ज्योतिष में केमद्रुम योग

 

Kemadrum Yog

Kemdrum yog in kundli

काफी दिनों तक ज्‍योतिष के अध्‍ययन और मनन में रत होने के बाद भी सटीक भविष्‍यवाणियां करने में विफल रहे कुछ लोगों से अक्‍सर हमारी मुलाकात हो जाती है , जो अपनी तरह हमें भी ज्‍योतिष का अध्‍ययन छोडने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि ज्‍योतिष के परीक्षित माने जाने वाले सिद्धांत भी बिल्‍कुल गलत है और तर्क के साथ ही साथ भविष्‍यवाणी करने के लिए भी खरे नहीं उतरते। इसलिए इस विषय पर समय जाया करना बिल्‍कुल व्‍यर्थ है। हालांकि उनका कहना भी पूरी तरह गलत नहीं , जिस तरह एक हाथी के अलग अलग भागों को छूकर कह रहे सभी अंधे लोगों के विचार में से किसी को भी झूठा नहीं ठहराया जा सकता , पर सही दृष्टिवाला व्‍यक्ति ही बता सकता है कि अंधे गलत नहीं कह रहे हैं। 

ज्‍योतिष के विराट स्‍वरूप को पूरी तरह समझ पाने में कोई सफल नहीं हो सकते हैं , सो ये धारणा तो स्‍वाभाविक है। ज्‍योतिष के हर अंश को अलग अलग विद्वानों द्वारा विभिन्‍न प्रकार से व्‍याख्‍यायित किया गया है , इसमें भी सच्‍चाई ही है , इसे भी नहीं माना जा सकता। जिस तरह समय के साथ धर्म के क्षेत्र में अनेक ऋषि मुनियों के उत्‍तराधिकारियों द्वारा उनके कहे को गलत ढंग से प्रचारित किया गया है , वैसा ही ज्‍योतिष के क्षेत्र में भी हुआ है और सारे नियमों को सही मान लेने से हमारे निष्‍कर्ष भ्रमोत्‍पादक हो जाते हैं।

Kemdrum or daridra yog in astrology

इसी सिलसिले में कुछ दिन पूर्व ज्‍योतिषीय योग के बारे में चर्चा करते हुए मैने गजकेशरी योग की प्रामाणिकता पर सवाल खडे किए थे। इसी प्रकार योग के रूप में खास चर्चित अमला योग में भी 80 प्रतिशत से अधिक जातक जन्‍म ले सकते हैं। इस प्रकार अनेक योगों की चर्चा ज्‍योतिष में ढंग से नहीं की जा सकी है , जिससं लोग गुमराह होते रहते हैं। इसी प्रकार का एक योग केमद्रुम योग भी है , माना जाता है कि चंद्रमा के दोनो ओर कोई भी ग्रह न हो , तो केमद्रुम योग बन जाता है, मैं इतने दिनों से लोगों की जन्‍मकुंडलियां देख रही हूं , यह योग बिल्‍कुल सामान्‍य तौर पर मिल जाया करता है , बिल्‍कुल अपवाद के तौर पर एक दो जगहों पर ही कोई अनिष्‍ट होता मुझे दिखा है , पर ज्‍योतिष में इसके फल के बारे में लिखा गया है .....

Kemadruma yoga bhanga

Kemdrum yog in hindi

केमद्रुम योग में जन्‍म लेनेवाला व्‍यक्ति गंदा और हमेशा दु:खी होता है। अपने गलत कार्यों के कारण ही वह जीवनभर परेशान रहता है। आर्थिक दृष्टि से वह गरीब होता है और आजिविका के लिए दर दर भटकता रहता है। ऐसा व्‍यक्ति हमेशा दूसरों पर ही निर्भर रहता है। पारिवारिक सुख की दृष्टि से भी यह सामान्‍य होता है और संतान द्वारा कष्‍ट प्राप्‍त करता है , उसे स्‍त्री भी चिडचिडे स्‍वभाव की मिली है , पर ऐसे व्‍यक्ति दीर्घायु होते हैं। चाहे धनाढ्य कुल में जातक का जन्‍म हुआ हो या सामान्‍य कुल में , मूर्खतापूर्ण कार्यों के कारण दरिद्र जीवन बिताने को मजबूर होता है।

केमद्रुम योग बडा घातक माना जाता है ....... 

योगे केमद्रुमे प्राप्‍ते यस्मिन् कस्मिश्‍च जातके। 

राजयोगा विनश्‍यंति हरि दृष्‍टवा यथा द्विया:।।

Kemadruma yoga bhanga

अर्थात् किसी के जन्‍म समय में यदि केमद्रुम योग हो तथा उसकी जन्‍मकुंडली में राजयोग भी हो तो वह विफल हो जाता है। लेकिन समय के साथ साथ इस योग में किसी अनिष्‍ट के न होते देख ज्‍योतिषी इसमें अपवाद जोडते चले गए हैं, जिससे केमद्रुम भंग योग माना जाता है...... 
जब चंद्रमा सभी ग्रहों से देखा जाता हो। 
यदि चंद्रमा शुभ स्‍थान में हो। 
यदि चंद्रमा शुभ ग्रहों से युक्‍त हो। 
यदि पूर्ण चंद्रमा लग्‍न में हो। 
यद चंद्रमा दसवें भाव में उच्‍च का हो। 
केन्‍द्र में चंद्रमा पूर्ण बली हो।

योगकारक ग्रह

Kemadruma yoga bhanga or cancellation 

पर राजयोग को समाप्‍त करने में समर्थ केमद्रुम योग के इतने सामान्‍य ढंग के अपवाद हों , यह मेरे बुद्धि को संतुष्ट नहीं करता। सच तो यह है कि केमद्रुम योग कोई योग ही नहीं , जिससे कोई अनिष्‍ट होता है। ज्‍योतिष के इन्‍हीं कपोल कल्पित सिद्धांतों या हमारे पूर्वजों द्वारा ग्रंथों की सही व्‍याख्‍या न किए जाने से से ज्‍योतिष के अध्‍येताओं को ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो पाती है और वे ज्‍योतिष को मानने तक से इंकार करते हैं। आज भी सभी ज्‍योतिषियों को परंपरागत सिद्धांतों को गंभीर प्रयोग और परीक्षण के दौर से गुजारकर सटीक ढंग से व्‍याख्‍या किए जाने हेतु एकजुट होने की आवश्‍यकता है , ताकि ज्‍योतिष की विवादास्‍पदता समाप्‍त की जा सके और हम सटीक भविष्‍यवाणियां करने में सफल हो पाएं .

अमेज़ॉन के किंडल में गुरूवर विद्या सागर महथा जी की  फलित ज्योतिष : कितना सच कितना झूठ को पढ़ने के लिए  इस लिंक पर क्लिक करें !

कृपया कमेंट बॉक्स में बताएँ कि यह लेख आपको कैसा लगा? यदि पसंद आया तो अपने मित्रों परिचितों को अवश्य शेयर करे, ताकि ज्योतिष से सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारी जन-जन तक पहुंचे। नीचे के फेसबुक, ट्विटर और अन्य बटन आपको इस लेख को शेयर करने में मदद करेंगे।

    संगीता पुरी

    Specialist in Gatyatmak Jyotish, latest research in Astrology by Mr Vidya Sagar Mahtha, I write blogs on Astrology. My book published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा ज्योतिष मे नवीनतम शोध 'गत्यात्मक ज्योतिष' की विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

    और नया पुराने