कुंडली का तीसरा भाव यानि भाई-बंधु-बांधव - Gatyatmak Jyotish

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Wednesday, 18 March 2020

कुंडली का तीसरा भाव यानि भाई-बंधु-बांधव

Third house in astrology


वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कुल 12 भाव होते हैं। हर भाव से जीवन के भिन्न भिन्न सन्दर्भों को देखा जाता है। परंपरागत ज्योतिष में जन्मकुंडली का तीसरा भाव का महत्व इस दृष्टि से है कि इससे पराक्रम, बाहुबल, छोटे भाई-बहन, नौकर-चाकर, मित्रता, भुजा, परिश्रम आदि का विचार किया जाता है।गत्यात्मक ज्योतिष भी मानता है कि इस भाव से जातक के हर प्रकार की शक्ति, उनको सहयोग देनेवाले मामलों को देखा जा सकता है। 


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What is the 3rd house

यहॉ भी फलित ज्योतिष एक सीमा में बंधा हुआ है। किसी भी जन्मकुंडली को देखकर भाई-बहनों की संख्या को बतला पाना बिल्कुल असंभव है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार के दबाब से चीन में माता-पिता को एक ही बच्चे को जन्म दे पाने की विवशता है। इस तरह चीन के किसी भी युवा या बच्चे के एक भी भाई-बहन नहीं हैं । क्या आप सोंच सकते हैं , चीन के सभी बच्चों का जन्म दुनिया के अन्य देशों में जन्म लेनेवाले बच्चों से अलग समय में हुआ होगा , नहीं , ऐसा कदापि नहीं हो सकता। अपने देश में ही कुछ समय पूर्व के समय को देखें , जब परिवार नियोजन लोकप्रिय नहीं था , तो एक एक व्यक्ति के बारह पंद्रह भाई-बहन हुआ करते थे , बाद में चार छह , उसके बाद एक दो और अब हालत देखिए , एक भाई-बहन भी बच्चों के नहीं हैं , क्या भचक्र के ग्रहों में कोई बदलाव आया है ? जाहिर है , नहीं , इसलिए आज भी जन्मकुडली वैसी ही बन रही है , जैसी हजारों वर्ष पहले बनती थीं। फिर जन्मकुंडली देखकर भला कैसे बतलाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के कितने भाई या बहन हैं .

3rd house astrology

वास्तव में जन्मपत्री से भाई-बहनों या भाई बहन जैसों के सुख-दुख या अन्य व्यवहार के बारे में बताया जा सकता है। किसी व्यक्ति को भाई-बहनों या भाई-बहन सदृश लोगों से सुख मिलता है या नहीं ? उनसे विचारों का तालमेल है या नहीं ? उससे संबंधित जवाबदेही हे या नहीं ? उस जवाबदेही को निभा पाने में वह समर्थ है या नहीं ? क्या उसके भाई-बहन के मामले काफी तनाव देनेवाले हैं ? यदि हॉ , तो वह उसे सुधारने की कोशिश करता है या नहीं ? यदि करता है , तो उसका सकारात्मक परिणाम मिलता है या नकारात्मक ? किसी जातक को समय पर भाई-बहन बंधु-बांधव काम आते हैं या नहीं ? इन सब बातों के साथ ही साथ इस बात की भी चर्चा की जा सकती है कि किस उम्र में उपरोक्त मामलों का सर्वाधिक प्रभाव बना रहेगा।



1 comment:

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

महत्वपूर्ण जानकारी