कई परिवारों के लिए अग्नि परीक्षा से भी बड़ी परीक्षा

Corona in india news

Corona in india death



कल समाचार में पढ़ने को मिला कि कुछ वृद्धों की कोरोना से हुई मौत के बाद उनके बाल-बच्चों ने मोबाइल ऑफ कर दिया है, ताकि अस्पतालों को जवाब न देना पड़े ! खबर मुझे आहत कर गया, पर बुजुर्ग बाल-बच्चों की ये मानसिकता बनायीं किसने? चीन से कोरोना के शुरुआत से लेकर इसकी अमेरिका और यूरोप तक की यात्रा के बाद जब इसने भारत में कदम रखा, तबतक इसके विषय में ऋणात्मक खबरें ही आती रहीं. लगभग सभी देशों में बीमाऱ होने से लेकर दाहकर्म तक की जिम्मेदारी सरकारों की रही. मतलब आपके घर का कोई बीमाऱ है, आप तनाव ही ले सकते हैं, कर कुछ नहीं सकते, ऐसा सभी देशों, सभी डॉक्टरों का मानना था और है ! ऐसी हालत में दिल्ली में कुछ दिन पहले कोरोना से मौत के बाद शवयात्रा और श्मशान में भीड़ देखकर मैं चौंक गयी थी. मौते जब बहुत बढ़ने लगी तो लोगों में स्वाभाविक तौर पर डर का जन्म हुआ !

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दूसरे देशों की तुलना में भारतवर्ष इस मामले में कुछ अनोखा रहा, संसाधनों की कमी वाला देश कुछ दिनों के लॉक डाउन में और कमजोर हो गया ! खैर असहायों की रक्षा ईश्वर करते हैं, भारतवासियों द्वारा उपयोग किये जानेवाले कुछ रक्षात्मक दवाईयों ने असर किया या स्वयं की रोग प्रतिरोधक क्षमता ने, यह तो बताना मुश्किल है ! भारत संक्रमण के मामले में अपना आंकड़ा तो आगे बढ़ाता जा रहा है, पर मौत की खबरें अपेक्षाकृत कम हैं. फिर भी 45-50 से अधिक के उम्र वालों को, BP और शुगर के मरीजों को, हमेशा न्यूमोनिया या सांस की बीमारी वालों को कोरोना से बहुत ख़तरा है, कोरोना से डॉक्टरों की लाचारी और ऐसी मौतें आँखों के सामने से हटती नहीं है ! सरकार के आंकड़ों में मौतें 3% दिखाई दे पर जिनके परिवार का गया, वह उनके लिए 100% था !

Corona patient in india


बस यही सोचकर मैं चार महीने से कोरोना से बचने के लिए अति सावधानी की सलाह देती आ रही हूँ ! स्वाभाविक है, कोरोना मरीजों से दूरी बनाये रहना और भी आवश्यक है ! कोरोना काल में सावधानी से रह रहे एक परिवार के बुजुर्ग अचानक बीमाऱ पड़ जाते है, अस्पताल में पहुँचने के बाद कोरोना से ग्रस्त हो जाते हैं, उनके सपूतों को उन्हें अस्पताल में छोड़कर आना पड़ता है ! सपूत भी क्या करें, आजकर अधिकांश लोग 35-40 की उम्र में bp-शुगर पेशेंट हैं, ख़तरा बड़ा है, घर में भी बच्चे हैं, सबकुछ छोड़कर एक के पीछे कैसे चलें ! ऊपर से सरकार, पुलिस और नियम के विरुद्ध करें तो महामारी एक्ट में फंसना है !

Corona in india testing


पानी में डूबता हुआ आदमी बहुत बेचैनी में होता है ! उसके आसपास जो भी मिले, अपने बचने के लिए उसे कसकर पकड़ना चाहता है ! गलती से कोई उसकी पकड़ में आ गया तो दोनों का डूबना निश्चित है, इसलिए होश में रहनेवाले व्यक्ति उसका हाथ झटक देते हैं और दूसरे उपाय करते हैं ताकि उसे बचाया जा सके ! बहुत जगहों पर अति प्रेम और भावना में बहकर पूरे परिवार के एक साथ मौत होते देखा है ! कोरोना काल में लोगों से बहुत सारी गलतियाँ होंगी, लेकिन होगा वही जो राम ने रच रखा है ! शायद अभी कोरोना से हो रही मौत वाले वृद्धों का यथोचित संस्कार ईश्वर ने नहीं लिखा हो ! कोरोना कई परिवारों के लिए अग्नि परीक्षा से भी बड़ी परीक्षा लेकर आया है !
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3 comments

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6/24/2020 02:31:00 pm ×

कोरोना से सभी इतने भयभीत हैं कि आपस में प्रेम होते हुए भी दूरी बना रहे हैं। यहाँ तक की कोरोना से संक्रमितों के साथ समाज ने अपराधियों वाला व्यवहार किया। ऐसे में कोई क्या करे?

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Jyoti Singh
admin
6/24/2020 04:53:00 pm ×

कुछ बातें तो वेवजह फैलाई गई ,इस कारण से भी सब डरने लगे,उपयोगी पोस्ट

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