🔥 Third House Astrology in Hindi | तृतीय भाव का रहस्य 🪐

🔥 Third House Astrology in Hindi | तृतीय भाव का रहस्य 🪐

भूमिका : Third House क्या दर्शाता है? 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली जीवन का दर्पण होती है, जिसमें कुल 12 भाव होते हैं। प्रत्येक भाव जीवन के किसी न किसी महत्वपूर्ण पक्ष को दर्शाता है। कुंडली का तीसरा भाव (Third House in Astrology) व्यक्ति के पराक्रम, साहस, प्रयास, छोटे भाई-बहन, मित्र, संचार क्षमता और आत्मबल से जुड़ा हुआ है।

परंपरागत ज्योतिष जहाँ तृतीय भाव को मुख्यतः साहस और भाई-बहनों तक सीमित मानता है, वहीं गत्यात्मक ज्योतिष इस भाव को व्यक्ति की आंतरिक शक्ति और सक्रिय ऊर्जा का केंद्र मानता है।

🔍 तृतीय भाव का महत्व

 गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार तृतीय भाव से निम्न विषय देखे जाते हैं:

  • पराक्रम और साहस

  • बाहुबल और मेहनत

  • छोटे भाई-बहन

  • मित्र और सहयोगी

  • संचार कौशल (Communication Skills)

  • नौकर-चाकर और सहायक

योगकारक ग्रहों का विज्ञान में तृतीय भाव के स्वामी या इसमें स्थित ग्रहों को -2 अंक दिए गए हैं। लेकिन यह अंक केवल योगकारकता के आधार पर हैं, न कि गत्यात्मक शक्ति के।

 गत्यात्मक ज्योतिष की दृष्टि से तृतीय भाव 

गत्यात्मक ज्योतिष मानता है कि तृतीय भाव से जातक की सक्रियता (Activeness), संघर्ष करने की क्षमता, और सहयोग प्राप्त करने की शक्ति को आँका जाना चाहिए।

यदि इस भाव में ग्रह:

  • गत्यात्मक और स्थैतिक रूप से मजबूत हों → जातक अत्यंत साहसी, कर्मठ और आत्मनिर्भर होता है।

  • कमजोर या अवरुद्ध हों → प्रयास करने के बावजूद सहयोग की कमी, मानसिक थकावट और आत्मविश्वास में गिरावट देखी जाती है।

❌ भाई-बहनों की संख्या बताना क्यों असंभव है? 

यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि किसी भी कुंडली को देखकर भाई-बहनों की संख्या बताना संभव नहीं। इसका मुख्य कारण सामाजिक और सरकारी नीतियाँ हैं।

उदाहरण के लिए:

  • चीन में एक समय "एक बच्चा नीति" लागू थी। 

  • भारत में परिवार नियोजन के कारण बच्चों की संख्या घटी। 

क्या इन सब के कारण ग्रहों की चाल बदल गई? नहीं। कुंडलियाँ आज भी वैसी ही बनती हैं जैसी हजारों वर्ष पहले बनती थीं। इसलिए संख्या नहीं, संबंध की गुणवत्ता देखी जानी चाहिए।

🤝 भाई-बहन और सहयोग का गुणात्मक विश्लेषण 

तृतीय भाव से हम यह जान सकते हैं:

  • भाई-बहनों से सुख मिलता है या तनाव?

  • विचारों का तालमेल है या मतभेद?

  • जरूरत के समय सहयोग मिलता है या नहीं?

  • संबंधों को सुधारने की क्षमता है या नहीं?

गत्यात्मक दशा पद्धति के अनुसार यह भी बताया जा सकता है कि किस उम्र में ये प्रभाव अधिक सक्रिय होंगे।

 पराक्रम और प्रयास का जीवन में महत्व 

आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल भाग्य नहीं, बल्कि प्रयास और निरंतरता ही सफलता की कुंजी है। तृतीय भाव मजबूत हो तो:

  • व्यक्ति जोखिम लेने से नहीं डरता

  • नए कार्यों की शुरुआत करता है

  • संचार और नेटवर्किंग में आगे रहता है

  • कमजोर तृतीय भाव व्यक्ति को अवसरों से दूर कर सकता है।

तृतीय भाव और संचार कौशल 

Third House व्यक्ति की भाषा, लेखन, बोलने की शैली और सोशल इंटरैक्शन को भी दर्शाता है।

  • मजबूत ग्रह → प्रभावशाली वक्ता, लेखक, पत्रकार

  • कमजोर ग्रह → संकोच, गलतफहमी, संवाद में रुकावट

निष्कर्ष 

 कुंडली का तीसरा भाव केवल भाई-बहनों तक सीमित नहीं है। यह व्यक्ति के साहस, प्रयास, संचार और आत्मबल का वास्तविक संकेतक है। गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार यदि इस भाव की शक्ति को सही ढंग से समझा जाए, तो व्यक्ति अपने जीवन की दिशा स्वयं बदल सकता है।

❓ FAQs – Google People Also Ask 

Q1. तृतीय भाव किसका कारक है? 

तृतीय भाव पराक्रम, साहस, प्रयास, छोटे भाई-बहन और संचार का कारक है।

Q2. क्या तृतीय भाव कमजोर हो तो सफलता नहीं मिलती?

 नहीं। कमजोर तृतीय भाव संघर्ष बढ़ा सकता है, लेकिन गत्यात्मक दशा में सुधार संभव है।

Q3. तृतीय भाव में कौन से ग्रह अच्छे माने जाते हैं? 

मंगल, बुध और सूर्य यदि गत्यात्मक रूप से मजबूत हों तो अच्छे फल देते हैं।

Q4. क्या तृतीय भाव से करियर देखा जा सकता है? 

हाँ, विशेषकर मीडिया, लेखन, सेल्स, मार्केटिंग और उद्यमिता से जुड़े करियर।

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    संगीता पुरी

    Specialist in Gatyatmak Jyotish, latest research in Astrology by Mr Vidya Sagar Mahtha, I write blogs on Astrology. My book published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा ज्योतिष मे नवीनतम शोध 'गत्यात्मक ज्योतिष' की विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

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