🏡 Fourth House Astrology in Hindi | चतुर्थ भाव से सुख‑शांति का रहस्य 🌙✨

 

🏡 Fourth House Astrology in Hindi | चतुर्थ भाव से सुख‑शांति का रहस्य 🌙✨ 


भूमिका: चतुर्थ भाव क्या दर्शाता है?

ज्योतिष में जन्मकुंडली के 12 भाव मानव जीवन के 12 महत्वपूर्ण पक्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें चतुर्थ भाव (Fourth House in Astrology) को जीवन का सुख‑केन्द्र माना गया है। यह भाव माता, मातृभूमि, घर, भूमि, चल‑अचल संपत्ति, वाहन, मानसिक शांति और आंतरिक स्थायित्व से संबंधित होता है।

इसी कारण प्राचीन ज्योतिषाचार्यों ने चतुर्थ भाव को व्यक्ति के आंतरिक संतुलन और जीवन में टिकाव का प्रमुख संकेतक माना।

पारंपरिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव का महत्व 

फलित ज्योतिष के अनुसार चतुर्थ भाव से निम्न विषयों का विचार किया जाता है:

  • माता और मातृसुख

  • घर, मकान और निवास

  • भूमि, खेत, फैक्ट्री, अचल संपत्ति

  • वाहन और सुविधा साधन

  • सुख प्रदान करने वाली छोटी बड़ी वस्तुएँ 

  • मानसिक शांति और स्थायित्व

इसी आधार पर योगकारक ग्रहों का विज्ञान ग्रंथ में चतुर्थ भाव के स्वामी या इसमें स्थित ग्रहों को +2 अंक प्रदान किए गए हैं।

 गत्यात्मक ज्योतिष की दृष्टि से चतुर्थ भाव 

गत्यात्मक ज्योतिष मानता है कि किसी भाव का वास्तविक फल केवल योगकारकता से नहीं, बल्कि उसकी गत्यात्मक (Dynamic) और स्थैतिक (Static) शक्ति से निर्धारित होता है।

यदि चतुर्थ भाव में स्थित ग्रह:

  • ऊर्जावान और संतुलित हों → जातक को स्थायी सुख, मानसिक शांति और सुरक्षित वातावरण मिलता है।

  • कमजोर या बाधित हों → घर, माता या संपत्ति होते हुए भी असंतोष और तनाव बना रहता है।

❌ परिमाणात्मक भविष्यवाणी क्यों संभव नहीं? 

फलित ज्योतिष के द्वारा यह बताना संभव नहीं है कि:

  • मकान कितने मंज़िला होंगे

  • माता का रंग‑रूप या कद‑काठी कैसी होगी

  • वाहन कौन‑सा होगा (कार, ट्रैक्टर या बैलगाड़ी)

  • भूमि या संपत्ति किस स्थान की होगी

क्योंकि ये सभी बातें युग, समाज, अर्थव्यवस्था और परिवारिक पृष्ठभूमि पर निर्भर करती हैं, न कि केवल ग्रहों पर।

🧠 गुणात्मक दृष्टिकोण: 

स्थायित्व ही असली सुख चतुर्थ भाव का सबसे महत्वपूर्ण संकेतक है — स्थायित्व (Stability)।

इतिहास पर दृष्टि डालें:

  • किसी युग में गुफा ही सबसे सुखद घर थी

  • कुछ जातियाँ ऋतु के अनुसार स्थान बदलने को विवश थीं

  • आज पक्का मकान भी कभी‑कभी तनाव का कारण बन जाता है

  • इसलिए सुख का अर्थ संसाधनों की संख्या नहीं, बल्कि उनसे मिलने वाली मानसिक शांति है।

माता और चतुर्थ भाव का संबंध 

माता से संबंध अच्छे हों तो जीवन में स्वाभाविक सुख‑शांति बनी रहती है।

गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार:

  • जैविक माता होते हुए भी विचारों का टकराव कष्ट दे सकता है

  • सौतेली माता भी प्रेम और सुरक्षा दे सकती है

इसलिए ज्योतिष माता के रूप नहीं, बल्कि मातृसुख की अनुभूति को मापता है।

संपत्ति और वाहन: सुविधा या बोझ? 

एक किसान के लिए बैलगाड़ी सुखद है, जबकि शहर में वही असुविधा बन सकती है। इसी प्रकार:

  • महँगी कार भी खर्च और तनाव बढ़ा सकती है

  • छोटा घर भी संतोष दे सकता है

चतुर्थ भाव यह बताता है कि आपकी संपत्ति सहयोगी है या तनावकारी।

समाज में स्तर और समय‑अंतराल

 फलित ज्योतिष द्वारा यह जाना जा सकता है कि:

  • संपत्ति से समाज में आपका क्या स्तर है

  • किस आयु में सुख बढ़ेगा या घटेगा

  • संपत्ति से जुड़े विषय कब अनुकूल या प्रतिकूल होंगे

यह सब गत्यात्मक दशा‑काल के आधार पर स्पष्ट किया जा सकता है।

ज्योतिष: एक सांकेतिक विज्ञान 

ज्योतिष को यदि शाब्दिक रूप से लिया जाए तो भ्रम होता है।

उदाहरण:

  • प्राचीन काल में मजबूत वाहन = हाथी, घोड़ा

  • आधुनिक युग में मजबूत वाहन  = बाइक, कार, ट्रैक्टर

अमेरिका में काफी दिनों से लगभग हर व्यक्ति के पास वाहन है, अब भारतवर्ष में भी सबसे पास है । क्या सबका जन्म एक ही लग्न में हुआ? नहीं। यही प्रमाण है कि ज्योतिष संकेत देता है, वस्तु नहीं।

निष्कर्ष 

कुंडली का चौथा भाव  केवल मकान और वाहन की बात नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि जीवन में आप कितने स्थिर और मानसिक रूप से संतुलित हैं। गत्यात्मक ज्योतिष के अनुसार चतुर्थ भाव को समझना, वास्तविक सुख‑शांति को समझना है।

❓ FAQs – Google People Also Ask 

Q1. चतुर्थ भाव किसका कारक है? 

माता, घर, भूमि, वाहन, सुख‑शांति और मानसिक स्थायित्व।

Q2. क्या चतुर्थ भाव कमजोर हो तो घर नहीं मिलता? 

घर मिल सकता है, लेकिन संतोष और स्थायित्व की कमी रह सकती है।

Q3. चतुर्थ भाव से माता का सुख कैसे देखें?

 चतुर्थ भाव की गत्यात्मक शक्ति और उसके स्वामी से मातृसुख देखा जाता है।

Q4. क्या संपत्ति का समय बताया जा सकता है? 

हाँ, गत्यात्मक दशा‑पद्धति से संपत्ति संबंधी समय‑अंतराल जाना जा सकता है।


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    संगीता पुरी

    Specialist in Gatyatmak Jyotish, latest research in Astrology by Mr Vidya Sagar Mahtha, I write blogs on Astrology. My book published on Gatyatmak Jyotish in a lucid style. I was selected among 100 women achievers in 2016 by the Union Minister of Women and Child Development, Mrs. Menaka Gandhi. In addition, I also had the privilege of being invited by the Hon. President Mr. Pranab Mukherjee for lunch on 22nd January, 2016. I got honoured by the Chief Minister of Uttarakhand Mr. Ramesh Pokhariyal with 'Parikalpana Award' The governor of Jharkhand Mrs. Draupadi Murmu also honoured me with ‘Aparajita Award’ श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा ज्योतिष मे नवीनतम शोध 'गत्यात्मक ज्योतिष' की विशेषज्ञा, इंटरनेट में 15 वर्षों से ब्लॉग लेखन में सक्रिय, सटीक भविष्यवाणियों के लिए पहचान, 'गत्यात्मक ज्योतिष' को परिभाषित करती कई पुस्तकों की लेखिका, 2016 में महिला-बाल-विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी जी और महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी द्वारा #100womenachievers में शामिल हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्य मंत्री श्री रमेश पोखरियाल जी के द्वारा 'परिकल्पना-सम्मान' तथा झारखण्ड की गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा 'अपराजिता सम्मान' से मुझे सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ। Ph. No. - 8292466723

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