हमारा सौरमंडल : हिन्दी और अंग्रेजी में ग्रहों के नाम

 

Our Solar System : Planets name in Hindi and English 

हम सभी जानते है कि आसमान में हमारे सबसे निकट का तारा सूर्य है और पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते हैं।  सूर्य समेत सभी ग्रहों और उनके उपग्रहों का क्षेत्र सौरमंडल कहलाता है , इसलिए सभी छोटे बड़े ग्रह-उपग्रह सौमंडल के सदस्य कहलाते हैं। सौरमंडल के सभी ग्रहों के नाम निम्न हैं -------

Planets name in Hindi

All planets name in English and Hindi

  • हमारे सौरमंडल में सूर्य से सबसे निकट जो ग्रह है, उसे हिंदी में बुध (Budha) और अंग्रेजी में Mercury कहते हैं। सूर्य के निकट होने से यह ग्रह बहुत गर्म है। हमेशा सूर्य के निकट होने से  इसे देख पाना मुश्किल है । 
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है, उसे हिंदी में शुक्र (Śukra) और अंग्रेजी में Venus  कहते हैं।  हम इसे आसमान में भोर का तारा या इवनिंग स्टार के रूप में देखते हैं।  
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जो ग्रह स्थित है , उसे हिंदी में पृथ्वी (Prithvi) और अंग्रेजी में Earth  कहते हैं। यह हमारी सारी जरूरतें पूरा करते हुए जीवन यापन में मदद करती है । 
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में मंगल (Mangal) और अंग्रेजी में Mars  कहते हैं। हमलोग आसमान में इसे लाल रंग में चमकता हुआ पाते हैं। 
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है।, जिसे हिंदी में बृहस्पति (Brahspati) और अंग्रेजी में Jupitar  कहते हैं। हमलोग आसमान में इसे पीली आभा बिखेरते हुए देखा करते हैं। 
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में शनि (Shani)  और अंग्रेजी में Saturn कहते हैं।  हमलोग नंगी आँखों से आसमान में इसे कभी कभार ही देख पाते हैं। 
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में अरुण (Arun) और अंग्रेजी में Uranus कहते हैं।  पृथ्वी और सूर्य से काफी दूर होने के कारण हमलोग इसे नहीं देख सकते। ( Uranus planet in Hindi )
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में वरूण (Varun)  और अंग्रेजी में Neptune कहते हैं। अरुण से भी दूर स्थित होने से इसे देख पाना भी हमारे लिए मुश्किल ही है। (Neptune in Hindi)
  • हमारे सौरमंडल में उसके बाद जिस ग्रह की स्थिति है , उसे हिंदी में यम (Yam) और अंग्रेजी में Pluto कहते हैं। बहुत छोटा होने के कारण इसे वैज्ञानिकों ने ग्रह मानना अस्वीकार कर दिया है। (Pluto name in Hindi)

Astrology planets name in Hindi and English

गत्यात्मक ज्योतिष शास्त्र सभी जड़ चेतन पर पृथ्वी के स्वरुप में परिवर्तन के प्रभाव को तो स्वीकार करता ही है , आसमान  में स्थित अन्य ग्रहों के प्रभाव को भी स्वीकार करता है। अन्य ग्रहों के साथ साथ सूर्य और चन्द्रमा का प्रभाव भी मनुष्य पर पड़ता है।  इस दृष्टि से पृथ्वी के जड़ चेतन पर सूर्य , चंद्र , बुध , शुक्र , मंगल , बृहस्पति और शनि का प्रभाव पड़ता है।  'गत्यात्मक ज्योतिष ' मनुष्य के जीवन पर यूरेनस ,  प्लूटो के आंशिक प्रभाव को भी स्वीकार करता है, जबकि छाया ग्रह के रूप में परिकल्पित राहु और केतु के प्रभाव  अस्वीकार करता है।

अमेज़ॉन के किंडल में गुरूवर विद्या सागर महथा जी की  फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ को पढ़ने के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें !


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2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (10-02-2021) को "बढ़ो प्रणय की राह"  (चर्चा अंक- 3973)   पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
सादर...! 
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
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मन की वीणा ने कहा…

ज्ञानवर्धक जानकारी।
सधन्यवाद।

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