए। सचमुच बिना प्रायोगिक ज्ञान के किसी विज्ञान की क्‍या उपयोगिता ??

अमेज़ॉन के किंडल में गुरूवर विद्या सागर महथा जी की  फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ को पढ़ने के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें !

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    जन्‍मकुंडली में स्थित स्‍वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव

    जन्‍मकुंडली में स्थित स्‍वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव

    ज्योतिष में आसमान के 360 डिग्री को 12 भागों में बाँटकर  30-30 डिग्री की एक एक राशि निकाली गयी है। मेष और वृश्चिक राशि का अधिपति मंगल, वृष और तुला राशि का अधिपति शुक्र, मिथुन और कन्या राशि का अधिपति बुध, कर्क राशि का अधिपति चन्द्रमा, सिंह राशि का अधिपति सूर्य, धनु और मीन  राशि का अधिपति बृहस्पति तथा मकर और कुम्भ राशि का अधिपति शनि को माना जाता है।

     जन्मकुंडली में  ग्रह जब अपनी राशि में हों तो उन्हें स्वक्षेत्री माना जाता है, इस कारण मेष और वृश्चिक राशि में मंगल, वृष और तुला राशि में शुक्र, मिथुन और कन्या राशि में बुध, कर्क राशि में चंद्र, सिंह राशि में सूर्य, धनु और मीन राशि में बृहस्पति तथा मकर और कुम्भ राशि में शनि को स्वक्षेत्री माना जाता है। जन्‍मकुंडली में चंद्रमा 4 अंक में , सूर्य 5 अंक में , मंगल 1 या 8 अंक में , शुक्र 2 या 7 अंक में , बुध 3 या 6 अंक में , बृहस्‍पति 9 या 12 अंक में तथा शनि 10 या 11 अंक में हो तो उन्‍हें स्‍वक्षेत्री माना जाता है।

    swakshetri grahon ka prabhaw


    फलित ज्‍योतिष में स्‍वक्षेत्री ग्रहों को बहुत ही महत्‍वपूर्ण माना जाता है। पुराने शास्‍त्रों के अनुसार यदि किसी जन्‍मकुंडली में एक दो स्‍वक्षेत्री ग्रह हों , तो वह भाग्‍यवान होता है। किंतु 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से बात ऐसी नहीं है। प्रत्‍येक जन्‍मकुंडली में 12 खाने होते हैं , जो 12 भावों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं। किसी ग्रह के किसी एक खाने में आने की संभावना 1/12 होगी , जबकि सूर्य और चंद्र को छोडकर बाकी ग्रहों के आधिपत्‍य में दो दो खाने होते हैं , इसलिए उनके स्‍वक्षेत्री होने की संभावना 1/6 होगी।इस तरह किसी जन्‍मकुंडली में दो ग्रहों के स्‍वक्षेत्री होने की संभावना 72 में से एक हो ही सकती है। इस तरह ग्रहों का स्‍वक्षेत्री होना सामान्‍य बात ही मानी जा सकती है।

    सभी स्‍वक्षेत्री ग्रहों का स्‍वभाव एक सा नहीं होता .. स्‍वभाव में भिन्‍नता का कारण उनकी गत्‍यात्‍मक शक्ति है , जो ग्रहों की गति के आधार पर निकाली जाती है। स्‍वक्षेत्री ग्रह यदि अतिशिघ्री अवस्‍था में हो , तो जातक पूर्वजों से या भाग्‍य से कोई ऐसी चीज प्राप्‍त करता है , जिससे उसका मन संतुष्‍ट होता है। शरीर , धन , संपत्ति स्‍थायित्‍व , बुद्धि , विद्या , ज्ञान किसी भी क्षेत्र में आसानी से मिलने वाली सफलता के कारण जातक को अधिक प्रयास करने की जरूरत ही नहीं रह जाती है। स्‍वक्षेत्री ग्रह शीघ्री अवस्‍था में हो , तो जातक को भाग्‍य का थोडा सहयोग भी मिलता है और वह अपने कर्म के द्वारा इसे बढाने का भी प्रयास करता है। उसकी महत्‍वाकांक्षा थोडी छोटी तो जरूर होती है , पर कार्यक्षमता और प्रयास के अनुरूप सफलता भी मिलती है।

    स्‍वक्षेत्री ग्रह सामान्‍य या मंद हो तो उन संदर्भों में जातक की महत्‍वाकांक्षा बहुत बडी होती है। उसी के अनुसार उसकी कार्यक्षमता भी बढती जाती है। ग्रह के गत्‍यात्‍मक दशाकाल में तो उन संदर्भों के प्रति उसका ध्‍यान संकेन्‍द्रण बहुत अधिक होता है , उस वक्‍त बाकी सारे मुद्दे गौण हो जाते हैं। अधिकांश समय दशाकाल में सफलता मिलते ही देखी जाती है , ऐसा कभी कभी नहीं भी होता है , पर पूरे जीवन उन खास संदर्भों का स्‍तर तो देखने को मिलता ही है।

    यदि स्‍वक्षेत्री ग्रह सामान्‍य तौर पर वक्री हो , तो जातक की कार्यक्षमता और महत्‍वाकांक्षा ऊंची तो होती है , पर उसके अनुरूप उसे सफलता नहीं मिल पाती , खासकर ग्रह के गत्‍यात्‍मक दशाकाल में उन संदर्भों की स्थिति बुरी होने से तनाव बढ जाता है। स्‍वक्षेत्री ग्रह अतिवक्री अवस्‍था में हो , तो स्‍वक्षेत्री होने के बावजूद उन ग्रहों के कारण व्‍यक्ति बहुत ही कठिनाई और पराधीनता भरा वातावरण प्राप्‍त करते हैं। किसी प्रकार की दुर्घटना या असफलता का बुरा प्रभाव इनके व्‍यक्तित्‍व पर पडता है , जिसके कारण इन संदर्भो में किंकर्तब्‍यविमूढ होते हैं।

    इस तरह 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से स्‍वक्षेत्री ग्रह भी गति के हिसाब से ही फल देते हैं।

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      कंप्यूटर हिंदी टाइपिंग चार्ट

      कंप्यूटर हिंदी टाइपिंग चार्ट

      अपने कंप्‍यूटर में Baraha IMEया Hindi Indic IME.को लोड करने और हिन्‍दी सक्रिय करने के बाद मुख्‍य समस्‍या हिन्‍दी में टाइप करने की आती है। इस समस्‍या का कोई समाधान न दिखने से अधिकांश लोगों को फोनेटिक कीबोर्ड का सहारा लेना पडता है , जिसके द्वारा रोमण में ही लिखने से उसे हिन्‍दी में कन्‍वर्ट किया जा सकता है। लेकिन आप यदि डायरेक्‍ट हिन्‍दी में ही लिखना चाहते हों , तो आपको रेमिंगटन कीबोर्ड पर टाइपिंग कर सकते हैं। अंग्रेजी कैरेक्‍टरों को देखकर हिन्‍दी में टाइपिंग करना बहुत ही आसान है। चाहे जो भी कारण हो , एक महीने के अंदर मैं जितनी आसानी से हिन्‍दी टाइपिंग करने लगी , शायद अंग्रेजी में संभव नहीं थी।

      कंप्यूटर हिंदी टाइपिंग चार्ट

      कंप्यूटर में हिंदी टाइपिंग कैसे सीखे

      कीबोर्ड की पहली पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप होते हैं ......
      `  1  2  3 4 5  6  7 8  9  0 -  =   (NORMAL)
      यदि कीबोर्ड की इस पहली पंक्ति की हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं
      ़ 1  2  3  4  5 6  7 8  9  0  ; ृ   (NORMAL)
       शिफ्ट के साथ कीबोर्ड की पहली पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप होते हैं ......
      ~  !  @  #  $  %  ^  &  *  ( )  _  + (WITH SHIFT)
      यदि शिफ्ट के साथ कीबोर्ड की इस पहली पंक्ति की हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
      द्य  ।  / :  *   -  ‘  ‘ द्ध  त्र  ऋ  .  ् (WITH SHIFT)
      उसके नीचे यानि दूसरी पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप  किए जाते हैं ......
      q  w  e  r  t  y  u I  o p  [ ]  \ (NORMAL)
      जबकि दूसरी पंक्ति में हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
      ु  ू म  त  ज  ल  न  प  व  च  ख्‍  ,  (NORMAL)
      पर यदि  उसी दूसरी लाइन की शिफ्ट के साथ टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं ....
      Q  W  E  R  T  Y  U  I  O  P  {  }   (WITH SHIFT)
      पर उसी दूसरी लाइन की शिफ्ट के साथ हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
      फ   ॅ   म्‍    त्‍   ज्‍   ल्‍   न्‍   प्‍   व्‍   च्‍   क्ष्‍   द्व   )     (WITH SHIFT)
      तीसरी पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप होते हैं ......
      a    s    d    f    g    h    j    k    l    ;     ‘           (NORMAL)
      जबकि उस तीसरी पंक्ति में हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
      ं   े    क    ि‍   ह   ी     र ा     स   य    श्‍                (NORMAL)
      अब यदि इसी तीसरी पंक्ति को शिफ्ट के साथ टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
       A    S    D    F    G    H    J    K    L    :    “      (WITH SHIFT)
      पर उसी तीसरी पंक्ति को शिफ्ट के साथ हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
       ा  ै  क्‍    थ्‍    ळ    भ्‍    श्र   ज्ञ   स्‍    रू     ष्‍              (WITH SHIFT)
      अंतिम पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप होते हैं .....
      z      x     c     v     b     n     m     ,     .     /    (NORMAL)
      यदि कीबोर्ड की इस अंतिम पंक्ति की हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
      ्र  ग    ब    अ     इ    द      उ    ए    ण्‍    ध्‍          (NORMAL)
      शिफ्ट के साथ कीबोर्ड की पहली पंक्ति में सामान्‍य तौर पर ये सारे टाइप होते हैं ......
       Z    X    C    V    B    N    M    <    >    ?     (WITH SHIFT)
      पर उसी तीसरी पंक्ति को शिफ्ट के साथ हिन्‍दी में टाइपिंग की जाए तो ये सारे टाइप होते हैं .....
       र्    ग्‍     ब्‍     ट     ठ   छ     ड     ढ   झ    घ्‍         (WITH SHIFT)
      हिन्‍दी में मुख्‍य शब्‍दों की टाइपिंग के लिए मैने ये कई शब्‍दों को याद रखा ....
      मई , तर , जट , लवाई , न्‍यू , पाई , वओ ,चप , फक्‍यू , कडी , हजी ,रजे ,सएल , गक्‍स ,बसी , अटवी , इठबी ,दछन , डउम

      कंप्यूटर में हिंदी टाइपिंग कैसे करते हैं

      इन शब्‍दों को याद कर लेने से शुरूआती दौर में बार बार कागज देखने से बचा जा सकता है। आधा या पूरा जो भी 'म' टाइप करना हो, मई मतलब 'E' बटन, इसी तरह पूरा या आधा 'त' के लिए  'R' बटन पूरा या आधा 'ज' के लिए 'T' बटन। इसी तरह 'अ' या 'ट' टाइप करना हो , तो 'V' तथा 'इ' और 'ठ' टाइप करना हो , तो 'B' बटन का सहारा लिया जा सकता है। ऐसा करने से बहुत आसानी हो जाती है। ा का बटन , ु और ू , ि‍ और ी  तथा े और ै के बटन की स्थिति इतनी अच्‍छी जगह पर है कि इन्‍हें याद रख लेना तो बहुत आसान है ही। अब इतने बटनों को जानने के बाद टाइपिंग के दौरान कभी कभार ही नए शब्‍द आएंगे , जिसके लिए आप उपरोक्‍त कागज की एक प्रिंट बनाकर रखें रहें। दो चार दिनों के प्रैक्टिस से सारे बटन का आइडिया होना ही है। देखा रेमिंगटन में टाइपिंग कितनी आसान हो गयी ।

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        What my horoscope for today

        What my horoscope for today


        You all know that with our app you can understand the position of planetary influence every day. You will get in writing about your status of your routine, lifestyle every day in our app. You can get around 17 conditions for routine, lifestyle. Almost all types of conditions and their meaning are being interpreted in this article so that you can understand the impact of the planet on that day.


        1. routine, lifestyle - Feelings may be disappointing due to being a weak situation regarding these matters. (especially negative for you )

        Meaning - If such a situation about routine, lifestyle is mentioned, a little psychological pressure can be created due to disturbances that day.

        2. routine, lifestyle - There should not arise any disappointing situation even despite the weak situation regarding these matters..(normal negative for you )

        Meaning- If such a situation is written about routine, lifestyle, despite the disturbance of routine, the lifestyle there must not be any mental pressure that day.

        3. routine, lifestyle - There should be some relief from the botheration regarding these matters. (slight positive for you)

        Meaning - If such a situation is mentioned about routine, lifestyle, there should be some relief from any disturbance that day. 

        4. routine, lifestyle- A very good environment must be formed regarding these matters. Benefits of such opportunities must be taken. (especially positive for you )

        Meaning- If such a situation is written about routine, lifestyle, then it is a good time. You should do pending works for routine, lifestyle, some experiments can be started that day. 

        5. routine, lifestyle - There should be created a pleasant environment regarding these things.(slight positive for you)

        Meaning - If such a situation is mentioned about routine, lifestyle, these statuses generally look good, so there is no need to worry that day. 

        6. routine, lifestyle - These matters may create distress and failure.
        7. routine, lifestyle - These matters may give agony and failure.
        8. routine, lifestyle - These matters may be disappointing and painful.

        Meaning- If these kinds of sentences are written about routine, lifestyle, condition of these matters, in general, appears to be messed up, so take care of.

        9.routine, lifestyle - These matters must be providing pleasure and success.
        10.routine, lifestyle - These matters should be optimistic and victory providing.
        11. routine, lifestyle - These matters are likely to provide you pleasure and success.

        Meaning- If these kinds of sentences are written about health, the health status generally looks good, so there is no need to worry that day.

        12. routine, lifestyle - Normal attention must be going on towards any program regarding these matters.
        13. routine, lifestyle - Normal pressure of work likely to be going on with you regarding these matters.
        14. routine, lifestyle - Your activities must be going on regarding these matters.

        Meaning- If these kinds of sentences are written about routine, lifestyle, the heart and mind go towards these matters, but it is somewhat difficult to understand whether the circumstances will be positive or negative on that particular day.

        15. routine, lifestyle - Some problems regarding these things may arise. Wear special color clothes to lessen planets' bad effect. Donate money or something else to needy people. (especially negative for you )

        Meaning - If these kinds of sentences are written about routine, lifestyle, then that day is considered to be worse. Keep yourself ready for every situation. Do not make any special program on that day. Continue your normal schedule throughout the day. 

        16. routine, lifestyle - You may feel a temporary disturbance in your running good environment regarding these things. (slight negative for you) 

        Meaning- If such a situation is mentioned about routine, lifestyle, you are likely to face a mild obstacle that day.

        17. routine, lifestyle - You may feel some weakness regarding these matters. (slight negative for you) 

        Meaning - If such a situation is mentioned about routine, lifestyle, the health condition, in general, appears to be messed up, so take care about these matters.


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          Prem jyotish weekly horoscope

          Prem Jyotish weekly horoscope

          When you click on the annual forecast link of our app, you will see predictions concerned with Romantic affairs, conjugal life, domestic matters, etc. on the 7th number in the dropdown. After taking a subscription, you will get various types of written sentences regarding your Romantic affairs, conjugal-life, domestic matters love horoscope compatibility ) giving several time-intervals for the whole two years:------

          1. There is likely to be happy in your marriage and family. You will also receive a lot of support from your in-laws.
          2. There might be unfavourable conditions regarding your marriage, family, and in-laws.

          Both the above forecasts give information about some good to normal and some bad to the normal situation, it is not a big matter, unless your natal planets representing Romantic affairs, conjugal-life, domestic matters are weak and your case is not sensitive.
          But when such predictions are written as:-------

          1. There will be important household tasks, including those concerning your partner, which will get completed. You will also see a lot of trust coming from your in-laws. Due to the effects of auspicious planets, there may arise a situation of success and pleasure related to these aspects. To avail of such an opportunity, your mind likely to be concentrated. Your efforts are likely to be fruitful in such a way.
          2. You will spend a lot of time and energy on resolving family issues. This will not be a good time for alliances, especially on the romantic front. Due to some inauspicious planets' adverse situation or pressure related to these aspects likely to let to over-concentration to cop up the same need to take precautions, Consultation may be required from us to understand it clearly during this period. 
          prem jyotish weekly horoscope

          love horoscope compatibility



          Both such forecasts are indicative of very good and very bad conditions. Normally, we also call it being in someone's form and not in someone's form. Therefore additional preparation is needed before such predictions.

          Sometimes such things will be written in the general forecast as:------
          1. Due to the effect of some active planets, responsibilities concerning these matters likely to increase. These things should be either strong automatically or circumstances are likely to be created in such a way to make a program for strengthening or changing in these matters.


          This forecast seems to be quite normal, but this time interval also gives big changes. But it will be positive or negative, it is difficult for the app to tell it in the present time, so it is left out.

          Sometimes 1 sentence has also been added with negative of Romantic-affairs, conjugal-life, domestic matters, which increases the intensity of forecast as:-------

          1. Due to the effects of some inauspicious planets, there may occur some disturbances like work not progressing properly. But thereafter circumstances should to be favorable.

          But disturbance of any matter in such sentences will be very minor as :-------

          1. Due to the effects of some inauspicious planets, there may occur some disturbances like work not progressing properly. But thereafter circumstances should to be favorable.


          If there are such sentences at any time as :------

          1. Due to the effects of some inauspicious planets, there may be existing some weakness concerning these matters. Some complications may increase if any big decisive step is taken at such a sensitive time.

          In these cases unless necessary, do not start any work.

          At some point such sentences might be seen:-----

          1. Due to the effects of inauspicious planets, these matters may make your environment negative related to any matter and cause some bad psychological effects by creating weakness or failure.


          In addition, such predictions may contain such sentences at any time as:------
          1. Due to the effect of some auspicious planet, there should be positive effect related to any matter because of their pleasure and success and there must be its good psychological effect.

          A similar discussion will be held tomorrow regarding routine, lifestyle matters.

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