29 अप्रैल को होने वाले विवाह के साथ अजब गजब कुछ समाचारों के लिंक ....



30 अप्रैल को सुबह सुबह शैलेश भारतवासी जी के फेसबुक स्‍टेटस पर मेरी नजर गई ...

क्या कभी ऐसा भी हो सकता है कि मातम और उत्सव इतनी जल्दी-जल्दी हों कि इंसान उनका एहसास न कर सके। गौरव शर्मा (Gaurav Sharma) के परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। 27 अप्रैल 2013 को गौरव का लग्न-महोत्सव था (झाँसी, आगरा, मथुरा आदि स्थानों का लग्न पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के तिलकोत्सव की तरह का ही एक वैवाहिक संस्कार है)। लड़की पक्ष वाले लग्न करके रात तीन बजे तक झाँसी से धौलपुर के लिए निकले। शायद वे धौलपुर पहुँच भी नहीं पाए होंगे कि लगभग सुबह के साढ़े सात बजे गौरव के पिताजी का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। यह पहला ही दौरा था लेकिन जानलेवा साबित हुआ। 

इस घटना को लेकर मन कुछ दुखी ही था कि शाम को सुनील बडोला जी का फेसबुक स्‍टेटस भी वैसा ही देखने को मिल गया .... 

मातम में बदली शादी, दूल्हे की मौत

देहरादून: अंबाला से पूरे परिवार और नाते-रिश्तेदारों के साथ सेहरा बांधकर देहरादून बरात लेकर पहुंचे दूल्हे की जयमाला के दौरान तबियत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों ने खाने में किसी तरह की विषाक्त चीज खिलाने की आशंका जताई है। पुलिस पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


30 वर्षों से ग्रहों के प्रभाव का अध्‍ययन करने के बाद यह तो स्‍पष्‍ट हुआ है कि ग्रहों का कोई योग सुखद वातावरण तैयार करता है तो कुछ कष्‍टकर , यही कारण है कि शुभ मुहूर्त्‍तों में विवाह या अन्‍य कर्मकांड करने को महत्‍व दिया जाता है। 29 अप्रैल को अक्षय तृतीया का दिन था , जिस दिन के लग्‍न को हमारे पंचांगों में बहुत ही शुभ माना गया है , फिर भी ऐसी दुर्घटनाएं क्‍यों हुई , आखि 29 अप््रैल को दिन अशुभ तो नहीं था , यह जानने के लिए मैने गूगल में '29 अप्रैल 2013' कीवर्ड के द्वारा पिछले सप्‍ताह के सभी समाचारों पर नजर डाली तो पाया कि बहुत सारे स्‍थानों में इस दिन के विवाह में कुछ न कुछ बाधाएं उपस्थित हुईं , ऐसा अन्‍य दिनों में भी होता होगा , क्‍योंकि मैने इस तरह का सर्च कभी नहीं किया था। पर यदि इसी बार इतने बडे स्‍तर पर वैवाहिक कार्यक्रम में गडबडी आई है तो यह मेरे लिए शोध का विषय है कि आखिर इस दिन ग्रहों की स्थिति में क्‍या गडबडी थी , ताकि ऐसे दिनों में आगे विवाह न किए जाने की सलाह लोगों को दी जा सके। ये देखिए 29 अप्रैल को होने वाले विवाह के साथ अजब गजब कुछ समाचारों के लिंक ...... 
गलोड़ में मंगलवार रात को शादी समारोह में हिस्सा लेने आए एक युवक की छत से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान रामू (23) पुत्र अशोक बाबू निवासी नंगला कीरत गोला बाजार तहसील व जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।रामू गलोड़ में अपनी भांजी की 29 अप्रैल को शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंचा था। 
शादी 29 अप्रैल की रात देहरादून में वेदपाल के रिश्तेदार के घर होनी थी। यहां रायपुर क्षेत्र की आर्डिनेंस फैक्ट्री एस्टेट में वधू पक्ष ने शादी का इंतजाम किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सोमवार को वर पक्ष के लोग बरात लेकर यहां पहुंचे। देर रात जयमाला हुई। जयमाला के बाद फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम चल रहा था कि दूल्हे प्रदीप को पेट में दर्द हुआ। उसने टॉयलेट जाने की इच्छा जताई। बाथरूम में उसे उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। वर व वधू पक्ष के लोग प्रदीप को तत्काल दून अस्पताल लाए, लेकिन हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्रदीप को सीएमआइ अस्पताल रेफर कर दिया। सीएमआइ से उसे मसूरी हाईवे स्थित मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान प्रदीप की मौत हो गई। 
गांव सकलूपुरा में भांजी की शादी होने से उनका परिवार 28 अप्रैल को भात देने गया था। जहां 29 अप्रैल की रात को शादी थी। बारात गांव सौर्या मकनपुर से आई हुई थी। परिजनों के मुताबिक पीडि़त बालिका पिता के साथ घर की छत पर सो रही थी, इस दौरान बरात में आया एक वहशी दरिंदा छह वर्षीय बालिका को उठाकर दूर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। 
गांव सांकरोड़ निवासी देसराज के बेटे कैलाश की शादी गुडग़ांव के खेड़की माजरा निवासी जोगेंद्र की बेटी के साथ 29 अप्रैल को थी। ओमपाल भी कैलाश की बारात में गया हुआ था। दोस्त की शादी में खुश ओमपाल देर रात तक डीजे पर नाच रहा था। रात 12 बजे के बाद गांव के ही सुमेर व विक्रम का डीजे पर नाचने को लेकर झगड़ा हो गया। ओमपाल ने झगड़े में सुमेर का पक्ष लिया था। ओमपाल जब टैंट में खाना खाने जा रहा था तो डीजे पर झगड़ा करने वाले युवकों ने मिलकर ओमपाल को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। इस घटना में वह अधमरा हो गया। लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया। इस झगड़े में ओमपाल को कई जगह गुम चोट लगी थी। उसे सिविल अस्पताल में ले जाया गया, मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
यह घटना है बेगूं थाना क्षेत्र के नंदवाई पंचायत अंतर्गत मुरोली की। यहां रहने वाली 16 वर्षीय कविता पुत्री रामलाल धाकड़ रविवार को पुलिस थाने पहुंची। उसने सीआई विक्रमसिंह को लिखित आवेदन देकर बताया कि वह मंडावरी में अपने मौसी-मौसाजी के पास रहती है। उसके माता-पिता 29 अप्रैल को आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में उसकी शादी करवाना चाहते हैं। जबकि वह बालिग होने तक शादी नहीं करना चाहती है, इसलिए शादी करने पर आमादा उसके परिजनों को पाबंद कराया जाए। 
गांधी नगर निवासी अनूप नाग ने अपनी इकलौती पुत्री की शादी चास निवासी प्रदीप कुमार के पुत्र प्रकाश के साथ तय की थी। तिलक में एक लाख रुपये दी गई थी जबकि 29 अप्रैल को बारात आनी थी। तय तारीख को रात में करीब दस बजे बारात आई। गुरुद्वारा हॉल में बारात को ठहराया गया। लड़की वालों ने जोड़ाफाटक सुरेंद्र वाटिका में इंतजाम किया था। वहां मेहमानों को भोजन आदि चल रहा था। बारात भी हॉल से सुरेंद्र वाटिका ही आनी थी। लेकिन रात बारह बजे जब तक बारात नहीं निकली। लड़की के पिता जब दूल्हे के कमरे में गए तो तो उनके होश उड़ गए। प्रकाश अपनी शादी के कपड़े जुड़वा भाई सूरज को पहना रहा था। 
बहन की बेटी लीलावती की 29 अप्रैल को बरात आने वाली थी। शादी में हिस्सा लेने के लिए दीनानाथ बाइक से सिंगही जा रहा था। बाइक पर उसकी पत्‍‌नी रीता, बेटा ध्रुव भी बैठा था। वह खुखुंदू थाना क्षेत्र के ग्राम मुजुरी के समीप भरथुआ-भटनी मार्ग पर पहुंचे थे कि अचानक भटनी की तरफ से एक ट्रक आ गया। उसे पास देते समय बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में चली गई, जिससे तीनों गंभीर रुप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तीनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सक ने दीनानाथ को मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर जाते समय दीनानाथ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। 
29 अप्रैल को शादी होनी थी। कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार को मंडप के दिन मंडप के दिन पिता ग्राम प्रधान बृजभान सिंह व अन्य तमाम लोगों को साथ लेकर ननौरा तिलक चढ़ाने पहुंचा यहां लड़के के पिता ताराचंद ने तिलक के थाल में कम से कम एक लाख रुपए रखने को कहा। इतनी रकम की व्यवस्था न हो पाने पर उसने पिता को उल्टी सीधी बातें कह तिलक वापस कर दिया। मौजूद लोगों ने ताराचंद को समझाने की कोशिश की पर वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। लाचार हो तिलक ले कर गए लोग बैरंग वापस लौट आए। लड़की के पिता ने रविवार को श्रीनगर थाने में तहरीर देकर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। 
29 अप्रैल को उसकी शादी की तिथि तय हो गयी और निमन्त्रण कार्ड भी बाँटे गये। इसी बीच इस प्रेमी जोड़े ने लोक लाज व मर्यादाओं को ठेगा दिखाते हुये घर से भागकर अपनी अलग दुनिया बसाने का समाज विरोधी निर्णय ले लिया। इसके तहत विगत शनिवार को प्रेमी युगल ने घर से भागने की योजना बना ली। उधर, शनिवार को युवक ने अपने ही घर में गणेश पूजन व तेल की रस्म परिजनों के कहे अनुसार अदा की। परन्तु इसके बाद उसका प्रेमिका से मोबाइल पर सम्पर्क हो गया, और उसका दिल फिर से उसके लिये मचलने लगा। दोनों मोबाइल फोन पर सम्पर्क के आधार पर अपने पुराने मिलन स्थल पर पहुँच गये। बाद में लोक लाज व मर्यादाओं को ठेंगा दिखाकर उक्त प्रेमी जोड़ा घर से फरार हो गया। 
विवेक विहार निवासी भूपसिंह के बेटे सतेन्द्र की शादी 29 अप्रैल को है। शनिवार को सगाई समारोह चल रहा था। भूपसिंह के दामाद दरोगा सुनील कुमार टुंडला से आए हैं। बताया जाता है कि नाच गाने के दौरान दरोगा ने अपनी पिस्टल से चली गोली साली राजशिखा के पेट में लग गई 
घटना के बारे में घायल धर्मराज कोटार्य ने बताया कि उसके अनौसा निवासी साले रामभवन की 29 अप्रैल को शादी है। इससे महोबा बारात जाने के लिए आतिशबाजी बुक करने आया था। उसके पीछे-पीछे बेटा खेमराज भी चला आया था। इससे वह भी चपेट में आकर घायल हो गया। 
मनियर प्रतिनिधि के अनुसार मनियर पूरब टोला (छावनी मुहल्ला) निवासी पारस सिंह का इकलौता पुत्र सूरज सिंह (22) अपने मोहल्ले के राजा सिंह, बब्बन वर्मा, मक्खन वर्मा के साथ पतार घाट घाघरा में स्नान करने गया हुआ था। स्नान करते समय सूरज चकोह में फंस गया। उसका चचेरा भाई राजा ने उसका हाथ पकड़कर बाहर खींचना चाहा लेकिन वह स्वयं चकोह में फंसता देख उसका हाथ छोड़ दिया जिससे सूरज पल भर में ही लहरों में समा गया। सूरज के डूबने की खबर कस्बे में आते ही शोक की लहर दौड़ गई। गोताखोरों को बुलाकर शव की तलाश देर शाम तक होती रही लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। पारस सिंह गुजरात में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनका इकलौता पुत्र सूरज भोपाल में बीसीए की तैयारी कर रहा था। पारस सिंह 29 अप्रैल को भाई की लड़की की शादी में शामिल होने के लिए आए हुए थे। 
पत्‍‌नी की हत्या के बाद आभूषण व नकदी के साथ बांके बिहारी के फरार होने को ले गांव में तरह-तरह की चर्चा है। ग्रामीणों ने बताया कि बांके की बहन रेणु की शादी 29 अप्रैल को होनी थी। रेणु की शादी के लिए उसके पिता विंध्याचल जायसवाल ने आभूषण के साथ-साथ घर में नकदी रखे हुए थे। हत्या के बाद बांके ने पत्‍‌नी के शरीर से भी गहने उतार लिए। इसके साथ-साथ घर में रखे आभूषण व नकदी लेकर फरार हो गया है। 
अपनी चचेरी बहन अर्चना, जिसकी शादी 29 अप्रैल को होनी है, उसमें शरीक होने के लिए आया था। आरोपी पट्टीदारों से उसका कोई विवाद नहीं था। अजय का कसूर बस इतना था कि उसने घर आते समय ध्रुव सिंह को शराब पीने से मना किया था। इसी को लेकर अजय और ध्रुव में कहासुनी हुई। लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत कर दिया। यह बात ध्रुव को नागवार लगी और अपने पुत्रों संग अजय की हत्या कर दी। 
पुलिस ने मृतक के पिता राजेन्द्र के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह किसान है। उसके दो लड़के हैं। उसका बड़ा लड़का सोनू कनीना के पीकेएसडी कॉलेज में बीए द्वितीय का छात्र था। अचानक गुरुवार दोपहर करीब एक बजे सोनू ने प्लाट में जाकर फांसी लगा ली। सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि सोनू की चचेरी बहन की 29 अप्रैल को शादी होनी है। उसका पूरा परिवार शादी की तैयारियों में लगा हुआ था।
29 अप्रैल को होने वाले विवाह के साथ अजब गजब कुछ समाचारों के लिंक .... 29 अप्रैल को होने वाले विवाह के साथ अजब गजब कुछ समाचारों के लिंक .... Reviewed by संगीता पुरी on May 01, 2013 Rating: 5

2 comments:

Rohit said...

संगीता जी कभी समझ नहीं पाता हूं कि ऐसा क्यों होता है। पहाड़ों से इस तरह की खबरें हमेशा आती हैं...फिर अक्षय तृतिया जैसे दिनों के बारे में तो मशहूर है कि इस दिन किसी तरह का मुहर्त का समय नहीं देखा जाता..पहाड़ों के बारे में तो समझता था कि चलो दुर्गम इलाके हैं..पर फिर ये समझ नहीं आता कि कुंडली का मिलान भी तो किया जाता है....क्या उससे इसका पता नहीं चलता....मुझे जो सबसे सटीक लगता है वो ये है कि किसी शुभ मुहर्ती में किसी खास या कई लोगो कि कुंडली में कोई मारक ग्रह होगा जो उनकी खुशी में खलल हर हाल में डालने की तैयारी में होगा..औऱ उस ग्रह को लोग नजरअंदाज कर देते होंगे औऱ कालांतर में इस तरह के ग्रह के प्रभाव को ने देखने की परंपरा सी बन गई होगी..

महेश कुमार वर्मा : Mahesh Kumar Verma said...

Sodh jaruri hai.....

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