नाक, मुंह और हाथों पर नियंत्रण


Ways to control yourself from corona virus


महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह कोरोना वायरस के कम मरीज, कम मौतें देखने को मिली, प्रतिदिन के आंकड़े को भी देखें तो दिन-ब-दिन मामले कम हो रहे हैं, यहाँ तक कि धारावी में भी केस बहुत कम मिल रहे हैं। अब जो मामले आ भी रहे हैं, उसमे अधिक संख्या उत्तर मुंबई के रोगियों की है, जो प्रशासन के निर्देश के बावजूद कल तक बाजार में भीड़ लगा रहे थे। पुलिस ने मालाड, कांदिवली, बोरीवली और दहिसर के 27 इलाकों में सख्ती बढ़ा दी है. इन इलाकों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है. मुंबई में कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए भी कहा जा सकता है कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या मुंबई में कोरोना के एक्टिव मामलों की तुलना में ज्यादा है.

Ways to control yourself from corona virus


Coronavirus in Delhi and Mumbai


इन दिनों वायरस संक्रमण के मामले दिल्ली में कोरोना मुंबई से भी ज़्यादा हो गए हैं. दिल्ली में सुबह के आँकड़ों के अनुसार अब कुल कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 70390 हो गई है जबकि मुंबई में संक्रमण के मामले 69528 हैं. दिल्ली में बीते 24 घंटों में संक्रमण के 3788 नए मामले सामने आए हैं. वहीं मुंबई में 24 घंटों में 1118 नए मामले मिले. हालांकि संक्रमण से होने वाली मौतों के मामले में दिल्ली मुंबई से पीछे है और स्थिति बेहतर है. दिल्ली में अब तक संक्रमण से कुल 2365 लोगों की मौत हुई है जबकि मुंबई में 3964 लोग अब तक संक्रमण की वजह से जान गंवा चुके हैं. फिर भी चिंतनीय तो है ही। दिल्ली में निश्चित तौर पर इस हालत के लिए प्रशासनिक लापरवाही के साथ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को दोष दिया जा सकता है। लॉक डाउन ख़त्म होते ही लोग इतनी तेजी से घूमते फिरते नजर आये, गलती किसी की होती है, भुगतना किसी और को पड़ता है।

What is control yourself from corona virus

वास्तव में, कोरोना वायरस का नियंत्रण न होना प्रशासनिक और व्यक्तिगत लापरवाही का ही परिणाम है। झारखण्ड में शुरूआती दौर में संक्रमण के मामले ३ स्थानों पर मिले थे। पहला रांची के हिंदपीढ़ी, जहाँ संक्रमण तेजी से हो रहा था, प्रशासनिक चुस्ती के कारण नियंत्रित किया जा सका। हिंदपीढ़ी का संपर्क पुरे रांची से काट दिया गया था, पर कुछ लोगों की व्यक्तिगत लापरवाही के कारण संक्रमण रांची के कई गाँवों में फैला। झारखण्ड में शुरुआती दिनों के और दो केस बोकारो जिले में ही थे, पर प्रशासनिक और लोगों की व्यक्तिगत चुस्ती से दोनों का परिणाम संतोषजनक रहा। पुरे गाँव को सख्ती से बंद कर दिया गया था, जो बीमारी को नहीं फैलने देने का एकमात्र उपाय है। बोकारो-रांची-जमशेदपुर के युवाओं का विदेशों से, बड़े शहरों से प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है, बीमारी के दौरान भी वे बाहर से आये, पर क्वैरेन्टाइन के नियमों का अच्छी तरह पालन होने से बीमारी का फैलाव नहीं हो पाया था। इधर-उधर से आ रहे मजदूरों के कारण अभी भी कोरोना संक्रमितों के छिटपुट मामले निकल ही रहे हैं, इन दिनों इस वायरस से प्रशासनिक और व्यक्तिगत स्तर पर लोग कैसे निबट रहे हैं, इसका पता तो एक महीने बाद यहाँ का माहौल बताएगा।

Will you control yourself from corona virus

कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं है, यह लोगों तक न पहुंचे, बस इसका उपाय करना आवश्यक है। इसके लिए मुंह और नाक के बचाव के लिए मास्क और अपने हाथों पर नियंत्रण आवश्यक है। अभी के हालत में यह पूरे विश्व में हर स्थान पर किया जाना चाहिए।  पर जबतक एरिया रेड जोन घोषित नहीं हो जाता, प्रशासन के निर्देश के बावजूद लोग जागरूक नहीं होते। और रेड जोन घोषित होने के बाद कोरोना वायरस के प्रसार पर हमारा नियंत्रण नहीं रह जाता। इसलिए आवश्यक है कि अपने एरिया को रेड जोन बनने नहीं दिया जाये। मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहर लापरवाही की वजह से ही कोरोना वायरस का भीषण प्रकोप झेल रही है, अब कोरोना वायरस अपना रुख धीरे-धीरे छोटे शहरों की ओर कर रही है, उसके बाद गावों की ओर भी करेगी। लॉक डाउन खुलने के बाद पटना की एक शादी के दौरान गुडगाँव में रहने वाले दूल्हे की कोरोना से मौत और २२ लोगों का संक्रमित हो जाना, रायपुर में एक सैलून वाले के संक्रमण से १००-२०० लोगों का संक्रमण हो जाना, जैसी घटनाएं इसी ओर इशारा कर रही है। पर बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों में भीड़ कम है, गांव में और भी कम। इसलिए इन जगहों पर इसके नियंत्रण की काफी संभावना होगी। पर प्रशासनिक और व्यक्तिगत चुस्ती हर जगह आवश्यक है, सभी लोगों के सुरक्षित रहने के लिए बेहतर यही है कि हम अपने नाक, मुंह और हाथों पर इतना नियंत्रण रखें कि हमारा जोन रेड जोन नहीं बन पाए

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संगीता पुरी

Specialist in Gatyatmak Jyotish, I write blogs on various topics particularly Astrology. My several books published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ organized by the newspaper ‘Prabhat Khabar’. गत्यात्मक ज्योतिष विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

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