परिकल्‍पना समूह का बहुत बहुत आभार !!

३० अप्रैल को हिंदी भवन, विष्णु दिगंबर मार्ग, नयी दिल्ली में हिंदी ब्लॉग जगत के बहु प्रतीक्षित परिकल्पना सम्मान-२०१० में भाग लेकर बहुत सारे ब्‍लॉगर बंधुओं से मिलना जुलना हुआ।




इस सफल आयोजन के लिए रविन्‍द्र प्रभात जी और अविनाश वाचस्‍पति जी को बधाई !!


इस आयोजन में मुख्यमंत्री उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री डा0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी के कर कमलों द्वारा देश विदेश के जिन 51 चर्चित ब्‍लॉगरों को हिंदी साहित्‍य निकेतन परिकल्‍पना पुरस्‍कार और हिंदी ब्‍लॉगिंग में विशिष्‍टता हासिल करने वाले 13 ब्‍लॉगरों को सारस्‍वत सम्‍मान पुरस्‍कार मिला है , उन्‍हें भी बहुत बहुत बधाई !!




इस सम्‍मान के लिए परिकल्‍पना समूह और खासकर रविन्‍द्र प्रभात जी का बहुत बहुत आभार !! 


16 टिप्‍पणियां:

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

बहुत बधाई.

ललित शर्मा ने कहा…

समारोह में आप सभी से मिल कर गदगद हो गए.
ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए. आप सभी का धन्यवाद

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

आप भी बधाई स्वीकारें ......शुभकामनायें

Amrendra Nath Tripathi ने कहा…

दूसरी फोटू किसने खींची है? नाम? :)

बधाई ! मिल के अच्छा लगा सभी से ! धन्यवाद !!

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

बधाई संगीता जी॥ पर क्या आपने इसकी भविष्यवाणी की थी :)

Darshan Lal Baweja ने कहा…

बहुत बधाई

विवेक रस्तोगी ने कहा…

बहुत बधाई आपको

राज भाटिय़ा ने कहा…

बधाई जी

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

समारोह में आपसे मिलना सुखद लगा ...कुछ ही पल के लिए मिले लेकिन मिले तो ..

नीरज मुसाफ़िर ने कहा…

संगीता जी,
इसमें किसी अविनाश वाचस्पति या रविंद्र प्रभात का कोई आभार नहीं है। प्रतिभा और टैलेंट को हमेशा कद्र और सम्मान मिला है। क्यों आप यह सम्मान मिलने से इनका एहसान मान रही है? यह तो आपका हक है। और देखना, आगे भी आप सम्मानित होती रहेंगी।
सभी सम्मानित ब्लॉगरों को बहुत-बहुत बधाई।

Girish Billore Mukul ने कहा…

ताई
सादर चरण वंदना
जल्द दी वो फ़ोटो छाप रहा हूं
बधाई

तेजवानी गिरधर ने कहा…

आपको बहुत बहुत बधाई

निर्मला कपिला ने कहा…

संगीता जी आपको बहुत बहुत बधाई मुझे सम्मान से भी अधिक खुशी आप सब से मिल कर हुयी। शुभकामनायें।

KRISHNA KANT CHANDRA ने कहा…

आपको बधाई हो |

कृष्ण कान्त चंद्रा

विष्णु बैरागी ने कहा…

सम्‍मानति होने पर आपको बधाइयॉं और हार्दिक अभिनन्‍दन। समारोह का सचित्र विवरण उपलब्‍ध कराने के लिए धन्‍यवाद।

Girish Billore Mukul ने कहा…

जै हो ताई
आपके चरण की रज़ माथे पे लगा कर मै अभी भूत हुआ हूं
आप से मिल के वो एहसास हुआ जिसे गूंगे की तरह बयां करने का सामर्थ्य मुझमें भी नहीं