मेष लग्न की कुंडली : जीवनशैली

 

 Jivan kya hai

Aries means in Hindi

Aries राशि को हिंदी में मेष कहा जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पृथ्‍वी की घूर्णन गति के फलस्‍वरूप आसमान के 360 डिग्री पूरब से पश्चिम की ओर जाती की चौडी पट्टी को 12 भागों में बांटकर एक राशि निकाली जाती है। आमलोग तो यही जानते हैं कि इन 12 राशियों में से दो का महत्‍व अधिक है.. पहला ,जिसमें सूर्य स्थित हों , दूसरा , जिसमें चंद्र स्थित हों । 

पर ज्‍योतिष की पुस्‍तकों में इससे भी अधिक महत्‍व उस राशि का होता है , जिसका उदय बालक के जन्‍म के समय पूर्वी क्षितिज में हो रहा हो , इसे लग्‍न कहते हैं। एक चंद्र को छोडकर बाकी ग्रहों की स्थिति में दिनभर में कोई परिवर्तन नहीं होता , बारहों लग्‍न के आधार पर दो दो घंटे में अलग अलग जन्‍मकुंडली बनती है। बालक का जन्‍म जिस लग्‍न में होता है , उसी के आधार पर विभिन्‍न ग्रहों को उसके जीवन के सभी संदर्भों के सुख या दुख के निर्धारण का भार मिलता है। 

Aries in Hindi rashi

आसमान के 0 डिग्री से 30 डिग्री तक के भाग का नामकरण मेष राशि के रूप में किया गया है। जिस बच्‍चे के जन्‍म के समय यह भाग आसमान के पूर्वी क्षितिज में उदित होता दिखाई देता है , उस बच्‍चे का लग्‍न मेष माना जाता है। 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की मान्‍यता है कि मेष लग्‍न की कुंडली मानव जाति के जीवनशैली का पूर्ण तौर पर प्रतिनिधित्‍व करता है। इसे निम्‍न प्रकार से स्‍पष्‍ट और प्रमाणित किया जा सकता है। इसलिए परम्परागत ज्योतिष में भी कालपुरुष की जन्मकुंडली मेष लग्न की मानी गयी है। 

jivan kya hai

मनुष्य का जीवन

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मन का स्‍वामी चंद्र चतुर्थ भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के मातृ पक्ष , हर प्रकार की संपत्ति और स्‍थायित्‍व का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव के मन को पूर्ण तौर पर संतुष्‍ट करने वाली जगह माता , मातृभूमि , हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व ही होती है। माता , मातृभूमि और हर प्रकार की छोटी बडी संपत्ति और स्‍थायित्‍व से दूर मनुष्‍य सुखी नहीं हो सकता।

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मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार समस्‍त जगत में चमक बिखेरने वाला सूर्य पंचम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के बुद्धि , ज्ञान और संतान का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव भी अपनी बुद्धि और ज्ञान और सूझबूझ की मजबूती के बल पर या योग्‍य संतान के बल पर सारी दुनिया में प्रकाश फैलाने में सक्षम होते हैं , जबकि बुद्धि ज्ञान की कमी रखनेवाले लोग या उनके अज्ञानी या अयोग्‍य संतान पूरी दुनिया को दिशाहीन कर देती है।

मनुष्य जाति का विज्ञान

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार मंगल प्रथम और अष्‍टम भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के शरीर और जीवन का प्रतिनिधित्‍व करता है। पूरी दुनिया में मानव को जीवन को मजबूती देने के लिए शरीर की देखभाल की तथा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जीवनशैली को सुव्‍यवस्थित बनाए रखने की आवश्‍यकता होती है। यदि स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो तो जीवन के सही होने की तथा स्‍वास्‍थ्‍य बुरा हो तो जीवन के बिगडने की संभावना बनती है। इसी तरह जीवनशैली गडबड हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के गडबड रहने की तथा जीवनशैली सही हो तो स्‍वास्‍थ्‍य के अच्‍छे रहने की संभावना बनती है।

भृगुसंहिता के बारे में 

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शुक्र द्वितीय और सप्‍तम भाव का स्‍वामी है और यह जातक के धन कोष तथा घर गृहस्‍थी का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव को भी घर गृहस्‍थी चलाने के लिए धन की तथा धन कोष की व्‍यवस्‍था के लिए घर गृहस्‍थी की आवश्‍यकता पडती है। साधन संपन्‍नता से घर गृहस्‍थी अच्‍छी चलती है , जबकि साधन की कमी से घर गृहस्‍थी का वातावरण गडबड रहता है। इसी प्रकार जीवनसाथी के पारस्‍परिक सहयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है , जबकि सहयोग की कमी होने पर आर्थिक स्थिति कमजोर।

मेष लग्न भाव

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बुध तृतीय और षष्‍ठ भाव का स्‍वामी है और यह जातक के भाई बंधु , झंझट तथा प्रभाव से संबंधित मामलों का प्रतिनिधित्‍व करता है। मानव जीवन में भाई ,बंधु के मध्‍य झंझट होने की प्रबल संभावना बनी रहती है और किसी झंझट को हल करने के लिए भाई बंधु के सहयोग की आवश्‍यकता भी होती है। यदि भाई बंधु की स्थिति मजबूत हो तो अनेक प्रकार के झंझटों को सुलझाने और प्रभाव को मजबूत बनाने में मदद मिलती है , जबकि यह कमजोर हो तो न तो झंझट सुलझते हैं और न ही प्रभाव की बढोत्‍तरी हो सकती है। इसी प्रकार जिसके पास झंझट सुलझाने की शक्ति मौजूद हो , तो उन्‍हें भाई बंधुओं की कमी नहीं होती।

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार बृहस्‍पति नवम और द्वादश भाव का स्‍वामी होता है और यह जातक के भाग्‍य , धर्म , खर्च और बाहरी संदर्भ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी भाग्‍य और खर्च का पारस्‍परिक संबंध होता है। वे भी भाग्‍य की मजबूती से खर्चशक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती प्राप्‍त करते हैं तथा खर्च शक्ति या बाहरी संदर्भों की मजबूती से भाग्‍य की मजबूती पाते हैं। भाग्‍य कमजोर हो तो खर्च शक्ति या बाह्य संदर्भों में कमजोरी तथा खर्च शक्ति कमजोर हो तो भाग्‍य को कमजोर पाते हैं। 

मेष लग्‍न की कुंडली के अनुसार शनि दशम और एकादश भाव का स्‍वामी होता है यानि यह जातक के पिता पक्ष , प्रतिष्‍ठा पक्ष और हर प्रकार के लाभ का प्रतिनिधित्‍व करता है। मनुष्‍य के जीवन में भी पिता पक्ष और लाभ का आपस में संबंध होता है। हम सभी जानते हैं कि एक बच्‍चे को समाज में पहचान पिता के नाम से ही मिलती है , पिता के स्‍तर के अनुरूप ही उसे पद और प्रतिष्‍टा प्राप्‍त होती है या लाभ का वातावरण बनता है। इसके अलावे किसी प्रकार के लाभ के वातावरण के मजबूत होने पर ही किसी व्‍यक्ति को प्रतिष्‍ठा मिलती है और प्रतिष्‍ठा मिल जाने पर लाभ प्राप्ति का वातावरण मजबूत बनता है।

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    ज्योतिष एप्प : पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न

     

    Frequently asked a question about our app

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    एप्प के बारे में पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न 

    Frequently asked question


    प्रश्न - मैंने आपका एप्प इनस्टॉल किया, पर लॉगिन नहीं हो रहा है।  पासवर्ड गलत दिखाता है। 

    उत्तर - हमारे एप्प को इनस्टॉल करने के बाद लॉगिन करने से पहले signup करना आवश्यक है, क्योंकि signup को भरते हुए आप अपनी जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान से एप्प को परिचय करवाते हैं। इसके बाद ही लॉगिन करने से एप्प के द्वारा आपको दैनिक और वार्षिक पूर्वानुमान मिल सकता है। 

     ज्योतिष की पुस्तकें 

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    प्रश्न - मैंने आपका एप्प इनस्टॉल करके signup कर लिया, पर अभी भी लॉगिन नहीं हो रहा है। ईमेल वेरिफिकेशन क्या है ? 

    उत्तर - signup में गलत ईमेल का उपयोग हुआ है या सही ईमेल का, इसके लिए एप्प द्वारा एक वेरिफिकेशन मेल भेजा जाता है, जिसमे verify का बटन होता है। आप मेल चेक करें, इनबॉक्स में नहीं मिले तो स्पैम में चेक करें और वेरीफाई का प्रोसेस पूरा करें। यदि स्पैम में भी मेल नहीं हो तो आपको दूसरा signup करना होगा, क्योंकि अभी के प्रोग्रामिंग में मेल दोबारा नहीं भेजी जा सकती । जल्द ही मैं इसका इंतजाम कर लूंगी ।

    गत्यात्मक ज्योतिष के बारे में

    प्रश्न - मैंने एप्प में लॉगिन कर लिया है, पर इसका उपयोग कैसे करूँ ?

    उत्तर - एप्प में जो सर्विस आपको निःशुल्क उपलब्ध है, वह दैनिक और वार्षिक पूर्वानुमान है। दैनिक पूर्वानुमान पर क्लिक करने से आपको उस दिन के ग्रहों के प्रभाव के बारे में जानकारी मिलती है, यदि और दिनों के बारे में जानना चाहते हैं तो next , previous या केलिन्डर के किसी दिन को आप क्लिक करें। वार्षिक पूर्वानुमान में १२ dropdown है, जिनके द्वारा आप जीवन के किसी भी मामले का पुरे एक साल का रिजल्ट देख सकते हैं। कौन सा मामला कितने समय तक पॉजिटिव है, कितने समय तक नेगेटिव और कितने समय तक सामान्य। इसकी जानकारी से आपको सालभर के कार्यक्रम बनाने में सुविधा होगी। 

      प्रश्न - क्या हमें इस प्रकार के एप्प पर निर्भर होना चाहिए ?

      उत्तर -आप कार्यक्रम बनाते हुए घडी पर, केलिन्डर पर निर्भर होते हैं। क्या ये आपकी क्षमता को काम करते हैं , हरगिज नहीं। यदि आप इस एप्प का उपयोग करना सिख जाएँ, तो यह आपकी क्षमता को बढ़ाएगी।  बेवजह होनेवाले श्रम, झंझटों को कम करेगी, जिससे बड़ा फल निकलकर आयेगा। इस एप्प की सत्यता को भी आप परख पाएंगे और कुछ अनुभव हमसे शेयर करेंगे , जिससे हमारे रिसर्च को भी मजबूती मिलेगी। धन्यवाद !

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      नोट - बस कुछ ही दिनों तक इनस्टॉल करने वालों के लिए यह एप्प पूर्णतः निःशुल्क है, इसलिए निकटतम मित्रों और रिश्तेदारों के साथ आप जल्द इस एप्प को इनस्टॉल करें।

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        हिन्दू पंचांग 2021 विवाह मुहूर्त

        हिन्दू पंचांग 2021 विवाह मुहूर्त



        हिन्दू पंचांग 2021 विवाह मुहूर्त

        Marriage dates in 2021 hindu calendar

        2021 के  विवाह मुहूर्त्त शुद्ध और आवश्यक में 


        अप्रैल 2021 

        • 24 अप्रैल - चैत्र शुक्ल द्वादशी , शनिवार
        • 25 अप्रैल - चैत्र शुक्ल त्रयोदशी , रविवार
        • 26 अप्रैल - चैत्र शक्ल चतुर्दशी , सोमवार
        • 27 अप्रैल - चैत्र कृष्ण पक्ष , प्रथमा
        • 30 अप्रैल - बैशाख कृष्ण पक्ष , चतुर्थी

        मई 2021 

        • 1 मई - बैशाख कृष्ण पक्ष , पंचमी
        • 3 मई - बैशाख कृष्ण पक्ष , सप्तमी
        • 7 मई - बैशाख कृष्ण पक्ष, एकादशी
        • 8 मई - बैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी
        • 15 मई - बैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया 
        • 21 मई - बैशाख शुक्ल पक्ष नवमी 
        • 22 मई - बैशाख शुक्ल पक्ष दशमी 
        • 24 मई - बैशाख शुक्ल पक्ष त्रयोदशी

        जून 2021 

        • 4 जून - ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दशमी 
        • 5 जून - ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी 
        • 19 जून - ज्येष्ठ  शुक्ल पक्ष नवमी 
        • 30 जून -आषाढ़ कृष्ण पक्ष पंचमी 
        Panchang 2021 marriage dates

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        जुलाई 2021 

        • 1 जुलाई - आषाढ़ कृष्ण पक्ष सप्तमी 
        • 2 जुलाई - आषाढ़ कृष्ण पक्ष अष्टमी 
        • 15 जुलाई - आषाढ़ शुक्ल पक्ष पंचमी

        नवंबर 2021 

        • 19 नवंबर - कार्तिक शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 
        • 20 नवंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष प्रथमा 
        • 21 नवंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वितीया 
        • 28 नवंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष नवमी 
        • 29 नवंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष दशमी 
        • 30 नवंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी 

        दिसंबर 2021 

        • 1 दिसंबर - मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी  
        • 6 दिसंबर - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तृतीया  
        • 7 दिसंबर - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष चतुर्थी 
        • 11 दिसंबर - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष अष्टमी   
        • 12 दिसंबर - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष नवमी 
        • 13 दिसंबर - मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष दशमी  

        Best wedding dates 2021 hindu astrology 

        ( आवश्यक में विवाह मुहूर्त )

        • 18 जनवरी - पौष शुक्ल पंचमी 
        • 22 अप्रैल - चैत्र शुक्ल दशमी 
        • 24 अप्रैल - चैत्र शुक्ल द्वादशी 
        • 25 अप्रैल - चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 
        • 26 अप्रैल -चैत्र शुक्ल चतुर्दशी 
        • 27 अप्रैल - चैत्र पूर्णिमा 
        • 28 अप्रैल - बैशाख कृष्ण द्वितीया 
        • 29 अप्रैल - बैशाख कृष्ण तृतीया 
        • 1 मई - बैशाख कृष्ण पंचमी 
        • 2 मई - बैशाख कृष्ण षष्ठी  
        • 7  मई - बैशाख कृष्ण एकादशी
        • 8 मई - बैशाख कृष्ण द्वादशी 
        • 9 मई - बैशाख कृष्ण त्रयोदशी   
        • 13 मई - बैशाख शुक्ल द्वितीया 
        • 14 मई - बैशाख शुक्ल द्वितीया 
        • 21 मई - बैशाख शुक्ल नवमी 
        • 22 मई - बैशाख शुक्ल दशमी  
        • 23 मई - बैशाख शुक्ल एकादशी 
        • 24 मई - बैशाख शुक्ल द्वादशी 
        • 26 मई - बैशाख पूर्णिमा  
        • 28 मई - ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया 
        • 29 मई - ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया  
        • 30 मई - ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी 
        • 3 जून - ज्येष्ठ कृष्ण नवमी 

        (Marriage dates in 2021 Hindu calendar)

        उपरोक्त सभी मुहूर्त में से कौन सी तिथि किन लग्न और किन राशिवालों के लिए गत्यात्मक दृष्टि से अधिक उपयुक्त होगी, इसकी चर्चा इस लेख में की गयी है। 

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        'गत्यात्मक ज्योतिष' आधारित सूत्रों पर सिर्फ चन्द्रमा और मंगल ही नहीं, वर-वधू के जन्मकालीन सभी ग्रहों के आधार पर किये जानेवाले कुंडली मिलान के लिए संपर्क करें -8292466723 ,  gatyatmakjyotishapp@gmail.com 

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          आज का राशिफल दिखाएँ !

           

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          hindu panchang Rashifal in Hindi

          अभी तक ज्‍योतिष के पूर्ण विकास न होने के बावजूद भी यह प्रश्न ज्योतिष में अक्सर उपस्थित होते हैं, आज का राशिफल सभी राशियों का today ?। ज्योतिष में रिसर्च कम होने का मुख्य कारण इसे विज्ञान न माना जाना रहा। दूसरों ने कह दिया कि हमारी परंपराएं गलत हैं, ज्‍योतिष अंधविश्‍वास है तो हम आंख, कान सब मूंदे इसे गलत मानते जा रहे हैं, किसी के कुछ कहने का हमपर कोई असर ही नहीं हो रहा।

          वो तो भला हो हमारे पूर्वजों का, जिन्‍होने हमारी सामाजिक व्‍यवस्‍था इतनी चुस्‍त दुरूस्‍त बनायी थी, प्राचीन ज्ञान और परंपरा को संभाले जाने के लिए इतने सशक्‍त प्रयास हुए थे कि बुद्धिजीवी वर्ग के द्वारा लाख चाहते हुए भी उसे तोडा नहीं जा सका। 50-55 सालों तक रिसर्च करके हमारे परिवार ने 'गत्यात्मक ज्योतिष' जैसी विधा से आज के ज़माने के अनुकूल बनाकर ज्योतिष को प्रतिष्ठापित करने का पूरा प्रयास किया है। अब आप हमसे आराम से पूछ सकते हैं - 

          Rashifal in Hindi mai

          Law of Nature

          प्रकृति में से हजारो लाखों करोडो नियम ढूंढे जा चुके और प्रतिदिन लाखों शोध इस बात को स्‍पष्‍ट कर रहे हैं कि इस दुनिया में कोई भी कार्य बिना नियम के नहीं होता है। एक एक बीज में निहित उर्जा जिस ढंग से पौधों , फूलों और और फलों के माध्‍यम से प्रस्‍फुटित होती है, उसे हम उसके बीज को देखकर पहले ही अनुमान लगा लेते हैं। इसके बावजूद इस दुनिया में होनेवाली हर दुखद और सुखद घटनाओं को हम अपने कर्म से जोड देते हैं , जबकि कई जगहों पर हम कर्म से विपरीत फल की प्राप्ति होते देखते हैं। तब फिर हम इसे संयोग या दुर्योग से जोड देते हैं, अज्ञानता में और कर भी क्‍या सकते हैं ? 

          लेकिन जब इस पूरी दुनिया में संयोग और दुर्योग का खेल कहीं देखने को नहीं मिलता, तो फिर हमारे जीवन में कैसे आ सकता है, जरूर इसके पीछे कुछ रहस्‍य है। इस कार्य में सबका साथ बिल्‍कुल आवश्‍यक है , तभी बडे स्‍तर पर सफलता हाथ आ सकती है। प्रकृति के नियमों से ही को देखकर ही 'Aaj ka rashifal '  ब्लॉग के द्वारा देते हुए हम आज की सभी राशियों का राशिफल और अंग्रेजी में निकालते आ रहे हैं। ब्लागस्पाट पर Aaj ka rashifal com  प्रयास रहा है। हमारे एप्प ने सुविधा दे दी है , आज का राशिफल सभी राशियों का today ?

          आपको Hindu panchang rashifal in Hindi mai हमारा एप्प सटीक भविष्यफल दिखलाकर आपको बड़ी मदद कर सकता है। यही नहीं, बुरे ग्रहों से निबटने के उपाय भी बताता है। आप अपने  फ़ोन के प्लेस्टोर में जाएँ, सर्च बॉक्स में gatyatmak jyotish टाइप करें।  आपको ऊपर जैसे आइकॉन का एक एप्प मिलेगा।  आप इसे इनस्टॉल करें, SignUp करें, पुरे वर्ष के आपके जीवन के विभिन्न मामलों का और आज की सभी राशियों का राशिफलआपको मिलेगा। दिसंबर तक के लिए यह सुविधा बिलकुल फ्री है।  

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          हमारे एप्प में प्रतिदिन का भविष्यफल इस तरह का दीखता है , सटीकता की बात हमारे एप्प में आये रिव्युज  बताएँगे। 

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            कोरोना काल की शादी

             

             कोरोना काल की शादी 

            पिछले साल ही फरवरी माह में ही हम दोनों परिवारों ने 11 दिसंबर को बेटे-बहू की शादी तय कर दी थी! उस वक्त विदेशों से कोरोना की खबर मिल रही थी और महानगर में रहनेवाले जागरूक इसको लेकर सावधानी बरत रहे थे, लेकिन हम जैसे छोटे शहरों में रहने वाले बिल्कुल बेपरवाह थे! हालांकि ग्रहीय स्थिति को देखते हुए मैं ज़ब भी बोलती कि हमें शादी की शॉपिंग मार्च-अप्रैल में पूरी कर लेनी चाहिए, आगे 2020 का समय अच्छा नहीं तो परिवार में सब चौँक जाते!

             लेकिन 22 मार्च के लॉक डाउन ने हमें शॉपिंग का भी मौक़ा नहीं दिया और दिन प्रतिदिन कोरोना को लेकर वातावरण हमारे देश में भी भयावह होता गया! हमारे कुछ निकटतम लोगों तक कोरोना का इन्फेक्शन, उससे माहभर की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानी और कुछ की मौत की खबर भी हमतक पहुंची! अक्टूबर तक वातावरण की भयावहता को देखकर लगा कि हमें शादी की तिथि बढ़ानी होगी! पर नवंबर में कोरोना के प्रति लोगों में बढ़ती रोग प्रतिरोधक क्षमता और छिटपुट मामले हमारी निराशा को कम करते गए और हमने 11 दिसंबर को शादी होने देने का निश्चय किया!

            कोरोना के प्रति जागरूकता पर मैंने पिछले साल इतनी पोस्ट लिखी थी, इसपर मेरी एक पुस्तक 'कोरोना डायरी' भी किंडल पर मौजूद है, और हमारे ही आयोजन से कोई गलती न हो जाये, चिंता काफ़ी हो रही थी!  सबसे पहले तो हमने सोचा कि हम दोनों भाइयों (जो साथ रहते हैँ )के परिवार के 8 लोग , दो -तीन मित्र के परिवार ही बरात में जाएँ और शादी संपन्न करवाकर वापस लौट जाएँ! पर परिवार की कुछ महिलाएं और बच्चों के उत्साह को देखते हुए कुछ नजदीकी लोगों को शादी में शामिल करने की सहमति बनी! वैसे भी मार्च से सभी घरों में बंद नीरस जीवन जी रहे थे, सबके मनोरंजन का एक अच्छा मौका आया था! दो रिश्तेदार और दो मित्र से कार्यक्रम पांच रिश्तेदारों के और पांच मित्र के परिवार तक पहुंचा!

            यह फैसला लेना आसान नहीं था, गेस्ट हमारे घर सुरक्षित पहुंचे, सुरक्षित रहें और सुरक्षित वापस जाएँ, इसकी अच्छी व्यवस्था रखनी थी! सुनती आ रही हूँ, किसी को भी यश बड़ा मुश्किल से मिलता है अपयश आसानी से! सबको बस या ट्रैन से आने जाने की मनाही हुई, दूरवाले फ्लाइट से और नजदीक वाले कार से पहुंचे और लौटें, यह तय किया गया! दिल्ली मुम्बई से आनेवाले को 10 दिन पूर्व यानि 27 नवंबर को  बुलाया गया ताकि वो क्वेरेंटीन में रह सकें! बहुत सावधानी से शोपिंग की गयी!  सेनेटाइजर प्रचुर मात्रा में रखा गया! भरपूर मास्क के साथ  टेम्परेचर गन और ऑक्सीमीटर तक मंगवाया गया! सबको होम्योपैथी की दवा, नाश्ते के बाद विटामिन c और गिलोय, काढ़े की व्यवस्था रखी गयी! गरम खाने और गरम पानी का उपयोग होता रहा! सूखी मिठाइयाँ उपयोग के तीन दिन पूर्व मंगवाई जाती रही! रसगुल्ले वगैरह हल्दीराम के उपयोग किए गए! 

            कार्ड छपने के बाद भी उसको बांटने में दिक्कत आ रही थी, क्योंकि रोज प्रोग्राम बदल रहा था! शादी तो विवाह भवन में होना था लेकिन हमारे घर के सभी कार्यक्रम के लिए लॉन के फूल पत्ते हटाकर पंडाल डालकर सजावट कर तैयार किया गया! पहले तो सब कार्यक्रम के साथ रिसेप्शन भी अपने अहाते में ही होना तय हुआ, पर शादी की तिथि नजदीक आते आते थोड़ी बेफिक्री आती गयी और गेस्ट लिस्ट बढ़ती गयी और लगभग सभी नजदीकी मित्रों के परिवार को रिसेप्शन में शामिल कर लिया गया, जो अपने अहाते में संभव नहीं था, इसलिए अलग वेन्यू लिया गया! 

            इस तरह 7 दिसंबर से 14 दिसंबर तक  कोई न कोई कार्यक्रम चलता रहा! उसके बाद सभी गेस्ट निकल गए, 23 तक पूरा घर खाली हो गया! शादी के एक महीने पहले से शादी के एक सप्ताह बाद तक भी ईश्वर से प्रार्थना करती रही, ध्यान लगा रहा कि सब सुरक्षित रहे और अभी तक सब समाचार शुभ है, आप सबों की शुभकामनाओं से आगे भी ऐसा ही चलेगा!

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