कुंडली मिलान आवश्यक नहीं

 Online Jyotish Kundali matching

आए दिन हमारी भेंट ऐसे अभिभावकों से होती है, जो अपने बेटे या बेटी के विवाह न हो पाने से बहुत परेशान हैं। उनकी विवाह योग्य संतानें पढ़ी-लिखी है ,पर पॉच-सात वर्ष से उपयुक्त वर या वधू की तलाश कर रहें हैं ,कहीं भी सफलता हाथ नहीं आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण किसी संतान का मंगली होना है और मंगली पार्टनर न होने से वे कई जगह बात बढ़ा भी नहीं पाते। 

अगर पार्टनर मंगली मिल भी जाए तो कई जगहों पर लड़के-लड़कियों के गुण न मिल पाने से भी समस्या बनी ही रह जाती है। ये समस्या समाज में बहुतायत में है और सिर्फ कन्या के ही अभिभावक नहीं , वर के अभिभावक भी ऐसी समस्याओं से समान रुप से जूझ रहे हैं । लड़का-लड़की या परिवार के पूर्ण रुप से जंचने के बावजूद भी मंगला-मंगली और गुण-मिलान टेबल pdf  के चक्कर में संबंध जोड़ना संभव नहीं हो पाता है। 

Kundali milan in hindi by birth date

पुराने युग में शादी-विवाह एक गुड्डे या गुड़िया की खेल की तरह था। सिर्फ पारिवारिक पृश्ठभूमि का ध्यान रखते हुए किसी भी लड़की का हाथ किसी भी लड़के को सौंप दिया जाता था । कम उम्र में शादी होने के कारण लड़के-लड़कियों कें व्यक्तित्व ,आचरण या व्यवहार का कोई महत्व नहीं था। इस कारण बड़े होने के बाद कभी-कभी लड़के-लड़कियों के विचारों में टकराव होने की संभावना बनी रहती थी । इसी कारण अभिभावक शादी करने से पूर्व ज्योतिषियों से सलाह लेना आवश्यक समझने लगें और इस तरह कुंडली मिलाने की प्रथा की शुरुआत हुई।

 कुंडली machinके अवैज्ञानिक तरीके के कारण समाज में वैवाहिक मतभेदों में कोई कमी नहीं आई ,साथ ही दुर्घटनाओं के कारण भी जातक के वैवाहिक सुख में बाधाएं उपस्थित होती ही रहीं , लेकिन फिर भी ( गुण मिलान टेबल pdf  ) के अनुसार कुंडली मिलाना वर्तमान युग में भी एक आवश्यक कार्य समझा जाता है यद्यपि कुंडली मिलाना आज किसी समस्या का समाधान न होकर स्वयं एक समस्या बन गया है।

Marriage matching online Jyotish

Kundali milan in hindi by mangal

ज्योतिष की पुस्तकों के अनुसार किसी भी लड़के या लड़की की जन्मकुंडली में लग्न भाव , व्यय भाव , चतुर्थ भाव , सप्तम भाव या अश्टम भाव में मंगल स्थित हो तो उन्हें मांगलीक कहा जाता है। परंपरागत ज्योतिष में ऐसे मंगल का प्रभाव बहुत ही खराब माना जाता है। यदि पति मंगला हो तो पत्नी का नाश तथा पत्नी मंगल हो तो पति का नाश होता है । 

संभावनावाद की दृष्टि से इस बात में कोई वैज्ञानिकता नहीं है। किसी कुंडली में बारह भाव होते हैं और पॉच भाव में मंगल की स्थिति को अनिष्‍टकर बताया गया है। इस तरह समूह का 5/12 भाग यानि लगभग 41 प्रतिशत लोग मांगलिक होते है ,लेकिन अगर समाज में ऐसे लोगों पर ध्यान दिया जाए जिनके पति या पत्नियां मर गयी हों ,तो हम पाएंगे कि उनकी संख्या हजारों में भी एक नहीं है।

चिन्तनशील विचारक पाठकों, आपके मन में ज्योतिष से सम्बंधित कोई भी प्रश्न उपस्थित हो , सकारात्मक तार्किक बहस के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप में आपका स्वागत है , क्लिक करें !

Janm Kundali milan in marriage

मंगला-मंगली के अतिरिक्त ज्योतिष की पुस्तकों में कुंडली मिलाने के लिए एक गुण मिलान टेबल पीडीऍफ़  का उपयोग किया जाता है। इस सारणी से केवल चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के आधार पर लड़के और लड़कियों के मिलनेवाले गुण को निकाला जाता है। यह विधि भी पूर्णतया अवैज्ञानिक है। किसी भी लड़के या लड़की के स्वभाव , व्यक्तित्व और भविष्‍य का निर्धारण सिर्फ चंद्रमा ही नहीं ,वरन् अन्य सभी ग्रह भी करतें हैं । इसलिए दो जन्मकुंडलियों के कुंडली-मेलापक द्वारा गुण निकालने की प्रथा बिल्‍कुल गलत है। 

इस संबंध में एक उदाहरण का उल्लेख किया जा सकता है। मेरे पिताजी के एक ब्राह्मण मित्र ने , जो स्वयं ज्योतिषी हैं और जिनका जन्म पुनर्वसु नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ था , पुष्‍य नक्षत्र में स्थित चंद्रमावाली लड़की को ही अपनी जीवनसंगिनी बनाया , क्योंकि ऐसा करने से कुंडली मेलापक तालिका के अनुसार उन्हें सर्वाधिक 35 अंक प्राप्त हो रहे थें । इतना करने के बावजूद उन्हें अपनी पत्नी से एक दिन भी नहीं बनी ।

किसी कारणवश वे तलाक तो नहीं ले पाए परंतु उनका मतभेद इतना गहरा बना रहा कि एक ही घर में रहते हुए भी आपस में बातचीत भीं बंद रहा। इसका अर्थ यह नहीं कि ज्‍योतिष विज्ञान ही झूठा है , ग्रहों का प्रभाव मनुष्‍य पर नहीं पड़ता है।दरअसल मेरे पिताजी के उस मित्र की कुंडली में स्‍त्री पक्ष या घर-गृहस्थी के सुख में कुछ कमी थी ,इसलिए विवाह के बावजूद उन्हें सुख नहीं प्राप्त हो सका।

लेकिन आप चाहें तो इस वेबसाइट में जाकर अपने बच्चों की जन्मकुंडली मैच कर सकते हैं -----

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वैवाहिक मामले 

Janam kundli match for marriage in Hindi

एक सज्जन अपनी पुत्री की तुला लग्‍न की कुंडली लेकर मेरे पास आएं। सप्तम भावाधिपति मंगल अतिवक्र होकर अष्‍टमभाव में स्थित था , ऐसी स्थिति में लड़की पूरी युवावस्था यानि 24 वर्ष से 48 वर्ष तक पति के सुख में कमी और घर-गृहस्‍थी में बाधा महसूस कर सकती थी , यह सोंचकर मैने उस लड़की को नौकरी कर अपने पैरों पर खड़े होने की सलाह दी ,लेकिन अभिभावक तो लड़की की शादी करके ही निश्चिंत होना चाहते हैं ,उन्होनें दूसरे ज्योतिषी से संपर्क किया , जिसने अच्छी तरह कुंडली मिलवाकर अच्‍छे मुहूर्त में उसका विवाह करवा दिया। 

मात्र दो वर्ष के बाद ही एक एक्सीडेंट में उसके पति की मृत्यु हो गयी और वह लड़की अभी विधवा का जीवन व्यतीत कर रही हैं। मेरे पिताजी एक ज्योतिषी हैं पर उन्होने अपने सारे बच्चों की शादी में कुंडली मेलापक की कोई चर्चार सकता है , यदि नही तो वह किसी जोड़े को बनने से भी नहीं रोक सकता। 

 Kundli matching in hindi online

आज घर-धर में कम्प्यूटर और इंटरनेट के होने से मंगला-मंगली और कुंडली मेलापक की सुविधा घर-बैठे मिल जाने से यह और बड़ी समस्या बन गयी है। किन्ही भी दो बायोडाटा को डालकर उनका मैच देखना का नहीं की । क्या कोई पंडित 10 पुरुष और 10 स्त्रियो की कुंडली में से वर और कन्या की कुंडली को अलग कफी आसान हो गया है , पर इसके चक्कर में अच्छे-अच्छे रिश्ते हाथ से निकलते देखे जाते हैं ।

 इसी तरह love marriage hone ke sanket ko भी जन्मकुंडली के ग्रहों में ढूंढा जाता है , जो वैज्ञानिक दृष्टि से सही नहीं है। उन दो बायोडाटा को डालकर देखने से ,जिनकी बिना कुंडली मिलाए शादी हुई है और जिनकी काफी अच्छी निभ रही है या जिनकी कुंडली मिलाकर शादी हुई है और जिनकी नहीं निभ रही है , कम्प्यूटर और उसमें डाले गए इस प्रोग्राम की पोल खोली जा सकती है। एक ज्योतिषी होने के नाते मेरा कर्तब्य है कि मै अभिभावकों को उचित राय दूं। परिचित परिवार और परिचित लड़के , खासकर प्रेम विवाह करने जा रहे जोड़ों को कुंडली मिलाने की जरूरत नहीं है।

'गत्यात्मक ज्योतिष' आधारित सूत्रों पर सिर्फ चन्द्रमा और मंगल ही नहीं, वर-वधू के जन्मकालीन सभी ग्रहों के आधार पर किये जानेवाले कुंडली मिलान के लिए संपर्क करें -8292466723 ,  gatyatmakjyotishapp@gmail.com 

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    इस सप्‍ताह में ही भूकम्‍प के कई झटकों के साथ साथ एक बड़े भूकम्प के आने की आशंका है !!

    Bhukamp kab aayega 

    इस सप्‍ताह में ही भूकम्‍प के कई झटकों के साथ साथ एक बड़े भूकम्प  के आने की आशंका है !!  


    21वीं सदी के शुरू होते ही इंटरनेट पर हिंदी को लाने के लिए पूरी दुनिया के हिंदीप्रेमी कंप्यूटर के जानकार जुट गए थे और इंटरनेट पर हिंदी को संमृद्ध करने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग को हिंदी ब्लॉग्गिंग जैसे हॉबी का उपहार मिला था। वर्ष 2000 से ही मैं भी कंप्यूटर की कार्यशैली समझने में दिलचस्पी लेने लगी थी। 2003-2004 में गत्यात्मक ज्योतिष के सॉफ्टवेयर का काम समाप्त करने के बाद मैने भी ब्लॉग्गिंग की रोचक दुनिया में अपने कदम रख दिए थे। पर यूनिकोड में लिखना सीखने में एक दो वर्ष लग गए थे और उसके बाद हिंदी ब्लॉग्गिंग में नियमित हो गयी थी। फेसबुक में मौजूद हिंदी ब्लागरों को अच्छी तरह याद होगा कि तब मैं गत्यात्मक ज्योतिष के परिचय के साथ साथ मौसम , क्रिकेट, राजनीति और भूकंप की भविष्यवाणी के लेख लिखा करती थी।  मुझे लगता था कि सटीक भविष्यवाणियां करके 'गत्यात्मक ज्योतिष' को पहचान दिलायी जा सकती है, ब्लॉग्गिंग के कारण 'गत्यात्मक ज्योतिष' को बड़ी पहचान मिली भी।  


    11 जनवरी 2010 को मैंने एक लेख में लिखा कि आनेवाले 13 से 16 जनवरी 2010 के मध्‍य आसमान के विभिन्‍न राशियों में स्थित ग्रहों की गत्‍यात्‍मक और स्‍थैतिक शक्ति पृथ्‍वी के विभिन्‍न क्षेत्रों में भूकम्‍प के कई झटके देने में समर्थ होगी। इन चार दिनों में जो शुरूआती झटका अधिक बडे रूप में हो सकता है , वह किसी भी देश में 13 जनवरी को 5 बजे से 7 बजे सुबह आ सकता है। हमारे अध्‍ययन के अनुसार ग्रहों के आधार पर इस झटके की तीव्रता 180 डिग्री देशांतर रेखा पर दिखाई दे रही है। यानि उसके आसपास 20 डिग्री के अंतर पर इस झटके को महसूस किया जाना चाहिए। वह रेखा अंतर्राष्‍ट्रीय तिथि परिवर्तन की रेखा भी है , इसलिए भूकम्‍प आने की तिथि के लिए हम 12 जनवरी या 13 जनवरी में से दोनों को ले सकते हैं, ताकि कोई संदेह न बने। 


    उस समय हम हिंदी ब्लॉगर ग्रुप गूगल पर ग्रुप चैट भी किया करते थे। रात 1 बजे तक बहुत से ब्लॉगर ऑनलाइन थे , मेरी भविष्यवाणी की चर्चा कनाडा में रहने वाले समीर लाल जी ने यह कहकर की कि संगीता जी की भविष्यवाणी के भय से हम तो कोने में दुबके हुए हैं। फिर हमसब इस बात पर हँसे। लेकिन सुबह जैसे ही कंप्यूटर खोली, उस ज़माने में मोबाइल नहीं होता था , समीरलाल जी का ही मैसेज था कि हैती में भयानक भूकंप आ गया है। 200 साल के सबसे भयंकर भूकंप में कैरेबियाई देश हैती में हजारों लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। कल सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर सात मापी गई है। भूकंप में हैती का राष्ट्रपति भवन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपर का हेड क्वार्टर, नेशनल पैलेस(राष्ट्रपति भवन ), एक अस्पताल और कुछ महत्वपूर्ण बिल्डिंग इस भूकंप में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। भूकंप के बाद हैती, क्यूबा, बहामास और डोमिनिकन रिपब्लिक में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। आनेवाले दो तीन दिनों में पीडितों को किसी प्रकार की राहत भी मिलती नहीं दिखाई दे रही। 


    वहां की भयानक स्थिति को पढ़ने के बाद दुखी होकर फिर से मैंने पोस्ट लिखी, 'काश मेरी भविष्यवाणी सही नहीं हुई होती !'  इस पोस्ट पर कमेंट बॉक्स में चार दिनों तक बहस चलती रही , हिंदी ब्लागरों में से कुछ ने मेरी प्रशंसा  की , कुछ ने इसे तुक्का बताया , किसी ने ज्योतिष को अनुपयोगी बताया।  पूरी चर्चा एक पोस्ट में भी है , क्योंकि अभी हमारे ब्लॉग में टिप्पणियां नहीं दिखाई देती हैं। काफी दिनों से व्यक्तिगत सलाह में ही हमारा समय बीत जाता है, रिसर्च के लिए समय की कमी रहती है, इसलिए ऐसी पोस्ट्स लिखनी बंद है। आज इस पुरानी बात की चर्चा इसलिए की जा रही है कि अचानक ध्यान गया कि  2023  के सितम्बर के पहले सप्ताह में कई , खासकर 5 -6 सितम्बर को एक बड़े भूकंप की संभावना है , longitude  के हिसाब से समुद्री भाग में हलचल होने की संभावना अधिक है , पर 
    6 सितम्बर को रात 12 बजे के आसपास न्यूजीलैंड के आसपास के भूभाग के प्रभावित होने की आशंका अधिक है। 

    मेष राशि का भविष्य 2023

    मेष राशि का भविष्य 2023




    इस वर्ष २०२३ में शनि की स्थिति कुम्भ राशि में शुरू हुई है, स्वक्षेत्री राशि में होने के कारण या मेष राशिवालों को शुभ प्रभाव देगा। सालभर उन राशियों से सम्बंधित मामले अच्छे रहेंगे, जिन भावों का स्वामी शनि है। तथापि पुरे सालभर में मेष राशिवाले भी जुलाई से अक्टूबर मेष राशिवाले भी शनि से सम्बंधित भावों का बुरा फल प्राप्त कर सकते हैं। इस समय इनमे से मेष लग्न वाले करियर और लाभ , वृष लग्न वाले भाग्य और करियर, मिथुन लग्न वाले भाग्य और जीवनशैली, कर्क लग्न वाले वैवाहिक मामले और जीवनशैली, सिंह लग्न वाले वैवाहिक मामले और झंझट, कन्या लग्न वाले संतान पक्ष और झंझट, तुला लग्न वाले संपत्ति और संतान के मामले, वृश्चिक लग्न वाले भाई-बंधू और संपत्ति के मामले , धनु लग्न वाले भाई-बंधू और धन के मामले , मकर लग्न वाले स्वास्थय और धन के मामले, कुम्भ लग्न वाले स्वास्थय और खर्च शक्ति तथा मीन लग्न वाले लाभ और खर्च के मामलों की वजह से परेशां रहेंगे। 

    इस वर्ष २०२३ में लगभग सालोभर गुरु की स्थिति मीन और मेष राशि में होगी।  गुरु की यह स्थिति मेष राशिवालों के लिए शुभ फल प्रदान करनेवाला होगा। सालभर उन राशियों से सम्बंधित मामले अच्छे रहेंगे, जिन भावों का स्वामी गुरु है। तथापि पुरे सालभर में मेष राशिवाले भी अंत के तीन महीने , अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में मेष राशिवाले भी गुरु से सम्बंधित भावों का बुरा फल प्राप्त कर सकते हैं। इस समय इनमे से मेष लग्न वाले भाग्य और खर्च के मामले, वृष लग्नवाले लाभ और जीवनशैली के मामले, मिथुन लग्नवाले घर-गृहस्थी और करियर के मामले, कर्क लग्न वाले झंझट और भाग्य के मामले, सिंह लग्न वाले संतान और जीवनशैली के मामले, कन्या लग्न वाले घर-गृहस्थी और संपत्ति के मामले, तुला लग्न वाले भाई-बंधू और झंझट के मामले, वृश्चिक लग्नवाले धन और संतान के मामले, धनु लग्न वाले स्वास्थय और संपत्ति के मामले , मकर लग्न वाले भाई-बंधू और खर्च के मामले , कुम्भ लग्न वाले धन और लाभ के मामले, मीन लग्न वाले करियर और स्वास्थय के मामलों को लेकर परेशां रहेंगे। 

    इस वर्ष २०२३ में अगस्त के महीने में शुक्र की स्थिति भी कुछ तकलीफदेह हो सकती है, पर बाकि सालभर आपके लिए अच्छा रहेगा , खासकर शुक्र के कारन आपका नवंबर माह विशेष फलदायक होगा। शुक्र भी उन-उन भावों का कष्ट या लाभ देगा , जिन भावों का स्वामी होगा।  मेष लग्न वाले धन, परिवार का, वृष लग्न वाले स्वस्थ, झंझट का, मिथुन लग्न वाले संतान और खर्च का , कर्क लग्न वाले संपत्ति और लाभ का, सिंह लग्न वाले करियर और भाई-बंधू के मामलों का , कन्या लग्न वाले धन और भाग्य का, तुला लग्न वाले स्वास्थय और संपत्ति का, वृश्चिक लग्न वाले वैवाहिक मामलों और खर्च का, धनु लग्न वाले लाभ और झंझट का , मकर लग्न वाले संतान और करियर का, कुम्भ लग्न वाले संपत्ति और भाग्य का, मीन लग्न वाले भाई-बंधू और जीवनशैली का सुख नवंबर माह में अगस्त के महीने में  और कष्ट महसूस करेंगे।  

    इस वर्ष २०२३ में मंगल की स्थिति भी मेष राशि वालों को शुभ फल देने वाली होगी , इसका खास अच्छा प्रभाव अगस्त और सितम्बर माह में देखने को मिलेगा।  हाँ, मेष राशि वालों पर नवंबर और दिसंबर में मंगल गृह का बुरा प्रभाव दिख सकता है। मंगल भी उन-उन भावों का कष्ट या लाभ देगा , जिन भावों का स्वामी होगा। मेष राशि वालों के लिए स्वास्थय या जीवनशैली, वृष राशि वालों के लिए घर-गृहस्थी और खर्च, मिथुन लग्न वालों के लिए लाभ और झंझट, कर्क लग्नवालों के लिए करियर और संतान, सिंह लग्नवालों के लिए सपत्ति और भाग्य, कन्या लग्नवालों के लिए भाई-बंधू और जीवन, तुला लग्न वालों के लिए घरेलु या वैवाहिक मामले और धन, वृश्चिक लग्न वालों के लिए स्वास्थय और झंझट, धनु लग्नवालों के लिए संतान और खर्च, मकर लग्नवालों के लिए संपत्ति और लाभ, कुम्भ लग्न वालों के लिए भाई बधु और करियर तथा मीन लग्न वालों के लिए भाग्य और धन के मामले की कमजोरी नवंबर और दिसंबर में और अगस्त और सितम्बर माह में मजबूती देखने को मिलेगी। 

    इस वर्ष २०२३ में सूर्य-बुध की स्थिति मेष राशिवालों के लिए सितम्बर और अक्टूबर में शुभ फल देनेवाली तथा नवंबर और दिसंबर में कष्ट प्रदान करने वाली होगी।  सूर्य और बुध भी उन-उन भावों का कष्ट या लाभ देगा , जिन भावों का स्वामी होगा। मेष लग्न वालों के लिए भाई-बंधू, माता-संपत्ति, बुद्धि-संतान, रोग-ऋण-शत्रु जैसे झंझट, वृष लग्नवालों के लिए धन-परिवार , माता-संपत्ति, बुद्धि-संतान, रोग-ऋण-शत्रु जैसे झंझट, मिथुन लग्नवालों के लिए स्ववास्थ्य, धन-परिवार , माता-संपत्ति, बुद्धि-संतान, कर्क लग्न वालों के लिए खर्च, स्ववास्थ्य, धन-परिवार , माता-संपत्ति, सिंह लग्नवालों के लिए लाभ, खर्च, स्ववास्थ्य, धन-परिवार ,  कन्या लग्न वालों के लिए करियर , लाभ, खर्च, स्ववास्थ्य, तुला लग्न वालों के लिए भाग्य, करियर , लाभ, खर्च, वृश्चिक लग्नवालों के लिए जीवनशैली, भाग्य, करियर , लाभ, धनु लग्नवालों के लिए घरेलु मामले, जीवनशैली, भाग्य, करियर , मकर लग्न वालों के लिए झंझट , घरेलु मामले, जीवनशैली, भाग्य, कुम्भ लग्न वालों के लिए बुद्धि, संतान, झंझट , घरेलु मामले, जीवनशैली, मीन लग्न वालों के लिए हर प्रकार की संपत्ति, बुद्धि, संतान, झंझट , घरेलु मामले आदि के मामले सितम्बर और अक्टूबर में सुख देने वाले तथा नवंबर और दिसंबर में कष्ट प्रदान करने वाले बने रहेंगे। 
    सिर्फ राशि नहीं, अपनी जन्मकुंडली और २०२३ के गोचर के सभी ग्रहों के तालमेल से अपना सटीक राशिफल देखने के लिए इस लिंक से हमारा एप्प प्लेस्टोर से डाउनलोड करें। 


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    मेष राशि के बारे में बताइए

    मेष राशि के बारे में बताइए

    मेष राशि के बारे में बताइए



    मेष राशि Aries के नाम से भी जानी जाती है और यह हिंदी ज्योतिष में पहली राशि होती है। यह राशि 21 मार्च से 19 अप्रैल तक जन्मे जातकों के लिए होती है। मेष राशि का प्रतीक बच्चन, पशु, आरम्भ और उत्पत्ति होता है। इस राशि का स्वामी मंगल होता है जो क्रियाशीलता, उत्साह और साहस का प्रतीक है।

    मेष राशि के जातक स्वतंत्र प्रकृति के लिए प्रसिद्ध होते हैं। वे साहसिक, निर्णायक और अग्रणी होते हैं। इनमें उत्साह, सामर्थ्य और संघर्ष की ऊर्जा होती है। वे नई शुरुआत करने के लिए तत्पर रहते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत करते हैं। इस राशि के जातकों की निर्णायकता और साहसिकता के कारण वे जीवन के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    मेष राशि के जातकों को धन, प्रतिष्ठा और यश प्राप्त करने में आसानी होती है। उनका दिल बड़ा होता है और वे अपनी ईमानदारी, साहसिकता और उत्साह के कारण अपने सामरिक गुणों के लिए प्रशंसा पाते हैं। मेष राशि के जातकों का व्यक्तित्व आकर्षक होता है और उन्हें सामान्यतः समाज के नेतृत्व की प्राथमिकता मिलती है।

    हालांकि, मेष राशि के जातक थोड़े उदार और सभ्यता संबंधी हो सकते हैं। वे जल्दी गुस्सा हो जाते हैं और कठिनाईयों के सामने तंग आ सकते हैं। इसलिए, उन्हें संयमित रहना और अपनी क्रियाओं को समझे बिना बड़े निर्णय लेने से पहले सोचना चाहिए।

    स्वास्थ्य के मामले में, मेष राशि के जातकों को आमतौर पर शारीरिक चार्मिंगता मिलती है। हालांकि, वे अक्सर आपूर्ति के मुद्दों का सामना कर सकते हैं और उन्हें निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। वे अधिकतर सतर्क रहने की आवश्यकता रखते हैं, क्योंकि उनका आत्मविश्वास कभी-कभी कम हो सकता है।

    समग्र रूप से, मेष राशि के जातक अपनी साहसिकता, संघर्ष की ऊर्जा और निर्णायकता के कारण उच्च महत्व रखते हैं। वे अपनी मेहनत के माध्यम से लक्ष्यों को प्राप्त करते हैं।

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    आरती हनुमान जी की

    आरती हनुमान जी की


    आरती हनुमान जी की


    मेरे ब्‍लॉग में आप  पं श्रद्धानंद पांडेय जी का हनुमान पचासा और हनुमान कृपाष्‍टक पढ चुके हैं। वैसे तो उनकी बहुत सारी अन्‍य रचनाएं भी प्रकाशित हो चुकी है , यहां तक कि भोजपुरी में रामचरित मानस तक भी , पर मेरे पास उनकी जो पुस्‍तक है , उसमें हनुमान जी की आरती भी लिखी है , जो आज प्रस्‍तुत कर रही हूं .... ......

    जय महावीर मारूतनंदन ,
    आरती नमन स्‍वीकार करो।
    संकटमोचन संकट हर लो ,
    बबाधाओं का प्रतीकार करो।।

    सागर को पार किया तुमने,
    अरिपुर को छार किया तुमने ,
    सबका उपकार किया तुमने ,
    इस जन का भी उद्धार करो।।

    जय कपिवर द्राणाचलधारी ,
    ररघुनायक तक हैं आभारी ,
    शरणागत के दुख भयकारी ,
    सुखमय सबका संसार करो।।

    बलवान निरोग रहे काया,
    व्‍यापे न कभी कलि की माया,
    मन हो प्रभुपद में लपटाया,
    ऐसा वरदान उदार करो।।


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