logix mall sector 32 noida - Gatyatmak Jyotish stall

गत्यात्मक ज्योतिष स्टाल

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विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में मेरे और पिताजी के लेखों को देखते हुए 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' को जानने की इच्‍छा रखने वाले अनेक पाठकों के पत्र मुझे मिलते रहे हैं। उनकी इच्‍छा को ध्‍यान में रखते हुए 1991 से ही विभिन्‍न ज्‍योतिषीय पत्र पत्रिकाओं में मेरे आलेख प्रकाशित होने शुरू हो गए और दिसंबर 1996 मे ही मेरी पुस्‍तक ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष: ग्रहों का प्रभाव’ प्रकाशित होकर आ गयी थी । पर मेरे द्वारा पत्र पत्रिकाओं में ज्‍योतिष से संबंधित जितने भी लेख छपे , वो सामान्‍य पाठकों के लिए न होकर ज्‍योतिषियों के लिए थे। यहां तक कि मेरी पुस्‍तक भी उन पाठकों के लिए थी ,जो पहले से ज्‍योतिष का ज्ञान रखते थे। इसे पाठकों का इतना समर्थन प्राप्‍त हुआ था कि प्रकाशक को शीघ्र ही 1999 में इसका दूसरा संस्‍करण प्रकाशित करना पडा। 

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 दो दिनों से दोनों भाई अमर ज्योति जी और अशेष कुमार  जेर नॉएडा सिटी सेंटर के लोजीक्स मॉल में लगे एक्ससिबिशन में गत्यात्मक ज्योतिष के स्टाल को संभाल रहे हैँ! शनिवार और रविवार को मैं भी वहाँ मौजूद होउंगी!  आपलोग  भी बारीकी से गत्यात्मक ज्योतिष को समझने के लिए यहाँ अवश्य पहुंचे! अपनी और अपने परिवार के लोगों की गत्यात्मक जन्मकुंडली बनवाये, कम से कम अपने जीवन ग्राफ( जो हमारी स्पेशलिटी है ) पर तो एक नजर अवश्य डालें!

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 हमारे एप्प को इनस्टॉल करने या इसे समझने में जिन्हे भी बाधा आ रही है, उनकी समस्या भी निःशुल्क हल की जाएगी, ताकि वे पूरे 2021 का और दिन-प्रतिदिन का भविष्यफल देख सकें! गत्यात्मक ज्योतिष प्रेमी सभी फेसबुक़ मित्रों का भी स्वागत है!

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हिंदी में जीवन पर क्वोट्स

 

Quotes in life in Hindi

15 वर्ष पूर्व की मेरी पुरानी डायरी में ये चंद पंक्तियां मिली , जो अपनी बिना किसी गल्‍ती के , दूसरों के षडयंत्र के कारण अपने जीवन में चार महीनें तक उपस्थित हुए बुरी परिस्थिति से घिरी शायद खुद को संतोष देते हुए लिखी थी , आप भी पढें ..........

Quotation for life in Hindi

Quotation for life in Hindi

  • किसी निर्दोष की एक बूंद आंसू का भी समय आने पर बडा फल चुकाना पडता है , यदि वह फूटफूटकर रो दे , तो आप अपनी पूरी जिंदगी ही तबाह समझो।
  • यदि लक्ष्‍य अच्‍छा हो तो उसे प्राप्‍त करने हेतु खडे लोगों में प्रतिस्‍पर्धा होती हैं , पर लक्ष्‍य बुरा हो तो उसे प्राप्‍त करने हेतु खडे लोगों में कुछ दिनों तक अचानक बडी मित्रता देखने को मिलेगी। 
  • झूठ बोलना तो पाप है , पर किसी को सुख पहुंचाने के लिए बोले गए पाप में पुण्‍य भी शामिल होता है , किसी को कष्‍ट पहुंचाने के लिए बोला गया झूठ तो पाप को दुगुणा कर देता है , जिससे मुक्ति पाना शायद किसी के लिए संभव नहीं।
  • यदि आप दुश्‍मनी के चश्‍में को पहने हों, तो दुश्‍मन का दुश्‍मन आपको बहुत बडा मित्र दिखाई देता है , पर यदि आप इस चश्‍में को उतार दो तो ऐसा महसूस हो सकता है कि वह मित्र बनने के लायक भी नहीं ।

Quotes on life in Hindi

  • यदि कोई व्‍यक्ति आपको दूसरों की कमजोरी सुना रहा हो , तो आप समझ जाएं कि वह आपकी कमजोरी भी दूसरों को सुनाएगा। इसके विपरीत यदि वह दूसरों की कमजोरी को आपके सामने ढंक रहा हो , तो समझ लें कि वह दूसरों के समक्ष आपकी कमियों को भी उजागर नहीं करेगा। 
  • आप बडे बुजुर्गों से ढंग से बात भी न कर सकें , तो आपके समान कुसंस्‍कारी कोई नहीं , आप अपने धन , पद या डिग्री की शान न बधारें , ये औरों के लिए किसी काम का नहीं होता।
  • अधिकांश समय यह अवश्‍य होता है कि जिसका साथ समाज दे रहा हो , वो सही है , पर कभी कभी ये भी होता है कि जिसका साथ समाज नहीं दे रहा हो , वो सही है , क्‍यूंकि अंधेरे को छंटने में थोडी देर हो जाती है।
  • क्या आप जानते हैं कि किसी भी व्यक्ति के विकास में टीनएज कितना महत्वपूर्ण होता है, यह समय किसी के व्यक्तित्व को दिशा देने का होता है, इसी उम्र के किशोरों को सेना भी ट्रेनिंग के लिए चुनती है, आतंकवादी संगठन भी। घर पर भी किशोरों को जैसा माहौल मिलेगा, वह वैसा ही आज्ञाकारी या विद्रोही युवक बनेगा। 
  • प्रकृति के नियम बहुत सरल हैं, आप कर्तव्य का पालन करें, अधिकार स्वयंमेव मिलता है! जो पेड लगाएगा, उसकी जरूरतें पूरी करेगा, उसे फल मिलेंगे। जो गाय पालेगा, उसकी जरूरतें पूरी करेगा, उसे दूध मिलेगा। प्रकृति आपसे मेहनत चाहती है, कुछ को पिछले जन्मों की मेहनत का भी बहुत कुछ मिल जाता है। पर डराकर, छीनकर या चोरी करके कोई कितने दिन मजे कर सकता है, प्रकृति से दंड मिलना है !

Quotes for life in Hindi

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    हिंदी में हनुमान चालीसा

     

    Hanuman chalisa in hindi(हनुमान चालीसा पाठ हिंदी मै)

    Shree hanuman chalisa lyrics

    दोहा --

    श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

    बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। 

    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

    बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।

    Hanuman chalisa in hindi

    चौपाई :

    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

    जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

    रामदूत अतुलित बल धामा।

    अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

    महाबीर बिक्रम बजरंगी।

    कुमति निवार सुमति के संगी।।

    कंचन बरन बिराज सुबेसा।

    कानन कुंडल कुंचित केसा।।

    हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।

    कांधे मूंज जनेऊ साजै।

    संकर सुवन केसरीनंदन।

    तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

    विद्यावान गुनी अति चातुर।

    राम काज करिबे को आतुर।।

    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

    राम लखन सीता मन बसिया।।

    सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

    बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

    भीम रूप धरि असुर संहारे।

    रामचंद्र के काज संवारे।।

    लाय सजीवन लखन जियाये।

    श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

    तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।

    सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

    अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

    नारद सारद सहित अहीसा।।

    जम कुबेर दिगपाल जहां ते।

    कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

    राम मिलाय राज पद दीन्हा।

    तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

    लंकेस्वर भए सब जग जाना।

    जुग सहस्र जोजन पर भानू।

    लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

    प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।

    जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

    दुर्गम काज जगत के जेते।

    सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

    राम दुआरे तुम रखवारे।

    होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

    सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

    तुम रक्षक काहू को डर ना।।

    आपन तेज सम्हारो आपै।

    तीनों लोक हांक तें कांपै।।

    भूत पिसाच निकट नहिं आवै।

    महाबीर जब नाम सुनावै।।

    नासै रोग हरै सब पीरा।

    जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

    संकट तें हनुमान छुड़ावै।

    मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

    सब पर राम तपस्वी राजा।

    तिन के काज सकल तुम साजा।

    और मनोरथ जो कोई लावै।

    सोइ अमित जीवन फल पावै।।

    चारों जुग परताप तुम्हारा।

    है परसिद्ध जगत उजियारा।।

    साधु-संत के तुम रखवारे।

    असुर निकंदन राम दुलारे।।

    अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।

    अस बर दीन जानकी माता।।

    राम रसायन तुम्हरे पासा।

    सदा रहो रघुपति के दासा।।

    तुम्हरे भजन राम को पावै।

    जनम-जनम के दुख बिसरावै।

    अन्तकाल रघुबर पुर जाई।

    जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।

    और देवता चित्त न धरई।

    हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

    संकट कटै मिटै सब पीरा।

    जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

    जै जै जै हनुमान गोसाईं।

    कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

    जो सत बार पाठ कर कोई।

    छूटहि बंदि महा सुख होई।।

    जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

    होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

    तुलसीदास सदा हरि चेरा।

    कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।। 

    दोहा :

    पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।


    Hanuman chalisa english lyrics

    Doha  

    Sri Guru Charan Saroj Raj Nij Man Mukur Sudhari, 

    Baranau Raghuvar Bimal Jasu Jo Dayaku Ohal Chari II

    Buddhiheen Tanu Janike Sumarau Pavan Kumar, 

    Bal Buddhi Vidya Dehu Mohi Harau Kalesh Vikar II

    Hanuman Chalisa:

    Jai Hanuman gyan gun sagar
    Jai Kapis tihun lok ujagar
    Ram doot atulit bal dhama
    Anjaani putra Pavan sut nama

    Mahabir Bikram Bajrangi
    Kumati nivar sumati ke sangi
    Kanchan varan viraj subesa
    Kanan kundal kunchit kesa

    Hath vajra aur dhvaja viraje
    Kaandhe moonj janeyu saje
    Shankar suvan kesri nandan
    Tej pratap maha jag vandan

    Vidyavan guni ati chatur
    Ram kaj karibe ko aatur
    Prabu charitra sunibe ko rasiya
    Ram Lakhan Sita man basiya

    Sukshma roop dhari siyahi dikhava
    Vikat roop dhari lank jarava
    Bhima roop dhari asur sanghare
    Ramachandra ke kaj sanvare

    Laye Sanjivan Lakhan jiyaye
    Shri Raghuvir harashi ur laye
    Raghupati kinhi bahut badai
    Tum mam priye Bharat hi sam bhai

    Sahas badan tumharo yash gaave
    Asa kahi Shripati kanth lagaave
    Sankadhik Brahmadi Muneesa
    Narad Saarad sahit Aheesa

    Yam Kuber Digpaal jahan te
    Kavi Kovid kahi sake kahan te
    Tum upkar Sugreevahin keenha
    Ram milaye rajpad deenha

    Tumharo mantra Vibheeshan maana
    Lankeshwar bhaye sab jag jana
    Yug sahastra jojan par Bhanu
    Leelyo tahi madhur phal janu

    Prabhu mudrika meli mukh mahee
    Jaladhi langhi gaye achraj nahee
    Durgam kaj jagath ke jete
    Sugam anugraha tumhre tete

    Ram dwaare tum rakhvare
    Hoat na agya binu paisare
    Sub sukh lahae tumhari sar na
    Tum rakshak kahu ko dar naa

    Aapan tej samharo aapai
    Teenhon lok hank te kanpai
    Bhoot pisaach nikat nahin aavai
    Mahavir jab naam sunave

    Nase rog harae sab peera
    Japat nirantar Hanumant beera
    Sankat te Hanuman chudavae
    Man kram vachan dhyan jo lavai

    Sab par Ram tapasvee raja
    Tin ke kaj sakal Tum saja
    Aur manorath jo koi lavai
    Soi amit jeevan phal pavai

    Charon jug partap tumhara
    Hai persidh jagat ujiyara
    Sadhu Sant ke tum rakhware
    Asur nikandan Ram dulhare

    Ashta sidhi nav nidhi ke dhata
    As var deen Janki mata
    Ram rasayan tumhare pasa
    Sada raho Raghupati ke dasa

    Tumhare bhajan Ram ko pavai
    Janam janam ke dukh bisraavai
    Anth kaal Raghuvir pur jayee
    Jahan janam Hari Bakht Kahayee

    Aur Devta chit na dharahi
    Hanumanth sehi sarve sukh karehi
    Sankat kate mite sab peera
    Jo sumirai Hanumat balbeera

    Jai Jai Jai Hanuman Gosayin
    Kripa karahu Gurudev ki nyahin
    Jo sat bar path kare kohi
    Chutahi bandhi maha sukh hohi

    Jo yah padhe Hanuman Chalisa
    Hoye siddhi sakhi Gaurisa
    Tulsidas sada hari chera
    Keejai nath hridaye mein dera

    Doha  

    Pavan tanay sankat harana, Mangal moorati roop I
    Ram Lakhan Sita sahit, Hridaya basahu sur bhoop II

    Hanuman chalisa sunna hai

    हिन्दू धर्म में हनुमानचालीसा का इतना महत्व है कि भारततवर्ष के लगभग सभी गायकों ने इसे गया है।  इंटरनेट पर कोई ऐसा मंच नहीं मिलेगा , जहाँ हनुमानचालीसा मौजूद नहीं। नीचे लिंक दिए जा रहे हैं , आप अपनी मनचाही आवाज में हनुमान चालीसा सुन सकते हैं। 

    जयोतिष में हुए नए रिसर्च, गत्यात्मक ज्योतिष के बारे में अधिक जानने के लिए ये लेख अवश्य पढ़ें  ------

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      जन्म की तारीख से भविष्य की जानकारी

       

      Astrology in Hindi by date of birth and time

      (जन्म की तारीख से भविष्य की जानकारी)

      आप सभी जानते हैं कि ज्योतिष में ज्योतिष में Ascendant क्या होता है? जन्मसमय के अभाव में जातक के लग्न को निकालना मुश्किल होता है, इसलिए भविष्यफल में कठिनाई आती है। इस लेख में आपको जानकारी मिलेगी कि जन्मसमय न होने पर भी हमलोग सिर्फ जन्मतिथि से  ( Horoscope by date of birth) कैसे  जन्मकुंडली ( jyotish in hindi by date of birth ) बनाते और भविष्य का सटीक आकलन कर पाते हैं। इसलिए जिनके पास अपने जन्म का सटीक समय न हो , सिर्फ जन्मतिथि हो , वे हमारी सर्विस ले सकते हैं। 

      भविष्य को समझ पाने के विज्ञान और कला 'ज्योतिष' की गणना बहुत ही सूक्ष्म मानी जाती है और इस कारण जन्म की तिथि के साथ साथ साथ जन्म के समय के घटी-पल (घंटा-मिनट-सेकंड) तक को जानना आवश्यक होता है। उसी के आधार पर जन्मकुंडली बनायीं जाती है , जिससे स्पष्ट होता है कि जीवन के विभिन्न मामलों के सुख-दुःख के लिए कौन से ग्रह उत्तरदायी हैं और किन समयावधियों में इनका प्रभाव अच्छा या बुरा पड़ेगा। (Astrology in hindi by date of birth and time) जन्म-समय न होने की स्थिति में इसके निर्धारण में समस्या उपस्थित होती है। 


      Horoscope by date of birth in hindi

      Kundli without birth time in Hindi

      पर गत्यात्मक ज्योतिष ने जन्मसमय न होने की स्थिति में भविष्य का आकलन करने की एक विधा विकसित की हैं। किसी खास तिथि को दिनभर जन्म लेने वालों की सूर्य राशि और चंद्र राशि एक ही होती है, सिर्फ लग्न बदलता है।  गत्यात्मक ज्योतिष चंद्रकुंडली को किसी जातक के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानता है।  इसके अलावा ग्रहों की गत्यात्मक और स्थैतिक शक्ति भी हमलोग सूर्योदय के हिसाब से निकालते हैं।  इसलिए जन्मसमय न होने की स्थिति में इन बल को निकालने में भी कोई दिक्कत नहीं आती। (jyotish in hindi by date of birth)

      इस क्रम में में आपकी पूर्व में घटी घटनाओं की आपसे कुछ चर्चा करनी होती है और आपके जन्मकालीन  ग्रहों से तालमेल बिठाना होता है। जन्मसमय न होने की स्थिति में निराश होने की आवश्यकता नहीं , क्योंकि हमलोग चंद्रकुंडली और ग्रहों के  देखते हुए जातक के बारे में सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं। 

      'अमेज़ॉन के किंडल में गुरूवर विद्या सागर महथा जी की  फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ को पढ़ने के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें !

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        ज्योतिष में ascendant क्या होता है?

         

         Ascendant meaning in astrology in Hindi


        सामान्य बोलचाल की भाषा में Ascendant का अर्थ चढ़ाव या आगे की ओर अग्रसर होना है! ज्योतिष में Ascendent का शाब्दिक अर्थ लग्न होता है! पूर्व में आप एक लेख हिंदी में जोडिएक का अर्थ में पढ़ चुके हैं कि आसमान में मौजूद 30 -30  डिग्री की कुल 12 राशियों में से लग्न वह राशि होती है, जो किसी व्यक्ति के जन्म के समय आसमान में पूर्वी क्षितिज पर उदित होती है! जन्मसमय के अभाव में किसी जातक का लग्न नहीं निकला जा सकता, इस कारण जन्मसमय न होने की स्थिति में भविष्य का आकलण चंद्रकुंडली और ग्रहों की शक्ति के आधार पर खींचे गए जीवन ग्राफ से की जाती है। 

        ज्योतिष शास्त्र में लग्न-राशि को जातक के व्यक्तित्व के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना गया है। यह कुंडली का प्रथम भाव होता है , जिससे जातक के शरीर, व्यक्तित्व , आत्मविश्वास आदि का पता चलता है। इस राशि का स्वामी लग्नेश और इस भाव में मौजूद ग्रहों की शक्ति से ही किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का आकलन किया जा सकता है। किसी भी कुंडली में लग्न की स्थिति सबसे ऊपर होती  है। यदि लग्न में ही चंद्र की स्थिति हो तो जातक की एक ही लग्नकुंडली और चंद्रकुंडली  होती है। 

        Ascendant meaning in astrology in Hindi

        Ascendant planet meaning in hindi

        चूँकि सूर्य 15 अप्रैल से 15 मई के मध्य सबसे पहली राशि मेष में होता है , इसलिए इस दौरान  सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न मेष होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद वृष  लग्न, चार घंटे बाद मिथुन , छह घंटे बाद कर्क , आठ घंटे बाद सिंह - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।  15 मई से 15 जून के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न वृष होता है , लग्न में सूर्य होता है , अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद मिथुन लग्न, चार घंटे बाद कर्क , छह घंटे बाद सिंह , आठ घंटे बाद कन्या  - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।  

        15 जून  से 15 जुलाई के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न मिथुन होता है , लग्न में सूर्य होता है , अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद कर्क  लग्न, चार घंटे बाद सिंह  , छह घंटे बाद कन्या  , आठ घंटे बाद तुला - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है। 15 जुलाई से 15 अगस्त के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न कर्क होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद सिंह लग्न, चार घंटे बाद कन्या , छह घंटे बाद तुला , आठ घंटे बाद वृश्चिक  - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।   

        Ascendent in Hindi Astrology

         15 अगस्त से 15 सितम्बर के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न सिंह होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद कन्या  लग्न, चार घंटे बाद तुला , छह घंटे बाद वृश्चिक, आठ घंटे बाद धनु   - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।   15 सितम्बर से 15 अक्टूबर के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न कन्या  होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद तुला लग्न, चार घंटे बाद वृश्चिक  , छह घंटे बाद धनु , आठ घंटे बाद मकर - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।  

        लग्नकुंडली

         15 अक्टूबर  से 15 नवंबर  के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न तुला  होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद वृश्चिक लग्न, चार घंटे बाद धनु , छह घंटे बाद मकर , आठ घंटे बाद कुम्भ  - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।   15 नवंबर से 15 दिसंबर के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न वृश्चिक होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इसी महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद धनु  लग्न, चार घंटे बाद मकर , छह घंटे बाद कुम्भ , आठ घंटे बाद मीन - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।  

        Ascendent in Hindi Astrology

        15 दिसंबर  से 15 जनवरी के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न धनु होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इस महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद मकर लग्न, चार घंटे बाद कुम्भ  , छह घंटे बाद मीन  , आठ घंटे बाद मेष - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है। 15 जनवरी  से 15 फरवरी  के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न मकर होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इस महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद कुम्भ  लग्न, चार घंटे बाद मीन , छह घंटे बाद मेष , आठ घंटे बाद वृष  - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।     

        15 फरवरी से 15 मार्च  के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न कुम्भ होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इस महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद मीन लग्न, चार घंटे बाद मेष , छह घंटे बाद वृष , आठ घंटे बाद मिथुन   - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है। 15 मार्च से 15 अप्रैल  के दौरान सूर्योदय के आसपास जन्म लेने वाले बच्चे का लग्न मीन होता है , लग्न में सूर्य होता है, अमावस के दिन चन्द्रमा भी साथ में होता है। बुध और शुक्र के भी लग्न के आसपास होने की संभावना रहती है।  इस महीने में सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद मेष लग्न, चार घंटे बाद वृष, छह घंटे बाद मिथुन  , आठ घंटे बाद कर्क - इसी प्रकार लग्न  बढ़ता  जाता है।   


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