व्हाट्सप्प के लिए एस्ट्रोलॉजी स्टेटस

 

Astrology status for WhatsApp in Hindi

गत्यात्मक ज्योतिष के विकास के बाद ज्योतिष शास्त्र के बारे में निम्न बातें कही जा सकती हैं , ये एस्ट्रोलॉजी कोट्स हमारे द्वारा ही लिखे गए हैं। :------

Astrology status for WhatsApp in Hindi


  • भगवान दरअसल ब्रह्मांडीय महाशक्ति है, जिसे ज्योतिष शास्त्र के द्वारा ही समझा जा सकता है। 
  • जिस समय कल्प , व्याकरण , छन्द , निरुक्त आदि महज कुछ ही विधा थी , फलित ज्योतिष को वेदों का नेत्र कहा जाता था।
  • लोगों को भविष्य को लेकर दिलचस्पी बनी रहती है, इसलिए भविष्य के विश्लेषण की अनेक विधियां प्रचलित हैं , पर एस्ट्रोलॉजी, यानि ज्योतिष, भविष्य को समझने की सबसे सटीक और वैज्ञानिक विधि है। 
  • सभी विधाएं भूतकाल और वर्तमान काल की जानकारी दे सकती है , भविष्य की सटीक जानकारी के लिए एकमात्र विधा फलित ज्योतिष ही है ।
  • पृथ्वी से ग्रह की दूरी के बदलने से गति में बदलाव आता है और गति के बदलने से विद्युत-चुम्बकीय परिवेश में स्वतः ही बदलाव आता है।
  • भौतिक विज्ञान में उल्लिखित सभी प्रकार की शक्तियां ही वस्तुतः ग्रहों की शक्तियां हैं।
  • हर व्यक्ति बदले हुए कोण से ब्रह्म की प्रतिछाया या प्रतीक है। ग्रह इस शरीर में ब्रह्म में ग्रंथि के रुप में होते हैं। वे समय-समय पर अपना फल प्रस्तुत करते हैं।
  • हमें जन्म के बाद और जीवनपर्यंत जिन परिस्थितियों का सामना करना पडता है , वह हमारा प्रारब्ध है , पर हम अपने सोंच , अपनी मेहनत और अपने क्रियाकलापों के द्वारा जो प्राप्त करते हैं , वह परिणाम होता है।
  • लोग समझते हैं कि ज्‍योतिष लोगों को काम न करने और आलसी बनने की सलाह देता है, जबकि सत्‍य यह है कि ज्‍योतिष हमें सही दिशा में काम करने की सलाह देता है !
  • जिस तरह एक बीज की बनावट को समझने के बाद उसकी खेती ओर उसका उपयोग करने में आपको आसानी होती है, उसी तरह अपनी और अपने बच्‍चों की जीवनशैली को समझने से आपको भविष्‍य के लिए कार्यक्रम बनाने में आसानी होती है !
  • कोई ज्‍योतिषी ठगी का काम करता हे तो उसमें ज्‍योतिष शास्‍त्र का क्‍या दोष? ठीक उसी तरह जैसे कोई डॉक्‍टर पैसे कमाने के लिए किसी की किडनी निकाल ले तो उसमें मेडिकल साइंस का क्‍या दोष ?
  • जन्‍मकुंडली की गणना से अपनी या किसी और की मृत्‍यु की भविष्‍यवाणी की तिथि बतला देना उसी प्रकार की अतिशयोक्ति है, जैसा एक डॉक्‍टर के द्वारा अमरत्‍व की दवा खिलाने का दावा हो सकता है। 
  • जन्मकुंडली से भविष्यवाणी करने की विधा को लेकर हंसा जा सकता है, इसलिए नहीं कि यह विज्ञान नहीं ! वरन इसलिए कि हम सभी ज्योतिषियों के मध्य एकता नहीं है !
  • हम सारे मनुष्य देखने में एक समान होते हुए भी अलग अलग प्रकार के बीज हैं , मनुष्य की कुंडली के ग्रहों को देखकर उसकी प्रकृति के बारे में , उसके विकास के बारे में , उसकी जीवन यात्रा के बारे में वैसी ही भविष्यवाणी की जा सकती है।
  • सही कहा गया है कि हमारा सब दांवपेंच हमारी सारी मेहनत बेकार हो जाती है जब समय हमारे प्रतिकूल हो जाता है ! बडे से बडे दिग्गज भी प्रतिकूल समय में हार मानने लगते हैं !
  • किसी के जन्म कालीन ग्रहों के आधार पर जीवन ग्राफ खीचने की पद्धति विकसित करने वाले हमारे पिताजी का मानना है कि सबके जीवन में धनात्मक और ऋणात्मक समय बारी बारी से आते है ! धनात्मक समय का जितना सार्थक उपयोग किया जाए, ऋणात्मक समय में उतनी कम तकलीफ होगी !
  •  धनात्मक समय का जितना दुरूपयोग किया जाए, ऋणात्मक में मिलने वाली तकलीफ उतनी ही बडी होगी ! ऋणात्मक समय को जितने शांतचित्त से झेला जाए, धनात्मक में उतनी सफलता मिलेगी ! ऋणात्मक समय को बिना झेले अनुभवहीनता में व्यतीत करेंगे तो धनात्मक समय में कैसे सफलता मिलेगी।
  • गत्यात्मक ज्योतिष की घड़ी को जिसने भी समझ लिया, वह अधिक से अधिक काम कर सकता है। उसकी कार्यक्षमता बढ़ जाती है। उसे इस बात की पूरी जानकारी हो जाती है कि किस मौके पर कौन सा काम किया जाना चाहिए।

  • जन्म कालीन ग्रहों की गति और स्थिति से हर व्यक्ति विभिन्न शक्तियों और स्वभाव से संयुक्त है। उसकी कार्यशैली, संसाधन और गंतव्य भिन्न भिन्न हो सकते हैं, किन्तु एक ही सृष्टि होने की वजह से एक दूसरे का पूरक होना उसका सर्वोत्तम उपयोग है।

अमेज़ॉन के किंडल में गुरूवर विद्या सागर महथा जी की  फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ को पढ़ने के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें !

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    एस्ट्रोलॉजी कोट्स

     

    According to Gatyatmak Jyotish Astrology quotes in Hindi

    गत्यात्मक ज्योतिष के रिसर्च के बाद भी इसको पहचान दिलाने में दिक्कत को देखते हुए मन में उपस्थित भावों ने यत्र-तत्र डायरी में ऐसे अभिव्यक्ति की , ये एस्ट्रोलॉजी कोट्स हमारे द्वारा ही लिखे गए हैं। 

    • विडंबना ही है कि जो निरीक्षण, परीक्षण के बाद मिले तथ्‍य को जांचकर किसी बात को विज्ञान मानते है, वही बिना निरीक्षण, परीक्षण और तथ्‍य को जांचे बिना ज्‍योतिष को अंधविश्‍वास कहते हैं!
    • किसी ने कहा कि विज्ञान के जिस नियम को हम समझ नहीं पाते उसे चमत्‍कार कहते हैं, इसमें एक पंक्ति मैं जोडना चाहती हूं कि विज्ञान के जिस नियम को हम नहीं समझ पाते उसे अंधविश्‍वास भी कहते हैं।
    • ज्योतिष विज्ञान और अंधविश्वास के भंवर में फंसा है ! न तो अंधविश्वासी ज्योतिष के वैज्ञानिक स्वरूप को स्वीकार पाते हैं, न वैज्ञानिक विज्ञान में ज्योतिष को समाविष्ट देख सकते हैं !
    Astrology quotes in Hindi
    • जीवन के भी कुछ अजब गजब  रहस्‍य हैं .. कभी कम प्रयास से ही किसी संयोग के कारण हम सफल हो जाते हैं .. कभी अधिक प्रयास के बाद भी किसी दुर्योग के कारण असफल .....
    • दूसरों को सफल नहीं देखने पर हम उनकी मेहनत में ही कोई कमी समझ लेते हैं, पर अपनी बारी आने पर समझ जाते हैं कि कोई शक्ति है ऐसी जो मनुष्‍य को आगे बढने नहीं देती, बल्कि बहुत समय निरंतर पीछे की ओर धकेल देती है !
    • कुछ गणितज्ञ अपने गणित की गति से , कुछ जादूगर अपने जादू से , कुछ तांत्रिक अपने तंत्र मंत्र से, कुछ कर्मकांडी अचूक कर्मकांडों से लोगों को भ्रमित कर ज्योतिष के क्षेत्र में भी अपना सिक्का् चलाना चाहते हैं।

        चिन्तनशील विचारक पाठकों, आपके मन में ज्योतिष से सम्बंधित कोई भी प्रश्न उपस्थित हो , सकारात्मक तार्किक बहस के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप (jyotish whatsapp group link) में आपका स्वागत है , क्लिक करें !

    • यदि समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को चोरी छुपे ज्‍योतिष की शरण में जाने की  मानसिकता न होती तो आजतक ज्‍योतिष को विज्ञान का दर्जा मिल गया होता ! जल में H2O क्‍यों है इसका कारण बताना नामुमकिन है,पर इसे अलग अलग किया जा सकता है!
    • ‘गत्यात्मक ज्योतिष’ के सूत्र किसी के जन्म कालीन ग्रहों की शक्ति निकालकर उसके जीवन के उतार चढाव का ग्राफ खींच देते हैं, जिसके हिसाब से कभी परिस्थितियां हमारे नियंत्रण में होती हैं तो कभी हम परिस्थितियों के नियंत्रण में।
    • अच्छे ग्रहों का प्रभाव भी सच्चे लोगों अधिक और बुरे लोगों पर कम पड़ता है.... जबकि बुरे ग्रहों का प्रभाव झूठे लोगों पर अधिक और सच्चे लोगों पर कम पड़ता है...
    • पिछले माह और पिछले जन्म में किए गए कर्मों का फल आप इस महीने के वेतन और भाग्य के रूप में प्राप्त कर रहे हैँ...... पर प्राप्त संसाधन की बदौलत आगे के महीने या अगले जन्म को सार्थक बनाना आपके कर्म निश्चित करते है!

    • जन्म के बाद समय समय पर जीवन के समक्ष आनेवाली अच्छी और बुरी परिस्थितियां हमारा सौभाग्य या दुर्भाग्य है. अच्छी परिस्थितियों का फ़ायदा उठा पाना और बुरी परिस्थितियों से लड़कर निकल जाना हमारा पुरुषार्थ है ..अच्छी परिस्थितियों में निकम्में बने रहना और बुरी परिस्थितियों में भाग्य को कोसना --- दोनों ही आलस है !
    • यह विडंबना ही है कि हर व्‍यक्ति अपनी सफलता के वर्षों को , सफलता के मुद्दों को खुद के कर्म का फल मानता है .... असफलता के वर्षों को , असफलता के मुद्दों को ईश्‍वर के द्वारा दिया जाने वाला दंड ..... यदि सफलता और असफलता दोनो को ईश्‍वर का ही वरदान या दंड मान ले या फिर दोनो को अपने ही कर्म का अच्‍छा और बुरा फल तो कभी न हारे ... उसके हारने की वजह खुद का अहंकार है 
    • केवल नदी में गिरने मात्र से किसी की जान नहीं जाती , बल्कि जान तभी जाती है जब तैरना नहीं आता ..उसी प्रकार परिस्थितियां कभी समस्या नहीं बनती , समस्या तभी बनती है जब हमें परिस्थितियों से निपटना नहीं आता .. गत्यात्मक ज्योतिष आपको आने वाली परिस्थितियों से लड़ने का तरीका सिखाता है ......
    • डॉक्टर के पास आप बीमार पडने पर ही नहीं जाते, गर्भ में बच्चे के आने के बाद ही उससे सलाह लेकर काम करना आरंभ कर देते हैं ! कानून की मदद आप झंझट में पडने के बाद नहीं लेते, वरन् होश संभालने के बाद ही कानून का पालन करते हैं ! गुरू के संपर्क में तब नहीं जाते जब आप गुमराह हो जाते हैं, वरन् जीवन की शिक्षा पाने के लिए पहले से गुरू की सलाह लेते हैं ! फिर एक ज्योतिषी के पास जाने के लिए आप बुरे समय का इंतजार क्यों करते हैं?

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      हिन्दी और अंग्रेजी में ग्रहों के नाम

       

      Our Solar System : Planets name in Hindi and English 

      हम सभी जानते है कि आसमान में हमारे सबसे निकट का तारा सूर्य है और पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते हैं।  सूर्य समेत सभी ग्रहों और उनके उपग्रहों का क्षेत्र सौरमंडल कहलाता है , इसलिए सभी छोटे बड़े ग्रह-उपग्रह सौमंडल के सदस्य कहलाते हैं। सौरमंडल के सभी ग्रहों के नाम निम्न हैं -------

      Planets name in Hindi and English


      All planets name in English and Hindi

      • हमारे सौरमंडल में सूर्य से सबसे निकट जो ग्रह है, उसे हिंदी में बुध (Budha) और अंग्रेजी में Mercury कहते हैं। सूर्य के निकट होने से यह ग्रह बहुत गर्म है। हमेशा सूर्य के निकट होने से  इसे देख पाना मुश्किल है । 
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है, उसे हिंदी में शुक्र (Śukra) और अंग्रेजी में Venus  कहते हैं।  हम इसे आसमान में भोर का तारा या इवनिंग स्टार के रूप में देखते हैं।  
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जो ग्रह स्थित है , उसे हिंदी में पृथ्वी (Prithvi) और अंग्रेजी में Earth  कहते हैं। यह हमारी सारी जरूरतें पूरा करते हुए जीवन यापन में मदद करती है । 
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में मंगल (Mangal) और अंग्रेजी में Mars  कहते हैं। हमलोग आसमान में इसे लाल रंग में चमकता हुआ पाते हैं। 
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है।, जिसे हिंदी में बृहस्पति (Brahspati) और अंग्रेजी में Jupitar  कहते हैं। हमलोग आसमान में इसे पीली आभा बिखेरते हुए देखा करते हैं। 
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में शनि (Shani)  और अंग्रेजी में Saturn कहते हैं।  हमलोग नंगी आँखों से आसमान में इसे कभी कभार ही देख पाते हैं। 
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में अरुण (Arun) और अंग्रेजी में Uranus कहते हैं।  पृथ्वी और सूर्य से काफी दूर होने के कारण हमलोग इसे नहीं देख सकते। ( Uranus planet in Hindi )
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में वरूण (Varun)  और अंग्रेजी में Neptune कहते हैं। अरुण से भी दूर स्थित होने से इसे देख पाना भी हमारे लिए मुश्किल ही है। (Neptune in Hindi)
      • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में यम (Yam) और अंग्रेजी में Pluto कहते हैं। बहुत छोटा होने के कारण इसे वैज्ञानिकों ने ग्रह मानना अस्वीकार कर दिया है। (Pluto name in Hindi)

      Astrology planets name in Hindi and English

      गत्यात्मक ज्योतिष शास्त्र सभी जड़ चेतन पर पृथ्वी के स्वरुप में परिवर्तन के प्रभाव को तो स्वीकार करता ही है , आसमान  में स्थित अन्य ग्रहों के प्रभाव को भी स्वीकार करता है। अन्य ग्रहों के साथ साथ सूर्य और चन्द्रमा का प्रभाव भी मनुष्य पर पड़ता है।  इस दृष्टि से पृथ्वी के जड़ चेतन पर सूर्य , चंद्र , बुध , शुक्र , मंगल , बृहस्पति और शनि का प्रभाव पड़ता है।  'गत्यात्मक ज्योतिष ' मनुष्य के जीवन पर यूरेनस ,  प्लूटो के आंशिक प्रभाव को भी स्वीकार करता है, जबकि छाया ग्रह के रूप में परिकल्पित राहु और केतु के प्रभाव  अस्वीकार करता है। इस वीडियो को देखकर सौरमंडल को अच्छे से समझा जा सकता है। 

      गत्यात्मक ज्योतिष के बारे में

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        मेष लग्न की कुंडली : जीवनशैली

         

         Jivan kya hai

        Aries means in Hindi

        Aries राशि को हिंदी में मेष कहा जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पृथ्‍वी की घूर्णन गति के फलस्‍वरूप आसमान के 360 डिग्री पूरब से पश्चिम की ओर जाती की चौडी पट्टी को 12 भागों में बांटकर एक राशि निकाली जाती है। आमलोग तो यही जानते हैं कि इन 12 राशियों में से दो का महत्‍व अधिक है.. पहला ,जिसमें सूर्य स्थित हों , दूसरा , जिसमें चंद्र स्थित हों । 

        पर ज्‍योतिष की पुस्‍तकों में इससे भी अधिक महत्‍व उस राशि का होता है , जिसका उदय बालक के जन्‍म के समय पूर्वी क्षितिज में हो रहा हो , इसे लग्‍न कहते हैं। एक चंद्र को छोडकर बाकी ग्रहों की स्थिति में दिनभर में कोई परिवर्तन नहीं होता , बारहों लग्‍न के आधार पर दो दो घंटे में अलग अलग जन्‍मकुंडली बनती है। बालक का जन्‍म जिस लग्‍न में होता है , उसी के आधार पर विभिन्‍न ग्रहों को उसके जीवन के सभी संदर्भों के सुख या दुख के निर्धारण का भार मिलता है। 

        Aries in Hindi rashi

        आसमान के 0 डिग्री से 30 डिग्री तक के भाग का नामकरण मेष राशि के रूप में किया गया है। जिस बच्‍चे के जन्‍म के समय यह भाग आसमान के पूर्वी क्षितिज में उदित होता दिखाई देता है , उस बच्‍चे का लग्‍न मेष माना जाता है। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की मान्‍यता है कि मेष लग्‍न की कुंडली मानव जाति के जीवनशैली का पूर्ण तौर पर प्रतिनिधित्‍व करता है। इसे निम्‍न प्रकार से स्‍पष्‍ट और प्रमाणित किया जा सकता है। इसलिए परम्परागत ज्योतिष में भी कालपुरुष की जन्मकुंडली मेष लग्न की मानी गयी है। 

        jivan kya hai

        मनुष्य का जीवन

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मन का स्‍वामी चंद्र चतुर्थ भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के मातृ पक्ष , हर प्रकार की संपत्ति और स्‍थायित्‍व का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव के मन को पूर्ण तौर पर संतुष्‍ट करने वाली जगह माता , मातृभूमि , हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व ही होती है। माता , मातृभूमि और हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व से दूर मनुष्‍य सुखी नहीं हो सकता।

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        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार समस्‍त जगत में चमक बिखेरने वाला सूर्य पंचम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के बुद्धि , ज्ञान और संतान का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव भी अपनी बुद्धि और ज्ञान और सूझबूझ की मजबूती के बल पर या योग्‍य संतान के बल पर सारी दुनिया में प्रकाश फैलाने में सक्षम होते हैं , जबकि बुद्धि ज्ञान की कमी रखनेवाले लोग या उनके अज्ञानी या अयोग्‍य संतान पूरी दुनिया को दिशाहीन कर देती है।

        मनुष्य जाति का विज्ञान

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मंगल प्रथम और अष्‍टम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के शरीर और जीवन का प्रतिनिधित्‍व करता है। पूरी दुनिया में मानव को जीवन को मजबूती देने के लिए शरीर की देखभाल की तथा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जीवनशैली को सुव्‍यवस्थित बनाए रखने की आवश्‍यकता होती है। यदि स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो तो जीवन के सही होने की तथा स्‍वास्‍थ्‍य बुरा हो तो जीवन के बिगडने की संभावना बनती है। इसी तरह जीवनशैली गडबड हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के गडबड रहने की तथा जीवनशैली सही हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के अच्‍छे रहने की संभावना बनती है।

        भृगुसंहिता के बारे में 

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शुक्र द्वितीय और सप्‍तम भाव का स्‍वामी है और यह जातक के धन कोष तथा घर गृहस्‍थी का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव को भी घर गृहस्‍थी चलाने के लिए धन की तथा धन कोष की व्‍यवस्‍था के लिए घर गृहस्‍थी की आवश्‍यकता पडती है। साधन संपन्‍नता से घर गृहस्‍थी अच्‍छी चलती है , जबकि साधन की कमी से घर गृहस्‍थी का वातावरण गडबड रहता है। इसी प्रकार जीवनसाथी के पारस्‍परिक सहयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है , जबकि सहयोग की कमी होने पर आर्थिक स्थिति कमजोर।

        मेष लग्न भाव

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बुध तृतीय और षष्‍ठ भाव का स्‍वामी है और यह जातक के भाई बंधु , झंझट तथा प्रभाव से संबंधित मामलों का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव जीवन में भाई ,बंधु के मध्‍य झंझट होने की प्रबल संभावना बनी रहती है और किसी झंझट को हल करने के लिए भाई बंधु के सहयोग की आवश्‍यकता भी होती है। यदि भाई बंधु की स्थिति मजबूत हो तो अनेक प्रकार के झंझटों को सुलझाने और प्रभाव को मजबूत बनाने में मदद मिलती है , जबकि यह कमजोर हो तो न तो झंझट सुलझते हैं और न ही प्रभाव की बढोत्‍तरी हो सकती है। इसी प्रकार जिसके पास झंझट सुलझाने की शक्ति मौजूद हो , तो उन्‍हें भाई बंधुओं की कमी नहीं होती।

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बृहस्‍पति नवम और द्वादश भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के भाग्‍य , धर्म , खर्च और बाहरी संदर्भ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी भाग्‍य और खर्च का पारस्‍परिक संबंध होता है। वे भी भाग्‍य की मजबूती से खर्चशक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती प्राप्‍त करते हैं तथा खर्च शक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती से भाग्‍य की मजबूती पाते हैं। भाग्‍य कमजोर हो तो खर्च शक्ति या बाह्य संदर्भों में कमजोरी तथा खर्च शक्ति कमजोर हो तो भाग्‍य को कमजोर पाते हैं। 

        मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शनि दशम और एकादश भाव का स्‍वामी होता है यानि यह जातक के पिता पक्ष , प्रतिष्‍ठा पक्ष और हर प्रकार के लाभ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी पिता पक्ष और लाभ का आपस में संबंध होता है। हम सभी जानते हैं कि एक बच्‍चे को समाज में पहचान पिता के नाम से ही मिलती है , पिता के स्‍तर के अनुरूप ही उसे पद और प्रतिष्‍टा प्राप्‍त होती है या लाभ का वातावरण बनता है। इसके अलावे किसी प्रकार के लाभ के वातावरण के मजबूत होने पर ही किसी व्‍यक्ति को प्रतिष्‍ठा मिलती है और प्रतिष्‍ठा मिल जाने पर लाभ प्राप्ति का वातावरण मजबूत बनता है।

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          ज्योतिष एप्प : पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न

           

          Frequently asked a question about our app

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          एप्प के बारे में पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न 

          Frequently asked question


          प्रश्न - मैंने आपका एप्प इनस्टॉल किया, पर लॉगिन नहीं हो रहा है।  पासवर्ड गलत दिखाता है। 

          उत्तर - हमारे एप्प को इनस्टॉल करने के बाद लॉगिन करने से पहले signup करना आवश्यक है, क्योंकि signup को भरते हुए आप अपनी जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान से एप्प को परिचय करवाते हैं। इसके बाद ही लॉगिन करने से एप्प के द्वारा आपको दैनिक और वार्षिक पूर्वानुमान मिल सकता है। 

           ज्योतिष की पुस्तकें 

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          प्रश्न - मैंने आपका एप्प इनस्टॉल करके signup कर लिया, पर अभी भी लॉगिन नहीं हो रहा है। ईमेल वेरिफिकेशन क्या है ? 

          उत्तर - signup में गलत ईमेल का उपयोग हुआ है या सही ईमेल का, इसके लिए एप्प द्वारा एक वेरिफिकेशन मेल भेजा जाता है, जिसमे verify का बटन होता है। आप मेल चेक करें, इनबॉक्स में नहीं मिले तो स्पैम में चेक करें और वेरीफाई का प्रोसेस पूरा करें। यदि स्पैम में भी मेल नहीं हो तो आपको दूसरा signup करना होगा, क्योंकि अभी के प्रोग्रामिंग में मेल दोबारा नहीं भेजी जा सकती । जल्द ही मैं इसका इंतजाम कर लूंगी ।

          गत्यात्मक ज्योतिष के बारे में

          प्रश्न - मैंने एप्प में लॉगिन कर लिया है, पर इसका उपयोग कैसे करूँ ?

          उत्तर - एप्प में जो सर्विस आपको निःशुल्क उपलब्ध है, वह दैनिक और वार्षिक पूर्वानुमान है। दैनिक पूर्वानुमान पर क्लिक करने से आपको उस दिन के ग्रहों के प्रभाव के बारे में जानकारी मिलती है, यदि और दिनों के बारे में जानना चाहते हैं तो next , previous या केलिन्डर के किसी दिन को आप क्लिक करें। वार्षिक पूर्वानुमान में १२ dropdown है, जिनके द्वारा आप जीवन के किसी भी मामले का पुरे एक साल का रिजल्ट देख सकते हैं। कौन सा मामला कितने समय तक पॉजिटिव है, कितने समय तक नेगेटिव और कितने समय तक सामान्य। इसकी जानकारी से आपको सालभर के कार्यक्रम बनाने में सुविधा होगी। 

            प्रश्न - क्या हमें इस प्रकार के एप्प पर निर्भर होना चाहिए ?

            उत्तर -आप कार्यक्रम बनाते हुए घडी पर, केलिन्डर पर निर्भर होते हैं। क्या ये आपकी क्षमता को काम करते हैं , हरगिज नहीं। यदि आप इस एप्प का उपयोग करना सिख जाएँ, तो यह आपकी क्षमता को बढ़ाएगी।  बेवजह होनेवाले श्रम, झंझटों को कम करेगी, जिससे बड़ा फल निकलकर आयेगा। इस एप्प की सत्यता को भी आप परख पाएंगे और कुछ अनुभव हमसे शेयर करेंगे , जिससे हमारे रिसर्च को भी मजबूती मिलेगी। धन्यवाद !

            हज़ारो लोग इसका लाभ उठा रहे हैं , आप भी अपने मोबाइल में इनस्टॉल करें और इसका लाभ उठायें। चंद्र-राशि, सूर्य-राशि या लग्न-राशि नहीं, अपने जन्मकालीन सभी ग्रहों पर आधारित दैनिक और वार्षिक भविष्यफल के लिए ---------

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