प्रतिदिन के रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति --- कैसे समझे एप्प से ??

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आप सबों को अब मालूम हो गया होगा कि हमारे एप्प से आप प्रतिदिन हर मामलों में ग्रहों के प्रभाव की स्थिति को समझ सकते हैं। हर दिन रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति के बारे में आपको हमारे एप्प में लिखा मिलेगा। रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के मामलों में इन 17 में से कोई स्थिति आपको लिखी मिल सकती है। लगभग सभी प्रकार की स्थिति और उनके भावार्थ को इस लेख में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के मामलों पर पड़नेवाले ग्रह के प्रभाव को समझा जा सके।


1. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों की स्थिति कमजोर होने के कारण मन में थोड़ी निराशा आ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के मामलों की ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो इनमें से किसी एक के कारण थोड़ा मनोवैज्ञानिक दवाब बन सकता है।

2. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों की कमजोरी भी मन को निराश करने में सफल नहीं होनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में  ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की गड़बड़ी होते हुए भी मन की मजबूती बनी रहती है।

3. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों की किसी परेशानी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन  मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की किसी कमजोरी से थोड़ी राहत मिल जाती है।

4. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इनसे सम्बंधित मामलों का बहुत अच्छा वातावरण बना रहना चाहिए । ऐसे मौकों का फायदा उठाया जाना चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो, रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के लिए बहुत ही अच्छा समय चलता रहता है। इस समय इन मामलों के कुछ रुके काम, कुछ प्रयोग शुरू किये जा सकते हैं।

5. 'परोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इनसे सम्बंधित मामलों का सुखदायी माहौल दिखाई पड़ना चाहिए ।'

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए चिंता की जरूरत नहीं होती है ।

6. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले दुःख या असफलता देनेवाले रह सकते हैं।'

7. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले कष्ट या विफलता प्रदान कर सकते हैं।'

8. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले निराशा या तकलीफ देनेवाले रह सकते हैं।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए उनकी कमजोरी को लेकर सतर्क बने रहें।

9. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।'

10. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले उम्मीद भरे या जीत देनेवाले बने होने चाहिए।'

11. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - ये मामले सुख या सफलता देनेवाले बने होने चाहिए।

भावार्थ -  जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति अच्छी दिखाई पड़ती है, इसलिए इस दिन उनके सुखदायक माहौल के बनाने की संभावना होती है ।

12.'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों के किसी कार्यक्रम की ओर सामान्य ध्यान बना होना चाहिए।'

13. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों में सामान्य तौर की व्यस्तता बनी होनी चाहिए ।'

14. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इनसे सम्बंधित मामलों में क्रियाशीलता बनी रहनी चाहिए।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो दिल और दिमाग रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के मामलों की ओर चला जाता है, पर परिस्थितियाँ धनात्मक होंगी या ऋणात्मक, यह समझना कुछ मुश्किल हो सकता है।

15. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों की कोई समस्या दिखाई पड़ सकती है। ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किसी रंग के वस्त्र धारण करें। किसी की मदद के लिए कुछ दान निकालें।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन आपके रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव के लिए अधिक बुरा होता है, इनसे सम्बंधित हर बुरी स्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें। इस दिन रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव को लेकर कोई खास कार्यक्रम न बनायें। दिनभर के अपने सामान्य कार्यक्रम को जारी रखें।

16. 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इनसे सम्बंधित मामलों के अच्छे वातावरण में कोई बाधा दिखाई पड़ सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलो  के बारे में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो वह दिन सामान्य तौर पर 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभावसे सम्बंधित किसी कमजोरी को उपस्थित करनेवाला हो सकता है।

17. ''रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव - इन मामलों की स्थिति कमजोर दिखाई दे सकती है।'

भावार्थ - जिस दिन भी इन मामलों में ऐसी स्थिति लिखी गयी हो तो सामान्य तौर पर 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव की स्थिति गड़बड़ दिखाई पड़ती है, इसलिए 'रोग, ऋण और शत्रु जैसे झंझटों से जूझने की शक्ति, प्रभाव को लेकर थोड़े सावधान रहें।


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