हिंदी दिवस पर विशेष

जब साल 1947 में देश आजाद हुआ तो देश के सामने भाषा का सवाल एक बड़ा सवाल था। भारत जैसे विशाल देश में सैकड़ों भाषाएं और हजारों बोलियां थीं। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। कहा जाता है कि जब अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के तौर पर हटने का वक्त आया तो देश के कुछ हिस्सों खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए।  उसके बाद केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन करके अंग्रेजी को हिन्दी के साथ भारत की आधिकारिक भाषा बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया।1953 में जवाहरलाल नेहरू सरकार ने इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को देखते हुए 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। 



पर आज के आधुनिक युग में भी हिंदी 'हिंदी दिवस' का मोहताज नहीं है। देश की बड़ी आबादी हिंदी बोलने और समझनेवाली है, इसलिए हर क्षेत्र में हिंदी का महत्व है।  पढाई में हिंदी का महत्व इलसिए है क्योंकि इसमें जिस शब्‍द को जिस प्रकार से उच्‍चारित किया जाता है, उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है।  रोचक बात यह है कि अंग्रेजी की रोमन लिपि में शामिल कुछ वर्णों की संख्‍या 26 है, जबकि हिंदी की देवनागरी लिपि के वर्णों की संख्‍या ठीक इससे दोगुनी यानी 52 है।  हमारे संसद भले ही अंग्रेजी में संसद में बोलेन, पर चुनाव प्रचार हिंदी में ही करना होता है।  हमारे अभिनेता भी भले ही बात-चित अंग्रेजी में करते हैं, पर उनको कमाई हिंदी फिल्मों में काम  मिलती है।


भारत अलावा  फिजी में भी हिंदी का काफी महत्व है। यहां रेडियो पर आने वाले ज्यादातर कार्यक्रम हिंदी में होते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी बाह्य परीक्षाओं में हिंदी एक विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। फिजी का भारतीय समुदाय ने हिंदी समिति तथा हिंदी केंद्र बनाए हैं  औपचारिक एवं मानक हिंदी का प्रयोग पाठशाला के अलावा शादी, पूजन, सभा आदि के अवसरों पर होता है। कोई भी व्यक्ति सरकारी कामकाज, अदालत तथा संसद में भी हिंदी भाषा का प्रयोग कर सकता है। चुनाव सभाओं के पोस्टर व प्रचार सामग्री भी हिंदी भाषा के प्रयोग के बिना अधूरी समझी जाती है।



समय के साथ हुए बदलाव ने डिजिटल वर्ल्ड पर अपनी मौजूदगी साबित किया। हिंदी टाइपिंग की मजबूती ने आज हिंदी ब्लॉग्गिंग, हिंदी टयुब चैनल , हिंदी समाचार या हिंदी खोज इंजन को महत्वपूर्ण बनाया है।  आज गूगल किसी भी हिंदी कीवर्ड के हज़ारो परिणाम सामने लाता है।  सौभाग्यशाली हूँ कि शुरुआती कुछ ब्लोग्गेर्स के साथ ही मैंने भी हिंदी ब्लॉग जगत के माध्यम से हिंदी में उपयोगी पोस्ट लिखी और इंटरनेट के इस अथाह समुद्र में कुछ लेख मेरे भी मौजूद हैं। 

हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी दिवस पर विशेष  Reviewed by संगीता पुरी on September 13, 2017 Rating: 5

3 comments:

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

संगीता जी, स्वागत है

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ’हिन्दी ध्वजा फहराने का, दिल में एक अरमान रहे - ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

दिगम्बर नासवा said...

हिंदी का प्रचार प्रसार हो रहा है ये एक अच्छी बात है ... आगे भी होना चहिये और एक दिन निश्चित करना शायद इसी बात का प्रतीक है की जोर शोर से प्रचार हो सके ...

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