मानव-जीवन में नैतिक मूल्यों का पतन न होने दें

Moral values meaning in hindi

आप सबों ने सुना ही होगा, गेहूँ के साथ घुन पीसता है और फूलों के साथ कीड़े मकोड़े भगवान् को अर्पित किये जाते हैं। आप जिस भी परिवार, समाज, जाति, धर्म, जिला, राज्य, देश - के अंग हैं, उससे आपकी पहचान अलग नहीं होती। आज रामायण सीरियल का प्रसंग है, मिथिला की बालिका सीता जी के दुःख से दुखी है और कह रही है कि वह मिथिला के एक एक दीवाल पर लिखेगी कि मिथिला की बेटियों की शादी अयोध्या में न की जाये। और ऐसा ही हुआ, मिथिला के लोग श्रीराम को ईश्वर का रूप मानकर पूजा तो करते हैं, पर बेटियों की शादी अयोध्या में करना नहीं चाहते। 

unity is strength

जंगल के पशु समझते हैं कि व्यक्तिगत तौर पर किसी भी समस्या का समाधान मुश्किल है, सभी बड़ी समस्याओं का मुकाबला मिलजुलकर करते हैं। प्राचीन काल से हम मनुष्यों ने भी प्रकृति की बड़ी बड़ी चुनौतियों से आपस में मिलजुलकर निबटा है। पर इस सदी के आरम्भ में हम भ्रम में आ गए, देश, राज्य, समाज, परिवार को छोड़कर अपने अस्तित्व पर मिथ्याभिमान हो गया। कोरोनावायरस ने फिर ऐसी स्थिति को जन्म दिया है, इसकी चेन को तोड़ने के लिए हमें मिलजुलकर काम करना चाहिए। पर ऐसे समय में भी कुछ स्वार्थभरा काम कर रहे हैं, कई क्षेत्रों में कानून का पालन हो रहा है, कई क्षेत्रों में बिलकुल नहीं। उस क्षेत्र में कुछ गड़बड़ हुई तो आगे चलकर परिणाम सबके लिए घातक होंगे।

naitik mulyon ka patan

२५-५० साल की मानव की जीवनशैली पर गौर कीजिए, हर काम को पैसे में आंकने की आदत आयी है। सबने खुद को पैसे कमाने की मशीन बना लिया है। डॉक्टर हॉस्पिटल में सामान्य इलाज कर रहे थे, प्राइवेट प्रैक्टिस पर विशेष । शिक्षक स्कूलों में सामान्य पढाई करवा रहे थे, ट्यूशन में विशेष मेहनत करते थे। मजदूर किसी का काम करने में लापरवाही कर रहे थे, ठेका लेने पर पूरी मेहनत करते थे। सरकारी कर्मचारी बिना पैसों के किसी पेपर पर हस्ताक्षर कर दे, यह संभव ही नहीं था। सामान या सेवा की कमी क्या हुई, नंबर सिस्टम की धज्जियाँ उड़ जाती थी। भ्रष्टाचारियों की कमी नहीं, सारे सामान ब्लैक में मिलने शुरू हो जाते थे। हालाँकि ऑनलाइन व्यवस्था होने से बहुत जगहों पर पारदर्शिता आयी, पर पैसों के लिए लोगों को मौके की तलाश रही। इस तरह हर जरूरत को पूरी करने में समर्थ साधन 'पैसा' कब साध्य बन गया, पता भी न चला। समाज में बढ़ती हुई पैसों की जरूरत ने सारे नैतिक मूल्यों को तहस-नहस कर दिया।


moral values

naitik mulya in hindi


नागरिक ही समाज और देश की इकाई होते हैं। ये एकजुट हो जाएँ, तो भ्रष्टाचारियों को अपनी आदत छोड़नी पड़ती है। अच्छे-अच्छे लोगों ने नैतिक मूल्यों स्थापित करने की पहल भी की , पर समाज क्या किया, इसे रोकना छोड़ सभी उनका अंधानुकरण करने लगें। मेहनत तो भारी लगता है, पैसों से सब सुविधाएँ मिल जाती हैं, पैसों के लिए सारे नियम ताक पर रख दिए हमने। हमने विलासिता पूर्ण जीवन जीने के लिए सुविधाएँ एकत्रित कर लीं, बड़े-बूढ़ों की सीख पर बहस करनी शुरू कर दी, उन्हें वृद्धाश्रम तक का रास्ता दिखा दिया। अंत में मिला क्या ? लोगों का एक दूसरे पर विश्वास समाप्त हुआ, समाज अविश्वास के भयानक जाल में घिर गया। सब सुख प्राप्त कर पर्यावरण खराब करके हमने कई तरह की बीमारी को जन्म दिया, बीमारी की वजह से जीभ का स्वाद छोड़कर रोटी-चावल अपनाना पड़ा, रोज जिम जाने की आदत डालनी पडी। मेहनत तो करनी ही पड़ेगी, ईश्वर ने तो गरीब और अमीर में कोई फर्क नहीं बनाया है।

moral values in hindi

आज कोरोना वाइरस ने हमें सीखा दिया है कि भोजन, वस्त्र, आवास के साथ जीवन जीने के मूल्यों की जानकारी ही हमारी मुख्य आवश्यकता है, जिसके लिए हमारा स्वावलम्बी होना आवश्यक है। विकास को कभी भी विनाश का रास्ता नहीं बनने देना चाहिए। किसी भी युग में किसी भी समाज में यदि असामाजिक तत्व उपस्थित होते हैं तो महात्मा भी होते हैं। समाज की एक इकाई होने के नाते हमारा यह कर्त्तव्य होना चाहिए कि हम तन, मन, धन और दिमाग, जो भी हमारे पास है, लगाकर असामजिक तत्वों को समाप्त करें और समाज को अच्छे विचार देनेवालों का प्रचार-प्रसार करें। नहीं तो गेहूं के साथ घुन पीसते ही रहेंगे, आप चाहकर भी खुद को इससे अलग नहीं कर सकते। अभी भाई समय है, आईये समाज में सकारात्मक विचारों का प्रचार प्रसार करे, नकारात्मक मुद्दों का खात्मा करें।


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    भविष्य को देखने-समझने-उपाय की विधाएँ

    Jyotish shastra in Hindi

    मनुष्य भूतकाल के अनुभव  की परिस्थितियों के हिसाब से  विश्वास नहीं रखता, भविष्य को समझने में  माथापच्ची  है।  आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है, भविष्य को समझने के लिए ज्योतिष शास्त्र के इतने सिद्धांत यूँ  ही नहीं बन गए। 

    शारीरिक बनावट के आधार पर

    1. सामुद्रिक विद्या भी भारत की सबसे प्राचीन विद्या है। इसके अंतर्गत व्यक्ति के चेहरे, नाक-नक्श और माथे की रेखा सहित संपूर्ण शरीर की बनावट का अध्ययन कर व्यक्ति के चरित्र और भविष्य को बताया जाता है।
    1. अंगूठे के आधार पर भविष्य-कथन की विद्या भी दक्षिण भारत में प्रचलित है। इसके अनुसार अँगूठे की छाप लेकर उस पर उभरी रेखाओं का अध्ययन कर बताया जाता है कि जातक का भविष्य कैसा होगा।
    1. हस्तरेखा ज्योतिष तो काफी प्रचलित और मान्य है, हाथों की आड़ी-तिरछी और सीधी रेखाओं के अलावा, हाथों के चक्र, द्वीप, क्रास आदि का अध्ययन कर व्यक्ति का भूत और भविष्य बताया जाता है

    शकुन पद्धति के आधार पर

    1. टैरो कार्ड में ताश की तरह पत्ते होते हैं। जब भी कोई व्यक्ति अपना भविष्य या भाग्य जानने के लिए टैरो कार्ड के जानकार के पास जाता है तो वह जानकार एक कार्ड निकालकर उसमें लिखा उसका भविष्य बताता है।
    1. आपने  पिंजरे के तोते से कार्ड निकलवाकर भविष्य निकालते भी देखा होगा।
    1. बस स्टॉप या रेलवे स्टेशन पर लगी मशीन में भी एक रुपए का सिक्का डालकर भविष्य देखा जाता है।
    1. किसी मेले में एक कम्प्यूटर भी आपके भविष्य को बताने के लिए तैयार कर  रखा जाता  है।

    चिन्तनशील विचारक पाठकों, आपके मन में ज्योतिष से सम्बंधित कोई भी प्रश्न उपस्थित हो , सकारात्मक तार्किक बहस के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप में आपका स्वागत है , क्लिक करें !

    पशु-पक्षी  के आधार पर

    1. पंच पक्षी सिद्धान्त एक भारतीय पद्धति है,  इसके अंतर्गत आने वाले पाँच पक्षी के नाम हैं गिद्ध, उल्लू, कौआ, मुर्गा और मोर। इसमें आपका जन्मविवरण माँगा जाता है, उस आधार पर आपका पक्षी निकाला जाता है, उसी के आधार पर भविष्य बताया जाता है।
    1. चीनी ज्योतिष पशुओं के नाम - चूहा, बैल, चीता, बिल्ली, ड्रैगन, सर्प, अश्व, बकरी, वानर, मुर्ग, कुत्ता और सुअर - के आधार पर प्रत्येक वर्ष एक पशु के नाम किया जाता है और वह पशु आपके लिए कैसा होगा, देखकर पुरे वर्ष का राशिफल निकाला जाता है।

    Jyotish Shastra hindi


    क्षेत्रीय ज्योतिष

    1. नाड़ी ज्योतिष :- दक्षिण भारत में बहुत अधिक प्रचलित विद्या है, मन जाता है कि ताड़ के पत्तों में सबका भविष्य लिखा होता है। 

    1. इसके अलावा कई देशों  की अपनी अलग ज्योतिष धारणाएँ हैं, पर्शियन, माया, हेलेनिस्टिक, इस्लामिक, सेल्टिक, बेबिलोनी आदि , जिनके हिसाब से भी भविष्यवाणियाँ की जाती हैं ।

    जन्मसमय के अभाव में

    1. अंक विद्या - ने भी बाजार में जगह बनायी। जन्मतिथि के आधार पर ० से ९ तक का मूलांक निकालना और उसके आधार पर भविष्य की जानकारी देना तो पूरी दुनिया को ९ भाग में बाँट देना है, पर सहजता भी कभी कभी लोकप्रिय हो जाती है।
    1. प्रश्नकुंडली -  इस पद्धति में जिज्ञासु को प्रश्न पूछना होता है, प्रश्न पूछने के समय को आधार मानकर कुंडली बनाई जाती है और पूछे गए प्रश्न का उत्तर निकाला जाता है।

    उपाय के ज्योतिष (Jyotish shastra Hindi)

    1. लाल किताब -इसमें भी कुंडली देखने की जरूरत नहीं होती, आपके सभी समस्या के लिए कुछ न कुछ उपाय बता दिया जाता है। उक्त विद्या के सिद्धांत को एकत्र कर हाल  इस पर एक ‍पुस्तक प्रकाशित किया गया।

    1. वास्तुशास्त्र  - कुछ दिनों से मकान बनाने के विज्ञान को भाग्य देखने के काम में लाया जाने लगा, भाग्य बनाने के लिए न जाने कितने मकानों को बेवजह  जाने लगा। 
    1. फेंगशुई के टोटके - भाग्य को बदलने के लिए चीन से कई टोटके आने लगे, देश के अंधविश्वासियों को कुछ फ़ायदा हुआ या नहीं, भारत के बाजार ने चीन को बना दिया। 
    1. मुहूर्त  - काम के शुरुआत में देखा जाता है,  मान्यता है कि अच्छे मुहूर्त में काम की शुरुआत होने से काम सफल होता है। 
    1. कर्मकांड - भी ग्रहों के प्रभाव से  बचने की  विधा है।  माना जाता है कि ख़ास देवता के पूजन, खास पेड़ों की पूजा और दीप प्रज्वलन आदि के द्वारा हम ग्रहों के बुरे प्रभाव से बच सकते हैं। 

    वैदिक ज्योतिष

    1. जन्मकुंडली - यदि वेद को सबसे पुराना ग्रन्थ माना जाये तो  वैदिक ज्योतिष शास्त्र को भी भविष्य की सबसे पुरानी विधि मानी जानी चाहिए। वेद में ज्योतिष के दो भाग थे - गणित ज्योतिष शास्त्र और फलित ज्योतिष शास्त्र। गणित ज्योतिष में आसमान के ग्रह , नक्षत्रों, उनकी गति का अध्ययन किया जाता था।  इन्ही ग्रहों की चाल का पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव का अध्ययन फलित ज्योतिष में किया जाता था।

    1.  नक्षत्र ज्योतिष शास्त्र - जन्मकुंडली के राशि और नक्षत्र के आधार पर बच्चों के नाम रखे जाने की परंपरा थी। जन्मकुंडली नहीं होने की स्थिति में उसी नाम के आधार पर बच्चों का भविष्य देखा जाता था। यहाँ तक की जन्म कुंडली मिलान भी वर-वधु के नक्षत्र से  था। 
    गत्यात्मक ज्योतिष 
    आज के आधुनिक जीवनशैली में ज्योतिष को गत्यात्मक बनाने वाली इस विधा ने बुद्धिजीवियों को भी ज्योतिष पर विश्वास दिलाने को तैयार है। यह विधा किसी के भी जन्मतिथि और जन्मसमय से उसके पुरे जीवन के उतार चढ़ाव को समझ जाती है। इसके वैज्ञानिक अंदाज दिन ब दिन लोगों के मध्य लोकप्रिय हो रहे हैं। 

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      फलित ज्योतिष : सांकेतिक विज्ञान

      jyotish kya hai ?

      पूरे विश्व में लगभग दो घंटे में पैदा होनेवाले बच्चे की संख्या 300 से अधिक होती है , जिनकी जन्मकुंडली एक जैसी होती है। लेकिन उनमें से सभी एक जैसी उंचाई हासिल नहीं करते। उंचाई हासिल करने के लिए परिस्थिति और मेहनत के साथ-साथ प्रेरक तत्वों का भी काफी महत्व है। बहुत से ज्योतिषी किसी जन्मकुंडली में राम , कृष्ण , बुद्ध , महावीर , इंदिरा गॉधी या महात्मा गॉधी जैसों की कुंडली का कोई एक योग दंखकर ही कह उठते हैं–`अरे , तुम्हारी कुंडली में तो —————योग है। यह ग्राहकों को खुश करने की चाल होती है। एक योग में पैदा होनेवाले सभी बच्चों में से कोई मजदूर तो कोई कलर्क , कोई ऑफिसर तो कोई व्यवसायी और कोई मंत्री के घर पैदा होता है। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व-निर्माण में आर्थिक , शैक्षणिक और अन्य वातावरण ग्रह से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। 


      jyotish kya hai

       jyotish vidya

      बदलते युग के साथ-साथ ग्रह के प्रभाव में भी परिवर्तन होता है। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत संतान पक्ष है , तो मातृ प्रधान युग के लिए तथा आज के युग में एक वेश्या के लिए लड़की का संकेतक हो सकता है , जबकि पितृप्रधान युग में वही योग लड़के की अधिकता का संकेतक होगा। यदि किसी जन्मकुंडली में मजबूत वाहन का योग है , तो वह प्राचीनकाल में घोड़े , हाथी आदि का संकेतक था , किन्तु आज वह स्कूटर , मोटरसाइकिल और कार का संकेतक है। किसी जन्मकुंडली में असाध्य रोग से ग्रस्त होने का योग है , तो वह किसी युग में व्यक्ति को टी बी का मरीज बनाता था , उसके बाद कैंसर का और आज वही योग उसे एड्स का मरीज बना देता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में उत्तम विद्या का योग हो तो वह प्राचीनकाल में किसी प्रकार की विद्या की जानकारी देता था , उसके बाद बी ए और एम ए की डिग्री तथा आज वह एम बी ए और एम सी ए जैसी डिग्री दिलाने में सहायक होता है।

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      वातावरण में परिवर्तन भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन ले जाता है। किसी किसान या व्यवसायी का उत्तम संतान पक्ष लड़के की संख्या में बढ़ोत्तरी कर सकता है , ताकि वे बड़े होकर परिवार की आमदनी बढ़ाएं , किन्तु एक ऑफिसर के लिए उत्तम संतान का योग संतान के गुणात्मक पहलू की वृद्धि करेगा। किसी जन्मपत्री में कमजोर संतान का योग एक किसान के लिए आलसी , बड़े व्यवसायी के लिए ऐयाश और ऑफिसर के लिए बेरोजगार बेटे का कारण बनेगा। । किसी किसान के पुत्र की कुंडली में उत्तम विद्या का योग होने से वह ग्रज्युएट होगा , किन्तु किसी ऑफिसर के पुत्र का वही उत्तम योग उसे आई ए एस बना सकता है। किसी किसान के लिए उत्तम मकान का योग उसे पकके का दोमंजिला मकान ही दे सकता है , किन्तु एक बड़े व्यवसायी का वही योग उसे एक शानदार बंगला देगा। किसी कुंडली में बाहरी स्थान से संपर्क का योग किसी ग्रामीण को शहरी क्षेत्र का , किसी शहरी व्यक्ति को महानगर का तथा महानगर के व्यक्ति के लिए विदेश के भ्रमण का कारण बन सकता है। किसी कुडली में ऋणग्रस्तता का योग एक साधारण व्यिक्त् को 500-1000 का तथा बड़े व्यवसायी को करोड़ों का ऋणी बना सकता है।

      jyotish shastra

      अलग अलग देश और प्रदेश के अनुसार भी ग्रहों के प्रभाव में परिवर्तन आता है। किसी विकसित देश में किसी महिला का प्रतिष्ठा का योग उसे प्रतिष्ठित नौकरी देगा , जबकि भारत के ग्रामीण क्षेत्र की महिला को सिर्फ अच्छा घर-वर ही प्रदान कर सकता है। किसी लड़की की कुंडली में दृष्ट हल्का कमजोर पति पक्ष भारत में सिर्फ परेशानी देनेवाला होगा , जबकि अमेरिका जैसे देश में वह तलाक देने और दिलानेवाला होगा। आज भले ही हम अपने को विज्ञान के युग का समझकर ज्‍योतिष पर हंसे या उसे नकारे , पर वास्‍तव में ज्‍योतिष एक सांकेतिक विज्ञान है और यह मनुष्‍य के स्‍वभाव , बनावट और परिस्थितियों का पूरा पूरा संकेत देता है। ग्रह मानव मन और मस्तिष्‍क तक का नियंत्रक है। यह मानव मस्तिष्‍क को वैसा ही व्‍यवसाय , वैसी ही नौकरी और घरवर चुनने के लिए प्रेरित करता है , जैसा उसे उसकी जन्‍मपत्री के अनुसार मिलना चाहिए ।

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      आज इस क्षेत्र में नए नए आविष्‍कार की आवश्‍यकता है। इस क्षेत्र का विकास तब ही होगा , जब कुछ पढे लिखे लोगों का ध्‍यान इस ओर आकर्षित होगा और वे अपना कुछ समय इस प्राचीन गौरवपूर्ण विज्ञान को समर्पित कर पाएंगे । विश्‍वविद्यालय को भी इस क्षेत्र में काम करनेवालों को सम्‍मानित करना पडेगा , जिस दिन ऐसा हुआ ज्‍योतिष विज्ञान की दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति शुरू हो जाएगी । हमने ज्योतिष को आज के युग के अनुरूप विक्सित किया है।  हमारा ज्योतिष सॉफ्टवेयर किसी के पुरे जीवन के उतर-चढ़ाव का ग्राफ खिंच सकता है।  उसके जीवन में विभिन्न मामलों का सुख-दुःख प्रतिशत में बता सकता है। इससे  बढ़कर हमारा एप्प है जो आपके ऊपर प्रतिदिन के ग्रहों का प्रभाव भी बतला सकता है। हमारे इस प्रयास ने ही ज्योतिष को विज्ञान का दर्जा दे दिया है। 

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        Falit jyotish

        Falit jyotish

        कोई व्यक्ति जन्म से ही मजबूत शरीर , व्यक्तित्व , धन , गुण , स्वभाव ,परिस्थितियॉ और साधन प्राप्त करता है और कोई जीवनभर यह सब प्राप्त करने के लिए आहें भरता है और कोई कई प्रकार की शारिरिक और मानसिक विकृतियों को लेकर ही जन्म लेता है। जरा सोंचिए , इसको किसका प्रभाव कहा जा सकता है ? जिसे वैज्ञानिक वर्ग संयोग या दुर्योग कहते हैं , वह प्रकृति की एक सोंची समझी हुई चाल होती है।आज कृत्रिम उपग्रहों ने यह सिद्ध कर दिया है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में स्थित आकाशीय पिंडों से अनंत प्रकाश की किरणें का जाल बिछा होता है , और पृथ्वी पर ऐसी कोई चीज नहीं , जो इसके प्रभाव से अछूती रह जाए। फिर ग्रहों के प्रभाव से कोई अछूता कैसे रह सकता है ? समुद्र में लहरो का उतार चढ़ाव और अन्य कई प्राकृतिक घटनाएं चंद्रबल के सापेक्ष हुआ करती है।

        jyotish vidya

        Falit jyotish in Hindi

        मनोवैज्ञानिकों का यह कहना कि ज्योतिष पर विश्वास एक अंधविश्वास है , जो मानसिक दुर्बलता का लक्षण है , बिल्कुल गलत है। मेहनत से काम करनेवाला व्यक्ति अकस्मात् किसी दुर्घटना का fशकार क्यों हो जाता है ? कोई छोटा बालक क्यो अनाथ हो जाता है ? कोई व्यक्ति पागलपन या किसी असाध्य रोग से क्यों ग्रस्त हो जाता है ? मेरे हिसाब से इन सब प्रश्नों के उत्तर किसी मनोवैज्ञानिक के पास नहीं होंगे। हजारों वर्षों से विद्वानों द्वारा अध्ययन-मनन और चिंतन के फलस्वरुप मानव मन-मस्तिष्क एवं अन्य जड़-चेतनों पर ग्रहों के पड़नेवाले प्रभाव के रहस्य का खुलासा होता जा रहा है , हॉ यह सत्य अवश्य है कि पूर्णता मनुष्य की नियति में नहीं है , लेकिन पूर्णता की खोज मनुष्य के स्वभाव का अंग है , नहीं तो इतिहास आदिम काल से एक ही करवट बैठा होता।

        Falit Jyotish Sikhe

        आज जरुरत है , धर्म , कर्मकांड और ज्योतिष का गंभीर अध्ययन-मनन करके सही तत्वों को जनता के सम्मुख लाने की। केवल पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर सारे नियमों को गलत मान लेना बेवकूफी ही होगी। भविष्य की थोड़ी भी जानकारी देने के लिए फलित ज्योतिष के सिवा दूसरी कोई विद्या सहायक नहीं हो सकती। जरूरी नहीं कि हमें शत प्रतिशत ही जानकारी हो , पर यदि किसी व्‍यक्ति के भविष्‍य के बारे में हम सटीक संकेत दे सकते हैं तो कम बडी बात नहीं , इसका फायदा अवश्‍य उठाएं । पर भविष्‍य को बदल देने का दावा करने वाले ज्‍योतिषियों के चंगुल में न फंसे , जानकारी के बाद सभी ग्रहों की चाल के हिसाब से अपनी जीवनशैली को ढाला जा सकता है , ग्रह के प्रभाव को बदला नहीं जा सकता, यह 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' का खास रिसर्च है, जिसे प्रमाणित किया जा सकता है। हम जल्‍द ही एक सर्वे लेकर आ रहे हैं , जिससे इस सिद्धांत की पुष्टि हो सकती है। अधिक से अधिक मित्र सर्वे में खुद भी भाग लेकर और अपने मित्रों को भी भाग दिलाकर हमारीमदद करेंगे , ऐसा हमें पूरा विश्‍वास है।

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          2021 में स्वास्थ्य की स्थिति और रोग प्रतिरोधक क्षमता

          Free Vedic astrology predictions life


          जब कोरोना की भारत में शुरुआत ही हुई और इसके गिने-चुने मामले आने लगे तभी से इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मैंने ज्योतिष के अपने एप्प का प्रमोशन छोड़ कोरोना से सम्बंधित पोस्ट लिखनी शुरू की, कोरोना पर दूसरों का लिखा लेख शेयर करना शुरू किया, ताकि कोरोना की भयावह स्थिति और उससे बचने के उपाय की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। जीवन जीने के आवश्यक क्रिया कलाप तो जारी रखना ही है, पर आनेवाले दिनों में सावधानी सबको रखनी है। लेकिन यदि आपके ग्रह थोड़े कमजोर हुए तो झंझट बढ़ सकते हैं, इसलिए मैंने आज अपने एप्प के नोटिफिकेशन में सबको भेजा है -----

          सभी एप्प यूजर से निवेदन है कि वे वार्षिक पूर्वानुमान में पहला और छठा ड्रापडाउन पर ध्यान दें। इन दोनों मामलों में जिनका जबतक ऋणात्मक रिजल्ट आ रहा हो, उन्हें कोरोना को लेकर उन्हें बहुत सावधान रहने की जरूरत है। खासकर यदि रिजल्ट में (आपके लिए खासकर) ऋणात्मक लिखा आ रहा हो तो घर से बाहर बिलकुल न निकले। All app users are requested to pay attention to 1st and 6th drop-down in yearly forecast. Those who are seeing negative results personally for yourself required to be very much careful particularly if it is showing "specially for you" then never go out of home a bit.

          आप भी गत्यात्मक ज्योतिष एप्प को अपने मोबाइल में इनस्टॉल कर अपने प्रथम और षष्ठ भाव की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जो ग्रहीय दृष्टि से आपके स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बताती है ! पहले भी हमारे एप्प से अपने स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैसे जाने, पर लेख लिख चुकी हूँ ------

          प्रतिदिन के स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास की स्थिति --- कैसे समझे एप्प से ??

          प्रतिदिन के रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति --- कैसे समझे एप्प से ??


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